Media24Media.com: छत्तीसगढ़ बना गांजा तस्करी का नया ट्रांजिट कॉरिडोर, तस्कर अपना रहे नए-नए हथकंडे

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छत्तीसगढ़ बना गांजा तस्करी का नया ट्रांजिट कॉरिडोर, तस्कर अपना रहे नए-नए हथकंडे

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, राज्य अब देश के सबसे महत्वपूर्ण गांजा ट्रांजिट कॉरिडोर में से एक बनकर उभर रहा है। तस्कर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बढ़ती जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, तस्कर अब गांजे की खेप को छिपाने के लिए नीले प्लास्टिक ड्रम, केले से भरे ट्रक, सब्जियों की गाड़ियां और अन्य मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई मामलों में वैध व्यापारिक सामान के बीच नशीले पदार्थ छिपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति इसे तस्करों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। राज्य की सीमाएं कई राज्यों से जुड़ी हुई हैं, जिसके कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे क्षेत्रों से आने वाली गांजे की खेप को उत्तर और पश्चिम भारत तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ का उपयोग किया जा रहा है।

पिछले कुछ महीनों में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने कई बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और इसमें शामिल गिरोहों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। हालांकि तस्करों के बदलते तौर-तरीकों ने जांच एजेंसियों की चुनौती और बढ़ा दी है।

अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ाकर और आधुनिक निगरानी तकनीकों का उपयोग कर इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान ही इस समस्या से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय हो सकता है।



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