Media24Media.com: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के 10 वर्ष पूर्ण, सुरक्षित मातृत्व की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के 10 वर्ष पूर्ण, सुरक्षित मातृत्व की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

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नई दिल्ली- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की प्रमुख पहल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) ने आज सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में अपनी सफल यात्रा के 10 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने “10 Years of PMSMA – A Decade of Care” थीम के तहत देशव्यापी समारोहों का शुभारंभ किया।

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि पिछले एक दशक में पीएमएसएमए ने देशभर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री द्वारा 9 जून 2016 को शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य प्रत्येक माह की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच सेवाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि जनवरी 2022 में शुरू की गई विस्तारित पीएमएसएमए (E-PMSMA) रणनीति के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर उनकी विशेष निगरानी की जाती है तथा प्रसव के 45 दिनों बाद तक उनका फॉलो-अप किया जाता है। एसएमएस अलर्ट और आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को और मजबूत किया गया है।

जे.पी. नड्डा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत ने वर्ष 1990 के बाद से मातृ मृत्यु दर में 86 प्रतिशत की कमी हासिल की है, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है। वहीं पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 79 प्रतिशत तथा नवजात मृत्यु दर में 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत बढ़कर 90.6 प्रतिशत तथा प्रसवपूर्व देखभाल प्राप्त करने वाली माताओं का अनुपात 95.9 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले दस वर्षों में पीएमएसएमए के तहत 7.5 करोड़ से अधिक प्रसवपूर्व जांचें की गई हैं तथा लगभग 1.2 करोड़ उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान की गई है। इससे समय पर उपचार और विशेषज्ञ हस्तक्षेप संभव हो पाया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में देशभर में 9,000 से अधिक निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता पीएमएसएमए से जुड़े हुए हैं, जिससे दूरदराज और आकांक्षी जिलों में भी विशेषज्ञ सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने पीएमएसएमए के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 75 रुपये का स्मारक सिक्का तथा 5 रुपये का डाक टिकट भी जारी किया। साथ ही 9 जून 2026 से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन शुरू किया गया है।

कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि डॉ. यवान जे. एफ. ह्यूटिन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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