Media24Media.com: देवतुल्य शिक्षक सुरेन्द्र गुप्ता को भावभीनी विदाई, 3000 से अधिक लोगों की उपस्थिति में उमड़ा जनसैलाब

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देवतुल्य शिक्षक सुरेन्द्र गुप्ता को भावभीनी विदाई, 3000 से अधिक लोगों की उपस्थिति में उमड़ा जनसैलाब

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महासमुंद- जिले के डूमरमूढा गांव में एक अनूठा और भावुक विदाई समारोह देखने को मिला, जहां शिक्षक सुरेन्द्र कुमार गुप्ता को पूरे क्षेत्र ने मिलकर अश्रुपूर्ण विदाई दी। मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही महासमुंद और मानव जागृति सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 3000 से अधिक शुभचिंतक, 100 से अधिक गांवों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, अभिभावक और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम के संयोजक शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने बताया कि सुरेन्द्र गुप्ता ने अपने 20 वर्षों के सेवाकाल में न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने जीवन विद्या आधारित शिक्षा को बढ़ावा देते हुए “सुखी समृद्ध व्यक्ति, परिवार और गांव” की अवधारणा को साकार किया।

विदाई समारोह के दौरान एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब गांव के बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षक गुप्ता के चरण स्पर्श कर, गले लगाकर और श्रीफल, शाल, वस्त्र, फूलमाला व मिठाई देकर सम्मान प्रकट किया। खास बात यह रही कि सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने स्वयं गांव के हर घर जाकर अभिभावकों से हाथ जोड़कर विदाई ली।

सुरेन्द्र कुमार गुप्ता की समाजसेवा भी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने अपने वेतन के अंशदान से गांव में मानव जागृति सेवा संस्थान और श्रीराम मंदिर का निर्माण करवाया। उनके प्रयासों से 900 से अधिक ग्रामीणों को जीवन विद्या का अध्ययन कराया गया, जिसके लिए उन्होंने स्वयं शिविर आयोजित कर नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था भी की।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें “देवतुल्य शिक्षक” की संज्ञा दी।

यह विदाई समारोह न केवल एक शिक्षक के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज में शिक्षा, संस्कार और सेवा के महत्व को भी उजागर कर गया।

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