Media24Media.com: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा

Document Thumbnail

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ दिनचर्या ही उपलब्धि की असली कुंजी - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री निवास में टॉपर्स से संवाद : संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा

पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, योग और अनुशासित जीवन भी उतना ही जरूरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।

विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।

उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.