Media24Media.com: महासमुंद पुलिस का ‘महाप्रहार’: 10 घंटे में 5 छापे, 4.61 करोड़ की ड्रग्स जब्त, अंतरराज्यीय नेटवर्क ध्वस्त

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महासमुंद पुलिस का ‘महाप्रहार’: 10 घंटे में 5 छापे, 4.61 करोड़ की ड्रग्स जब्त, अंतरराज्यीय नेटवर्क ध्वस्त

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 महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर चलाए गए इस मेगा ‘सर्च एंड सीज’ ऑपरेशन में 5 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर अंतरराज्यीय सिंडिकेट को ध्वस्त किया गया।


कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 685 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा और 700 प्रतिबंधित नशीली टैबलेट बरामद की। जब्त किए गए मादक पदार्थों और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों की कुल कीमत 4 करोड़ 61 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

10 घंटे में बड़ा ऑपरेशन

पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि उड़ीसा की ओर से नशे की बड़ी खेप छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में खपाने की तैयारी है। सूचना मिलते ही जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी कर सघन जांच अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत लगातार 10 घंटे तक कार्रवाई जारी रही।

5 जगह छापेमारी, बड़ी बरामदगी

जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर पुलिस ने कुल 685 किलो गांजा जब्त किया, जिसकी बाजार कीमत करीब 3.42 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही 700 नशीली टैबलेट भी बरामद की गईं।

लग्जरी गाड़ियों से हो रही थी तस्करी

तस्कर नशे की खेप को सुरक्षित पहुंचाने के लिए हाई-स्पीड और लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने इन वाहनों को भी जब्त कर लिया है। वाहनों समेत कुल जब्ती का मूल्य 4.61 करोड़ रुपये आंका गया है।

अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा

गिरफ्तार आरोपी उड़ीसा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा हैं। आरोपियों के मोबाइल और दस्तावेजों के आधार पर उनके ‘बैकवर्ड’ और ‘फॉरवर्ड’ लिंक की जांच की जा रही है।

उड़ीसा बॉर्डर पर सख्ती

इस कार्रवाई के बाद उड़ीसा सीमा पर चौकसी और बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े सफेदपोश चेहरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी। नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब जिले में कोई जगह नहीं है—उनका अंजाम सिर्फ जेल होगा।

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