Media24Media.com: साधना सप्ताह 2026’ की शुरुआत: सिविल सेवाओं में क्षमता निर्माण का राष्ट्रीय अभियान

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साधना सप्ताह 2026’ की शुरुआत: सिविल सेवाओं में क्षमता निर्माण का राष्ट्रीय अभियान

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क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) 2 से 8 अप्रैल 2026 तक ‘साधना सप्ताह’ (Sādhana Saptah 2026) की शुरुआत करेगा। यह भारत की सिविल सेवा प्रणाली में अब तक के सबसे बड़े सामूहिक क्षमता निर्माण अभियानों में से एक है। यह पहल आयोग के स्थापना दिवस और मिशन कर्मयोगी के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित की जा रही है।

‘साधना सप्ताह’ का अर्थ है—Strengthening Adaptive Development and Humane Aptitude for National Advancement (राष्ट्रीय उन्नति के लिए अनुकूल विकास और मानवीय क्षमता का सुदृढ़ीकरण)। इस पहल में केंद्र सरकार के मंत्रालय, विभाग, राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश और 250 से अधिक सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान शामिल होंगे।

राष्ट्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण का संगम

पहली बार देशभर में क्षमता निर्माण गतिविधियों को एक साझा थीम के अंतर्गत जोड़ा जा रहा है। इसमें प्रारंभिक स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी सिविल सेवक भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिक-केंद्रित और प्रभावी शासन के लिए आवश्यक कौशल विकसित करना है।

तीन सूत्रों पर आधारित कार्यक्रम

साधना सप्ताह तीन प्रमुख सूत्रों पर आधारित होगा:

  • टेक्नोलॉजी (3–4 अप्रैल): एआई, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा आधारित निर्णय

  • परंपरा (5–6 अप्रैल): भारतीय ज्ञान प्रणाली, नैतिक मूल्य, ऐतिहासिक प्रशासनिक परंपराएं

  • परिणाम (7–8 अप्रैल): नीतियों के प्रभाव और नागरिकों तक उनके लाभ सुनिश्चित करना

मिशन कर्मयोगी: नियम से भूमिका की ओर

पिछले पांच वर्षों में मिशन कर्मयोगी ने प्रशिक्षण प्रणाली को ‘रूल-आधारित’ से ‘रोल-आधारित’ दृष्टिकोण में बदलने की दिशा में कार्य किया है। इसमें केवल प्रक्रियाओं पर नहीं, बल्कि समस्या समाधान, नवाचार, सहयोग और संवेदनशीलता जैसे गुणों पर भी जोर दिया गया है।

2 अप्रैल को राष्ट्रीय कॉन्क्लेव से शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में राष्ट्रीय कॉन्क्लेव से होगी। इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति विशेषज्ञ और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

प्रमुख पहलें

इस अवसर पर कई नई पहलों की शुरुआत होगी:

  • कर्मयोगी गीत

  • कर्मयोगी क्षमता कनेक्ट

  • राष्ट्रीय जन सेवा कार्यक्रम का विस्तार

  • ट्रस्ट आधारित मूल्यांकन प्रणाली

  • AI आधारित ‘अमृत ज्ञान कोष’

व्यापक भागीदारी

  • 100+ केंद्रीय मंत्रालय/विभाग

  • 30+ राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

  • 250+ प्रशिक्षण संस्थान

  • 7 दिनों का कार्यक्रम

भविष्य के लिए तैयार शासन

‘साधना सप्ताह’ का उद्देश्य सिविल सेवाओं में निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना है, ताकि प्रशासनिक तंत्र बदलती चुनौतियों के अनुसार खुद को ढाल सके और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम बन सके।

यह पहल संस्थागत सहयोग, ज्ञान साझा करने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से एक सक्षम, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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