Media24Media.com: भारत 6G तकनीक में बनेगा वैश्विक लीडर: ज्योतिरादित्य सिंधिया

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भारत 6G तकनीक में बनेगा वैश्विक लीडर: ज्योतिरादित्य सिंधिया

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संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बुधवार को लोकसभा में भारत 6G एलायंस (Bharat 6G Alliance) की प्रगति और अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के माध्यम से भारत के अनुसंधान इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की जानकारी दी।

मंत्री ने बताया कि ANRF की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई और यह फरवरी 2024 से कार्यरत है। इसका उद्देश्य देश में अनुसंधान और नवाचार को नई गति देना है। यह फाउंडेशन गवर्निंग काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के माध्यम से पारदर्शी और प्रभावी निर्णय सुनिश्चित करता है।

ANRF को 2023-28 के दौरान 50,000 करोड़ रुपये की फंडिंग प्राप्त करने का लक्ष्य है, जिसमें से 14,000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे, जबकि शेष राशि सार्वजनिक उपक्रमों, निजी क्षेत्र, परोपकारी संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से प्राप्त की जाएगी।

मंत्री ने बताया कि इस फंडिंग के तहत कई प्रमुख कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जैसे:

  • हाई इम्पैक्ट क्षेत्रों में अनुसंधान मिशन

  • EV मिशन

  • 2D इनोवेशन हब

  • MedTech मिशन

  • AI for Science and Engineering

  • CRM रिसर्च प्रोग्राम

इसके साथ ही एडवांस्ड रिसर्च ग्रांट, प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट और इंक्लूसिविटी रिसर्च ग्रांट जैसी योजनाएं भी शुरू की गई हैं।

नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई संस्थागत तंत्र भी स्थापित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कन्वर्जेंस

  • विज्ञान एवं नवाचार संकेतक विश्लेषण केंद्र

  • त्वरित नवाचार साझेदारी

  • ANRF ट्रांसनेशनल रिसर्च हब

इन पहलों के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

भारत 6G एलायंस की प्रगति

 मंत्री सिंधिया ने बताया कि भारत 6G एलायंस का दायरा तेजी से बढ़ा है। प्रारंभ में 14 संस्थानों से शुरू होकर अब इसमें 85 संस्थान शामिल हो चुके हैं। इसमें टेलीकॉम सेवा प्रदाता, उपकरण निर्माता, स्टार्टअप्स, शोध संस्थान और अकादमिक संस्थान शामिल हैं।

एलायंस के तहत सात कार्य समूह बनाए गए हैं, जो स्पेक्ट्रम, डिवाइस, तकनीक, ग्रीन एनर्जी, आउटरीच और 6G उपयोग जैसे क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं।

भारत का लक्ष्य वैश्विक 6G पेटेंट में 10% योगदान करना है, जिसमें अब तक लगभग 4,000 पेटेंट शामिल किए जा चुके हैं। भारत का “सर्वव्यापी कनेक्टिविटी” प्रस्ताव 3GPP और ITU जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा स्वीकार किया गया है।

प्रमुख पहलें

  • ₹1 लाख करोड़ RDI योजना: उभरती तकनीकों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए

  • 6G टेराहर्ट्ज टेस्टबेड (कोलकाता): SAMEER, IIT मद्रास, IIT गुवाहाटी और IIT पटना के सहयोग से

  • भारत मोबाइल कांग्रेस 2025 में 270 GHz लिंक पर 6400 MBps डेटा स्पीड का प्रदर्शन

निष्कर्ष

मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करेगा। ANRF और Bharat 6G Alliance जैसी पहलें देश को उन्नत तकनीकों, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में मजबूत बनाएंगी।

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