Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

भारत–ऑस्ट्रेलिया बिज़नेस केस स्टडीज़ संकलन का शुभारंभ: 100 अरब डॉलर की साझेदारी की ओर मजबूत कदम

Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी), दिल्ली परिसर में “Pitch Perfect Australia-India: Perfect Conditions for a $100 Billion Partnership” शीर्षक से भारत–ऑस्ट्रेलिया बिज़नेस केस स्टडीज़ संकलन का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नीति-निर्माता, राजनयिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शिक्षाविद एकत्र हुए और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के अगले चरण पर विचार-विमर्श किया गया।

यह संकलन भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) और न्यू लैंड ग्लोबल ग्रुप द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है। इसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत कंपनियों की वास्तविक व्यावसायिक यात्राओं को संकलित किया गया है। प्रकाशन में 30 संगठनों के अनुभव शामिल हैं, जिन्होंने दोनों बाजारों में सफलतापूर्वक प्रवेश किया, विस्तार किया और व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाया।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह संकलन नीति, उद्योग और अकादमिक जगत के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा,

“ये केस स्टडीज़ इस बात का प्रमाण हैं कि व्यापार समझौते किस प्रकार वास्तविक अवसरों में बदले हैं और व्यवसायों ने उन्हें अपनी वृद्धि के लिए कैसे उपयोग किया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (ECTA) से होने वाले लाभों को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन (OAM) ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अकादमिक, सरकार और उद्योग को एक मंच पर लाने वाली ऐसी पहलें भारत-ऑस्ट्रेलिया के मजबूत रणनीतिक संबंधों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

संयुक्त सचिव पेटल ढिल्लन ने भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंधों में बढ़ती गति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आईआईएफटी ने शोध-आधारित अंतर्दृष्टि विकसित करने और ईसीटीए के बेहतर उपयोग को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

आईआईएफटी के कुलपति प्रो. राकेश मोहन जोशी ने वास्तविक व्यावसायिक अनुभवों को सीखने के संसाधनों में बदलने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सहयोग शोध और व्यवहार के बीच सेतु बनाने तथा वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका को समर्थन देने के आईआईएफटी के संकल्प को दर्शाते हैं।

न्यू लैंड ग्लोबल ग्रुप, ऑस्ट्रेलिया के संस्थापक एवं सीईओ दीपेन रुघानी ने द्विपक्षीय जुड़ाव को गहरा करने में व्यावसायिक केस स्टडीज़ की भूमिका पर बल दिया। वहीं, कार्यकारी निदेशक नताशा झा भास्कर ने दोनों बाजारों में कार्यरत कंपनियों की सफलता की कहानियां और उनसे मिले सबक प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का समापन सरकार, व्यापार संगठनों और दोनों देशों में कार्यरत कंपनियों के प्रतिनिधियों की सहभागिता वाली पैनल चर्चा तथा नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ।

राजदूत अनिल वाधवा ने इस केस संकलन की सराहना करते हुए इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में यह संकलन व्यवसायों, नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं के लिए एक व्यावहारिक संसाधन के रूप में कार्य करेगा, जो अवसरों की पहचान, चुनौतियों के समाधान और सफल सीमा-पार सहयोग को उजागर करेगा।

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) की स्थापना वर्ष 1963 में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत की गई थी। वर्ष 2002 में इसे डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त हुआ। यह संस्थान शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और परामर्श के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में क्षमता निर्माण के लिए समर्पित एक प्रमुख संस्था है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.