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कोरिया गणराज्य के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से भेंट की

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कोरिया गणराज्य के राष्ट्रीय विधानसभा के माननीय उपाध्यक्ष ली हैक-यंग के नेतृत्व में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने आज संसद भवन में राज्यसभा के माननीय उपसभापति हरिवंश से भेंट की।

बैठक के दौरान हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य सशक्त एवं प्रगतिशील लोकतंत्र हैं तथा दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान की एक मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों संसदों के बीच नियमित संवाद और संपर्क ने भारत-कोरिया विशेष सामरिक साझेदारी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

द्विपक्षीय सहयोग के बहुआयामी स्वरूप को रेखांकित करते हुए हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच व्यापार एवं निवेश, रक्षा, संस्कृति तथा जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में घनिष्ठ साझेदारी है, जो लोकतंत्र, विधि के शासन, वैश्विक शांति एवं समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

दोनों देशों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और गिम्हे के राजा किम सुरो के वैवाहिक संबंध के माध्यम से गहरे सभ्यतागत संबंध स्थापित हुए हैं, जो दोनों राष्ट्रों के बीच प्राचीन जुड़ाव को दर्शाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह गर्व का विषय है कि वर्ष 2011 में कोरिया गणराज्य की सरकार ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में सियोल में नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव टैगोर की प्रतिमा स्थापित की। श्री हरिवंश ने स्मरण कराया कि गुरुदेव टैगोर ने वर्ष 1929 में ‘लैम्प ऑफ द ईस्ट’ कविता की रचना की थी, जिसमें उन्होंने कोरिया के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की प्रशंसा की थी, जिसे आज भी कोरियाई जनता स्नेहपूर्वक याद करती है।

हरिवंश ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश में निरंतर वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 27 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। भारत में कोरियाई कंपनियों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हुंडई, सैमसंग और एलजी भारत में घरेलू नाम बन चुके हैं।

साझा दृष्टिकोण को ठोस कार्यरूप देने में सांसदों की भूमिका को रेखांकित करते हुए हरिवंश ने संसदीय सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए आगंतुक प्रतिनिधिमंडल को अपने पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सतत संवाद और आदान-प्रदान से भारत और कोरिया गणराज्य के संबंधों की पूर्ण क्षमता साकार होगी तथा प्रतिनिधिमंडल को भारत में सुखद एवं फलदायी प्रवास की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर राज्यसभा की सदस्य रेखा शर्मा, मुजीबुल्ला खान, डॉ. परमार जशवंतसिंह सलामसिंह, राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी, राज्यसभा सचिवालय एवं विदेश मंत्रालय (एमईए) के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


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