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मेडिकल वैल्यू ट्रैवल में भारत की वैश्विक उड़ान: आयुष आधारित समग्र स्वास्थ्य से बढ़ता अंतरराष्ट्रीय विश्वास

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भारत मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) के क्षेत्र में तेजी से उभरते हुए वैश्विक गंतव्यों में शामिल हो रहा है। विश्वस्तरीय चिकित्सा अवसंरचना, अत्यधिक कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों, किफायती उपचार लागत और आयुष आधारित पारंपरिक व समग्र स्वास्थ्य प्रणालियों की विशिष्ट शक्ति के साथ भारत आज अंतरराष्ट्रीय रोगियों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक स्वास्थ्य केंद्र बनता जा रहा है।

जटिल शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं से लेकर दीर्घकालिक वेलनेस थैरेपी तक, भारत एक एकीकृत स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है। यहां वैश्विक मानकों के अनुरूप अस्पतालों में अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा उपचार किया जाता है, वहीं आयुष प्रणालियां—आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी—रोकथाम, पुनर्वास और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती हैं।

वन अर्थ, वन हेल्थ – एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया 2023 में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा था कि “भारत मेडिकल वैल्यू ट्रैवल और हेल्थ वर्कफोर्स मोबिलिटी को स्वस्थ ग्रह के लिए महत्वपूर्ण मानता है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत की प्राचीन परंपराएं—योग, ध्यान, आयुर्वेद और मोटे अनाज आधारित पारंपरिक आहार—आज की जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और तनाव से निपटने में दुनिया को समाधान प्रदान करती हैं।

वैश्विक विश्वास और गुणवत्ता आश्वासन को और सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री ने 19 दिसंबर 2025 को भारत मंडपम में आयोजित द्वितीय WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के दौरान ‘आयुष क्वालिटी मार्क’ का शुभारंभ किया। यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणन ढांचा आयुष उत्पादों और सेवाओं में विश्वसनीयता और मानकीकरण को बढ़ाता है।

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि भारत की ताकत उसकी एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली में है। “मेडिकल वैल्यू ट्रैवल केवल किफायत नहीं, बल्कि विश्वास, गुणवत्ता और परिणामों से जुड़ा है। आयुष प्रणालियां पारंपरिक चिकित्सा के साथ मिलकर समग्र स्वास्थ्य समाधान प्रदान करती हैं,” उन्होंने कहा।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि के लिए मानकीकरण और विश्वसनीयता को अहम बताया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता आश्वासन, डिजिटल सुविधा और वैश्विक मानकों के माध्यम से भारत एक भरोसेमंद वैश्विक स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है।

आंकड़े इस बढ़ती प्रवृत्ति की पुष्टि करते हैं। 2020 में 1.82 लाख अंतरराष्ट्रीय मरीजों की तुलना में 2024 में 6.44 लाख विदेशी मरीज भारत आए। योग, आयुर्वेद और वेलनेस आधारित उपचार इस वृद्धि के प्रमुख आधार बने हैं।

भारत की मेडिकल वैल्यू ट्रैवल नीति में सार्वजनिक–निजी भागीदारी, चिकित्सा अवसंरचना में 100% एफडीआई, चिकित्सा सेवाओं के निर्यात को प्रोत्साहन और वैश्विक आउटरीच की अहम भूमिका रही है। आयुष आधारित मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को बढ़ावा देने के लिए 27 जुलाई 2023 को आयुष वीज़ा की शुरुआत की गई, जिससे विदेशी रोगियों और उनके परिजनों को उपचार के लिए सुविधा मिली।

मानकीकरण की दिशा में, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के लिए ISO 22525 को अपनाया है। साथ ही, लगभग 27 बीमा कंपनियां अब आयुष उपचारों को कवर कर रही हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मरीजों का भरोसा और बढ़ा है।

आयुष मंत्रालय ने मुंबई (2024) और चेन्नई (2025) में आयोजित वैश्विक सम्मेलनों के माध्यम से मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को प्रमुख विषय के रूप में आगे बढ़ाया है। कौशल विकास के लिए हेल्थ सेक्टर स्किल काउंसिल के तहत आयुष उप-परिषद की स्थापना की गई, जिसके अंतर्गत अब तक 37,000 से अधिक लोगों को प्रमाणित किया जा चुका है।

नीतिगत समर्थन, वीज़ा सुविधा, बीमा कवरेज और गुणवत्ता मानकों के समन्वय के साथ, भारत की मेडिकल वैल्यू ट्रैवल यात्रा अब केवल लागत लाभ तक सीमित नहीं रही, बल्कि एकीकृत, समग्र और प्रमाण-आधारित वैश्विक स्वास्थ्य विश्वास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

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