Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु डिजिटल नवाचार की दिशा में बड़ा कदम: SIH 2025 के तहत AI-आधारित FRA एटलस और WebGIS DSS पर फील्ड-आधारित पहल

Document Thumbnail

वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए एकीकृत, एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास से संबंधित जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्णयों के अनुसरण में, मंत्रालय FRA प्रशासन के लिए डिजिटलीकरण, भू-स्थानिक (Geospatial) एकीकरण और निर्णय-समर्थन प्रणालियों को आगे बढ़ाने हेतु नवाचार-आधारित पहलों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है।

इसी क्रम में, शिक्षा मंत्रालय की इनोवेशन सेल ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) 2025 के 8वें संस्करण का शुभारंभ किया है। यह एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों की नवाचार क्षमता का उपयोग करते हुए प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों के माध्यम से जटिल प्रशासनिक चुनौतियों का समाधान करना है। सॉफ्टवेयर श्रेणी के अंतर्गत, जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) ने एआई-संचालित FRA एटलस और वेब-GIS आधारित निर्णय समर्थन प्रणाली (DSS) के विकास के लिए एक समस्या विवरण प्रस्तुत किया है। इसका उद्देश्य व्यक्तिगत वन अधिकार (IFR), सामुदायिक अधिकार (CR) और सामुदायिक वन संसाधन (CFR) अधिकारों की एकीकृत निगरानी को सक्षम बनाना है, जो FRA रिकॉर्ड्स के डिजिटलीकरण, जियो-टैगिंग और अभिसरण से संबंधित मंत्रालय की व्यापक कार्ययोजना के अनुरूप है।

हैकाथॉन के बाद की सहभागिता कार्यक्रम के तहत, तथा उपर्युक्त निर्णयों को मैदानी स्तर पर सत्यापन के माध्यम से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से, 2 जनवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय, नासिक में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनजातीय कार्य मंत्रालय, महाराष्ट्र राज्य जनजातीय विकास विभाग के अधिकारी तथा पुणे, कुरनूल और इंदौर से आए SIH में भाग लेने वाले छात्र दल शामिल हुए। बैठक के दौरान राज्य सरकार द्वारा महाराष्ट्र FRA पोर्टल का प्रदर्शन किया गया, जिसमें उसकी कार्यात्मक संरचना, FRA के क्रियान्वयन और निगरानी में उसकी व्यावहारिक उपयोगिता तथा राज्य से उभर रही सर्वोत्तम प्रथाओं को रेखांकित किया गया। इसमें मान्यता प्राप्त पट्टा धारकों की सफलता की कहानियां और महाराष्ट्र में FRA क्रियान्वयन की समग्र स्थिति भी प्रस्तुत की गई।

प्रस्तावित राष्ट्रीय FRA डिजिटल प्लेटफॉर्म के साक्ष्य-आधारित डिजाइन को और मजबूत करने के लिए, भाग लेने वाले छात्र दलों के लिए नासिक जिले के चयनित FRA-क्रियान्वित गांवों में दो दिवसीय फील्ड विजिट निर्धारित की गई है। इस मैदानी अभ्यास से छात्र दलों को ग्राम सभा सदस्यों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलेगा तथा जमीनी स्तर के डेटा, कार्यप्रवाह (वर्कफ्लो) और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों के संग्रह एवं दस्तावेजीकरण में सहायता मिलेगी। इन इनपुट्स का उपयोग SIH 2025 के अंतर्गत परिकल्पित एआई-सक्षम FRA एटलस और वेब-GIS आधारित DSS के परिष्करण में किया जाएगा, ताकि ये समाधान मैदानी वास्तविकताओं और वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप हों।

इसके पश्चात, भाग लेने वाले छात्र दल नई दिल्ली जाएंगे, जहां राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान (NTRI) में दो दिवसीय हैकाथॉन का आयोजन किया जाएगा। इस चरण के दौरान, छात्र दल जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव के मार्गदर्शन में FRA वेब पोर्टल के कार्यात्मक डिजाइन और विशेषताओं को अंतिम रूप देने की दिशा में कार्य करेंगे।

यह पोस्ट-SIH सहभागिता FRA के डिजिटलीकरण से संबंधित नीतिगत निर्णयों को कार्यान्वयन योग्य, मैदानी स्तर पर सत्यापित डिजिटल समाधानों में रूपांतरित करने के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह समावेशी विकास और सशक्त जनजातीय समुदायों के माध्यम से विकसित भारत के माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है। साथ ही, यह माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री के उस फोकस को भी सुदृढ़ करती है, जिसमें डेटा-आधारित शासन, पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल दिया गया है तथा सरकार, शिक्षाविदों और जनजातीय समुदायों के बीच सहयोगात्मक सीख को बढ़ावा देकर वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और समावेशी एवं सतत जनजातीय विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.