Media24Media.com: भारत-जॉर्डन व्यापार फोरम: प्रधानमंत्री मोदी और राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने द्विपक्षीय व्यापार और सहयोग बढ़ाने पर बल दिया

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भारत-जॉर्डन व्यापार फोरम: प्रधानमंत्री मोदी और राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने द्विपक्षीय व्यापार और सहयोग बढ़ाने पर बल दिया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्डन के महामहिम राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने आज अम्मान में आयोजित इंडिया-जॉर्डन बिजनेस फोरम को संबोधित किया। फोरम में जॉर्डन के क्राउन प्रिंस हुसैन तथा जॉर्डन के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री और निवेश मंत्री भी उपस्थित थे। महामहिम और प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच व्यापार-से-व्यापार संबंधों को बढ़ाने के महत्व को स्वीकार किया और उद्योग जगत के प्रमुखों से इस संभावनाओं और अवसरों को विकास और समृद्धि में बदलने का आह्वान किया। महामहिम ने उल्लेख किया कि जॉर्डन के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स और भारत की आर्थिक शक्ति को मिलाकर दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया तथा उससे आगे तक एक आर्थिक कॉरिडोर तैयार किया जा सकता है।

फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जॉर्डन और भारत एक जीवंत समकालीन साझेदारी साझा करते हैं, जो उनके गहरे सभ्यतागत संबंधों पर आधारित है। उन्होंने महामहिम की नेतृत्व क्षमता की सराहना की, जिनके नेतृत्व में जॉर्डन एक ऐसा सेतु बन गया है जो बाजारों और क्षेत्रों को जोड़ता है तथा व्यापार और विकास को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री ने अगले पांच वर्षों में भारत-जॉर्डन द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक दोगुना करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने भारत की तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के मार्ग पर होने का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत जॉर्डन और विश्व भर के साझेदारों के लिए अपार व्यावसायिक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जॉर्डन की कंपनियों को भारत के 1.4 अरब उपभोक्ता बाजार, मजबूत विनिर्माण आधार और स्थिर, पारदर्शी व पूर्वानुमेय नीति परिवेश का लाभ उठाने के लिए भारत के साथ साझेदारी करने का आमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश मिलकर विश्व के लिए भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला साझेदार बन सकते हैं। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की 8% से अधिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्पादकता-उन्मुख शासन और नवाचार-उन्मुख नीतियों का परिणाम है।

प्रधानमंत्री ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी, फिनटेक, हेल्थ-टेक और एग्री-टेक क्षेत्रों में भारत-जॉर्डन व्यापार सहयोग के अवसरों को भी उजागर किया और इन क्षेत्रों में दोनों देशों के स्टार्ट-अप्स को सहयोग करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में भारत की ताकत और जॉर्डन का भौगोलिक लाभ एक-दूसरे को पूरक कर सकते हैं और जॉर्डन को पश्चिम एशिया और अफ्रीका के लिए एक विश्वसनीय हब बना सकते हैं। उन्होंने कृषि, कोल्ड चेन, फूड पार्क, उर्वरक, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, हरित गतिशीलता और विरासत एवं सांस्कृतिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापारिक अवसरों को उजागर किया। भारत की हरित पहलों के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन फाइनेंसिंग, डिज़लिनेशन और जल पुनर्चक्रण के क्षेत्रों में भारत-जॉर्डन व्यापार सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया।

फोरम में दोनों देशों के व्यापार नेताओं ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, फार्मा, उर्वरक, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, रक्षा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल में FICCI और जॉर्डन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि भी शामिल थे, जिनके बीच पहले से ही दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए MoU है।

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