Media24Media.com: रक्षा संपदा दिवस 2025: DGDE के 100 वर्ष, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नवाचार और सुशासन पर दिया जोर

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रक्षा संपदा दिवस 2025: DGDE के 100 वर्ष, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नवाचार और सुशासन पर दिया जोर

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रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा संपदा महानिदेशालय (DGDE) ने 16 दिसंबर, 2025 को रक्षा संपदा भवन, दिल्ली छावनी में रक्षा संपदा दिवस 2025 को गरिमा और गौरव के साथ मनाया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने रक्षा संपदा संगठन को पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही का उत्कृष्ट उदाहरण बताया—जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने समय के साथ विकसित होने और जमीनी स्तर पर प्रभावी संगठन के रूप में भूमिका निभाने के लिए DGDE की सराहना की, साथ ही भविष्य की चुनौतियों के लिए नवाचार और निरंतर सुधार की सतत संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया।

रक्षा मंत्री ने डिजिटल भूमि अभिलेख, उपग्रह चित्रों के उपयोग और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाइयों जैसी पहलों की प्रशंसा की। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में DGDE के प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “छावनियों को हरा-भरा और स्वच्छ बनाना, जल संरक्षण पर कार्य करना और वैज्ञानिक तरीके से अपशिष्ट प्रबंधन अपनाना यह दर्शाता है कि सुरक्षा और स्थिरता साथ-साथ चल सकती हैं। आज छावनियों में रहने वाले छात्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रोबोटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। तकनीक-प्रधान दुनिया में यह आवश्यक है कि हमारे बच्चे परंपरा और तकनीक—दोनों से जुड़े रहें।”

दीर्घकालिक समस्याओं और नई चुनौतियों के समाधान के लिए राजनाथ सिंह ने वार्षिक चैलेंज स्टेटमेंट शुरू करने सहित कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि किराया वसूली के पुराने मामलों, लीज अनुपालन से जुड़े विवादों जैसे विषयों पर अनुभवी अधिकारियों, युवा अधिकारियों और विशेषज्ञों से नए समाधान आमंत्रित किए जाएं। इससे न केवल छोटे सुधार होंगे, बल्कि परिवर्तनकारी बदलाव सुनिश्चित होंगे और संगठन एक सीखने वाली, फुर्तीली और भविष्य-तैयार संस्था के रूप में विकसित होगा।

रक्षा भूमि से जुड़े मुकदमों पर समय और संसाधन खर्च होने की समस्या पर उन्होंने मुकदमा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने और उसे अधिक बुद्धिमान व पूर्वानुमेय बनाने पर बल दिया। उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था बनाने की सिफारिश की जिसमें मामलों का समय, वर्तमान स्थिति, अगली सुनवाई, कानूनी परामर्शदाताओं का प्रदर्शन और वित्तीय जोखिम—सब कुछ रीयल-टाइम में एक ही मंच पर उपलब्ध हो। बेहतर भूमि अभिलेख, मजबूत दस्तावेज़ीकरण, प्रारंभिक विवाद समाधान और नागरिक प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय से रिएक्टिव लिटिगेशन से प्रिवेंटिव लैंड गवर्नेंस की ओर बढ़ा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि छावनियों के निरंतर आधुनिकीकरण के साथ DGDE के पास नागरिक-केंद्रित शहरी शासन का मानक बनने का अवसर है। इसके लिए उन्होंने सिटिजन सैटिस्फैक्शन इंडेक्स विकसित करने पर जोर दिया, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी और छावनियां देश के लिए उदाहरण बनेंगी।

रक्षा मंत्री ने संस्थागत विश्वसनीयता और सार्वजनिक धारणा को आकार देने की आवश्यकता पर भी बल दिया और पारदर्शिता, नियम-आधारित शासन तथा ईमानदारी को सुशासन के मूल मूल्य बताया। उन्होंने कहा, “हर फाइल पर हस्ताक्षर करते समय और हर निर्णय लेते समय यह सोचना चाहिए कि क्या इससे हमारी संस्था की विश्वसनीयता मजबूत होगी। यही सोच हमारी रक्षा व्यवस्था और राष्ट्र को और सशक्त बनाएगी।”

इस अवसर पर रक्षा मंत्री पुरस्कार–2025 (सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता) प्रदान किए गए, जिनमें रक्षा भूमि प्रबंधन और नगरपालिका प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए देशभर के छावनी बोर्डों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार निम्न श्रेणियों में दिए गए—

स्वच्छ छावनी–स्वस्थ छावनी

  • श्रेणी A: छावनी बोर्ड, देओलाली

  • श्रेणी B: छावनी बोर्ड, बैरकपुर

  • श्रेणी C: छावनी बोर्ड, वाराणसी

डिजिटल उपलब्धियां (DEOs)

  • संयुक्त रूप से: DEO जबलपुर सर्कल और DEO पठानकोट सर्कल

सार्वजनिक सेवाओं में नवाचार

  • छावनी बोर्ड, दिल्ली

भूमि एवं अभिलेख प्रबंधन

  • श्रेणी A: DEO, प्रयागराज

  • श्रेणी B: DEO, ईटानगर

छावनी सामान्य अस्पताल में सुधार

  • श्रेणी A: छावनी बोर्ड, खड़की

  • श्रेणी B: छावनी बोर्ड, लैंसडाउन

ई-छावनी परियोजना का क्रियान्वयन

  • छावनी बोर्ड, नसीराबाद

दिव्यांग बच्चों के लिए केंद्रों का संचालन

  • छावनी बोर्ड, बेलगावी

छावनी बोर्ड स्कूलों के कार्य में सुधार

  • प्राथमिक/माध्यमिक: छावनी बोर्ड, अहिल्यानगर

  • माध्यमिक/उच्च माध्यमिक: छावनी बोर्ड, लखनऊ

रक्षा मंत्री ने छावनी निवासियों के लिए तीन नागरिक-केंद्रित पहलों को भी समर्पित किया।
पहली—दिल्ली छावनी सामान्य अस्पताल से टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार देश की सभी 61 छावनियों तक, जो AIIMS, नई दिल्ली के सहयोग से संचालित है।
दूसरी—ई-छावनी मॉड्यूल का एक्रूअल बेस्ड अकाउंटिंग सिस्टम (ABAS) के साथ एकीकरण, जिससे भुगतान, रसीदें और सेवा अनुरोध एकीकृत रीयल-टाइम प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।
तीसरी—डिफेंस एस्टेट्स मैपिंग पोर्टल (DEMAP) का पीएम गतिशक्ति के साथ एकीकरण, जो GIS तकनीक के माध्यम से रक्षा भूमि रिकॉर्ड का पारदर्शी और कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करता है।

इस अवसर पर ‘Strategic Roadmap to Developed India @ 2047’ और ‘Water Conservation Initiatives of DGDE’ नामक दो पुस्तिकाएं भी जारी की गईं।

कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, DRDO अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत, वित्तीय सलाहकार (रक्षा सेवाएं) श्री राज कुमार अरोड़ा, महानिदेशक रक्षा संपदा सुश्री शोभा गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस वर्ष का रक्षा संपदा दिवस विशेष महत्व रखता है, क्योंकि रक्षा संपदा संगठन अपने 100 वर्ष पूर्ण कर रहा है—रक्षा भूमि के कुशल प्रबंधन, छावनियों के नागरिक प्रशासन तथा पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण के प्रति एक शताब्दी की समर्पित सेवा का प्रतीक।

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