Media24Media.com: छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर पीएम मोदी का मानवीय संदेश - तीजन बाई और विनोद कुमार शुक्ल से की भावनात्मक बातचीत

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छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर पीएम मोदी का मानवीय संदेश - तीजन बाई और विनोद कुमार शुक्ल से की भावनात्मक बातचीत

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संवेदनशील और मानवीय स्वभाव का परिचय दिया। राजधानी रायपुर पहुंचते ही उन्होंने प्रदेश की दो महान विभूतियों — लोक गायिका तीजन बाई और साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल — से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना।


पंडवानी की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार तीजन बाई पिछले डेढ़ वर्ष से अस्वस्थ हैं और उनका इलाज जारी है। वहीं, ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता कवि विनोद कुमार शुक्ल भी हाल ही में सांस की तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती हुए हैं। प्रधानमंत्री ने दोनों से बातचीत में कहा — “किसी भी जरूरत पर सीधे मुझसे संपर्क करें।”

विनोद कुमार शुक्ल बोले — “बस घर जाना चाहता हूं और लिखना चाहता हूं”

विनोद कुमार शुक्ल के बेटे शाश्वत गोपाल ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 9 बजे प्रधानमंत्री का फोन आया था। मोदी जी ने कवि से सीधे बात करते हुए पूछा — “स्वास्थ्य कैसा है?”
इस पर शुक्ल ने जवाब दिया — “अब पहले से बेहतर महसूस कर रहा हूं।”
जब प्रधानमंत्री ने पूछा — “आप क्या चाहते हैं?” तो शुक्ल भावुक हो गए और बोले — “बस घर जाना चाहता हूं और लिखना चाहता हूं, क्योंकि लिखना मेरे लिए सांस की तरह है।”
प्रधानमंत्री ने स्नेहपूर्वक कहा — “अगर इलाज या किसी और चीज की जरूरत हो, तो बताइएगा।”

छत्तीसगढ़ को मिला पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार

राजनांदगांव में 1937 में जन्मे विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य की दुनिया के प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्हें इस वर्ष ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है — यह सम्मान पाने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले साहित्यकार हैं।
उनकी प्रसिद्ध कृतियों में ‘नौकर की कमीज़’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ जैसे उपन्यास शामिल हैं।

तीजन बाई के स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री की चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए उनकी बहू वेणू देशमुख से भी फोन पर बात की।
मोदी जी ने स्वयं परिचय देते हुए कहा — “नमस्कार वेणू जी, मैं देश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं। तीजन बाई जी की तबीयत कैसी है?”
वेणू ने बताया — “मम्मी की तबीयत ठीक नहीं है, वे बहुत कमजोर हो गई हैं।”
इस पर प्रधानमंत्री ने कहा — “उनका ध्यान रखिए, और अगर किसी चीज की जरूरत हो तो सीधे मुझसे संपर्क कीजिए।”

वेणू देशमुख ने बताया कि यह कॉल करीब 1 मिनट 18 सेकंड तक चला। पहले तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री खुद फोन पर हैं, लेकिन जैसे ही उन्होंने कहा — “मैं देश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं”, वे भावुक हो गईं।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “तीजन बाई छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की धरोहर हैं। उन्होंने पंडवानी कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। वे सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान हैं।”

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