Media24Media.com: नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के पाँच वर्ष : जागरूकता, पुनर्वास और जनसहभागिता की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के पाँच वर्ष : जागरूकता, पुनर्वास और जनसहभागिता की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

Document Thumbnail

सब्स्टेंस यूज़ डिसऑर्डर (नशे की लत) देश की सामाजिक संरचना को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा है। किसी भी प्रकार के नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करती है। नियमित रूप से नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से निर्भर बना देता है, जिससे न्यूरो-मानसिक विकार, हृदय रोग, दुर्घटनाएँ, हिंसा और आत्महत्या जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए नशा और उससे होने वाली निर्भरता को मनो–सामाजिक–चिकित्सीय समस्या के रूप में समझने की आवश्यकता है।

नशा मुक्त भारत अभियान की भूमिका

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देश में ड्रग डिमांड रिडक्शन (नशे की मांग कम करने) का नोडल मंत्रालय है। यह मंत्रालय नशा मुक्ति, पुनर्वास, जागरूकता, समस्या के आकलन और सूचना प्रसार से जुड़े सभी कार्यों का समन्वय करता है।

मंत्रालय का महत्त्वाकांक्षी नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) देश के सभी जिलों में संचालित है और युवाओं, विशेषकर कॉलेज–विश्वविद्यालयों, स्कूलों और समुदायों तक नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुँचाने का लक्ष्य रखता है।

NMBA की प्रमुख उपलब्धियाँ

1. व्यापक जनजागरूकता

  • 23.06+ करोड़ लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया
    – इनमें 7.73+ करोड़ युवा और 5.18+ करोड़ महिलाएँ शामिल।

2. शिक्षा संस्थानों की भागीदारी

  • 16.92+ लाख शिक्षा संस्थानों ने अभियान में हिस्सा लिया, जिससे संदेश बच्चों और युवाओं तक बड़े स्तर पर पहुँचा।

3. पुनर्वास और समुदाय सहभागिता

  • 5.70+ लाख नशा मुक्त व्यक्ति अभियान से जुड़कर विभिन्न गतिविधियों में योगदान दे रहे हैं।

  • 20,000+ मास्टर वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित किया गया है।

4. डि-एडिक्शन केंद्रों में वृद्धि

  • नशा मुक्ति केंद्र 490 (2020-21) से बढ़कर 780+ (2025-26) हो गए।

  • इनमें से 154 सुविधा केंद्र सरकारी अस्पतालों में स्थित हैं।

5. UNDP का प्रभाव आकलन

  • 64% लोग अभियान के बारे में जागरूक।

  • 76% ने NMBA की आवश्यकता महसूस की।

  • 23% कार्यक्रमों में शामिल हुए।

  • 50% को NMBA से डि-एडिक्शन केंद्रों की जानकारी मिली।

6. NMBA टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म

  • NMBA मोबाइल ऐप और NMBA पोर्टल (www.nmba.dojse.gov.in)

  • पूरे देश के जियो-टैग्ड डि-एडिक्शन सेंटर की सूची उपलब्ध।

7. राष्ट्रीय ड्रग-फ्री प्रतिज्ञा

  • 1.67+ करोड़ छात्रों ने नशामुक्त रहने की ऑनलाइन प्रतिज्ञा ली।

8. सामाजिक–आध्यात्मिक संगठनों के साथ साझेदारी

  • आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्माकुमारी, ISKCON सहित 6 संगठनों के साथ MoU।

  • 3.37+ करोड़ लोगों तक जागरूकता पहुँची।

9. हेल्पलाइन सेवा 14446

  • 4.30+ लाख कॉल प्राप्त—प्राथमिक परामर्श और रेफरल सेवा उपलब्ध।

10. खिलाड़ियों और युवाओं की सहभागिता

  • रवि दहिया, सुरेश रैना, अजींक्य रहाणे आदि खिलाड़ियों के संदेश।

  • NCC के 40,000+ कैडेट्स जुड़े।

11. सीमा क्षेत्रों में NMBA

  • सीमा सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण और सीमा क्षेत्रों में डि-एडिक्शन केंद्र स्थापित।

NMBA के पाँच वर्ष पूरे — 2025 का विशेष आयोजन

  • 13 अगस्त 2025, दिल्ली में विशेष कार्यक्रम, जिसमें हजारों छात्रों की भागीदारी।

  • प्रतियोगिताएँ और जागरूकता अभियान पूरे देश में आयोजित।

  • 1,12,202+ युवा क्विज प्रतियोगिता में शामिल।

  • 97,336 कार्यक्रम, कुल 2.42 करोड़ लोगों तक पहुँच।

  • 16 लाख ई-प्रतिज्ञाएँ और 1+ करोड़ ऑफलाइन प्रतिज्ञाएँ दर्ज।

18 नवंबर 2025 — अमृतसर में भव्य समापन समारोह

  • गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजन।

  • पंजाब के राज्यपाल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री की अगुवाई।

  • लगभग 7,000 प्रतिभागियों की उपस्थिति अपेक्षित।

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियाँ, प्रतियोगिताएँ और सामूहिक प्रतिज्ञा शामिल।

संदेश

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का उद्देश्य है कि युवाओं सहित प्रत्येक नागरिक नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ, मूल्य-आधारित और सकारात्मक जीवन अपनाए। NMBA के पाँच वर्षों की उपलब्धियाँ यह साबित करती हैं कि देश नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।


Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.