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चित्रकूट और बांदा में पान मसाला-गुटखा के अवैध कारोबार का भंडाफोड़, 27 मशीनें और 15.50 लाख पाउच जब्त; ₹185 करोड़ की टैक्स चोरी

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चित्रकूट- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट और बांदा जिलों में पान मसाला, सुगंधित जरदा और गुटखा के अवैध निर्माण के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। लखनऊ जोनल यूनिट की डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने खुफिया जानकारी के आधार पर छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी मात्रा में तैयार माल, कच्चा माल और पैकिंग सामग्री बरामद की है।

जांच के दौरान अधिकारियों ने 27 ऐसी पाउच-पैकिंग मशीनें पकड़ीं, जिन्हें विभाग के सामने घोषित नहीं किया गया था। कार्रवाई में करीब 15.50 लाख तैयार पाउच भी जब्त किए गए। शुरुआती जांच में इस पूरे नेटवर्क से करीब ₹185 करोड़ की GST, HSNS Cess और Central Excise Duty की कथित चोरी का पता चला है।

आधी रात के बाद शुरू हुई कार्रवाई

DGGI लखनऊ जोनल यूनिट को अवैध निर्माण और टैक्स चोरी से संबंधित विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों की टीम ने 18 अगस्त 2026 की आधी रात के आसपास चित्रकूट और बांदा स्थित छह परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।

ये सभी परिसर दो फर्मों से जुड़े हुए थे। इनमें से एक फर्म पान मसाला और इससे जुड़े उत्पादों के निर्माण में तथा दूसरी ट्रेडिंग गतिविधियों में शामिल थी।

अधिकारियों ने तलाशी के दौरान उत्पादन और पैकिंग से जुड़ी कई ऐसी मशीनें बरामद कीं, जिनका विभागीय रिकॉर्ड में खुलासा नहीं किया गया था।

27 पाउच-पैकिंग मशीनें मिलीं

जांच के दौरान कुल 27 अघोषित पाउच-पैकिंग मशीनें बरामद की गईं। इनमें:

  • 6 मशीनें सुगंधित जरदा के लिए

  • 9 मशीनें पान मसाला के लिए

  • 12 मशीनें दोहरा/देसी गुटखा के लिए

बताई गई हैं।

इसके अलावा मिश्रण, सुपारी काटने और सुखाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी मौके से मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, मशीनों की वास्तविक क्षमता के आधार पर टैक्स और सेस की देनदारी निर्धारित होती है, इसलिए मशीनों को छिपाकर रखना कथित तौर पर टैक्स चोरी के इस मॉडल का अहम हिस्सा था।

15.50 लाख से ज्यादा तैयार पाउच जब्त

छापेमारी के दौरान DGGI को बड़ी मात्रा में तैयार माल मिला। कुल 15,50,922 पाउच जब्त किए गए। इनमें पान मसाला, चबाने वाला तंबाकू, सुगंधित जरदा और सुगंधित सुपारी शामिल हैं।

तैयार माल के अलावा बड़ी मात्रा में कच्चा माल और पैकिंग सामग्री भी बरामद की गई।

बरामदगी का पूरा आंकड़ा

  • सामग्री
  • बरामद मात्रा
  • सुपारी और कटी हुई सुपारी
  • 32.9 मीट्रिक टन
  • तंबाकू
  • 2.8 मीट्रिक टन
  • पैकिंग सामग्री, पाउच और लैमिनेट
  • 8.4 मीट्रिक टन
  • कत्था पाउडर
  • 470 किलोग्राम
  • ग्लिसरीन
  • 850 किलोग्राम
  • एसेंस
  • 545 किलोग्राम
  • बिना पैक किया पान मसाला
  • 256 किलोग्राम
  • तैयार उत्पाद
  • 15,50,922 पाउच

₹185 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा

DGGI की शुरुआती जांच में इस नेटवर्क द्वारा करीब ₹185 करोड़ की GST, HSNS Cess और Central Excise Duty की कथित चोरी का पता चला है।

जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध कारोबार से जुड़े परिसरों में उत्पादन किया जा रहा था और तैयार माल को बिना लागू कर एवं सेस का भुगतान किए कथित तौर पर गुप्त तरीके से बाजार में भेजा जा रहा था।

अधिकारियों को ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि यह पूरा कारोबार बिना पंजीकृत परिसरों और अघोषित मशीनरी के नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था।

कैसे चल रहा था पूरा नेटवर्क?

DGGI की जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, कथित तौर पर अलग-अलग स्थानों पर अघोषित मशीनों की मदद से पान मसाला, जरदा और गुटखा तैयार किया जाता था। इसके बाद तैयार उत्पादों को बिना संबंधित कर और सेस का भुगतान किए क्लैंडेस्टाइन यानी गुप्त तरीके से बाहर निकाला जाता था।

प्रारंभिक जांच में निर्माण करने वाली फर्म के प्रोपराइटर की भूमिका भी सामने आई है। DGGI के अनुसार, वह प्रथम दृष्टया इस पूरे अवैध निर्माण और तैयार माल की गुप्त निकासी की व्यवस्था करने और उसे संचालित करने वाला व्यक्ति पाया गया।

फर्म के प्रोपराइटर को गिरफ्तार किया गया

DGGI ने मामले में निर्माण फर्म के प्रोपराइटर को 19 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी HSNS Cess Act, 2025 की धारा 26 और Central Excise Act, 1944 की धारा 13 के तहत की गई। आरोपी को लखनऊ में स्पेशल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट (कस्टम्स) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और DGGI को आगे और बरामदगी तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।

1 फरवरी 2026 से बदला टैक्स सिस्टम

पान मसाला और तंबाकू क्षेत्र में टैक्स चोरी रोकने के लिए 1 फरवरी 2026 से क्षमता-आधारित सेस और टैक्स व्यवस्था लागू की गई है।

इसके तहत पान मसाला पर Health Security and National Security Cess (HSNS) क्षमता-आधारित मासिक सेस लगाया जाता है। इसकी गणना स्थापित पैकिंग मशीनों की संख्या, प्रकार और क्षमता के आधार पर की जाती है।

वहीं, चबाने वाले तंबाकू, जरदा और गुटखा पर भी Central Excise Act, 1944 के तहत क्षमता-आधारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क लागू है।

यही वजह है कि कुछ अवैध निर्माता कथित तौर पर अपनी मशीनों और वास्तविक उत्पादन क्षमता को छिपाकर टैक्स और सेस की देनदारी से बचने की कोशिश करते हैं।

DGGI ने बढ़ाई इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई

सरकार के मुताबिक, इस तरह की टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए DGGI ने पान मसाला और तंबाकू क्षेत्र में इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई तेज कर दी है।

इसके लिए डेटा एनालिटिक्स और अलग-अलग DGGI formations के बीच समन्वय का इस्तेमाल किया जा रहा है। यानी संदिग्ध कारोबार और उत्पादन से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद फील्ड में कार्रवाई की जा रही है।

देशभर में अब तक 27 मामले दर्ज

DGGI के मुताबिक, 1 फरवरी 2026 से देशभर में 27 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों में उत्पादन छिपाने, तैयार माल की गुप्त निकासी और लागू टैक्स/सेस की चोरी का पता चला है।

इन मामलों में अब तक कुल करीब ₹668 करोड़ की ड्यूटी, टैक्स और सेस चोरी का पता लगाया गया है।

जांच के दौरान ₹11.7 करोड़ का स्वैच्छिक भुगतान भी किया गया है।

इसके अलावा देशभर की कार्रवाई में कुल 131 पाउच-पैकिंग मशीनें जब्त की जा चुकी हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

चित्रकूट-बांदा की कार्रवाई क्यों अहम?

चित्रकूट और बांदा में हुई कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यहां सिर्फ तैयार गुटखा या पान मसाला ही नहीं मिला, बल्कि उत्पादन की पूरी व्यवस्था का पता चला है। मशीनों से लेकर कच्चे माल, पैकिंग सामग्री और तैयार उत्पाद तक की बरामदगी से कथित अवैध निर्माण नेटवर्क के बड़े पैमाने पर संचालित होने के संकेत मिले हैं।

DGGI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हैं, तैयार माल कहां-कहां भेजा जाता था और टैक्स चोरी से जुड़े पूरे कारोबार का वास्तविक आकार कितना है।

निष्कर्ष

चित्रकूट और बांदा में DGGI की कार्रवाई ने पान मसाला, सुगंधित जरदा और गुटखा के कथित अवैध निर्माण के एक बड़े नेटवर्क को उजागर किया है। 27 अघोषित मशीनों, 15.50 लाख से अधिक तैयार पाउच और भारी मात्रा में कच्चे माल की बरामदगी के साथ करीब ₹185 करोड़ की कर एवं सेस चोरी का पता चला है।

एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच अब नेटवर्क के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। DGGI के देशव्यापी आंकड़े भी बताते हैं कि क्षमता-आधारित टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद इस सेक्टर में अवैध उत्पादन और कर चोरी के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई तेज हुई है।

नशीली दवाओं की अवैध तस्करी पर DRI की बड़ी कार्रवाई

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नशीली दवाओं और मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध निर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ लगातार जारी कार्रवाई के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड की गोलियों का गुप्त रूप से निर्माण, छिपाने और अफ्रीकी देशों में अवैध निर्यात करने में शामिल था।

एक सप्ताह तक चले खुफिया-आधारित अभियान में 1 लाख ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट, 1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट, मन:प्रभावी पदार्थों के गुप्त निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी एवं कच्चा माल जब्त किया गया। कार्रवाई में सिंडिकेट के तीन प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।

2 अगस्त 2026 को खुफिया सूचना के आधार पर DRI अधिकारियों ने मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में नाइजीरिया भेजे जा रहे एक निर्यात कंसाइनमेंट को रोका। दस्तावेजों में इस खेप को 300 मिलीग्राम प्रेगाबालिन कैप्सूल बताया गया था। हालांकि, विस्तृत जांच में इसके भीतर छिपाकर रखी गई 1 लाख ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट (250 मिलीग्राम), जिनका वजन लगभग 25 किलोग्राम, और 1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट (200 मिलीग्राम), जिनका वजन लगभग 20 किलोग्राम था, बरामद की गईं।

DRI की त्वरित जांच में एक सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला का खुलासा हुआ, जो कई स्तरों पर संचालित हो रही थी। ट्रामाडोल की गोलियों का महाराष्ट्र के अंबरनाथ स्थित एक कारखाने में गुप्त रूप से निर्माण किया जाता था। उनकी पहचान छिपाने के लिए उन्हें सादे कार्टन में पैक किया जाता था। इसके बाद खेप को मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक गोदाम में ले जाया जाता था, जहां उन्हें दोबारा सफेद बोरियों में पैक कर नाइजीरिया अवैध रूप से भेजने की तैयारी की जाती थी।

सप्ताहभर में की गई कई समन्वित अनुवर्ती कार्रवाइयों के दौरान DRI अधिकारियों ने निर्यातक, निर्माता, आपूर्तिकर्ता, परिवहनकर्ता और भंडारण गोदाम से जुड़े विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली। निर्माण इकाई में की गई तलाशी के दौरान टैबलेट बनाने वाली मशीनरी के साथ-साथ बड़ी मात्रा में कच्चा माल भी जब्त किया गया, जिसका इस्तेमाल मन:प्रभावी पदार्थों के गुप्त निर्माण में किया जाना था।

इस अभियान में तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें IEC धारक/निर्यातक, आपूर्तिकर्ता-सह-समन्वयक और ट्रामाडोल टैबलेट का गुप्त निर्माता शामिल हैं।

ट्रामाडोल और टैपेंटाडोल पर कड़े नियंत्रण

ट्रामाडोल और टैपेंटाडोल सिंथेटिक ओपिओइड दर्द निवारक दवाएं हैं, जिनका उपयोग चिकित्सकीय निगरानी में मध्यम से गंभीर दर्द के उपचार के लिए किया जाता है। इनके दुरुपयोग और निर्भरता के जोखिम को देखते हुए दोनों दवाएं कड़े नियामकीय नियंत्रण के अधीन हैं।

ट्रामाडोल को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत मन:प्रभावी पदार्थ के रूप में अधिसूचित किया गया है। वहीं, टैपेंटाडोल वर्तमान में NDPS अधिनियम की अनुसूची में शामिल नहीं है, लेकिन यह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम और उसके तहत बनाए गए नियमों के अंतर्गत कड़ाई से नियंत्रित है।

इन दवाओं का अवैध निर्माण, डायवर्जन और तस्करी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है और अक्सर संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ी होती है।

इस कार्रवाई के माध्यम से DRI ने मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध निर्माण, भंडारण, छिपाने और उन्हें विदेश भेजने के प्रयास में शामिल एक संगठित नेटवर्क को प्रभावी रूप से ध्वस्त कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 85वें संस्करण का नेतृत्व किया, ‘नशा मुक्त भारत’ का दिया संदेश

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुजरात से देशभर में आयोजित ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 85वें संस्करण का नेतृत्व किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का संदेश था—‘फिटनेस को हां, ड्रग्स को ना।’

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा फिट इंडिया आंदोलन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के युवाओं को नशे के खिलाफ अभियान के केंद्र में रखा गया। पहल का उद्देश्य नशे जैसी हानिकारक आदतों के सकारात्मक विकल्प के रूप में फिटनेस को बढ़ावा देना और युवाओं को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

डॉ. मांडविया ने ‘संडे ऑन साइकिल’ को एक जन आंदोलन बताते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के फिट इंडिया आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में 10,000 से अधिक स्थानों पर युवाओं और नागरिकों ने साइकिलिंग के माध्यम से फिटनेस का संदेश दिया है।

दिसंबर 2024 में डॉ. मांडविया द्वारा शुरू किए गए ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान में अब तक देशभर में 30 लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं।

दिल्ली में इसका मेगा आयोजन मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सामूहिक ‘नशा मुक्त भारत’ संकल्प रहा, जिसमें 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने नशे से मुक्त जीवन जीने और अपने परिवार, मित्रों तथा समुदाय को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

रविवार सुबह तड़के ही फिटनेस गतिविधियां शुरू हो गईं। सुबह 5:30 बजे तक 1,000 से अधिक नागरिक कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके थे। प्रतिभागियों ने योग और जुंबा सहित विभिन्न फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके बाद इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास 5 किलोमीटर की साइकिलिंग राइड आयोजित की गई।

कार्यक्रम स्थल पर एक विशेष गेम जोन भी बनाया गया, जहां कैरम, शतरंज, लूडो और बैडमिंटन जैसी गतिविधियों के साथ-साथ टग ऑफ वॉर और बाधा दौड़ जैसी फिटनेस गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

इस अवसर पर अभिनेता एवं मॉडल सिद्धार्थ निगम, अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश खिलाड़ी और जूनियर नेशनल चैंपियन गुरवीर सिंह, IRS अधिकारी एवं फिट इंडिया एंबेसडर नरेंद्र कुमार तथा फिट इंडिया चैंपियन और प्रसिद्ध जुंबा प्रशिक्षक मीनल पाठक सहित कई विशेष अतिथियों ने भाग लिया।

साइकिलिंग राइड पूरी करने के बाद सिद्धार्थ निगम ने कहा कि सुबह 5 बजे दिल्ली के लोगों को इतने उत्साह और ऊर्जा के साथ साइकिल चलाते देखना शानदार अनुभव था। उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत’ की थीम लोगों को यह संदेश देती है कि हानिकारक नशे की जगह फिटनेस, मेहनत और अपने लक्ष्य हासिल करने की आदत अपनानी चाहिए।

उन्होंने युवाओं से ड्रग्स, सिगरेट और शराब से दूर रहने तथा प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट फिटनेस के लिए देने की अपील की। उन्होंने कहा—“Fitness ka dose, aadhe ghante roz.”

गुरवीर सिंह ने भी पहल की सराहना करते हुए कहा कि फिट इंडिया और नशा मुक्त भारत युवाओं को फिटनेस की ओर प्रेरित करने और नशे से दूर रखने वाली बेहतरीन पहल हैं। उन्होंने सभी से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि के लिए देने का आग्रह किया।

उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के 39 पदक जीतने के प्रदर्शन की भी सराहना करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया है।

‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI), राहगीरी फाउंडेशन और MY Bharat के सहयोग से किया जाता है।

यह साइकिलिंग अभियान देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ आयोजित किया जाता है। इसमें SAI क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOEs), SAI प्रशिक्षण केंद्रों (STCs), खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्रों (KISCEs), खेलो इंडिया केंद्रों (KICs) तथा हजारों नमो फिट इंडिया क्लबों के साथ साइकिलिंग प्रेमी, स्कूल और कॉलेज भी भाग लेते हैं।


नशे में पहुंचे दूल्हे से शादी करने से किया इनकार, छत्तीसगढ़ की मुस्कान प्रधान बनीं नशामुक्ति अभियान की मिसाल

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की 22 वर्षीय मुस्कान प्रधान ने सामाजिक साहस और आत्मसम्मान की मिसाल पेश करते हुए नशे की हालत में विवाह स्थल पर पहुंचे दूल्हे से शादी करने से साफ इनकार कर दिया। उनके इस फैसले की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है और प्रशासन ने भी उनके साहस की प्रशंसा की है।

जानकारी के अनुसार, विवाह समारोह के दौरान जब दूल्हा शराब के नशे में पहुंचा, तो मुस्कान ने स्थिति को देखते हुए विवाह करने से इंकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे ऐसे व्यक्ति के साथ अपना जीवन नहीं बिताना चाहतीं, जो नशे की हालत में विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार में शामिल हो।

मुस्कान के इस साहसिक निर्णय को परिवार और समाज के कई लोगों का समर्थन मिला। बाद में जिला प्रशासन ने भी उनके फैसले की सराहना करते हुए उन्हें नशामुक्ति अभियान का प्रेरणास्रोत बताया। उनके कदम को युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और सामाजिक जिम्मेदारी का मजबूत संदेश माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस और नशा मुक्त भारत अभियान के दौरान मुस्कान की यह पहल पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि उनका निर्णय यह संदेश देता है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाना केवल व्यक्तिगत अधिकार नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है।

मुस्कान प्रधान का यह साहसिक कदम अब कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 में 1.31 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी, हरिद्वार में राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुआ समापन

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17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित नशा मुक्त भारत सप्ताह के दौरान देशभर में 1.31 करोड़ से अधिक नागरिकों ने विभिन्न जागरूकता एवं जनभागीदारी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत नशा मुक्ति मित्र पंजीकरण अभियान, सेमिनार, वेबिनार, बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, लघु नाटिकाएं, स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं, ई-प्रतिज्ञा, रैलियां, योग सत्र, हस्ताक्षर अभियान, निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं सहित अनेक सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

यह सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका समापन 26 जून 2026 को देव संस्कृति विश्वविद्यालय (DSVV), हरिद्वार, उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुआ।

कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. चिन्मय पंड्या सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया।

4,000 लोगों ने निकाली नशा मुक्त रैली

कार्यक्रम के दौरान डॉ. वीरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में नशा मुक्त रैली निकाली गई, जिसमें लगभग 4,000 नागरिकों ने भाग लेकर नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ तथा गरिमापूर्ण वृद्धावस्था (Ageing with Dignity) की शपथ दिलाई और नशामुक्त एवं समावेशी समाज के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

देशभर से हजारों लोगों की सहभागिता

कार्यक्रम में छात्रों, युवाओं, विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों के स्वयंसेवकों, उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय हितधारकों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इसके अलावा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों, विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों, अनुदान प्राप्त संस्थानों, नशा मुक्ति उपचार केंद्रों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर नशा मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत किया।

दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार के बीच दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर रहा।

ये समझौते—

  • नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) तथा

  • अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY)

के अंतर्गत किए गए।

इनका उद्देश्य देशभर में जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता, नशीले पदार्थों की मांग में कमी तथा गरिमापूर्ण वृद्धावस्था के संदेश को बढ़ावा देकर वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को मजबूत करना है।

उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, जिलों, विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और अनुदान प्राप्त संस्थानों द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत किए गए कार्यों की सराहना की गई।

साथ ही, नशा मुक्ति मित्रों को समुदाय में जागरूकता फैलाने और लोगों को जोड़ने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

राज्य सरकारों द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितधारकों को भी सम्मानित किया गया।

नशा मुक्त भारत के लिए जनभागीदारी का आह्वान

नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के सफल आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि भारत सरकार 'सम्पूर्ण सरकार और सम्पूर्ण समाज' (Whole-of-Government & Whole-of-Society) दृष्टिकोण के माध्यम से नशामुक्त समाज बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सभी नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और समुदायों से इस राष्ट्रीय जनआंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने और "नशा मुक्त भारत, खुशहाल भारत" के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।

भारतीय तटरक्षक बल और ATS की संयुक्त कार्रवाई में मुंद्रा तट के पास 115 किग्रा कोकीन जब्त, कीमत लगभग 1150 करोड़ रुपये

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भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने समुद्री मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग 115 किलोग्राम कोकीन जब्त की है। यह कार्रवाई 25–26 मई 2026 के दौरान गुजरात के मुंद्रा तट के पास एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) गुजरात के साथ संयुक्त खुफिया आधारित ऑपरेशन में की गई। जब्त किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1150 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ATS गुजरात द्वारा दी गई विशिष्ट और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय तटरक्षक बल की इंटरसेप्टर नौकाओं ने ATS कर्मियों के साथ मुंद्रा एंकरज क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक कंटेनर जहाज पर संदिग्ध गतिविधि देखी गई। त्वरित कार्रवाई और दोनों एजेंसियों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का प्रदर्शन करते हुए टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर समुद्र से पांच बैग बरामद किए।

जांच के दौरान इन बैगों में सफेद पाउडर जैसा पदार्थ पाया गया, जिसकी जांच में कोकीन होने की पुष्टि हुई। कुल 115 पैकेट, प्रत्येक लगभग एक किलोग्राम वजन के, यानी लगभग 115 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया। इसके बाद संबंधित जहाज को आगे की जांच के लिए बंदरगाह पर लाया गया।

यह पिछले पांच वर्षों में भारतीय तटरक्षक बल और ATS द्वारा किया गया 15वां सफल संयुक्त मादक पदार्थ विरोधी अभियान है, जो समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और “नशा मुक्त भारत” के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 5 करोड़ रुपये का गांजा किया गया स्वाहा, शासन की गाइडलाइन के तहत हुआ नष्टीकरण

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महासमुंद- नशीले पदार्थों के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम के तहत महासमुंद पुलिस ने शनिवार को अवैध मादक पदार्थ गांजा के नष्टीकरण की बड़ी कार्यवाही की है। जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में लगभग 05 करोड़ 02 लाख 50 हजार रुपये कीमत का गांजा जलाकर नष्ट किया गया।

​शासन की गाइडलाइन का पालन 

​यह पूरी कार्यवाही शासन द्वारा निर्धारित कड़े दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुई। जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक महासमुंद, सदस्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी की उपस्थिति में पहले मादक पदार्थ का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसके बाद उसे नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

​ 10 क्विंटल के करीब था गांजा 

​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोमाखान थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के तीन अलग-अलग बड़े मामलों में यह गांजा जप्त किया गया था। नष्ट किए गए गांजे का कुल वजन 09 क्विंटल 96 किलो 660 ग्राम है।

​ नष्टीकरण की मुख्य बातें: 

 ​स्थान: बालाजी प्लांट, बेलसोंडा (महासमुंद)।

 ​कुल वजन: 996.660 किलोग्राम।

​ बाजार मूल्य: ₹5,02,50,000 (लगभग 5 करोड़ 2 लाख रुपये)।

​ शामिल मामले: कोमाखान थाने के वर्ष 2025 का एक और वर्ष 2026 के दो बड़े प्रकरण।

​ अपराधियों में खौफ, पुलिस की मुस्तैदी 

​महासमुंद जिला ओडिशा सीमा से लगा होने के कारण तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। पुलिस द्वारा जप्त किए गए इस भारी मात्रा में गांजे को सार्वजनिक रूप से नष्ट करना यह दर्शाता है कि प्रशासन अवैध नशे के कारोबार की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उपराष्ट्रपति का छात्रों को संदेश: आत्मनिर्भर बनें, तकनीक अपनाएं और नशे से दूर रहें

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सोनीपत, हरियाणा- भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, नई तकनीकों को अपनाने और समाज के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने हरियाणा को ‘धर्म क्षेत्र’ बताते हुए महान किसान नेता दीनबंधु छोटूराम को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके प्रयासों ने किसानों और वंचित वर्गों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव लाया। उनके द्वारा सहकारिता और भूमि सुधार पर दिया गया जोर आज भी देश की कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव है।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल

उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह में लगभग 64% गोल्ड मेडल विजेता महिलाएं हैं और कुल छात्रों में उनकी हिस्सेदारी करीब 50% है। उन्होंने इसे हरियाणा में सामाजिक बदलाव और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता बताया।

आत्मनिर्भर भारत का विजन

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को दोहराते हुए कहा कि देश को नवाचार, स्वदेशी समाधान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा।

कोविड काल में भारत की भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल अपनी वैक्सीन विकसित की, बल्कि अपने नागरिकों को मुफ्त में उपलब्ध कराई और 100 से अधिक देशों को भी सहायता दी।

नई तकनीकों में अवसर

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की सलाह दी और कहा कि ये तकनीकें भविष्य को आकार देंगी।

नशे के खिलाफ सख्त चेतावनी

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नशे के खतरे पर चिंता जताई और उनसे इसे पूरी तरह त्यागने तथा समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।

सफलता का असली मंत्र

उन्होंने कहा कि सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और धैर्य से तय होती है। कठिनाइयों का सामना करने वाले ही अंततः सफल होते हैं।

निष्कर्ष

अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति ने छात्रों से देश के विकास में सक्रिय योगदान देने और मजबूत, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

72 घंटे के भीतर रायगढ़ जिला प्रशासन की अफीम की खेती पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

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तमनार के बाद लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव में अफीम खेती का भंडाफोड़, आरोपी हिरासत में

जिला प्रशासन की कार्रवाई से संलिप्त लोगों में हड़कंप 

ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्रवाई जारी

कलेक्टर-एसएसपी ने ली प्रेस वार्ता, गैर कानूनी अफीम की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाई की दी जानकारी

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत बीते 72 घंटे में तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक अवैध मादक पदार्थ अफीम के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे इस कार्य में जुडे़ संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।

इस संबंध में आज प्रशासन द्वारा पुलिस कंट्रोल रुम मे प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया है। इस अभियान के तहत खरसिया (14 ग्राम), घरघोड़ा (10 ग्राम), तमनार (12 ग्राम), लैलूंगा (4 ग्राम), मुकडेगा (3 ग्राम), रायगढ़ (11 ग्राम), पुसौर (13 ग्राम) एवं धरमजयगढ़ (7 ग्राम) में सफलतापूर्वक सर्वे किया गया है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। 

कलेक्टर ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ सप्ताह से जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन विश्लेषण और सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान अफीम की खेती के दो मामले सामने आए थे। वहीं, आज दोपहर तीसरा मामला भी प्रकाश में आया है। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती कानूनन गंभीर अपराध है। इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी ड्रोन सर्वे, सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई इसी तरह लगातार जारी रहेगी। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया कि बीते 19 मार्च को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तमनार क्षेत्र के आमाघाट में छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि यहां सब्जी की खेती की आड़ में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान लगभग 60,326 पौधे बरामद किए गए, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये आंका गया है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लेकर विवेचना की जा रही है। मौके पर पूरी फसल को उखाड़कर जब्त किया गया तथा रोटावेटर और जेसीबी मशीन की सहायता से खेत को पूरी तरह नष्ट कर समतल किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस, प्रशासन, कृषि, आबकारी एवं एफएसएल की टीम संयुक्त रूप से उपस्थित रही। 

इसी क्रम में 23 मार्च को फिजिकल एवं ड्रोन सर्वे के दौरान लैलूंगा तहसील के ग्राम नवीन घटगांव में भी अवैध खेती का मामला सामने आया। यहां भूमिस्वामी सादराम नाग द्वारा अपने खेत में साग-भाजी के बीच छोटे क्षेत्र में अफीम की खेती की जा रही थी। पौधों में सफेद फूल आना प्रारंभ हो गया था तथा कुछ डंठल सूख चुके थे। पुलिस ने तत्काल फसल को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल बरामद की गई। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते विफल करते हुए सामग्री जब्त की गई। लैलूंगा क्षेत्र के मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में लगभग 5 डिसमिल क्षेत्र में संदिग्ध फसल की खेती किए जाने की बात सामने आई है। उसके घर से पेड़, पत्तियां एवं तने के सूखे अवशेष प्रशासनिक टीम द्वारा बरामद कर जांच के लिए भेजा गया हैं। पुलिस टीम नारकोटिक्स के अधिकारियों के संपर्क में है, रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है, पूछताछ करने के बाद उनकी भूमिका पूरी तरीके से स्पष्ट हो जाएगी। जिसके बाद नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश में CBN की बड़ी कार्रवाई: मेथामफेटामिन फैक्ट्री का भंडाफोड़, 51.992 किलो MD जब्त

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मध्य प्रदेश में अब तक किसी एजेंसी द्वारा की गई सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक में, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के अधिकारियों ने तीन दिनों तक चले अभियान के दौरान इंदौर जिले के महू तहसील के थावलाय गांव में स्थित एक अवैध ड्रग फैक्ट्री का पता लगाया।

इस दौरान 43.820 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मेथामफेटामिन (MD), 260 किलोग्राम से अधिक रसायन और अत्याधुनिक उपकरण जब्त किए गए। पूरे ऑपरेशन में कुल 51.992 किलोग्राम MD बरामद हुई। सभी जब्त पदार्थ और रसायन NDPS अधिनियम, 1985 के तहत जब्त किए गए।

बस में पकड़े गए आरोपी, 8.172 किलो MD बरामद

13 फरवरी 2026 की रात, CBN नीमच शाखा को मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, मंदसौर में एक बस में यात्रा कर रहे दो यात्रियों से 8.172 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामिन बरामद की गई।

CBN की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस को रोका और NDPS अधिनियम के तहत तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक यात्री के पास संदिग्ध बॉक्स मिला, जिसमें उसने MD होने की बात स्वीकार की। दूसरे साथी से भी बॉक्स बरामद हुआ। दोनों आरोपियों ने ड्रग्स रखने की बात स्वीकार की और बताया कि वे इसे सीधे एक गुप्त लैब से ला रहे थे।

गुप्त लैब का पता लगाया गया

जानकारी मिलने के बाद CBN ने नीमच, मंदसौर, जावरा और उज्जैन की संयुक्त विशेष टीम बनाई और संदिग्ध लैब की तलाश शुरू की। जांच के बाद महू के पास लैब का पता चला।

14 फरवरी 2026 की सुबह संदिग्ध परिसर की पहचान की गई, लेकिन तेज रासायनिक गैस और बदबू के कारण तुरंत प्रवेश नहीं किया जा सका। स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए PPE (सुरक्षा उपकरण) के साथ विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया।

आधुनिक मशीनरी और तकनीकी टीम की मदद

लैब में आधुनिक मशीनरी और प्लांट लगे थे। इन्हें हटाने के लिए Government Opium and Alkaloid Works (GOAW), नीमच के इंजीनियर और रसायन विशेषज्ञों की मदद ली गई। मशीनरी को हटाकर जब्त किया गया और पूरी कार्रवाई 15 फरवरी 2026 की सुबह पूरी हुई।

आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

मंदसौर में पकड़े गए दोनों आरोपियों पर NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिस घर में लैब चल रही थी, उसके मालिक को भी हिरासत में लिया गया है।
आगे की जांच में ड्रग्स के निर्माण और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

CBN का संदेश

CBN ने कहा कि यह कार्रवाई उनकी प्रतिबद्धता, समन्वय और तेजी से की गई खुफिया कार्रवाई का उदाहरण है। एजेंसी ने नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई जारी रखने और भारत को ड्रग-फ्री बनाने का संकल्प दोहराया।


उपराष्ट्रपति ने आगरा में तृतीय संसद खेल महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की

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भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा में आयोजित तृतीय संसद खेल महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस आयोजन में युवा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जो जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति के बढ़ते विस्तार को दर्शाती है।

सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने संसद खेल महोत्सव का हिस्सा बनकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने खेलों से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बताया कि वे स्कूल और कॉलेज के दिनों में सक्रिय खिलाड़ी रहे हैं। वे टेबल टेनिस में कॉलेज चैंपियन रहे, लंबी दूरी की दौड़ में भाग लिया तथा क्रिकेट और वॉलीबॉल जैसे खेलों का भी आनंद लिया। उन्होंने कहा कि खेलों से प्राप्त शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता ने उन्हें कठिन पदयात्राओं और लगभग 19,000 किलोमीटर की रथयात्रा जैसे अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा करने में मदद की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा में मन और शरीर के संतुलन पर हमेशा जोर दिया गया है। उन्होंने खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न मानते हुए, उन्हें चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताया, जो अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और नियमों के सम्मान जैसे गुणों को विकसित करता है—जो व्यक्तिगत विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि संसद खेल महोत्सव जैसे आयोजन जमीनी स्तर पर इन मूल्यों के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आयोजकों की सराहना करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि महानगरों से बाहर खेलों को बढ़ावा देना अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने पिछले ग्यारह वर्षों में भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में आए संरचनात्मक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और स्वदेशी खेलों को प्रोत्साहन जैसी पहलें राष्ट्रीय विकास के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत की खेल उपलब्धियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने महिलाओं की खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयासों का भी उल्लेख किया, जिनमें ASMITA महिला लीग जैसी पहलें शामिल हैं।

युवाओं में नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि खेल, नशा मुक्त भारत के निर्माण के सबसे प्रभावी साधनों में से एक हैं। उन्होंने युवाओं से “नशे को ना और खेल को हां” कहने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ और सक्रिय युवा ही सशक्त राष्ट्र की नींव हैं।

माता-पिता और शिक्षकों से अपील करते हुए उन्होंने बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित करने को चरित्र निर्माण और मानसिक स्वास्थ्य में निवेश बताया तथा ऐसी संतुलित शिक्षा प्रणाली की वकालत की जिसमें शिक्षा और खेल—दोनों को समान महत्व दिया जाए।

उल्लेखनीय है कि संसद खेल महोत्सव का आयोजन आगरा में 21 से 25 दिसंबर तक किया जा रहा है, जिसमें पांच दिनों के दौरान 33 से अधिक टीम और व्यक्तिगत खेल प्रतियोगिताओं में हजारों नागरिक भाग ले रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री एवं आगरा से सांसद प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: वर्धा में 192 करोड़ रुपये की मेफ़ेड्रोन फैक्ट्री का भंडाफोड

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राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने “ऑपरेशन हिन्टरलैंड ब्रू” नामक एक विशेष कार्रवाई के दौरान महाराष्ट्र के वर्धा में एक गुप्त मेफ़ेड्रोन निर्माण इकाई का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में 128 किलोग्राम मेफ़ेड्रोन जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 192 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही 245 किलोग्राम प्रीकर्सर केमिकल, कच्चा माल और पूरा प्रोसेसिंग सेटअप भी बरामद किया गया।

विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर, DRI अधिकारियों ने वर्धा से लगभग 60 किमी दूर करंजा (घाड़गे) क्षेत्र में झाड़ियों से ढके एक दूरस्थ स्थान पर गुप्त निगरानी की और फिर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने एक पूरी तरह सक्रिय सिंथेटिक ड्रग निर्माण सेटअप पकड़ा, जिसमें अस्थायी रिएक्टर, बर्तन और मेफ़ेड्रोन बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले अन्य उपकरण शामिल थे। बरामद सामग्री में तैयार ड्रग के साथ-साथ उसके निर्माण में प्रयोग होने वाले प्रीकर्सर केमिकल भी शामिल थे।

अवैध फैक्ट्री को स्थानीय लोगों द्वारा ग्रामीण वातावरण में छिपाने और किसी भी प्रकार की निगरानी से बचने के उद्देश्य से अस्थायी और मॉड्यूलर स्ट्रक्चर के रूप में गहराई से झाड़ियों के अंदर स्थापित किया गया था।

अभियान के दौरान तीन आरोपियों, जिनमें मुख्य मास्टरमाइंड — जो फाइनेंसर और केमिस्ट के रूप में भी कार्य कर रहा था — और उसके दो सहयोगी शामिल थे, को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी मेफ़ेड्रोन के निर्माण और वितरण नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल पाए गए। उन्हें NDPS अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

इस कार्रवाई के साथ, DRI ने सिर्फ इस वर्ष अब तक पाँच गुप्त ड्रग निर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया है। ये लगातार की जा रही खुफिया-आधारित कार्रवाइयाँ, DRI की निरंतर सतर्कता, परिचालन कौशल और सरकार के ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसके तहत नागरिकों को नशीली और मन:प्रभावी पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाना प्राथमिक लक्ष्य है।

ऑपरेशन “क्रिस्टल फोर्ट्रेस”: NCB और दिल्ली पुलिस ने 328 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन जब्त कर ट्रांस-नेशनल ड्रग कार्टेल ध्वस्त किया

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केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारी मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन “क्रिस्टल फोर्ट्रेस” के तहत मेगा ट्रांस-नेशनल मेथाम्फेटामाइन कार्टेल को भंग करने वाली नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को बधाई दी है।

केन्द्रीय गृह मंत्री और सहकारी मंत्री अमित शाह ने X प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा, “हमारी सरकार अभूतपूर्व गति से ड्रग कार्टेल्स को नष्ट कर रही है। ड्रग्स की जांच में शीर्ष से नीचे और नीचे से शीर्ष तक की रणनीति अपनाते हुए, नई दिल्ली में 328 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन, जिसकी कीमत ₹262 करोड़ है, जब्त की गई और दो गिरफ्तार किए गए। यह ऑपरेशन NCB और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम के बीच बेहतरीन समन्वय का उदाहरण है, जो पीएम मोदी जी के ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ विज़न को साकार करता है। बधाई हो!”

महत्वपूर्ण सफलता में, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (OPS शाखा) ने विशेष सेल (CI) दिल्ली पुलिस के सहयोग से 20 नवंबर, 2025 को दिल्ली के छतरपुर में एक घर से लगभग 328 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मेथाम्फेटामाइन जब्त की। यह ऑपरेशन क्रिस्टल फोर्ट्रेस — उच्च मात्रा में सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क को निशाना बनाने वाला एक समन्वित, इंटेलिजेंस-आधारित अभियान — का हिस्सा था।

पिछले कुछ महीनों में निरंतर प्रयास और तकनीकी इंटरसेप्ट्स के आधार पर यह कार्रवाई संभव हुई, जिसने एक सुव्यवस्थित तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

दो लोग, जिनमें नागालैंड की एक महिला भी शामिल है, गिरफ्तार किए गए, जिनके घर से यह बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त की गई। अन्य आपराधिक सदस्य भी पहचाने गए हैं, जिनमें विदेश से संचालित किंगपिन शामिल है, जो पिछले साल दिल्ली में NCB द्वारा 82.5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन की जब्ती से संबंधित मामले में भी वांछित था। अंतरराष्ट्रीय प्रवर्तन सहयोगियों के साथ मिलकर उसके भारत प्रत्यर्पण के प्रयास जारी हैं।

यह दिल्ली में मेथाम्फेटामाइन की अब तक की सबसे बड़ी जब्तियों में से एक है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कार्टेल कई कूरियर, सुरक्षित ठिकानों और स्तरित हैंडलर्स के माध्यम से काम कर रहा था, और दिल्ली भारत और विदेश दोनों में वितरण के लिए मुख्य हब के रूप में इस्तेमाल हो रहा था।

ऑपरेशन “क्रिस्टल फोर्ट्रेस” NCB की सिंथेटिक ड्रग कार्टेल और उनके ट्रांस-नेशनल नेटवर्क को समाप्त करने की अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ड्रग तस्करी से लड़ने के लिए NCB नागरिकों के सहयोग की अपील करता है। कोई भी व्यक्ति मादक पदार्थों की बिक्री से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर 1933 पर संपर्क कर सकता है।

नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ: छत्तीसगढ़ में 19,958 स्थलों पर 6.70 लाख लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ

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रायपुर- नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी और जागरूकता के अद्भुत संगम के रूप में मनाई गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों के समन्वय से पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम रायपुर स्थित होटल मैरियट में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव तथा संचालक  रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत की शपथ ली और समाज से नशे के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। 543 स्थलों पर 24,749 प्रतिभागियों, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 505 कार्यक्रमों में 69,356 प्रतिभागियों ने शपथ ली। इसी क्रम में राज्य के 7,452 विद्यालयों में 3,98,675 छात्रों और शिक्षकों ने नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए आयोजित 9,355 कार्यक्रमों में 1,20,410 प्रतिभागियों ने नशा छोड़ने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। साथ ही अन्य 2,103 आयोजनों में 57,570 लोगों ने शपथ लेकर अभियान को और मजबूत किया। इस प्रकार कुल 19,958 स्थलों पर 6,70,760 नागरिकों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण का प्रण लिया।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 18 नवंबर को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देशभर की तरह छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर देखा गया। राज्य के सभी जिलों, विभागों, शासकीय कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सामूहिक रूप से प्रसारण का अवलोकन किया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़े।

नशामुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य मादक द्रव्यों, तंबाकू और शराब की लत जैसी सामाजिक बुराइयों से लोगों को बचाना तथा युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखना है। अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रमों, शिक्षा संस्थानों की गतिविधियों, समुदाय की सहभागिता, काउंसिलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिले।

समाज कल्याण विभाग ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शहरी प्रशासन, युवा सेवाएँ सहित अनेक विभागों को अभियान से जोड़कर बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से नशामुक्ति की दिशा में एक व्यापक और प्रभावशाली जन-अभियान आगे बढ़ाया है।

इतनी बड़ी जनसहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश दिया है कि राज्य नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में जनजागरूकता, काउंसिलिंग और समुदाय आधारित गतिविधियाँ निरंतर जारी रहेंगी, जिससे छत्तीसगढ़ नशामुक्त और प्रगतिशील प्रदेश की दिशा में निरंतर आगे बढ़े।


नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के पाँच वर्ष : जागरूकता, पुनर्वास और जनसहभागिता की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

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सब्स्टेंस यूज़ डिसऑर्डर (नशे की लत) देश की सामाजिक संरचना को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा है। किसी भी प्रकार के नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करती है। नियमित रूप से नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से निर्भर बना देता है, जिससे न्यूरो-मानसिक विकार, हृदय रोग, दुर्घटनाएँ, हिंसा और आत्महत्या जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए नशा और उससे होने वाली निर्भरता को मनो–सामाजिक–चिकित्सीय समस्या के रूप में समझने की आवश्यकता है।

नशा मुक्त भारत अभियान की भूमिका

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देश में ड्रग डिमांड रिडक्शन (नशे की मांग कम करने) का नोडल मंत्रालय है। यह मंत्रालय नशा मुक्ति, पुनर्वास, जागरूकता, समस्या के आकलन और सूचना प्रसार से जुड़े सभी कार्यों का समन्वय करता है।

मंत्रालय का महत्त्वाकांक्षी नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) देश के सभी जिलों में संचालित है और युवाओं, विशेषकर कॉलेज–विश्वविद्यालयों, स्कूलों और समुदायों तक नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुँचाने का लक्ष्य रखता है।

NMBA की प्रमुख उपलब्धियाँ

1. व्यापक जनजागरूकता

  • 23.06+ करोड़ लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया
    – इनमें 7.73+ करोड़ युवा और 5.18+ करोड़ महिलाएँ शामिल।

2. शिक्षा संस्थानों की भागीदारी

  • 16.92+ लाख शिक्षा संस्थानों ने अभियान में हिस्सा लिया, जिससे संदेश बच्चों और युवाओं तक बड़े स्तर पर पहुँचा।

3. पुनर्वास और समुदाय सहभागिता

  • 5.70+ लाख नशा मुक्त व्यक्ति अभियान से जुड़कर विभिन्न गतिविधियों में योगदान दे रहे हैं।

  • 20,000+ मास्टर वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित किया गया है।

4. डि-एडिक्शन केंद्रों में वृद्धि

  • नशा मुक्ति केंद्र 490 (2020-21) से बढ़कर 780+ (2025-26) हो गए।

  • इनमें से 154 सुविधा केंद्र सरकारी अस्पतालों में स्थित हैं।

5. UNDP का प्रभाव आकलन

  • 64% लोग अभियान के बारे में जागरूक।

  • 76% ने NMBA की आवश्यकता महसूस की।

  • 23% कार्यक्रमों में शामिल हुए।

  • 50% को NMBA से डि-एडिक्शन केंद्रों की जानकारी मिली।

6. NMBA टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म

  • NMBA मोबाइल ऐप और NMBA पोर्टल (www.nmba.dojse.gov.in)

  • पूरे देश के जियो-टैग्ड डि-एडिक्शन सेंटर की सूची उपलब्ध।

7. राष्ट्रीय ड्रग-फ्री प्रतिज्ञा

  • 1.67+ करोड़ छात्रों ने नशामुक्त रहने की ऑनलाइन प्रतिज्ञा ली।

8. सामाजिक–आध्यात्मिक संगठनों के साथ साझेदारी

  • आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्माकुमारी, ISKCON सहित 6 संगठनों के साथ MoU।

  • 3.37+ करोड़ लोगों तक जागरूकता पहुँची।

9. हेल्पलाइन सेवा 14446

  • 4.30+ लाख कॉल प्राप्त—प्राथमिक परामर्श और रेफरल सेवा उपलब्ध।

10. खिलाड़ियों और युवाओं की सहभागिता

  • रवि दहिया, सुरेश रैना, अजींक्य रहाणे आदि खिलाड़ियों के संदेश।

  • NCC के 40,000+ कैडेट्स जुड़े।

11. सीमा क्षेत्रों में NMBA

  • सीमा सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण और सीमा क्षेत्रों में डि-एडिक्शन केंद्र स्थापित।

NMBA के पाँच वर्ष पूरे — 2025 का विशेष आयोजन

  • 13 अगस्त 2025, दिल्ली में विशेष कार्यक्रम, जिसमें हजारों छात्रों की भागीदारी।

  • प्रतियोगिताएँ और जागरूकता अभियान पूरे देश में आयोजित।

  • 1,12,202+ युवा क्विज प्रतियोगिता में शामिल।

  • 97,336 कार्यक्रम, कुल 2.42 करोड़ लोगों तक पहुँच।

  • 16 लाख ई-प्रतिज्ञाएँ और 1+ करोड़ ऑफलाइन प्रतिज्ञाएँ दर्ज।

18 नवंबर 2025 — अमृतसर में भव्य समापन समारोह

  • गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजन।

  • पंजाब के राज्यपाल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री की अगुवाई।

  • लगभग 7,000 प्रतिभागियों की उपस्थिति अपेक्षित।

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियाँ, प्रतियोगिताएँ और सामूहिक प्रतिज्ञा शामिल।

संदेश

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का उद्देश्य है कि युवाओं सहित प्रत्येक नागरिक नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ, मूल्य-आधारित और सकारात्मक जीवन अपनाए। NMBA के पाँच वर्षों की उपलब्धियाँ यह साबित करती हैं कि देश नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।


वेदांता हाफ मैराथन 2025 में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की दमदार भागीदारी — “ऑपरेशन नार्कोस” थीम से नशामुक्त समाज का संदेश

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रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने आज नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित वेदांता हाफ मैराथन 2025 में भाग लिया।

विभिन्न रैंकों के 26 कर्मियों, जिनमें 5 महिला अधिकारी भी शामिल थीं, के एक दल ने महानिदेशक  सोनाली मिश्रा, IPS के मार्गदर्शन में इस प्रतिष्ठित आयोजन में भाग लिया। आरपीएफ टीम का नेतृत्व  कमलजोत ब्रार, आईजी/कंस्ट्रक्शन/नॉर्दर्न रेलवे ने किया।

इस आयोजन में आरपीएफ की भागीदारी बल के कर्मियों में शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने की इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस वर्ष आरपीएफ दल की थीम थी — “ऑपरेशन नार्कोस: आरपीएफ बनाम ड्रग तस्करी” (Operation NARCOS: RPF Against Drug Trafficking)। यह थीम युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने, रेलवे नेटवर्क के माध्यम से ड्रग तस्करी पर रोक लगाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में आरपीएफ के निरंतर प्रयासों को उजागर करती है।

आरपीएफ अपने मिशन के प्रति समर्पित है — यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना, साथ ही एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार बल के रूप में राष्ट्रीय उद्देश्यों की दिशा में योगदान देना। 



देशभर में 2000 से अधिक स्थानों पर युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत संकल्प

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युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (MYAS) 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक ‘सेवा पखवाड़ा’ का आयोजन कर रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस से प्रारंभ होकर गांधी जयंती पर संपन्न होगा। जुलाई 2025 में वाराणसी में आयोजित युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन की सफलता के आधार पर, ‘नशामुक्त युवा विकसित भारत – युवा सम्मेलनों’ का आयोजन 21 सितम्बर 2025 को सेवा पखवाड़ा के हिस्से के रूप में किया गया।

चिन्मय मिशन – केरल

देशभर में 2000 से अधिक स्थानों पर युवा सम्मेलन और अन्य गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं, जहाँ हजारों युवा सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत संकल्प और स्वदेशी भारत संकल्प ले रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और MY Bharat केवल सहायक की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि कार्यक्रमों का आयोजन आध्यात्मिक संगठनों द्वारा उनकी अपनी संस्थाओं, नेटवर्क और स्वयंसेवकों के माध्यम से किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक सहयोग देश की आध्यात्मिक नेतृत्व और युवाओं के बीच एक सशक्त साझेदारी को दर्शाता है, जो एक स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को मजबूती देता है।

हार्टफुलनेस – जम्मू एवं कश्मीर

इस अभियान का नेतृत्व देश के प्रमुख 20 बड़े आध्यात्मिक संगठनों द्वारा 1700+ स्थानों पर और अन्य 42 संगठनों द्वारा 270+ स्थानों पर किया जा रहा है। इनमें प्रमुख संगठन हैं — ईशा फाउंडेशन, इस्कॉन, हार्टफुलनेस, चिन्मय मिशन, ब्रह्माकुमारीज़, माता अमृतानंदमयी मठ, पतंजलि, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद, चिश्ती फाउंडेशन, नमधारी सिख संगत, सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड और अनुब्रत।

आयोजित कार्यक्रमों में योग एवं ध्यान सत्र, सत्संग, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, तथा पैनल चर्चा शामिल हैं जिनमें चिकित्सक, परामर्शदाता, सैन्य दिग्गज और नशा मुक्त जीवन जी रहे युवा सम्मिलित हुए। प्रत्येक गतिविधि ने नशामुक्त जीवन, अनुशासन अपनाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

आर्ट ऑफ लिविंग – रांची

अभियान को और प्रेरणादायक बनाने हेतु सद्गुरु, दाजी जैसे आध्यात्मिक नेताओं के संदेशों ने युवाओं को विशेष रूप से ऊर्जा प्रदान की और व्यापक स्तर पर लोगों से जुड़ाव सुनिश्चित किया। इस अभियान को सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त समर्थन मिला है। सभी भागीदार संगठनों ने इस पहल को व्यापक रूप से प्रचारित किया, जिससे देशभर में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर अवॉर्ड विजेताओं ने भी अपने प्लेटफ़ॉर्म पर वीडियो और पोस्ट्स के माध्यम से इस पहल का समर्थन किया।

एकीकृत पहुंच के लिए सामान्य हैशटैग्स #NashaMuktYuva और #MYBharat का उपयोग किया गया।

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