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धमतरी में दिव्यांग बालिकाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

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नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति का संदेश

​रायपुर- राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत धमतरी स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ बालिका विद्यालय में समाज कल्याण विभाग द्वारा एक दिवसीय विभागीय प्रचार-प्रसार एवं सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बालिकाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्त वातावरण का निर्माण करना था।

योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शासन की मंशा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है। बालिकाओं को उपलब्ध अवसरों और अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि सही जानकारी ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।

नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति रही। कलाकारों ने अपने संवादों और जीवंत अभिनय के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक तथा सामाजिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। नाटक के जरिए संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा सामूहिक दायित्व है।

उपस्थित ​प्रमुख जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अंत में  लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प दिलाया।

देशभर में 4 से 10 मई तक ‘फायर सेफ्टी वीक’ का आयोजन, स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा पर जोर

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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 4 मई से 10 मई 2026 तक देशभर में ‘फायर सेफ्टी वीक’ की शुरुआत की है। इस अभियान में सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और संबंधित केंद्रीय मंत्रालय शामिल हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने “Fire Safety in Health Facilities” थीम के तहत शपथ दिलाई और कहा कि अस्पतालों व स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित फायर ऑडिट, प्रशिक्षण और आपातकालीन तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य कृष्ण एस. वात्सा ने कहा कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी के लिए एक व्यवस्थित और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। वहीं अग्निशमन सेवाओं के महानिदेशक सुनील कुमार झा ने सुरक्षा मानकों के पालन, नियमित जांच और प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने “National Guidelines on Fire and Life Safety in Healthcare Facilities (2026)” भी जारी कीं। इन दिशानिर्देशों में जोखिम प्रबंधन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रशिक्षण और जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।

फायर सेफ्टी वीक के दौरान देशभर में मॉक ड्रिल, फायर ऑडिट, जागरूकता अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्रालय ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों से इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित और सतर्क स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने का आह्वान किया है।

नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के पाँच वर्ष : जागरूकता, पुनर्वास और जनसहभागिता की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

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सब्स्टेंस यूज़ डिसऑर्डर (नशे की लत) देश की सामाजिक संरचना को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा है। किसी भी प्रकार के नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करती है। नियमित रूप से नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से निर्भर बना देता है, जिससे न्यूरो-मानसिक विकार, हृदय रोग, दुर्घटनाएँ, हिंसा और आत्महत्या जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए नशा और उससे होने वाली निर्भरता को मनो–सामाजिक–चिकित्सीय समस्या के रूप में समझने की आवश्यकता है।

नशा मुक्त भारत अभियान की भूमिका

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देश में ड्रग डिमांड रिडक्शन (नशे की मांग कम करने) का नोडल मंत्रालय है। यह मंत्रालय नशा मुक्ति, पुनर्वास, जागरूकता, समस्या के आकलन और सूचना प्रसार से जुड़े सभी कार्यों का समन्वय करता है।

मंत्रालय का महत्त्वाकांक्षी नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) देश के सभी जिलों में संचालित है और युवाओं, विशेषकर कॉलेज–विश्वविद्यालयों, स्कूलों और समुदायों तक नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुँचाने का लक्ष्य रखता है।

NMBA की प्रमुख उपलब्धियाँ

1. व्यापक जनजागरूकता

  • 23.06+ करोड़ लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया
    – इनमें 7.73+ करोड़ युवा और 5.18+ करोड़ महिलाएँ शामिल।

2. शिक्षा संस्थानों की भागीदारी

  • 16.92+ लाख शिक्षा संस्थानों ने अभियान में हिस्सा लिया, जिससे संदेश बच्चों और युवाओं तक बड़े स्तर पर पहुँचा।

3. पुनर्वास और समुदाय सहभागिता

  • 5.70+ लाख नशा मुक्त व्यक्ति अभियान से जुड़कर विभिन्न गतिविधियों में योगदान दे रहे हैं।

  • 20,000+ मास्टर वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित किया गया है।

4. डि-एडिक्शन केंद्रों में वृद्धि

  • नशा मुक्ति केंद्र 490 (2020-21) से बढ़कर 780+ (2025-26) हो गए।

  • इनमें से 154 सुविधा केंद्र सरकारी अस्पतालों में स्थित हैं।

5. UNDP का प्रभाव आकलन

  • 64% लोग अभियान के बारे में जागरूक।

  • 76% ने NMBA की आवश्यकता महसूस की।

  • 23% कार्यक्रमों में शामिल हुए।

  • 50% को NMBA से डि-एडिक्शन केंद्रों की जानकारी मिली।

6. NMBA टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म

  • NMBA मोबाइल ऐप और NMBA पोर्टल (www.nmba.dojse.gov.in)

  • पूरे देश के जियो-टैग्ड डि-एडिक्शन सेंटर की सूची उपलब्ध।

7. राष्ट्रीय ड्रग-फ्री प्रतिज्ञा

  • 1.67+ करोड़ छात्रों ने नशामुक्त रहने की ऑनलाइन प्रतिज्ञा ली।

8. सामाजिक–आध्यात्मिक संगठनों के साथ साझेदारी

  • आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्माकुमारी, ISKCON सहित 6 संगठनों के साथ MoU।

  • 3.37+ करोड़ लोगों तक जागरूकता पहुँची।

9. हेल्पलाइन सेवा 14446

  • 4.30+ लाख कॉल प्राप्त—प्राथमिक परामर्श और रेफरल सेवा उपलब्ध।

10. खिलाड़ियों और युवाओं की सहभागिता

  • रवि दहिया, सुरेश रैना, अजींक्य रहाणे आदि खिलाड़ियों के संदेश।

  • NCC के 40,000+ कैडेट्स जुड़े।

11. सीमा क्षेत्रों में NMBA

  • सीमा सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण और सीमा क्षेत्रों में डि-एडिक्शन केंद्र स्थापित।

NMBA के पाँच वर्ष पूरे — 2025 का विशेष आयोजन

  • 13 अगस्त 2025, दिल्ली में विशेष कार्यक्रम, जिसमें हजारों छात्रों की भागीदारी।

  • प्रतियोगिताएँ और जागरूकता अभियान पूरे देश में आयोजित।

  • 1,12,202+ युवा क्विज प्रतियोगिता में शामिल।

  • 97,336 कार्यक्रम, कुल 2.42 करोड़ लोगों तक पहुँच।

  • 16 लाख ई-प्रतिज्ञाएँ और 1+ करोड़ ऑफलाइन प्रतिज्ञाएँ दर्ज।

18 नवंबर 2025 — अमृतसर में भव्य समापन समारोह

  • गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजन।

  • पंजाब के राज्यपाल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री की अगुवाई।

  • लगभग 7,000 प्रतिभागियों की उपस्थिति अपेक्षित।

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियाँ, प्रतियोगिताएँ और सामूहिक प्रतिज्ञा शामिल।

संदेश

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का उद्देश्य है कि युवाओं सहित प्रत्येक नागरिक नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ, मूल्य-आधारित और सकारात्मक जीवन अपनाए। NMBA के पाँच वर्षों की उपलब्धियाँ यह साबित करती हैं कि देश नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।


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