Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

सीसीआरएएस का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: मोटापा व मेटाबॉलिक सिंड्रोम पर आयुर्वेद और एकीकृत चिकित्सा के नए आयाम

Document Thumbnail

आयुष मंत्रालय के अंतर्गत सेंटरल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज़ (CCRAS) तथा सेंट्रल आयुर्वेद रिसर्च इंस्टीट्यूट (CARI), बेंगलुरु की ओर से 1–2 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु के आईआईएससी (IISc) स्थित A.V. रामाराव ऑडिटोरियम में “आयुर्वेद एवं मोटापा व मेटाबॉलिक सिंड्रोम के एकीकृत दृष्टिकोण” पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन सीसीआरएएस के 57वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।

यह सम्मेलन IISc और NIMHANS के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के प्रमाण-आधारित एकीकृत दृष्टिकोणों से खोजना है। यह आयुष मंत्रालय की शोध-आधारित एकीकृत स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ बनाने की सोच को प्रतिबिंबित करता है।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा:

“भारत एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत कर रहा है, और इस परिवर्तन में आयुर्वेद केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। मोटापा और मेटाबॉलिक विकार आज की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से हैं। यह सम्मेलन आयुर्वेद के ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को जोड़कर प्रमाण-आधारित चिकित्सा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

आयुष मंत्रालय के सचिव ने कहा:

“मेटाबॉलिक रोगों के बढ़ते बोझ के लिए विज्ञान-आधारित सहयोगात्मक समाधान आवश्यक हैं। आयुर्वेद की समग्र, निवारक और व्यक्तिगत उपचार पद्धति आधुनिक बायोमेडिकल प्रगति के साथ मिलकर और प्रभावी बन जाती है। यह सम्मेलन भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और क्लिनिकल शोध को दिशा देगा।”

सीसीआरएएस के महानिदेशक डॉ. रबीनारायण आचार्य ने बताया:

“मेटाबॉलिक रोगों की बढ़ती चुनौती के बीच आयुर्वेद शक्तिशाली और व्यावहारिक समाधान प्रदान करता है। यह सम्मेलन पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान और अत्याधुनिक बायोमेडिकल अनुसंधान को एक सेतु पर लाने का प्रयास है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य नीति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

सम्मेलन की आयोजक सचिव डॉ. सुचोलचन भट्ट ने कहा:

“सम्मेलन का उद्देश्य आयुर्वेद और आधुनिक जैव-चिकित्सा विज्ञान के शीर्ष विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर मोटापा और मेटाबॉलिक विकारों की चुनौती का साक्ष्य-आधारित समाधान प्रस्तुत करना है। इस अवसर पर JDRAS के मोटापा एवं मेटाबॉलिक विकारों पर विशेषांक तथा 10 अन्य पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।”

सम्मेलन की प्रमुख गतिविधियाँ

  • प्लेनरी सत्र, समानांतर वैज्ञानिक सत्र और ट्रांसलेशनल साइंस एवं टाइप-2 डायबिटीज़, मोटापा और डिसलिपिडेमिया के एकीकृत प्रबंधन पर संगोष्ठी।

  • 2 दिसंबर को IISc के TCS Smart-X Hub में नैनोटेक्नोलॉजी एवं मॉलिक्युलर बायोलॉजी पर विशेष कार्यशाला।

  • सामत्वम्, पाथशोध और CARI द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर (दोनों दिन)।

  • 25–27 नवंबर 2025 को प्री-कॉन्फ्रेंस वर्चुअल वैज्ञानिक सत्र सम्पन्न।

प्रतिभागिता

इस सम्मेलन में 700 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें:

  • 267 मौखिक प्रस्तुतियाँ

  • 120 वर्चुअल पेपर

  • 70 पोस्टर

  • 16 की-नोट व प्लेनरी व्याख्यान

समग्र उद्देश्य

यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एकीकृत शोध को बढ़ावा देने, वैश्विक सहयोग मजबूत करने, तथा आयुष आधारित नवाचार को सशक्त करने की दिशा में सीसीआरएएस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह भारत की समग्र, सुलभ और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा की दृष्टि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.