Media24Media.com: नई दिल्ली में ग्लोबल साउथ के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों के लिए ITEC कार्यकारी क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू

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नई दिल्ली में ग्लोबल साउथ के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों के लिए ITEC कार्यकारी क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू

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नई दिल्ली में आज छह दिवसीय इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (ITEC) कार्यकारी क्षमता निर्माण कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), भारत और विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें 12 देशों के 43 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें मॉरीशस, जॉर्डन, जॉर्जिया, फिलिपींस, कतर, फिजी, उज़्बेकिस्तान, बोलीविया, नाइजीरिया, माली, मोरक्को और पराग्वे शामिल हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्लोबल साउथ के NHRIs की संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना है और यह NHRC भारत की मानवाधिकारों पर वैश्विक संवाद, साउथ-साउथ सहयोग और अधिकार आधारित शासन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उद्घाटन सत्र:

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए NHRC, भारत के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया प्रदर्शनों, असंतोष, असमानता, अनिश्चितता और राजनीतिक अशांति से प्रभावित है।

उन्होंने कार्नेगी ग्लोबल प्रोटेस्ट ट्रैकर रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले वर्ष में विभिन्न देशों में 100 से अधिक प्रदर्शन हुए, जिनके कारणों में गुस्सा, भ्रष्टाचार की धारणा, सत्ता का दुरुपयोग और मीडिया का दमन शामिल हैं। 2022 से 2025 के बीच इन प्रदर्शनों ने भारत के पड़ोसी तीन देशों में सरकारों को भी गिरा दिया। न्यायमूर्ति रामासुब्रमणियन ने बताया कि जहां मानवाधिकार संस्थान मजबूत हैं, वहां प्रदर्शन हिंसक रूप नहीं लेते। ये संस्थान जनता के असंतोष के लिए सुरक्षा वाल्व का काम करते हैं।

उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता, विभिन्न धर्मों, जातियों, भाषाओं और कला रूपों के बीच समरसता और वैश्विक साउथ देशों के मानवाधिकार अनुभवों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ITEC कार्यक्रम के माध्यम से NHRC, भारत एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ देश आपस में सीख सकते हैं और ज्ञान साझा कर सकते हैं, यह वैदिक संस्कृति के 'वसुधैव कुटुम्बकम' के सिद्धांत के अनुरूप है।

प्रारंभिक विचार:

NHRC, भारत के महासचिव भरत लाल ने कहा कि मानवाधिकार हमेशा विकसित होते रहते हैं और स्थिर नहीं हैं। उन्होंने भारत की ज्ञान और अनुभव साझा करने की परंपरा पर बल दिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्लोबल साउथ देशों के बीच साझा चुनौतियों पर आपसी सीख और सहयोग को बढ़ावा देना है। इन चुनौतियों में ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकें जैसे AI शामिल हो सकती हैं।

कार्यक्रम की रूपरेखा:

NHRC, भारत के संयुक्त सचिव समीर कुमार ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा और इंटरैक्टिव सत्रों के बारे में बताया। प्रतिभागियों ने NHRC, भारत द्वारा वैश्विक मानवाधिकार मुद्दों पर बहुपक्षीय संवाद का अवसर प्रदान करने की सराहना की। संयुक्त सचिव सैडिंगपुई छकछुआक ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो प्रतिभागियों को मानवाधिकारों के विभिन्न आयामों और सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोणों की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।


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