Media24Media.com: सी.पी. राधाकृष्णन ने आज भारत के पंद्रहवें उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति के रूप में शपथ ग्रहण की।

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

सी.पी. राधाकृष्णन ने आज भारत के पंद्रहवें उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति के रूप में शपथ ग्रहण की।

Document Thumbnail

भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राधाकृष्णन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राधाकृष्णन पूर्व में महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे हैं। शपथ ग्रहण के उपरांत, सी.पी. राधाकृष्णन ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सदैव अटल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को तथा किसान घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भी श्रद्धांजलि दी।

 सी.पी. राधाकृष्णन का संक्षिप्त परिचय

1. शैक्षिक एवं पेशेवर पृष्ठभूमि

4 मई 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। आरएसएस स्वयंसेवक के रूप में कार्य प्रारंभ कर वे 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने। सार्वजनिक जीवन में प्रवेश से पूर्व वे वस्त्र निर्यातक के रूप में सफल करियर बना चुके थे।

2. संसदीय एवं सार्वजनिक जीवन
1996 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का तमिलनाडु राज्य सचिव नियुक्त किया गया। 1998 में कोयंबटूर से पहली बार और 1999 में दूसरी बार लोकसभा सदस्य चुने गए। सांसद रहते हुए उन्होंने संसदीय स्थायी समिति (वस्त्र) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। साथ ही वे सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) पर समिति, वित्त पर परामर्श समिति तथा स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच हेतु गठित विशेष संसदीय समिति के सदस्य भी रहे।

2004 में उन्होंने संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। वे ताइवान जाने वाले पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी रहे।

2004 से 2007 तक वे भाजपा तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 19,000 किमी लंबी और 93 दिनों तक चलने वाली रथ यात्रा का नेतृत्व किया। इसका उद्देश्य था—सभी भारतीय नदियों का परस्पर संपर्क, आतंकवाद का उन्मूलन, समान नागरिक संहिता का क्रियान्वयन, अस्पृश्यता का निवारण तथा मादक द्रव्यों की समस्या से मुकाबला। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर दो पदयात्राओं का भी नेतृत्व किया।

2016 में उन्हें कोयर बोर्ड, कोच्चि का अध्यक्ष नियुक्त किया गया और चार वर्षों तक इस पद पर कार्य किया। उनके नेतृत्व में भारत का कोयर निर्यात बढ़कर ₹2,532 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँचा। 2020 से 2022 तक वे भाजपा के केरल मामलों के प्रभारी रहे।

18 फरवरी 2023 को उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। केवल चार माह में उन्होंने राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा किया, नागरिकों और अधिकारियों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल तथा पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।

महाराष्ट्र के राज्यपाल का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों का व्यापक दौरा किया और जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, उद्योग जगत और समाज के विभिन्न वर्गों से भेंट की।

3. व्यक्तिगत विवरण

  • नाम: श्री चंद्रपुरम पोनुसामी (सी.पी.) राधाकृष्णन

  • पिता का नाम: श्री पोनुसामी

  • माता का नाम: श्रीमती सी.पी. जानकी

  • जन्मतिथि: 4 मई 1957

  • जन्मस्थान: तिरुप्पुर, तमिलनाडु

  • वैवाहिक स्थिति: विवाहित (25 नवम्बर 1985)

  • पत्नी का नाम: श्रीमती सुमति आर.

  • संतान: एक पुत्र और एक पुत्री

उन्होंने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने में विशेष रुचि दिखाई। आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में भी उन्होंने कई पहल कीं, विशेषकर उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए। महाराष्ट्र की 29 राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ स्कूल कनेक्ट कार्यक्रम की प्रगति पर वे स्वयं निगरानी रखते थे, जिससे आदिवासी युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जा सके।

खेल और अन्य रुचियाँ
वे एक उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे हैं। कॉलेज स्तर पर टेबल टेनिस चैंपियन और लंबी दूरी के धावक रहे। उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलना भी पसंद था।

विदेश यात्राएँ
उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, नॉर्वे, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड, बेल्जियम, हॉलैंड, तुर्की, चीन, मलेशिया, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड, मिस्र, यूएई, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और जापान की यात्राएँ की हैं।


Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.