Media24Media.com: किसान आंदोलन: किसानों को सरकार से मिला MSP पर नया प्रस्ताव, 'दिल्ली चलो मार्च' किया होल्ड

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किसान आंदोलन: किसानों को सरकार से मिला MSP पर नया प्रस्ताव, 'दिल्ली चलो मार्च' किया होल्ड

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 Farmers Protest : एमएसपी समेत कई मांगों को लेकर आंदोलनरत किसान पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर डटे हुए हैं। सरकार के साथ चौथे दौर की बातचीत के बाद किसानों ने फिलहाल 'दिल्ली चलो मार्च' को होल्ड कर दिया है। इस बीच सरकार के साथ बातचीत में किसानों को एमएसपी पर नया प्रस्ताव मिला है।


सरकार की ओर से चार फसलों पर MSP की गारंटी पर कानून बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इन चार फसलों में मसूर दाल या मक्का, उड़द दाल, तूर दाल और कपास शामिल है। हालांकि किसानों की मांग है कि सरकार सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी दे। इससे पहले सरकार के साथ किसानों की तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी।

गोयल ने बैठक समाप्त होने के बाद कहा कि किसानों के साथ वार्ता सद्भावनापूर्ण माहौल में हुईं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने सहकारी समितियों एनसीसीएफ और नाफेड को एमएसपी पर दालें खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करने का प्रस्ताव दिया है.’’ गोयल ने कहा, ‘‘हमने प्रस्ताव दिया है कि भारतीय कपास निगम (सीसीआई) एमएसपी पर कपास की फसल खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करेगा.’’ किसान उपज के एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय किसान नेताओं के साथ बैठक के लिए सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान पहुंचे थे. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी बैठक में शामिल हुए. यह बैठक रात करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई थी.

केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच इससे पहले आठ, 12 और 15 फरवरी को मुलाकात हुई लेकिन बातचीत बेनतीजा रही थी. यह बैठक ऐसे वक्त हुई है, जब हजारों किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा की सीमा पर शंभू और खनौरी में डटे हुए हैं तथा किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं. एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के अलावा, किसान कृषकों के कल्याण के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन तथा कर्ज माफी, लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को बहाल करने और पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं.

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