Media24Media.com: Farmers Protest

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label Farmers Protest. Show all posts
Showing posts with label Farmers Protest. Show all posts

Farmers Protest : MSP पर मोदी की गारंटी के लिए अड़े किसान, आज दिल्ली कूच की तैयारी, बॉर्डरों पर सख्त इंतजाम

No comments Document Thumbnail

 Farmers Protest :   केंद्र सरकार के साथ चौथे दौर की बातचीत में नतीजा नहीं निकलने के बाद किसान नेताओं ने फिर से बुधवार को दिल्ली कूच का आह्वान किया है। इसके बाद से दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है। इसे लेकर सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक की है। तमाम सुरक्षा तैयारियों के बीच हरियाणा-पंजाब को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर के सुरक्षा इंतजाम का भी दिल्ली पुलिस ने जायजा लिया है।


 इसका मकसद हरियाणा पुलिस की रणनीति को समझना था, ताकि दिल्ली पुलिस की ओर से सीमावर्ती इलाकों में की गई तैयारियों के बीच अगर कुछ प्वाइंट पर या फिर सुरक्षा लेयर बढ़ाने की गुंजाइश है तो उस पर काम किया जा सके। 

किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए पूरी तरह तैयार दिल्ली पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में मल्टी लेयर की सिक्योरिटी का इंतजाम किया। रास्ते में बैरिकेड लगाकर कंटेनर खड़े कर दिए गए हैं। साथ ही सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए बैरिकेडिंग पर लोहे की तार लगाई गई है। भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बल की तैनाती की गई है।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने किसान यूनियनों और केंद्र के बीच 'बातचीत विफल रहने के लिए' मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराते हुए मंगलवार को कहा बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री के 'दोमुंहेपन' ने किसान समुदाय को निराश किया और उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने का मजबूर कर दिया। (एजेंसी)

Farmers Protest: MSP की गारंटी वाली मांग पर अड़े किसान, संयुक्त किसान मोर्चा ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव

No comments Document Thumbnail

 Farmers Protest: चल रहे किसानों के विरोध के बीच, संयुक्त किसान मोर्चा ने 19 फरवरी को चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें 5 फसलों मक्का, कपास, अरहर, अरहर, मसूर और उड़द की एमएसपी पर खरीद के लिए किसानों के साथ पांच साल का अनुबंध करने का प्रस्ताव रखा गया था।


इसके अलावा किसानों के संगठन ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के केंद्रीय मंत्रियों के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि 21 फरवरी तक का समय है। सरकार को सोचना और समझना चाहिए कि ये दो चीजें (तिलहन और बाजरा) बहुत महत्वपूर्ण हैं (खरीद के लिए)। जैसे उन्होंने दालों, मक्का और कपास का उल्लेख किया, उन्हें इन दो फसलों को भी शामिल करना चाहिए।

गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अगर इन दोनों को शामिल नहीं किया गया तो हमें इस बारे में दोबारा सोचना होगा...कल हमने फैसला लिया कि अगर 21 फरवरी तक सरकार नहीं मानी तो हरियाणा भी आंदोलन में शामिल होगा। एसकेएम के अनुसार, केंद्र ने गारंटीशुदा खरीद के साथ सभी फसलों के लिए एमएसपी@सी2+50% की मांग को हटाने और कम करने का प्रस्ताव किया है, जिसका वादा 2014 के आम चुनाव में भाजपा घोषणापत्र में किया गया था और मूल रूप से एम एस की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा अनुशंसित किया गया था। स्वामीनाथन और 2006 में प्रस्तुत किया गया। एसकेएम ने घोषणा की कि गारंटीशुदा खरीद वाली सभी फसलों के लिए एमएसपी@सी2+50% से नीचे कुछ भी भारत के किसानों को स्वीकार्य नहीं है।

आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है अगर मोदी सरकार बीजेपी के वादे को लागू नहीं कर पा रही है तो प्रधानमंत्री ईमानदारी से जनता को बताएं। इसमें कहा गया है कि मंत्री यह स्पष्ट करने को तैयार नहीं हैं कि उनके द्वारा प्रस्तावित एमएसपी A2+FL+50% पर आधारित है या C2+50% पर। चर्चा में कोई पारदर्शिता नहीं है जबकि चार बार चर्चा हो चुकी है। यह दिल्ली सीमाओं पर 2020-21 के ऐतिहासिक किसान संघर्ष के दौरान एसकेएम द्वारा स्थापित लोकतांत्रिक संस्कृति के खिलाफ है। उन वार्ताओं के दौरान, एसकेएम द्वारा चर्चा के प्रत्येक बिंदु और किसानों के रुख को सार्वजनिक जानकारी के लिए रखा गया था। 

किसान आंदोलन: किसानों को सरकार से मिला MSP पर नया प्रस्ताव, 'दिल्ली चलो मार्च' किया होल्ड

No comments Document Thumbnail

 Farmers Protest : एमएसपी समेत कई मांगों को लेकर आंदोलनरत किसान पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर डटे हुए हैं। सरकार के साथ चौथे दौर की बातचीत के बाद किसानों ने फिलहाल 'दिल्ली चलो मार्च' को होल्ड कर दिया है। इस बीच सरकार के साथ बातचीत में किसानों को एमएसपी पर नया प्रस्ताव मिला है।


सरकार की ओर से चार फसलों पर MSP की गारंटी पर कानून बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इन चार फसलों में मसूर दाल या मक्का, उड़द दाल, तूर दाल और कपास शामिल है। हालांकि किसानों की मांग है कि सरकार सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी दे। इससे पहले सरकार के साथ किसानों की तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी।

गोयल ने बैठक समाप्त होने के बाद कहा कि किसानों के साथ वार्ता सद्भावनापूर्ण माहौल में हुईं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने सहकारी समितियों एनसीसीएफ और नाफेड को एमएसपी पर दालें खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करने का प्रस्ताव दिया है.’’ गोयल ने कहा, ‘‘हमने प्रस्ताव दिया है कि भारतीय कपास निगम (सीसीआई) एमएसपी पर कपास की फसल खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करेगा.’’ किसान उपज के एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय किसान नेताओं के साथ बैठक के लिए सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान पहुंचे थे. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी बैठक में शामिल हुए. यह बैठक रात करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई थी.

केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच इससे पहले आठ, 12 और 15 फरवरी को मुलाकात हुई लेकिन बातचीत बेनतीजा रही थी. यह बैठक ऐसे वक्त हुई है, जब हजारों किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा की सीमा पर शंभू और खनौरी में डटे हुए हैं तथा किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं. एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के अलावा, किसान कृषकों के कल्याण के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन तथा कर्ज माफी, लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को बहाल करने और पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं.

Farmers Protest: किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर, पंजाब में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, कई टाेल नाके फ्री करवाए

No comments Document Thumbnail

Farmers Protest : अपनी मांगों को लेकर हरियाणा-पंजाब शंभू बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) गारंटी कानून और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने समेत अपने 10 से ज्यादा मांगों को लेकर किसान बीते दो दिनों से सड़क पर है।


मीडिया न्यूज के मुताबिक पटियाला के राजपुरा में केंद्र सरकार के रवैये से नाराज किसानों ने राजपुरा रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर​ दिया है. प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों द्वारा रेलवे ट्रैक ब्लॉक करने की वजह से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद हो गई है और स्टेशन पर भारी संख्या में यात्री फंसे नजर आये. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि केंद्र रुख से नाराज किसान पटियाला

वहीं, पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश में जुटी है। दिल्ली जाने पर अड़े किसानों ने बुधवार को अपने आंदोलन के दूसरे पंजाब से सटे हरियाणा के शंभू, खनौरी, जींद और डबवाली बॉर्डर पर हंगामा किया। लेकिन पुलिस और सुरक्षाबलों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। जब वॉर्निंग के बाद भी किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए।

बॉर्डर पर दिन-रात डटे किसान

करीब 10 हजार आंदोलनकारी किसान 13 फरवरी से सड़कों पर दिनरात डटे हैं। केंद्र सरकार की ओर से मांगों पर चर्चा के लिए अब तीसरे दौर की वार्ता का प्रस्ताव किसान संगठनों को मिला है। इसके बाद किसानों ने गुरुवार शाम (15 फरवरी) तक दिल्ली कूच रोक दिया है। इस बैठक के बाद अगली रणनीति तय होगी। उधर, भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने किसानों पर बर्बरता की कड़ी निंदी की और पंजाब के 6 जिलों में 15 फरवरी को रेल रोको आंदोलन और टोल फ्री करने का ऐलान कर दिया।

Farmers Protest : उग्र हुआ किसान आंदोलन, BKU का ऐलान- कल से रेलवे ट्रैक जाम करेंगे

No comments Document Thumbnail

 Farmers Protest : पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर पर झड़प के बाद आज 14 फररवी को किसान एक बार फिर से दिल्ली की ओर अपना मार्च निकाल रहे हैं। किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को पंजाब और हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर रोक लिया गया है। किसानों को रोकने और उन्हें तितर-बितर करने के लिए मंगलवार को पुलिस की ओर से आंसू गैस के दागे गए थे।


खबर है कि किसानों ने जींद में CID के एक अधिकारी को बंधक बना लिया है। इधर संगठन अब रेल रोकने की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली कूच करने के लिए संघर्ष कर रहे किसान संगठनों के साथ अब भारतीय किसान यूनियन उगराहां भी आ गया है। 

भाकियू उगराहां ने कल किसानों के समर्थन में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक रेल रोकने की घोषणा की है। शंभू बॉर्डर पर किसानों ने आगे बढ़ने के लिए बड़ी तैयारियां कर ली हैं। आंसू गैस का असर कम करने के लिए किसान चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगा रहे हैं। कई किसानों ने बॉडी प्रोटेक्टर भी पहने हैं।

किसानों ने किए ये उपाय

किसानों ने आंसू गैस के गोलों से निपटने के लिए बोरियों को पानी में भिगो लिया है। साथ ही ट्रैक्टरों पर स्प्रे करने वाली टंकी भी लगाकर आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। जींद के दाता सिंह वाला बॉर्डर पर किसानों ने एक सीआईडी कर्मचारी को उन्होंने बंधक बना लिया है। उसकी पहचान गढ़ी थाना में कार्यरत सीआईडी कर्मचारी सतेंद्रपाल के रूप में हुई है। किसानों ने शक के चलते उन्हें पकड़ लिया था।

खबर है कि जींद से दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसें बंद कर दी गई हैं। हरियाणा पंजाब शंभू सीमा समेत विभन्नि सीमाओं पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संघर्ष में 100 से ज्यादा किसान घायल हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए स्लैब, कीलें और बैरिकेड लगाकर सील कर दिया था। किसानों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने ड्रोन से आंसू गैस गोले दागे, रबड़ की गोलियां चलाईं।

 

Farmers Protest : केंद्र के साथ बातचीत फेल, किसानों का दिल्ली कूच आज

No comments Document Thumbnail

Farmers Protest : अपनी कई मांगों को लेकर किसान संगठन आज दिल्ली कूच कर रहे हैं। दिल्ली पहुंचकर किसान संगठन केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है।


पुलिस ने दिल्ली के बॉर्डर को सील कर दिया है। गाजीपुर, टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेडिंग और लोहे के कंटीले तार लगाकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने सुरक्षा के देखते हुए राजधानी में धारा-144 भी लागू कर दी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आज के लिए खास ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।

किसानों से वार्ता में शामिल केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का कहना है कि, "किसान संगठनों के साथ गंभीरता से बातचीत हुई. सरकार हमेशा चाहती है कि बातचीत के माध्यम से समाधान निकले... अधिकांश विषयों पर हम सहमति तक पहुंचे लेकिन कुछ विषयों पर हमने स्थाई समाधान के लिए कमेटी बनाने को कहा... हम अब भी मानते हैं कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से हो सकता है. हमें उम्मीद है कि हम आगे बातचीत के जरिए समाधान निकाल लेंगे."

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें

केंद्र से किसानों की कुछ मांगों में किसानों के लिए पूर्ण ऋण माफी, बुजुर्ग किसानों और मजदूरों के लिए प्रति माह 10,000 रुपये प्रदान करने वाली पेंशन योजना, बीज की गुणवत्ता में सुधार, नकली उत्पाद बेचने वाली कंपनियों को सजा देना, सभी फसलों के लिए एमएसपी और मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिन का रोजगार उपलब्ध कराना शामिल है.

 

Farmers Protest : फिर किसानों का दिल्ली मार्च, संसद का करेंगे घेराव, धारा 144 लागू

No comments Document Thumbnail

 Farmers Protest : दिल्ली से सटे नोएडा के किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। ग्रेटर नोएडा में जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों का ग्रेनो प्राधिकरण पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरने का आज 9वां दिन है। किसानों ने प्राधिकरण पर आज महापंचायत महापंचायत बुलाई है। कल यानी 8 फरवरी को किसान दिल्ली में संसद घेराव का ऐलान किया है।


किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने 7 और 8 फरवरी को जिले में धारा 144 लागू किया है। ऐसे में 5 से ज्यादा लोग के एकसाथ जमा होने, धार्मिक और राजनीतिक समेत अन्य किसी भी प्रकार के जुलूसों पर रोक रहेगी। साथ ही ट्रैफिक पुलिस की ओर से एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। किसानों के ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई मार्गों को डायवर्ट कर दिया गया है। ट्रैफिक एडवाइजरी में कहा गया है कि यात्री 7 और 8 फरवरी को असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।

दिसंबर 2023 से नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत अपनी जमीनों के बदले बढ़ा हुआ मुआवजा और भूखंड देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसानों के मुताबिक, प्राधिकरण उनकी परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रुपेश वर्मा ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में तीनों प्राधिकरणों में किसानों की परेशानी के मुद्दे एक जैसे हैं। 10 फीसदी आवासीय भूखंड का मुद्दा तीनों प्राधिकरणों की बोर्ड बैठक से पास होने के बावजूद शासन की मंजूरी के लिए लंबित है। किसानों का कहना है कि मांगें नहीं माने जाने पर हम आंदोलन के लिए मजबूर हैं।सुखबीर खलीपा ने कहा कि कि नोएडा के सभी 81 गांवों के हजारों किसान 8 फरवरी को संसद घेराव के लिए ट्रैक्टर मार्च करेंगे।


ट्रैक्टर रैली के बाद अब रेल का चक्का जाम करने की तैयारी में प्रदर्शनकारी किसान

No comments Document Thumbnail

केंद्र सरकार (Central government) के तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में किसान आंदोलन का आज 78वां दिन है, लेकिन अब तक किसानों (Farmers protest Update) की सरकार से बात नहीं बनी। हालांकि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में किसानों को लेकर चर्चा की बात जरूर कही, जिस वक्त PM संसद से किसान आंदोलन पर अपनी बात रख रहे थे, उसके ठीक कुछ घंटे बाद ही किसान संयुक्त मोर्चा ने नए सिरे से अपने आंदोलन का एक्शन प्लान पेश कर दिया।





यह भी पढ़ें:- किसानों की ट्रैक्टर परेड से ‘तांडव’, लाल किले में उत्पात, तोड़फोड़, टकराव





संयुक्त किसान मोर्चा ने रेलवे की राह रोकने का आह्वान (Rail Roko Aandolan) किया है। तारीख 18 फरवरी की मुकर्रर की गई है, लेकिन ट्रैक्टर मार्च की तरह कहीं ये नई कोशिश भी हिंसा की भेंट न चढ़ जाए, इसलिए शांति की अपील अभी से कर दी गई है।





Farmers protest Update- किसान आंदोलन का नया कैलेंडर जारी





  • 12 फरवरी को राजस्थान में सभी टोल प्लाजा को फ्री करने की मुहिम चलाई जाएगी।
  • 14 फरवरी को पुलवामा के शहीदों की याद में देशभर में कैंडल मार्च और मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
  • 16 फरवरी को किसान मसीहा छोटूराम की जयंती के दिन देशभर में किसान एकजुटता का प्लान है।
  • देशभर में पहले से चल रहे किसान पंचायत कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाया जाएगा।




दिल्ली के लिए निकले पंजाब के किसानों की राह सबसे पहले खट्टर सरकार ने ही रोकी थी। इसीलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने हरियाणा से ही हुंकार भरने का ऐलान कर दिया है। निशाने पर सीधे-सीधे BJP-JJP की गठबंधन सरकार है। रणनीति दोनों ही दलों के विधायकों की घेराबंदी का है, लेकिन लोगों के बीच संदेश ये न जाए कि संयुक्त किसान मोर्चा का कार्यक्रम किसी दल विशेष के खिलाफ है, इसलिए आंदोलन की धार, राजस्थान में भी दिखेगी।





यह भी पढ़ें:- लोकसभा में गूंजा मुद्दा : उद्योगपतियों के डूबत ऋण की जानकारी देने से केंद्र ने किया इनकार





नवंबर में जब किसान आंदोलन दिल्ली पहुंचा था, तब केंद्र सरकार ने समाधान ढूंढने के लिए 11 दौर की बातचीत भी की, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। हालांकि बुधवार को पीएम ने भी लोकसभा में एक बार फिर कहा कि कृषि कानूनों पर विपक्ष को राजनीति बंद करनी चाहिए और ये कानून किसानों के हित में है।





ट्रैक्टर रैली





26 जनवरी को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली (Farmers protest Update) के दौरान प्रदर्शनकारी किसान पुलिस से भिड़ गए थे। झड़प के दौरान, प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने लाल किले में प्रवेश किया और एक धार्मिक झंडा फहराया। अब तक पुलिस ने लगभग 130 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं इस हिंसा के मास्टमाइंड दीप सिद्धू को भी गिरफ्तार ( mastermind of Delhi violence Deep Sidhu arrested) कर लिया गया है।





यह भी पढ़ें:- 26/1 को हुई हिंसा का मास्टमाइंड गिरफ्तार, पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई





बता दें कि 3 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू (Deep Sidhu arrested), जुगराज सिंह सहित 4 लोगों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित किया था। ये लोग लाल किला पर धार्मिक झंडा फहराने और लोगों को हिंसा के लिए उकसाने में शामिल थे।


किसान आंदोलन : किसान संगठन और सरकार के बीच वार्ता टली, अब 20 जनवरी को होगी बातचीत

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली : केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन (Farmer's Protest Updates) जारी है। किसान संगठनों और सरकार के बीच दसवें दौर की वार्ता अब 20 जनवरी यानी बुधवार को होगी। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि दोनों पक्ष जल्द से जल्द गतिरोध सुलझाना के इच्छुक हैं, लेकिन अलग विचारधारा के लोगों की एंट्री इसमें होने के कारण देरी हो रही है।





मिली जानकारी के मुताबिक पहले यह बैठक 19 जनवरी मंगलवार को निर्धारित थी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के निकटवर्ती सूत्रों के अनुसार अब यह बैठक 20 जनवरी को होगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, किसान संगठनों के साथ, सरकार की ओर से मंत्री समूह की बैठक 19 जनवरी 2021 की बजाय अब 20 जनवरी 2021 को दोपहर दो बजे विज्ञान भवन में होगी।





केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा (Farmer's Protest Updates)





केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह ने तोमर मध्यप्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “किसान यूनियनों से हर बार यही कहा गया है कि वे प्रावधान पर चर्चा करें, जिस प्रावधान से किसान को तकलीफ है उस पर विचार करने के लिए और उसमें संशोधन करने के लिए सरकार खुले मन से चर्चा कर रही है और करना चाहती है मगर यूनियन की तरफ से प्रावधान पर चर्चा नहीं हो पा रही है, इसलिए गतिरोध जारी है।”





कोरोना वैक्सीन को लेकर ICMR ने जारी की नई गाइडलाइन, टीके न लगवाएं अगर आप…





उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि अगले दौर की बैठक में किसान यूनियन विकल्पों पर चर्चा करेंगे तो समाधान का रास्ता निकलेगा। किसान संगठन पिछले 55 दिनों से दिल्ली की सीमा पर अपनी मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं । किसान संगठनों और सरकार के बीच नौ दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। सरकार कृषि सुधार कानूनों में संशोधन करना चाहती है जबकि किसान संगठन कानून वापस लेने कि मांग पर अड़े हुए है ।


भारत के कृषि कानूनों को लेकर लंदन में प्रदर्शन, मेट्रोपोलिटन पुलिस ने किया कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

भारत में तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ 11 दिनों से विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ब्रिटेन में कुछ अलगाववादी लोगों ने भी किसानों के समर्थन के नाम पर जमकर भारत विरोधी (Farmer protest in London) नारेबाजी की है।









जिसका हो रहा विरोध, जानिए क्या है वह ‘कृषि कानून’





दरअसल ब्रिटेन के मध्य लंदन में रविवार (Farmer protest in London) को भारतीय उच्चायोग के बाहर भारत में तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में किए गए प्रदर्शन के दौरान स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। स्कॉटलैंड यार्ड ने भारतीय उच्चायोग के बाहर ब्रिटेन के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शनकारियों के जमा होने से पहले चेतावनी दी थी।









मध्य लंदन में 'हम पंजाब के किसानों के साथ खड़े हैं' प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कई पुलिसकर्मी सड़क पर उतरे और चेतावनी दी कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कड़े नियम लागू हैं और अगर 30 से ज्यादा लोग जमा होते हैं तो गिरफ्तारी की जा सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।





पंजाब के पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल ने पद्म विभूषण लौटाया





मेट्रोपोलिटन पुलिस के कमांडर पॉल ब्रोगडेन ने कहा कि अगर आप निर्धारित 30 लोगों से अधिक की संख्या में एकत्र होकर नियम तोड़ते हैं तो आप अपराध कर रहे हैं जो दंडनीय है और जुर्माना लगाया जाएगा। मेट्रोपोलिटन पुलिस ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील भी की।









प्रदर्शन में मुख्य रूप से ब्रिटिश सिख शामिल थे जो तख्तियां पकड़े हुए थे, जिनपर 'किसानों के लिए न्याय' जैसे संदेश लिखे थे। भारतीय उच्चायोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह जल्द स्पष्ट हो गया कि लोगों के जमवाड़े की अगुवाई भारत विरोधी अलगाववादी कर रहे थे। जिन्होंने भारत में किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करने के नाम पर भारत विरोधी अपना एजेंडा चलाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन भारत का आंतरिक मामला है और भारत सरकार प्रदर्शनकारियों से बात कर रही है।









कई देशों में जारी है कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन





भारत के किसान कानूनों के विरोध में ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके बाद भारतीय दूतावासों ने अपने मिशन की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुरोध पर रविवार को लंदन पुलिस ने भारतीय दूतावास की सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है।









किसान कर रहे है कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग





बता दें कि किसानों ने दिल्ली-हरियाणा और दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमाओं पर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा है। किसान इस साल संसद में पारित हुए 3 कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।





जानिए क्या है कृषि कानून (What is Agriculture law)





  • किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2020 का उद्देश्य विभिन्न राज्य विधानसभाओं द्वारा गठित कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) द्वारा विनियमित मंडियों के बाहर कृषि उपज की बिक्री की अनुमति देना है।
  • किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक का उद्देश्य अनुबंध खेती की इजाजत देना है।
  • आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक अनाज, दालों, आलू, प्याज और खाद्य तिलहन जैसे खाद्य पदार्थों के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण को विनियमित करता है।

पंजाब के पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल ने पद्म विभूषण लौटाया

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली : किसान आंदोलन (Peasant movement) के समर्थन में और कृषि कानून के विरोध में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal returned padma vibhushan) ने अपना पद्म विभूषण सम्मान लौटाया है।





यह भी पढ़ें : –धान का अवैध व्यापार करने वाले के विरूद्ध की गई कारवाही





पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल (Prakash Singh Badal) ने यह सम्मान लौट आते हुए कहा कि “वह किसानों के साथ किए जा रहे केंद्र सरकार के व्यवहार से बेहद आहत है। किसानों के समर्थन सहित कृषि कानून के विरोध में उन्होंने अपना यह सम्मान केंद्र सरकार को वापस लौटाने का फैसला किया है।





यह भी पढ़ें : –पत्रकारिता के एक युग का अवसान, आज पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे सुरजन





बादल (Prakash Singh Badal) ने अपना सम्मान लौटाने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 3 पन्नों की चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि “मैं इतना गरीब हूं कि किसानों के लिए कुर्बान करने के लिए मेरे पास कुछ और नहीं। मैं जो भी हूं, किसानों की वजह से हूं, ऐसे में अगर किसानों का अपमान हो रहा है तो किसी तरह का सम्मान मेरे द्वारा रखने का कोई फायदा नहीं है।”





Prakash Singh Badal बोले किसानों से किया धोखा





पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal returned padma vibhushan) ने अपने पत्र में आगे लिखा कि किसानों के साथ जिस तरह का धोखा किया गया है, मैं उस से आहत हूं। केंद्र सरकार के रवैए पर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन को जिस तरह से गलत नजरिए से पेश किया जा रहा है, वह बेहद दर्दनाक है।





प्रधानमंत्री मोदी और बादल के अच्छे है संबंध





गौरतलब है कि शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता प्रकाश सिंह बादल आर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे संबंध है। यही वजह है कि अटल बिहार बाजपेयी के समय से भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन भी अब तक ज़ारी रहा।





प्रकाश सिंह के बेटे सुखबीर बादल को पार्टी की कमान देने के बाद से ही वे राजनैतिक गतिविधियों से दूर रहते है, जिसके बाद भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन भी टूटा था। यहां यह बताना भी जरूरी है कि प्रकाश सिंह बादल 5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.