Media24Media.com: विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलवाएं: मंत्री डॉ. टेकाम

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विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलवाएं: मंत्री डॉ. टेकाम

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रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने वन अधिकार पत्र वितरण के प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र एवं वन अधिकार पत्र प्राप्त हितग्राहियों को मनरेगा के तहत् स्वीकृत कार्यों एवं अन्य आनुषंगिक कार्यों में प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा है विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

इनके वन अधिकार पट्टे की भूमि पर मनरेगा के तहत अभिसरण से कार्य कराया जाए। जिला समन्वय समिति बनाकर विभागों को कार्य का लक्ष्य दिया जाए। जिन गांवों में वन अधिकार के अधिक पट्टे दिए गए हैं उन्हें आदर्श गांव घोषित कर इन वर्गो के लिए कार्य कराया जाए। आदर्श गांवों की सूची सभी विभागों को दी जाए तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करवाएं। मंत्री डॉ. टेकाम आज यहां आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के सहायक आयुक्तो एवं परियोजना प्रशासकों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभाग के सचिव श्री डी.डी.सिंह और आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी सहित वरिष्ट अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि वर्तमान में मौसम को देखते हुए वन अधिकार पट्टेधारियों की भूमि पर पौधा रोपण करवाएं। यहां सब्जी, फल के पौधो का वितरण भी किया जाए। विभाग के सचिव डी.डी. सिंह ने कहा कि गतवर्ष हर गांव में सामुदायिक भवन अधिकार पत्र वितरण का लक्ष्य दिया गया था, इस कार्य को भी पूरा करें। विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण, पेंशन योजना और राशनकार्ड वितरण कर लाभान्वित किया गया। इसके साथ ही इन वर्गो के बच्चों के शिक्षा का विशेष ध्यान दें। आजीविका के लिए लघु वनोपज संग्रहण कार्य से भी जोड़ा जाए। वन अधिकार मान्यता के लिए आवेदकों की संख्या बढ़ाएं।

मंत्री डॉ. टेकाम ने विभागीय योजनाओं के लक्ष्य को पूरा करने, निर्माण कार्यो को स्थल पर निरीक्षण कर अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के साथ केन्द्रीय योजनाओं के कार्यो को भी समय पर पूरा करें। देवगुड़ी आदिवासियों के आस्था का केन्द्र है। समुदाय का इससे जुड़ाव होना चाहिए। देवगुड़ी निर्माण के सभी स्वीकृत कार्यो को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने कहा कि विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के लिए आवास भी बनाए जाने है, इसके लिए इन वर्गो के मुखिया और हितग्राहियों से चर्चा कर उनके संस्कृति के अनुरूप घर बनाया जाए।

आवास का निर्माण वैध जमीन पर ही किया जाए और वहां बिजली पानी की मूलभुत सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षा सत्र 2023-24 के लिए मेस संचालन, खेल सामग्री क्रय करने की कार्रवाई नियमानुसार शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। इन विद्यालयों में कक्षा 10 वीं और 12 वीं के विद्यार्थियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिले के सहायक आयुक्त इसके लिए इन स्कूलों का अकादमी कैलेण्डर तैयार कर उसका पालन सुनिश्चित करवाए। इन स्कूलों के शिक्षकों को विषय-वस्तु के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए। इन स्कूलों के बच्चों का प्रत्येक माह यूनिट टेस्ट लेकर बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों का आकलन करें। विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित क्रीडा परिसरों में स्वीकृत लघु निमार्ण कार्यो का मौके पर मुआयना कर इन कार्यो को शीघ्र ही पूरा करवाए। क्रीडा परिसरों में बच्चों की समय पर भर्ती हो। इन क्रीडा परिसरों में खेल विधाओं के अनुसार कैम्प लगाकर बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाए।

बैठक में सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों एवं उन्नयन किये गए छात्रावास-आश्रमों की मौके पर जाकर समीक्षा करें। विभाग अंतर्गत संचालित विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अनुरक्षण, लघु मद अन्तर्गत किए गए कार्यो की समीक्षा भी की गई। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की समीक्षा के अंतर्गत गणवेश आपूर्ति, पाठ्यपुस्तक तथा विद्यालयवार, शिक्षकवार बोर्ड परीक्षा परिणाम एवं अतिथि शिक्षकों की भर्ती की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

 सीबीएसई पैटर्न के आधार पर बच्चों को पढ़ाने वाले अच्छे शिक्षकों की नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालयों में वर्ष 2022-23 में प्रवेश एवं परीक्षा परिणाम तथा नवीन प्रारंभ प्रयास स्कूलों की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना अन्तर्गत चयनित ग्रामों में स्वीकृत कार्यो की प्रगति की समीक्षा भी गई। चयनित ग्रामों में किए गए कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश सहायक आयुक्तों को दिए गए। इसके अलावा अत्याचार निवारण अधिनियम, न्यायालयीन प्रकरणों, भर्ती, पदोन्नति एवं अनुकंपा नियुक्ति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार परियोजना प्रशासकों से आदिग्राम पोर्टल में आवश्यक जानकारी की प्रगति को शीघ्र दर्ज करने के निर्देश दिए। संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 एवं केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह अभिकरण, प्रकोष्ठ के कार्यो में वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की समीक्षा गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की समीक्षा हेतु तीन चरणों में होने वाली इस बैठक के तृतीय चरण में सरगुजा संभाग की समीक्षा बैठक 15 जून को की जाएगी। 

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