Media24Media.com: आदिम जाति

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label आदिम जाति. Show all posts
Showing posts with label आदिम जाति. Show all posts

शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय बनेगा आदिवासियों के गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने आज नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप बन रहे आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय प्रदेश का पहला संग्रहालय है, जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अदम्य शौर्य एवं बलिदान को समर्पित है। इसके निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संग्रहालय का निर्माण 30 सितंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने समीक्षा के दौरान इसके सभी गैलरियों में और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए और समय-सीमा में कार्य संपन्न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के निर्माण में लगने वाली प्रत्येक सामग्री उच्च गुणवत्तायुक्त एवं मानकीकृत हो। उन्होंने मध्यप्रदेश, ओडीशा एवं झारखंड राज्य में निर्मित संग्रहालयों का भी अवलोकन कर इसकी विशेषताओं का अध्ययन करने को कहा। जिससे इस संग्रहालय में सभी आधारभूत विषयों एवं ऐतिहासिक तथ्यों विशेष रूप से ध्यान दिया जा सके।

उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है।

बैठक में टीआरटीआई के संचालक जगदीश कुमार सोनकर, उपसचिव बी.के.राजपूत, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, कार्यपालन यंत्री त्रिदीप चक्रवर्ती, सहित इंजीनियर्स एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आश्रम-छात्रावासों की कराएं साफ-सफाई और रंग-रोगन: मंत्री रामविचार नेताम

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि  आश्रम-छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए नये शिक्षण सत्र के प्रारंभ होने से पहले राज्य के सभी आश्रम-छात्रावासों की मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल, रंग-रोगन आदि की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने नवा रायपुर में विभागीय काम-काज की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को आश्रम-छात्रावासों के नियमित निरीक्षण और रख-रखाव कराने के निर्देश दिए।

आदिम जाति विकास मंत्री नेताम ने कहा है कि आदिम जाति कल्याण विभाग में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने वाले अधीक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाए। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से एक दिन आश्रम-छात्रावास में समय बिताने और विद्यार्थियों के साथ भोजन करने को भी कहा। नेताम ने बैठक में कहा कि आगामी दो वर्षों में सभी आश्रम छात्रावासों के लिए भवन निर्माण किया जाना है, इसलिए भवनविहिन आश्रम-छात्रावासों का चिन्हांकन कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन आश्रम-छात्रावासों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है वहां रहने वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त भवन अथवा कमरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

नेताम ने राज्य में प्रयास विद्यालयों की व्यवस्था और रख-रखाव के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में छात्रों को अखिल भारतीय इंजीनियरिंग और मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कराने कहा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आगामी 15 जून से प्रधानमंत्री धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर 15 जून से शुरू होगी। राज्य में 16 और 17 जून को दो दिवसीय राज्य स्तरीय अभियान चलाया जाएगा, वहीं जिला स्तर पर 17 से 20 जून और विकासखण्ड स्तर पर 20 से 30 जून तक चलेगा। इस अभियान के तहत पीएम जनमन योजना से छुटे हुए जनजातीय परिवारों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वनाधिकार पत्र जैसे दस्तावेज बनाए जाएंगे। शासकीय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मंत्री नेताम ने सिकलसेल और टीव्ही मुक्त भारत अभियान के प्रति भी बच्चों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मंत्री नेताम ने बैठक में कहा कि निर्धारित मीनू के आधार पर आश्रम और छात्रावास के बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाए। आश्रम-छात्रावासों की दीवारों पर महापुरूषों के संदेशों का लेखन किया जाए। साथ ही बच्चों में शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाने के लिए भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई जाए। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों की विशिष्ट पहचान बनाने पर जोर दिया। मंत्री नेताम ने विभाग में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी ली। उन्होंने निराकरण के लिए शेष बचे आवेदनों को गंभीरता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 75 बहुउद्देशीय भवन

बैठक में जानकारी दी गई कि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के समग्र विकास के लिए राज्य में 75 बहुउद्देशीय भवन का निर्माण किया जा रहा है। 31 भवनों का निर्माण लगभग पूर्णतः की ओर है। इन भवनों में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को इन भवनों के तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, उप सचिव बी.एस. राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़, जितेन्द्र गुप्ता, कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती सहित जिलों के परियोजना प्रशासक और सहायक आयुक्त उपस्थित थे।

आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बन रहा है नया रायपुर में संग्राहलय

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो की स्मृति को चिर स्थाई बनाने और देश की आजादी में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में बन रहे शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय तैयार किया जा रहा है। यह संग्राहलय लगभग 50 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। संग्राहलय के निर्माण का अंतिम चरण में है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने इस संग्रहालय के निर्माण कार्यो की समीक्षा की और इसे 30 सिंतबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थें।

प्रमुख सचिव बोरा ने राज्य में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के निर्माण कार्यों सहित सभी निर्माण कार्यो को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्हांेने इंजिनियरो को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य को वर्षा ऋतु से पूर्ण कराए। जिन एकलव्य विद्यालयों तक अच्छे एप्रोच रोड़ नहीं है उनके संबंध में शीघ्र प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालय के संचालन में यदि कोई भी समस्या आती है तो उन्हें शीघ्र अवगत कराया जाए ताकि यथाशीघ्र समस्या का निराकरण किया जा सके।   

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 14 मई को जनजातीय जीनवशैली से संबंधित ट्राईबल म्यूजियम का लोकार्पण किया है। इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया गया है, जिसे देखने प्रतिदिन बड़ी संख्यां में लोगों का आगमन हो़ रहा है। बता दें कि ट्राईबल आर्टिफैक्टस का एआई तकनीक के माध्यम से इतने वृहद रूप में प्रदर्शन करने वाला संभवतः प्रदेश का पहला म्यूजियम है। इसके निर्माण से प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है। इसी कड़ी में अब आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के नवंबर माह में लोकार्पण की तैयारी चल रही है।

बैठक में उपसचिव बी.एस.राजपूत, अपर संचालक आर एस भोई, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, श्रीमती मेनका चंद्राकर, डॉ. रेशमा खान, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, रायपुर विजय सिंह कंवर, कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री रामविचार नेताम की पहल पर बलरामपुर-रामानुजगंज के जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 16 बच्चों का हुआ सफल इलाज

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम की पहल पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 16 बच्चों के सफल इलाज हुआ है। सभी बच्चे आदिवासी समुदाय से थे, मंत्री नेताम ने बच्चों के निःशुल्क इलाज के इस पुनित कार्य के लिए सत्य सांई हॉस्पिटल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

गौरतलब है कि मंत्री रामविचार नेताम आज नवा रायपुर स्थित सत्य सांई सौभाग्यम् संजीवनी हॉस्पिटल में आयोजित गिफ्ट ऑफ लाईफसेरेमनी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने सत्य सांई संस्था की ओर से हॉस्पिटल में उपचाररत् बच्चों से सौजन्य मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के संबंध में हालचाल जाना और जन्मजात शिशुओं के इलाज के बाद डिस्चार्ज सर्टिफिकेट प्रदान किया। इस अवसर पर सत्य साईं संजीवनी ट्रस्ट के नेशनल चेयरमेन सी. श्रीनिवास सहित डॉक्टरों का दल उपस्थ्ति थे।

वन अधिकार अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आदिम जाति विकास विभाग और एनजीओ एटीआरईई के मध्य एम.ओ.यू.

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन अधिकार अधिनियम-2006 के बेहतर  कियान्वयन हेतु आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग और स्वयं सेवी संस्था अशोका ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एण्ड एनवायरोमेंट (एटीआरईई) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है। विभागीय मंत्री रामविचार नेताम एवं विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की उपस्थिति में एटीआरईई के प्रतिनिधि डॉ. शरतचंद्र लेले एवं विभाग की ओर से सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू का कार्यक्रम मंत्रालय महानदी भवन में सम्पन्न हुआ।

इस मौके पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह समझौता वन अधिकार अधिनियम-2006 के उचित अनुपालन में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर), सीएफआर प्रबंधन एवं वन अधिकार पत्रों के आनॅलाइन डिजिटाइजेशन के संबंध में जमीनी स्तर पर अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब इस समझौते के माध्यम से एफआरए अधिनियम के उचित क्रियान्वयन  में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम केन्द्र एवं राज्य शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है। अतः इसके उचित कियान्वयन में सबका समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक है।

इस समझौते के माध्यम से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) प्रकरणों में त्रुटियों की पहचान और समाधान करने के लिए विभाग को जमीनी स्तर के अनुभव के आधार पर सलाह प्रदाय करेगा। इसके अलावा विभाग द्वारा विकसित किये जाने वाले एफआरए एटलस के लिए एटीआरईई के द्वारा जिला स्तरीय सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) संभावित ग्रामों का मानचित्र एवं डाटा भी प्रदाय किया जाएगा। साथ ही विभाग द्वारा (सीएफआरआर) के अंतर्गत परंपरागत सीमा के संबंध में विकसित किये जा रहे भौगोलिक सूचना प्रणाली (वेबजीआईएस) के पोर्टल के लिए आवश्यकतानुसार तकनीकी सलाह भी प्रदाय करेगा। इसके अलावा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन और गौण वनोपज आधारित आजीविका वृद्धि की सुविधा के लिए नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार पर विभाग को सुझाव देगा। साथ ही अन्य राज्यों के क्षेत्रीय अनुभव और उत्तम पहल के आधार पर सीआरएफ प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के उपायो के संबंध में भी विभाग को सुझाव प्रदान करेगा।

जीवन में तरक्की के साथ-साथ प्रकृति से जुड़ के रहना जरूरी : सोनमणि बोरा

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने छात्रावास-आश्रम व पीएम स्वामी आत्मानंद स्कूल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रभारी सचिव बोरा ने निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में तरक्की के साथ-साथ प्रकृति से जुड़ के रहना जरूरी है। प्रकृति से जुड़े रहने से मन शांत और एकाग्र रहता है।

जिले के प्रभारी सचिव ने कहा कि छात्रों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिले और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने छात्रावासों में बिजली, पानी और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त आपूर्ति के लिए भी विशेष ध्यान देने संबंधितों को निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने छात्रावासों की व्यवस्था, स्वच्छता और छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। बोरा ने छात्रावास में रहने वाले छात्रों से भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को नियमित योगाभ्यास करने कहा।

पीएम स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए जिले के प्रभारी सचिव बोरा ने कहा कि अपने विषय की तैयारी लक्ष्य बनाकर करें। इससे संबंधित विषय को लेकर बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने जिले में चलाये जा रहें उत्कृष्ट जांजगीर-चांपा अभियान को लेकर शिक्षकों और विद्यार्थियों से चर्चा की और बोलेगा बचपन, पढ़ाई का कोना अभियान की सराहना भी की। उन्होंने बारहवीं के विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा में लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ने से आप सफलता की ओर बढ़ सकते हैं। इसके लिए आपको लक्ष्य बनाने से आपको मोटिवेशन मिलता है। उन्होंने कहा कि आपके पास अभी जो समय है उसका सही तरीके से उपयोग करें। लक्ष्य बनाकर मेहनत करते हुए आगे बढ़ने से सफलता प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं। बच्चों ने अपने हाथों से बनायें ग्रीटिंग भी जिले के प्रभारी सचिव बोरा को भेंट किये, जिन्हे देखकर उन्होंने बच्चों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने जाति प्रमाण पत्र का वितरण भी किया।

प्रमुख सचिव बोरा ने राहौद के शासकीय नवीन प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास का निरीक्षण कर छात्रवास के बच्चों से खेल कूद मनोरंजन एवं पढ़ाई से संबंधित सवाल जवाब किये। उन्होंने एसडीएम तहसीलदार को समय-समय पर छात्रावास का निरीक्षण करने तथा बच्चों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावास में बागवानी एवं फल-सब्जी भी लगाने कहा। इस मौके पर कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, सहायक कलेक्टर दुर्गा प्रसाद अधिकारी उपस्थित थे।

गोंडी बोली के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु ट्रिपल आईटी के सहयोग से तैयार किए जा रहे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एप की प्रमुख सचिव बोरा ने की समीक्षा

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा आदिमजति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संथान द्वारा राज्य की गोंडी बोली के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु ट्रिपल आईटी नवा रायपुर के सहयोग से तैयार किए जा रहे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एप की प्रगति की समीक्षा की। उक्त बैठक में ट्रिपल आईटी के प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार द्वारा इस एप के संबंध में प्रमुख सचिव को अवगत कराते हुए आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से लगभग 25 हजार हिन्दी-गांेडी वाक्यों की आवश्यकता बताई गई ताकि आगामी 15 नवंबर तक मशीन ट्रांसलेशन परीक्षण का कार्य पूर्ण कर अंतिम रूप दिया जा सके। ज्ञातव्य है कि आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा पूर्व के वर्षों में विभिन्न जनजातीय बोलियों का वर्णमाला चार्ट भी तैयार किया गया है। इसी क्रम में अब गोंडी बोली के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु ट्रिपल आईटी नवा रायपुर के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एप तैयार किया जा रहा है।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा टी.आर.टी.आई. संचालक पी.एस.एलमा एवं संस्थान के अधिकारियों को गोंडी विशेषज्ञ अनुवादकों के माध्यम से शीघ्रताशीघ्र जनजातीय जीवन से सरोकार रखने वाले विषयों के वाक्यों को समाहित करते हुए उनका गोंडी अनुवाद पूर्ण कर संबंधित तकनीकी संस्थान को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही कांकेर जिला मुख्यालय के माध्यम से भी स्थानीय स्तर पर हिन्दी वाक्यों का गोंडी अनुवाद 09 अक्टूबर 2024 से 30 गोंडी अनुवादकों से संस्थान स्तर पर एवं कांकेर जिला मुख्यालय में भी दल गठित कर जिला कार्यालय एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास के माध्यम से भी समानांतर रूप से कार्य कराये जाने के निर्देश दिये गये। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित ट्रासंलेशन एप विकसित करने हेतु लगभग 50 हजार हिन्दी-गोंडी वाक्यों के अनुवाद का लक्ष्य रखा गया है। उक्त विषय पर आगामी 16 अक्टूबर को पुनः समीक्षा किये जाने के निर्देश दिये गये।

प्रमुख सचिव ने संस्थान द्वारा किये जा रहे अन्य कार्यों के साथ-साथ प्रमुख सचिव द्वारा संस्थान परिसर में तैयार किये जा रहे जनजातीय संग्रहालय की प्रगति की समीक्षा कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने संबंधितों को निर्देश दिये। संस्थान परिसर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के प्रगति की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव द्वारा कार्य की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई तथा कांट्रेक्टर, आर्किटेक्ट एवं संचालक टीआरटीआई को निर्धारित समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये।

शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता : मोहन मरकाम

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग एवं मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के प्रभारी मंत्री मोहन मरकाम ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितैषी योजनाआंे का लाभ सभी को मिले। जनता को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए।

समीक्षा बैठक जिले के प्रभारी मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल के मंशानुसार व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र धारियों को मनरेगा के अंतर्गत भूमि समतलीकरण व अन्य कार्य प्राथमिकता से स्वीकृत किया जा रहा है। इससे वनाधिकार पत्र धारी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रहे हैं। किसी भी कारण से अस्वीकृत वनाधिकार पत्रों को फिर से रिव्यू किया जाए और पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र वितरित करने के निर्देश दिए। इसी तरह राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने नगरीय निकाय क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के सम्बन्ध में जनता के बीच प्रतिक्रिया से अवगत होते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारी से जिले में खाद-बीज की उपलब्धता की जानकारी ली। खाद्य बीज की काला बाजारी को रोकने के लिए सतत् रूप से दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने उप संचालक कृषि को राजीव गांधी किसान न्याय योजना तथा अन्य योजनाओं से अधिक से अधिक कृषकों को लाभान्वित करने को कहा।

गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए मरकाम ने जिले के गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट उत्पाद व गौठानों में कार्यरत स्व.-सहायता समूहों की जानकारी ली तथा अधिक से अधिक महिला स्व-सहायता समूह को जोड़ने के निर्देश दिये। इसी तरह जिले मे रीपा अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी लेते हुए क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं को अधिक से अधिक स्व-रोजगार से जोड़ने को कहा। शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री शाला जतन योजना के अंतर्गत मरम्मत व अन्य प्रगतिरत निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होनें स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम स्कूलों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की जानकारी ली।

मरकाम ने कहा कि सरकार की मंशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ सकें। उन्होंनेे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत चल रहे जल जीवन मिशन के कार्यों को गुणवत्तापूर्ण यथाशीघ्र पूरा करने को कहा। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। मरकाम ने कहा कि सड़कें विकास की जीवन रेखा होती है, सड़कों का नियमित रूप से मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को दिये।

बैठक में उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की जानकारी ली। इस मद की राशि का उपयोग आवश्यकता के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर जिले के विकास कार्यों में करने को कहा। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास -आश्रमों के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा की कन्या छात्रावासों-आश्रमों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें। इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति छात्रावास परिसर में प्रवेश ना कर सके। इसी प्रकार प्रभारी मंत्री ने अन्य विभागों की गहन समीक्षा करते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ आमजनो तक पहुंचाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

बैठक में सीजीएमएससी के संचालक एवं मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती रेणुका सिंह, महापौर चिरमिरी श्रीमती कंचन जायसवाल, नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा पटेल, कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी एलएन पटेल, अपर कलेक्टर अनिल सिदार, निगम आयुक्त सुश्री लवीना पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर व मनेंद्रगढ़ एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


कंजक्टिवाइटिस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल शिक्षा और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को लिखा पत्र

No comments Document Thumbnail

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने कंजक्टिवाइटिस की रोकथाम के लिए स्कूल शिक्षा और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के संचालक को परिपत्र जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों विभागों को स्कूलों, छात्रावासों, आवासीय विद्यालयों तथा आश्रम-छात्रावासों में कंजक्टिवाइटिस से बचाव के लिए आवश्यक निर्देश प्रसारित करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को इस संक्रमण के लक्षणों, उपचार और बचाव की जानकारी देने भी कहा है।

संचालक, महामारी नियंत्रण द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को जारी परिपत्र में कहा गया है कि राज्य में मौसम के कारण "आँख आने की बीमारी" (कंजक्टिवाइटिस) बढ़ गई है। यह सम्पर्क से फैलने वाली बीमारी है जो सघन रहवासी क्षेत्र में अधिक फैलता है। राज्य में संचालित विद्यालय, आवासीय विद्यालय, आश्रम-छात्रावास एवं छात्रावास में छात्र-छात्राएं समूह में रहते हैं जिनमें यह बीमारी फैल सकती है। उन्होंने दोनों विभागों द्वारा संचालित संस्थाओं में इसकी रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश प्रसारित करने को कहा है।

संचालक, महामारी नियंत्रण ने अपने परिपत्र में कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों, उपचार और इससे बचाव के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने परिपत्र में कहा है कि कंजक्टिवाइटिस आंख की आम बीमारी है जिसे हम आँख आना भी कहते हैं। इस बीमारी में रोगी की आँख लाल हो जाती है, कीचड़ आता है, आँसू आते हैं, चुभन होती है तथा कभी-कभी सूजन भी आ जाती है।

कंजक्टिवाइटिस होने पर एंटीबायोटिक ड्रॉप जैसे जेंटामिसिन (Gentamicine), सिप्रोफ्लॉक्सिन (Ciprofloxacine), मॉक्सीफ्लॉक्सिन (Moxifloxacin) आई ड्रॉप आँखों में छह बार एक-एक बूंद तीन दिनों के लिए मरीज को देना चाहिए। तीन दिनों में आराम न आने पर किसी अन्य बीमारी की संभावना हो सकती है। ऐसे में नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। कंजक्टिवाइटिस की जाँच एवं उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

कंजक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अतः मरीज को अपनी आँखों को हाथ न लगाने की सलाह देनी चाहिए। रोगी से हाथ मिलाने से बचकर एवं उसकी उपयोग की चीजें अलग कर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है। संक्रमित आँख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल सम्पर्क से ही फैलती है।

वन अधिकार पत्र के वितरण में लाएं तेजी : मंत्री मरकाम

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मंत्री मोहन मरकाम ने आज जिला कार्यालय बिलासपुर के सभाकक्ष में बिलासपुर संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत, सामुदायिक अधिकार पत्र के साथ-साथ ऋण पुस्तिका के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों की आजीविका मजबूत करने के लिए मनरेगा और अन्य योजनाओं से उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने कहा। 

मंत्री मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लोगों को विभागीय योजनाओं से शत प्रतिशत लाभान्वित करना है। उन्होंने इसके लिए समन्वित प्रयास पर जोर दिया। उन्होंने देवस्थल में देवगुड़ी का निर्माण जल्द करने के निर्देश दिए। मरकाम ने 09 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर वन अधिकार पत्रों का वृहद पैमाने पर वितरण करने और शिविर लगाकर हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। मरकाम ने जिलों में आश्रम-छात्रावासों के उचित रखरखाव और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने के निर्देश सहायक आयुक्तों को दिए। बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने कहा।

मंत्री मरकाम ने छात्रावास के मरम्मत कार्याे को प्राथकिता से जल्द पूरा करने  के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और प्रयास आवासीय विद्यालयों की भी समीक्षा की। बैठक में मरम्मत एवं निर्माण कार्य में भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, विशेष केंद्रीय सहायता से अनुसूचित जनजाति उपयोजना की भी प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुंगेली और जांजगीर की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विभाग डीडी सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिलों के सहायक आयुक्त एवं जनपद पंचायतों के सीईओ मौजूद थे।   

शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पहले छात्रावास-आश्रम होंगे दुरूस्त

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे सभी छात्रावास-आश्रमों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रावासों-आश्रमों की साफ-सफाई मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, रंग-रोगन और मेस व्यवस्था के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने कहा गया है। गौरतलब है कि छात्रावासों-आश्रमों की व्यवस्था के साथ ही सभी सहायक आयुक्तों को निगरानी समिति की बैठक और पालक-बालक सम्मेलन आहूत करने आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि छात्रावास-आश्रम शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ निःशुल्क भोजन, शुद्ध स्वच्छ पेयजल, विद्युत, भवन, योग, स्वास्थ्य परीक्षण, ट्यूशन की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा सभी विद्यार्थियों को  नाश्ते में मिलेट को भी शामिल करने कहा गया है। बस्तर एवं सरगुजा संभाग के छात्रावास-आश्रम शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए राज्य भ्रमण कराने की योजना का भी क्रियान्वयन किया जाए। छात्रावास-आश्रमों में स्वच्छता संबंधी निर्देश और हाथ धुलाई के चित्र अनिवार्य रूप से दीवारों पर अंकित कराने कहा गया है। विद्यार्थियों को खाने से पहले हाथों को साबून से धोना और साफ कपड़ो से पोछना अनिवार्य कराया जाए। छात्रावासों के आंतरिक दीवारों पर ज्ञानवर्धक चित्र, उपयोगी सामान्य ज्ञान, समय-सारणी तथा छात्रावास-आश्रम से जुड़े अधिकारियों के महत्वपूर्ण टेलीफोन एवं मोबाईल नंबर का उल्लेख किया जाए।

छात्रावास-आश्रमों मेें प्रवेश के लिए प्राचार्याे, प्रधानाचार्याे और अधीक्षकों के साथ बैठक कर स्कूलों से निम्न आय वर्ग के प्रतिभावान बच्चों के सूची तैयार करने और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार प्रवेश दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। रिक्त सीटों पर प्री-मेट्रिक छात्रावासों में कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को नियमानुसार प्रवेश दिया जाए। कन्या छात्रावास एवं आश्रम में पक्का भवन, अधीक्षक, चौकीदार एवं नगर सैनिक के लिए आवास गृह होना चाहिए। अधीक्षक का आवास गृह उसी भवन परिसर में हो तो उसके लिए पृथक निकासी द्वार की व्यवस्था की जाए। भवन में अहाता, बिजली, पेयजल तथा शौचालय समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। कन्या छात्रावास-आश्रमों में महिला नगर सैनिक पदस्थ किए गए है, किन्तु जिन कन्या संस्थाओं में महिला नगर सैनिक पदस्थ नही है, वहां पर रात्रि काल में महिला चौकीदार की व्यवस्था की जाए।  

विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलवाएं: मंत्री डॉ. टेकाम

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने वन अधिकार पत्र वितरण के प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र एवं वन अधिकार पत्र प्राप्त हितग्राहियों को मनरेगा के तहत् स्वीकृत कार्यों एवं अन्य आनुषंगिक कार्यों में प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा है विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

इनके वन अधिकार पट्टे की भूमि पर मनरेगा के तहत अभिसरण से कार्य कराया जाए। जिला समन्वय समिति बनाकर विभागों को कार्य का लक्ष्य दिया जाए। जिन गांवों में वन अधिकार के अधिक पट्टे दिए गए हैं उन्हें आदर्श गांव घोषित कर इन वर्गो के लिए कार्य कराया जाए। आदर्श गांवों की सूची सभी विभागों को दी जाए तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करवाएं। मंत्री डॉ. टेकाम आज यहां आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के सहायक आयुक्तो एवं परियोजना प्रशासकों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभाग के सचिव श्री डी.डी.सिंह और आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी सहित वरिष्ट अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि वर्तमान में मौसम को देखते हुए वन अधिकार पट्टेधारियों की भूमि पर पौधा रोपण करवाएं। यहां सब्जी, फल के पौधो का वितरण भी किया जाए। विभाग के सचिव डी.डी. सिंह ने कहा कि गतवर्ष हर गांव में सामुदायिक भवन अधिकार पत्र वितरण का लक्ष्य दिया गया था, इस कार्य को भी पूरा करें। विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण, पेंशन योजना और राशनकार्ड वितरण कर लाभान्वित किया गया। इसके साथ ही इन वर्गो के बच्चों के शिक्षा का विशेष ध्यान दें। आजीविका के लिए लघु वनोपज संग्रहण कार्य से भी जोड़ा जाए। वन अधिकार मान्यता के लिए आवेदकों की संख्या बढ़ाएं।

मंत्री डॉ. टेकाम ने विभागीय योजनाओं के लक्ष्य को पूरा करने, निर्माण कार्यो को स्थल पर निरीक्षण कर अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के साथ केन्द्रीय योजनाओं के कार्यो को भी समय पर पूरा करें। देवगुड़ी आदिवासियों के आस्था का केन्द्र है। समुदाय का इससे जुड़ाव होना चाहिए। देवगुड़ी निर्माण के सभी स्वीकृत कार्यो को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने कहा कि विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के लिए आवास भी बनाए जाने है, इसके लिए इन वर्गो के मुखिया और हितग्राहियों से चर्चा कर उनके संस्कृति के अनुरूप घर बनाया जाए।

आवास का निर्माण वैध जमीन पर ही किया जाए और वहां बिजली पानी की मूलभुत सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षा सत्र 2023-24 के लिए मेस संचालन, खेल सामग्री क्रय करने की कार्रवाई नियमानुसार शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। इन विद्यालयों में कक्षा 10 वीं और 12 वीं के विद्यार्थियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिले के सहायक आयुक्त इसके लिए इन स्कूलों का अकादमी कैलेण्डर तैयार कर उसका पालन सुनिश्चित करवाए। इन स्कूलों के शिक्षकों को विषय-वस्तु के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए। इन स्कूलों के बच्चों का प्रत्येक माह यूनिट टेस्ट लेकर बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों का आकलन करें। विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित क्रीडा परिसरों में स्वीकृत लघु निमार्ण कार्यो का मौके पर मुआयना कर इन कार्यो को शीघ्र ही पूरा करवाए। क्रीडा परिसरों में बच्चों की समय पर भर्ती हो। इन क्रीडा परिसरों में खेल विधाओं के अनुसार कैम्प लगाकर बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाए।

बैठक में सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों एवं उन्नयन किये गए छात्रावास-आश्रमों की मौके पर जाकर समीक्षा करें। विभाग अंतर्गत संचालित विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अनुरक्षण, लघु मद अन्तर्गत किए गए कार्यो की समीक्षा भी की गई। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की समीक्षा के अंतर्गत गणवेश आपूर्ति, पाठ्यपुस्तक तथा विद्यालयवार, शिक्षकवार बोर्ड परीक्षा परिणाम एवं अतिथि शिक्षकों की भर्ती की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

 सीबीएसई पैटर्न के आधार पर बच्चों को पढ़ाने वाले अच्छे शिक्षकों की नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालयों में वर्ष 2022-23 में प्रवेश एवं परीक्षा परिणाम तथा नवीन प्रारंभ प्रयास स्कूलों की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना अन्तर्गत चयनित ग्रामों में स्वीकृत कार्यो की प्रगति की समीक्षा भी गई। चयनित ग्रामों में किए गए कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश सहायक आयुक्तों को दिए गए। इसके अलावा अत्याचार निवारण अधिनियम, न्यायालयीन प्रकरणों, भर्ती, पदोन्नति एवं अनुकंपा नियुक्ति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार परियोजना प्रशासकों से आदिग्राम पोर्टल में आवश्यक जानकारी की प्रगति को शीघ्र दर्ज करने के निर्देश दिए। संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 एवं केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह अभिकरण, प्रकोष्ठ के कार्यो में वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की समीक्षा गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की समीक्षा हेतु तीन चरणों में होने वाली इस बैठक के तृतीय चरण में सरगुजा संभाग की समीक्षा बैठक 15 जून को की जाएगी। 

वन अधिकार पत्र वितरण के प्रकरणों में तेजी लाएं - डी.डी.सिंह

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव डी.डी.सिंह ने वन अधिकार पत्र वितरण के प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कोई भी पात्र हितग्राही शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना से वंचित ना रहे। इसके अलावा सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र एवं वन अधिकार पत्र प्राप्त हितग्राहियों को मनरेगा के तहत् स्वीकृत कार्यों एवं अन्य आनुषंगिक कार्यों में प्राथमिकता दी जाए। सिंह आज यहां इंद्रावती भवन में आयोजित विभागीय योजनाओं की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक अंतर्गत बस्तर संभाग में पदस्थ सहायक आयुक्त एवं परियोजना प्रशासकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नगरीय क्षेत्र में वन अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन एवं वन अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत विकसित किये जाने वाले आदर्श ग्रामों की की समीक्षा की।

आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने बैठक को संबोधित करते हुए अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने और सभी छात्रावास आश्रमों में गोबर पेंट से पुताई संबंधी कार्य शीघ्र करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों एवं उन्नयन किये गए छात्रावास-आश्रमों की मौके पर जाकर समीक्षा करें। विभाग अंतर्गत संचालित विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में  अनुरक्षण, लघु मद अन्तर्गत किए गए कार्यो की समीक्षा भी की गई। 

बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की समीक्षा के अंतर्गत मेस टेण्डर, गणवेश आपूर्ति, पाठ्यपुस्तक तथा विद्यालयवार, शिक्षकवार बोर्ड परीक्षा परिणाम एवं अतिथि शिक्षकों की भर्ती की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। सीबीएसई पैटर्न के आधार पर बच्चों को पढ़ाने वाले अच्छे शिक्षकों की नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालयों में वर्ष 2022-23 में प्रवेश एवं परीक्षा परिणाम तथा नवीन प्रारंभ प्रयास स्कूलों की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना अन्तर्गत चयनित ग्रामों में स्वीकृत कार्यो की प्रगति की समीक्षा भी गई। चयनित ग्रामों में किए गए कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश सहायक आयुक्तों को दिए गए। इसके अलावा अत्याचार निवारण अधिनियम, न्यायालयीन प्रकरणों, देवगुड़ी निर्माण वर्ष 2022-23, भर्ती, पदोन्नति एवं अनुकंपा नियुक्ति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार परियोजना प्रशासकों से आदिग्राम पोर्टल में प्रविष्टि की समीक्षा, संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 एवं केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह अभिकरण, प्रकोष्ठ के कार्यो में वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की समीक्षा गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की समीक्षा हेतु तीन चरणों में होने वाली इस बैठक के प्रथम चरण मे आज बस्तर संभाग की समीक्षा की गई।  द्वितीय चरण में कल रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर संभाग की समीक्षा एवं तृतीय चरण में सरगुजा संभाग की समीक्षा बैठक 15 जून को की जाएगी। 

छात्रावास-आश्रमों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के तत्वावधान में ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा रायपुर में चल रहे मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हुआ। विगत् 08 जून से चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रावास-आश्रमों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाना था। समपान सत्र के अंत में मास्टर ट्रेनर्स से फीडबैक लिया गया और समापन सत्र में पढाई के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, बाल संरक्षण, किचन गार्डन की उपयोगिता, स्वस्थ शरीर, कैरियर गाइडेंस, पौष्टिक आहार की आवश्यकताएं के साथ ही विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विषय-विशेषज्ञों द्वारा जानकारी साझा की गई।

सत्र को सम्बोधित करते हुए उपायुक्त प्रज्ञान सेठ ने कॅरियर गाइडेंस विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने एकलव्य, नवोदय एवं प्रयास विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा की तैयारी तथा राष्ट्रीय स्कॉलरशिप पात्रता परीक्षा आदि की तैयारी के विषय में विस्तार से जानकारी दी। सत्र को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त प्राचार्य बी.आर.साहू, ने कहा कि जीवन में अनुशासन का अत्यंत महत्व है जो व्यक्ति अपने जीवन में अनुशासित है, उसके सफल होने की दर उतनी अधिक बढ़ जाती है। प्रशिक्षण सत्र को यूनिसेफ की स्टेट कंस्लटेंट श्रीमती पार्वती नायर ने भी सम्बोधित किया और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता पर बल देने की बात कही।

कार्यशाला में यूनिसेफ की स्टेट हेड सुश्री स्नेहिल ने कहा कि बाल संरक्षण ‘‘बच्चों को किसी भी कथित या वास्तविक खतरे से या उसके खिलाफ सुरक्षा से संबंधित है’’। बाल संरक्षण किसी एक संस्था विशेष की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए उद्यानिकी विभाग के अपर संचालक भूपेन्द्र पांडे ने किचन गार्डन की महत्ता बतायी। डाईट रायपुर के व्याख्याता श्री छबीराम साहू ने विद्यार्थियों के लिए फिटनेस एवं योगा को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। साथ ही न्यूट्रिशनिस्ट डॉ.नमिता पांडे ने विद्यार्थियों को संपूर्ण पौष्टिक आहार के लिए भोजन मीनू में किस-किस सामग्री को किस-किस मात्रा में शामिल किया जाए, उस पर विस्तार से जानकारी दी।

मास्टर्स ट्रेनर्स प्रशिक्षण सत्र का अधिकाधिक लाभ उठाएं : शम्मी आबिदी

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं का प्रभावी शासन और प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन संस्थाओं के चुने हुए जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों की क्षमता विकास से संबंधित दो दिवसीय प्रशिक्षण आज आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआई) नवा रायपुर अटल नगर के सभाकक्ष में प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण सत्र के प्रथम दिन आज जिलों से मनोनीत कुल 54 मास्टर्स ट्रेनर्स ने भाग लिया।

 

उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए आयुक्त सह संचालक टीआरआई श्रीमती शम्मी आबिदी ने संक्षेप में प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य बताया। उन्होंने जिलों से आए मास्टर्स ट्रेनर्स से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण सत्र का भरपूर लाभ उठाएं तथा प्रशिक्षण सत्र के दौरान आने वाले विभिन्न विषय विशेषज्ञों से अपनी सभी शंकाओं का समाधान करें, जिससे जिला स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देते समय उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो।

आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वाधान में छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं का प्रभावी प्रशासन और प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन संस्थाओं के जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों की क्षमता विकास से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम 28-29 मार्च 2023 को टीआरआई स्थित प्रशिक्षण हॉल में आयोजित किया जा रहा है। यहां जिलों से चयनित मास्टर्स ट्रेनर्स प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने अपने जिलों में जाकर जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि शासन द्वारा इस वर्ग हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की मैदानी स्तर पर सही जानकारी दी जा सके। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम को तकनीकी सहयोग संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) प्रदान कर रहा है। 

 प्रशिक्षण सत्र के प्रथम दिन सर्वप्रथम विषय विशेषज्ञ प्रखर जैन (पेसा समन्वयक) ने पांचवी अनुसूची के संबंध में विस्तार से बताते हुए कहा कि देश के कुल 10 राज्यों में 5वीं अनुसूची लागू है। छत्तीसगढ़ राज्य के 16 जिलों में यह पूर्ण रूप से लागू है। इसके अलावा ग्राम सभा तथा ग्राम पंचायत को पंचायती राज अधिनियम अंतर्गत प्राप्त शक्तियों की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही 1996 में केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए पेसा (PESA) कानून के बारे में भी विस्तार से बताया गया तथा महामहिम राज्यपाल को इस संबंध में प्राप्त शक्तियों की विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण सत्र में राजस्व विभाग के पी. निहलानी ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 एवं भूमि अधिग्रहण, विस्थापन एवं पुनर्वास ऐक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने धारा 165(1), धारा 168, उपधारा 2, 4, 5, 6 एवं उपधारा 6 (क), उपधारा 10, धारा 170 ख आदि पर विस्तार से अपने विचार प्रकट किए। विशेष रूप से बधंक भूमि के विभिन्न प्रकारों एवं अनुसूचित क्षेत्रोें में भूमि क्रय-विक्रय के संबंध में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 के विभिन्न प्रावधानों तथा 2013 में निर्मित भूमि अधिग्रहण, विस्थापन एवं पुनर्वास एक्ट पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशिक्षक कमल सिंह भदौरिया द्वारा सामाजिक विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। डी. डी. तिवारी द्वारा दिव्यांगजनों से संबंधित शासन द्वारा किए जा रहे विभिन्न सुधारात्मक उपायों पर प्रकाश डाला गया। सुश्री अनुराधा द्वारा लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण एवं वनोपज आधारित शासन की विभिन्न योजनाओं और इस पर आधारित उद्योगों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में से है एवं शासन द्वारा लगातार इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा सुश्री एलीस लकड़ा द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं बिहान के संबंध में पूरी जानकारी दी गई।

अंतिम चरण में रामधन श्रीवास द्वारा मनरेगा योजना पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुसूचित क्षेत्रों में इसके माध्यम से क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं और किस प्रकार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकता है। कृषि विभाग के उमेश तोमर द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के डॉ. कमलेश जैन द्वारा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।

पंचायती राज संस्थाओं को चयनित प्रतिनिधियों की क्षमता विकास का प्रशिक्षण 28 और 29 मार्च को

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं का प्रभावी शासन और प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन संस्थाओं के चुने हुए जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों की क्षमता विकास से संबंधित दो दिवसीय प्रशिक्षण 28 और 29 मार्च को आयोजित किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर अटल नगर के सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की आयुक्त सह संचालक श्रीमती शम्मी आबिदी ने प्रशिक्षण के संबंध में सभी संबंधितों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति, स्कूल शिक्षा एवं सहकारिता विभाग के 48,093 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगे पारित

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, स्कूल शिक्षा और सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 हेतु 48093 करोड़ 99 लाख 32 हजार रूपए की अनुदान मांगे ध्वनि मत से पारित की गई। इसमें आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग के लिए 40468 करोड़ 4 लाख 80 हजार रूपए, स्कूल शिक्षा के लिए 7 हजार 338 करोड़ 97 लाख 29 हजार रूपए और सहकारिता विभाग के लिए 286 करोड़ 97 लाख 23 हजार रूपए की राशि शामिल है।

मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने विभागीय बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुए बताया कि स्कूली बच्चों को उत्कृष्टतापूर्ण शिक्षा देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप सत्र 2021-22 में 52 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए। ये विद्यालय इतने लोकप्रिय हुए कि स्कूलों में बच्चों के लिए उपलब्ध एक-एक सीट के लिए 40-40 आवेदन प्राप्त हुए। इतना ही नहीं बहुत से निजी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को माता-पिता ने इन स्कूलों में भर्ती कराया। इन स्कूलों की लोकप्रियता को देखते हुए शासन ने लगातार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की संख्या में वृद्धि की और वर्तमान में 247 अंग्रेजी माध्यम तथा 32 हिन्दी माध्यम विद्यालय संचालित हो रहे हैं। 

247 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 01 लाख 30 हजार अंग्रेजी माध्यम और लगभग 90 हजार हिन्दी माध्यम के विद्यार्थी अध्ययनरत् हैं। हिन्दी माध्यम के 32 विद्यालयों में लगभग 24 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत् हैं। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की लोकप्रियता इस बात से भी प्रमाणित होती है कि दूरस्थ अंचलों में होने वाले भेंट-मुलाकात कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के समक्ष अनेक स्थानों पर नवीन अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ करने की मांग आई है। इस मांग की पूर्ति के लिए आगामी वर्ष में बजट में 101 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रावधानित किए गए हैं। 

इससे लगभग 60 हजार नवीन बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने का मौका मिलेगा। आगामी बजट में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के लिए 870 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय भी प्रारंभ किए जाएंगे। मंत्री डॉ. टेकाम ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी महापुरूषों के प्रति सम्मान रखते हुए यह निर्णय लिया है कि यदि किसी विद्यालय को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में परिवर्तित किया जा रहा है एवं संबंधित विद्यालय का पूर्व में नामकरण किया जा चुका हो तो उसे नहीं बदला जाएगा, बल्कि पूर्व से संचालित विद्यालय के नाम के पश्चात् ‘‘स्वामी आत्मानंद योजना के अंतर्गत’’ शब्द जोड़े जाएंगे। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कई नवाचार किए।

कोरोना काल में बुल्टू के बोल, मोहल्ला क्लास, लाउडस्पीकर वाले गुरूजी, श्यामपट वाले गुरूजी, अंगना म शिक्षा के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों को बनाए रखा। छत्तीसगढ़ में बच्चों के शैक्षणिक स्तर को बचाए रखने में काफी हद तक सफल रहे। इसका प्रमाण असर सर्वेकी रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक जैसे राज्यों में बच्चों के पढ़ने के स्तर में काफी गिरावट आई है, उसकी तुलना में छत्तीसगढ़ के बच्चों का असर काफी अच्छा रहा। कोरोना महामारी के कारण शैक्षणिक अधिगम के स्तर में आई कमी को दूर करने के लिए विश्व बैंक के समर्थन से 2500 करोड़ रूपए की चॉक परियोजना शुरू कर रहे हैं। इस परियोजना के लिए वर्ष 2023-24 में 400 रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री डॉ. टेकाम ने बताया कि एससीईआरटी के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। जिन शिक्षकों ने अपने विद्यालय को उत्कृष्ट बनाने के लिए प्रशिक्षण चाहा था उन्हें प्रशिक्षण दिया गया।

कुछ शिक्षकों ने मांग की उन्हें राष्ट्रीय स्तर का अकादमिक एवं प्रशासनिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए आगामी सत्र के लिए नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान हेतु बजट में एक करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों में बुनियादी दक्षताओं को प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा सुघ्घर पढ़वैय्यायोजना प्रारंभ की गई है। योजना का मूलभाव यह है कि विद्यार्थियों को उनके प्रारंभिक वर्षों में अर्थात् 8 वर्ष की आयु तक समझ के साथ पढ़ना और जोड़ना, घटाना, गुणा-भाग आदि को करने में दक्षता हासिल करना। यह योजना कक्षा पहली से 8वीं तक विद्यार्थियों के लिए है। अभी तक 48 हजार 501 विद्यालयों में से 39009 विद्यालयों में इस चुनौती को स्वीकार किया है। थर्ड पार्टी आकलन के लिए 3880 विद्यालयों ने अनुरोध किया है।

इनमें से 630 विद्यालयों का आकलन एससीईआरटी द्वारा किया जा रहा है। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि प्रदेश की शालाओं में उच्च स्तर की अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित करने के लिए हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजनाशुरू की है। इससे शीघ्र ही विद्यालयों को नये भौतिक स्वरूप में देखेंगे। इस योजना के लिए बजट में 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। नवीन सत्र में विद्यार्थी अपने विद्यालय के सुसज्जित भवन में नई उमंग के साथ पढ़ने जाएंगे। योजना के तहत 20408 विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जहां मरम्मत व अतिरिक्त कक्षों की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिलों को अब तक 193 करोड़ की राशि विमुक्त की जा चुकी है। सभी जिलों से 31 मार्च तक जानकारी मंगाई गई है, ताकि स्कूल सत्र शुरू होने से पूर्व स्कूलों को सुसज्जित किया जा सके। 

मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि विज्ञान विषय लेकर पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी का सपना रहता है कि वह अच्छे मेडिकल या इंजीनियरिंग संस्थान में एडमिशन ले। इसके लिए बच्चे स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न कोचिंग संस्थान में कोचिंग हेतु जाते हैं। राजस्थान के कोटा में संचालित कोचिंग संस्थानों ने पूरे देश में पहचान बनाई है। हमारे प्रदेश से भी बड़ी संख्या में बच्चे कोचिंग के लिए कोटा जाते हैं, परन्तु बहुत से गरीब परिवारों के बच्चे इस सुविधा से वंचित हो जाते हैं। अतः आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे कोटा राजस्थान में जाकर कोचिंग ले सकें, इसके लिए सरकार ने वहां छात्रावास निर्माण करने की योजना रखी है। सत्र 2023-24 के लिए 25 लाख के बजट का प्रावधान किया गया है। इसके लिए राजस्थान सरकार से जमीन की मांग की गई है।

मंत्री डॉ. टेकाम ने बताया कि हमारी सरकार ने नौनिहालों की नींव मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश में 5 हजार 173 बालवाड़ी 2022-23 में प्रारंभ किए हैं। बालवाड़ी में 5 से छह वर्ष के बच्चों को प्रवेश दिया गया है और यह आंगनबाड़ी तथा कक्षा पहली के बीच सेतु का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पूरा विश्व मिलेट्स ईयरमना रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार को मिलेट्स में की गई पहल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसी कड़ी में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मध्यान्ह भोजन योजना में मिलेट्स को शामिल करने का निर्णय लिया गया है, ताकि बच्चों को कुपोषण से मुक्ति में सहायता मिले। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में कभी भी शिक्षकों की सीधी भर्ती नहीं की गई थी। हमारी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए 10834 शिक्षकों की भर्ती की है और आने वाले समय में भी आवश्यकतानुसार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

मंत्री डॉ. टेकाम ने सहकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल की सरकार बनते ही दो घंटे के भीतर किसानों की ऋण माफी की। सरकार की नीतियों के कारण किसानों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। सहकारी समितियों के माध्यम से गोपालन के लिए 2 लाख रूपए की सीमा तक 01 प्रतिशत एवं 2 से 3 लाख रूपए तक तीन प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। लाख उत्पादकों को दो लाख रूपए की सीमा तक और मत्स्य पालन, उद्यानिकी कार्य हेतु तीन लाख रूपए की सीमा तक शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग की इस योजना के फलस्वरूप ऋण लेने वाले किसानों की संख्या में वृद्धि हो रही है। वर्ष 2021-22 में 12 लाख 99 हजार कृषकों को 5 हजार 458 करोड़ रूपए का अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराया गया था। 

वर्ष 2022-23 में 14 मार्च तक लगभग 14 लाख 10 हजार किसानों को 6 हजार 434 करोड़ रूपए का अल्पकालीन ऋण सहकारी समितियों से उपलब्ध कराया गया है, जो विगत वर्ष की अपेक्षा लगभग 18 प्रतिशत अधिक है। कृषक ऋण ब्याज दर युक्तियुक्तकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 290 करोड़ रूपए का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। मंत्री डॉ. टेकाम ने प्रदेश में संचालित 1333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का पुनर्गठन कर 725 नवीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां गठित की गई है। इस तरह प्रदेश में कुल 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां संचालित हैं। प्रदेश में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पुनर्गठन के लिए फलस्वरूप नवीन पंजीकृत 725 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 200 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम सह-कार्यालय निर्माण के लिए प्रति गोदाम 25.56 लाख रूपए की लागत से कुल 185 करोड़ 31 लाख की परियोजना स्वीकृत की गई है। 

इसके लिए वर्ष 2023-24 में 34 करोड़ 16 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री डॉ. टेकाम ने आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास विभाग की अनुदान मांगों की चर्चा पर उत्तर देते हुए कहा कि वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्ष 2023-24 के बजट प्रावधान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्य बजट वित्तीय वर्ष 2022-23 में 2347 करोड़ 70 लाख का प्रावधान था, जिसमें 628 करोड़ 65 लाख की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 के मुख्य बजट में 2976 करोड़ 35 लाख रूपए का प्रावधान रखा गया है। इस प्रकार प्रावधानित बजट में 26.77 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित हुई है। इसी प्रकार आदिवासी उपयोजना एवं अनुसूचित जाति उपयोजना के माध्यम से विभिन्न सेक्टरों में विकास कार्यों का गति प्रदान करने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य के मुख्य बजट में आदिवासी उपयोजना मद अंतर्गत कुल बजट प्रावधान 26168 करोड़ 69 लाख 45 हजार शामिल है।

इसी तरह अनुसूचित जाति उपयोजना मद वर्ष 2023-24 में कुल बजट प्रावधान 8276 करोड़ 15 लाख 02 हजार रूपए शामिल है।अनुसूचित जनजाति उपयोजना तथा अनुसूचित जाति उपयोजना मदों में वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्ष 2023-24 के मुख्य बजट प्रावधान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अनुसूचित जनजाति उपयोजना मुख्य बजट प्रावधान वर्ष 2022-23 में 21492 करोड़ 34 लाख 10 हजार रूपए था। वर्ष 2023-24 में 26168 करोड़ 69 लाख 45 हजार का प्रावधान किया गया है। इसमें तुलनात्मक वृद्धि 4676 करोड़ 35 लाख 35 हजार रूपए हुई है, जो 21.75 प्रतिशत है।

इसी प्रकार अनुसूचित जाति उपयोजना मद में गत वर्ष के मुख्य बजट की तुलना में वर्ष 2023-24 के मुख्य बजट प्रावधान में 22.67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट में 6746 करोड़ 44 लाख 40 हजार रूपए का प्रावधान था। वर्ष 2023-24 में 8276 करोड़ 15 लाख 2 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। इसमें तुलनात्मक वृद्धि 1529 करोड़ 70 लाख 62 हजार रूपए परिलक्षित हुई है। मंत्री डॉ. टेकाम ने बताया कि वर्ष 2023-24 के मुख्य बजट में नवीन मद के रूप में 15 पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों की स्थापना के लिए 01 करोड़ 43 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए हर जिले में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास खोले जाएंगे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.