Media24Media.com: छत्तीसगढ़ को केंद्र से लगातार 4 सालों से DAP की कम आपूर्ति, ​​​​​​​कृषि मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

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छत्तीसगढ़ को केंद्र से लगातार 4 सालों से DAP की कम आपूर्ति, ​​​​​​​कृषि मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

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छत्तीसगढ़ राज्य को खरीफ सीजन 2022 के लिए सप्लाई प्लान के अनुरूप रासायनिक उर्वरकों की कम आपूर्ति के संबंध में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया और केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखा है। मंत्री चौबे ने अपने पत्र में खरीफ के लिए अप्रैल और मई माह के सप्लाई प्लान के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य को उर्वरक प्रदाय की मात्रा में की गई 2 लाख 5 हजार 82 मीट्रिक टन की कमी की तत्काल आपूर्ति के साथ ही राज्य को जून माह की सम्पूर्ण मांग के अनुरूप उर्वरक प्रदाय कराने का अनुरोध केन्द्रीय मंत्री से किया है। 

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। प्रदेश की 80 प्रतिशत जनता खेती से जुड़ी है। खरीफ मौसम खेती की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में खरीफ सीजन में 48.20 लाख हेक्टेयर में फसलों की बुआई की जाती है, जिसमें 40.50 लाख हेक्टेयर में धान और अन्य अनाज, 3.76 लाख हेक्टेयर में दलहन, 2.55 लाख हेक्टेयर में तिलहन और 1.32 लाख हेक्टेयर में अन्य फसलों की बुआई की जाती है।

2.30 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति हुई

खरीफ 2022 में छत्तीसगढ़ राज्य के लिए कुल 13.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दी गई है। राज्य को अप्रैल एवं मई माह में 3.29 लाख मीट्रिक टन यूरिया सप्लाई प्लान के अनुसार मिलना था, जबकि राज्य को उक्त दोनों माह में मात्र 2.30 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति हुई, जो कि सप्लाई प्लान से 99,378 मीट्रिक टन कम है। इसी तरह 1.60 लाख मीट्रिक टन डीएपी की सप्लाई के स्थान पर छत्तीसगढ़ को मात्र 1.09 लाख मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति की गई, जो कि सप्लाई प्लान से 51,034 मीट्रिक टन कम है। इसी तरह राज्य को सप्लाई प्लान के मुताबिक एमओपी 18,309 मीट्रिक टन तथा एनपीके 36,361 मीट्रिक टन उर्वरक कम मिला है। इस प्रकार दोनों महीनों के सप्लाई प्लान के विरूद्ध छत्तीसगढ़ राज्य को कुल 2.05 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आपूर्ति कम हुई है। 

2.10 लाख मीट्रिक टन उर्वरक सप्लाई प्लान की स्वीकृति

मंत्री चौबे ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए जून माह में निर्धारित मांग 2.66 लाख मीट्रिक टन के विरूद्ध मात्र 2.10 लाख मीट्रिक टन उर्वरक सप्लाई प्लान की स्वीकृति दी गई है, जो कि 56 हजार मीट्रिक टन कम है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ को उर्वरक, मांग और सप्लाई प्लान के विरूद्ध कम आपूर्ति की जा रही है। मंत्री चौबे ने लिखा है कि प्रदेश में मानसून जून माह के द्वितीय सप्ताह में सक्रिय होता है और उर्वरकों के उठाव में बहुत तेजी से वृद्धि होती है। राज्य में उर्वरकों की कमी से खरीफ कार्यक्रम के साथ-साथ कानून व्यवस्था भी निश्चित रूप से प्रभावित होगी। 

सप्लाई प्लान में संशोधन करने की मांग

उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से प्रदेश की माहवार उर्वरक सप्लाई प्लान के अनुसार अप्रैल और मई माह के शेष उर्वरक 2.05 लाख मीट्रिक टन और  जून माह के सप्लाई प्लान में संशोधन करते हुए जून माह के प्रदेश की सम्पूर्ण मांग के अनुरूप उर्वरक प्रदाय करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। बता दें कि लगातार चार सालों से छत्तीसगढ़ को केंद्र से एलॉटमेंट के विरुद्ध कम डीएपी खाद प्राप्त हुई है। खरीफ वर्ष 2022 के लिए छत्तीसगढ़ को आवंटित 2 लाख 10 हजार 400 मीट्रिक टन डीएपी के विरुद्ध अब तक 01 लाख 16 हजार 875 मीट्रिक टन डीएपी खाद मिली है। हालांकि खरीफ 2022 के लिए 01 लाख 80 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध छत्तीसगढ़ को 2 लाख 10 हजार 400 मीट्रिक टन डीएपी खाद का आवंटन दिया गया है।

बीते साल भी कम हुई थी आपूर्ति

इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2021 में 2 लाख 30 हजार मीट्रिक टन डीएपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ को 1 लाख 62 हजार 027 मीट्रिक टन डीएपी खाद का आवंटन प्राप्त हुआ था, जिसमें से मात्र 1 लाख 21 हजार 517 मीट्रिक टन डीएपी राज्य को मिला। इसी तरह साल 2020 में 2 लाख 63 हजार 982 मीट्रिक टन डीएपी के आवंटन के विरुद्ध 1 लाख 67 हजार 769 मीट्रिक टन, खरीफ वर्ष 2019 में 3 लाख 57 हजार 262 मीट्रिक टन के आवंटन के विरुद्ध 1 लाख 29 हजार 288 मीट्रिक टन डीएपी खाद प्राप्त हुई थी।

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