Media24Media.com: खुशखबरी: अब बाड़ी में लगे टमाटर, बैंगन, अमरूद, केला, पपीता के फसलों का भी होगा बीमा

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खुशखबरी: अब बाड़ी में लगे टमाटर, बैंगन, अमरूद, केला, पपीता के फसलों का भी होगा बीमा

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कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2020-21 के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों टमाटर, केला, बैगन, मिर्च, अदरक, पपीता, अमरूद के लिए जिले के किसान बीमा करा सकते हैं। बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2021 निर्धारित की गई है। चालू खरीफ मौसम में जिले के सब्जी और फल उत्पादक किसानों की फसलों का भी बीमा कराया जाएगा। मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम से उद्यानिकी फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई किसानों को हो सकेगी। किसानों को फसलों के बीमा के लिए निर्धारित ऋणमान का 5 % प्रीमियम के रूप में देना होगा।





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मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत जिले के किसान बीमा का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति, बीमा कंपनी बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि या शासकीय उद्यान रोपणी से संपर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। सहायक संचालक उद्यानिकी ने बताया कि उद्यानिकी फसलों के बीमा का लाभ लेने के इच्छुक भूधारक और बटाइदार किसानों को घोषणा पत्र के साथ फसल बोआई प्रमाण पत्र या फसल बोने के आशय का घोषणा पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।





हस्ताक्षर किया गया घोषणा पत्र





किसानों को अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा कराने के लिए उन फसलों के लिए निर्धारित ऋणमान का 5 प्रतिशत प्रीमियम राशि के रूप में देना होगा। शेष प्रीमियम की राशि का 50 प्रतिशत केंद्र और 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। ऐसे ऋणी किसान जो बीमा योजना का लाभ नहीं लेना चाहते उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित फार्म भरकर खुद के द्वारा हस्ताक्षर किया गया घोषणा पत्र, बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के सात दिन पहले संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा। निर्धारित समय में हस्ताक्षर सहित घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा स्वीकृत या नवीनीकृत अल्पकालीन कृषि ऋण को संबंधित मौसम के लिए अनिवार्य रूप से बीमाकृत मान लिया जाएगा।





इन केंद्रों में कर सकते हैं संपर्क





जिले के किसान खरीफ वर्ष 2021-22 के उद्यानिकी फसलों के लिए निर्धारित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के संबंध में ज्यादा जानकारी के लिए जिले के किसान कोरबा विकासखंड के शासकीय उद्यान रोपणी पताढ़ी, करतला विकासखंड के शासकीय उद्यान रोपणी पटियापाली, कटघोरा विकासखंड के शासकीय उद्यान रोपणी पंडरीपानी, विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के शासकीय उद्यान रोपणी नगोई और विकासखंड पाली के शासकीय उद्यान रोपणी पोड़ी लाफा में संपर्क कर सकते हैं।





किसान हो रहे लाभांवित





कोरबा जिले के बिजली पहुंच विहीन मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा चलित सोलर पंपों से सिंचाई करने की सुविधा किसानों को प्राप्त हो रही है। क्रेडा विभाग द्वारा ऐसे इलाकों में सोलर पंप स्थापित करके सिंचाई की सुविधा प्रदान की जा रही है। बिजली पहुंच विहीन क्षेत्र के किसान सोलर पंप की सुविधा मिल जाने से अपने खेतों में फसलों को पानी की सुविधा उपलब्ध करा पा रहे हैं।





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क्रेडा द्वारा जिले में अब तक दो हजार 447 सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन सोलर पंपो में 499 सरफेस पंप और एक हजार 948 सबमर्सिबल पंप शामिल हैं। शासन के सौर सुजला योजनांतर्गत किसानों को अनुदान पर सोलर पंप लगाने की सुविधा दी जा रही है। इस योजनांतर्गत किसानों को अनुदान पर सौर उर्जा चलित सिंचाई पंप प्रदान की जा रही है, जिससे जिले के किसान अपने कृषि भूमि पर सिंचाई कर रहे हैं।





ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का उद्देश्य





जिले के मैदानी और दूरस्थ और दुर्गम वनांचल बिजली पहुंच विहीन क्षेत्रों में सौर सुजला योजनांतर्गत सिंचाई सुविधा प्रदान की जा रही है। ऐसे गांवों में सिंचाई की सुविधा मिल जाने से किसानों के लिए यह वरदान के रूप में साबित हो रही है। क्रेडा द्वारा किसानों के खेतों के साथ-साथ शासन द्वारा गांव में विकसित गौठानों में भी सोलर पंप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से गांव में बनाए गए गौठानों में चारागाह क्षेत्र में सोलर पंप स्थापित किए जा रहे हैं।





दो हजार 447 सोलर पंप स्थापित





गौठानों में सब्जी उत्पादन के लिए उपयोगी चारागाह क्षेत्रों में सोलर पंपों से सिंचाई किया जा रहा है। सोलर पंपों से गौठानों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जाने के फलस्वरूप स्वसहायता समूह की महिलाओं को सब्जी उत्पादन में सहायक सिद्ध हो रही है। सौर सुजला योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को रियायती दर पर सौर उर्जा चलित सिंचाई पंप प्रदान कर किसानों को सशक्त बनाना है। क्रेडा विभाग के सहायक अभियंता एन. के. राय ने बताया कि कोरबा जिले में कुल 4 चरणों में दो हजार 447 सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं। पांचवे चरण में 700 सोलर पंप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।





किसानों को दिए जा रहे सौर ऊर्जा चलित पंप





पांचवे चरण में 153 सोलर पंप गौठान या चारागाह में लगाए जाएंगे और 547 सोलर पंप किसानों के खेतों में लगेंगे। इस चरण में अभी तक 428 सोलर पंप लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 74 सोलर पंप गौठानों में लगाया गया है। इस प्रकार चौथे और पांचवे चरण में कुल 181 गौठानों में सोलर पंप लगाए जा चुके हैं। सौर सुजला योजनांतर्गत विकासखंड कोरबा में सर्वाधिक 897 सोलर पंप लगाए गए हैं। विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा में 516 सोलर पंप, पाली विकासखंड में 329, करतला विकासखंड में 423 और कटघोरा विकासखंड में 282 सोलर पंप लगाए गए हैं। सौर सुजला योजना के तहत सरकार द्वारा तीन हॉर्स पावर और पांच हॉर्स पावर क्षमता वाले सौर ऊर्जा चलित पंप किसानों को दिए जा रहे हैं।





अंशदान चुकाकर अपने खेतों में सोलर पंप स्थापित कराए





तीन हॉर्स पावर के सोलर पंप पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को 10 हजार रूपए, पिछड़ा वर्ग के किसानों को 15 हजार रूपए और सामान्य वर्ग के किसानों को 20 हजार रूपए अंशदान देना होता है। इसी प्रकार पांच हॉर्स पावर सोलर पंप के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों द्वारा 15 हजार रूपए, पिछड़ा वर्ग के किसानों द्वारा 21 हजार और सामान्य वर्ग के किसानों द्वारा 25 हजार रूपए अंशदान चुकाकर अपने खेतों में सोलर पंप स्थापित कराए जा सकते हैं।


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