Media24Media.com: फाइलेरिया से बचाव के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान की शुरुआत

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फाइलेरिया से बचाव के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान की शुरुआत

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स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश के चार जिलों रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद और रायगढ़ में फाइलेरिया से बचाव के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान शुरुआत की। स्वास्थ्य मंत्री ने रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में खुद फाइलेरिया की दवा खाकर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया। 19 जुलाई से 24 जुलाई तक चार जिलों में फाइलेरिया से बचाव के लिए DEC दवा के साथ ही प्रदेश भर में एक साल से 19 साल तक के बच्चों और किशोरों को कृमिनाशक एलबेंडाजोल दवा का सेवन कराया जाएगा।



स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने सामूहिक दवा सेवन अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि फाइलेरिया से बचाव के लिए लोगों को दवा उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें इसके सेवन के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए। जिस समय लोग यह दवा प्राप्त करे, उसी समय उन्हें इसका सेवन करवाने की कोशिश करना चाहिए। इस तरह की जागरूकता से ही हम प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया से बचाव ही इसके उन्मूलन का सबसे कारगर उपाय है। इसके लिए सभी लोगों को दवा का सेवन जरूर करना चाहिए।



राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के चार जिलों रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद और रायगढ़ के कुल 72 लाख 59 हजार 263 लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य है। सामूहिक दवा सेवन अभियान के तहत 19 जुलाई से 24 जुलाई के बीच रायपुर जिले में 28 लाख 43 हजार 325, बलौदाबाजार में 16 लाख 65 हजार 100, गरियाबंद में  6 लाख 96 हजार 916 और रायगढ़ में 17 लाख 53 हजार 921 लोगों को DEC दवा का सेवन कराया जाएगा। 




अभियान के तहत 2 साल से ज्यादा के सभी लोगों को यह दवा खिलाई जाएगी। सामूहिक दवा सेवन गतिविधि के साथ-साथ हाइड्रोसिल (Hydrocele) के सभी मरीजों का ऑपरेशन कर हाइड्रोसिल मुक्त जिला घोषित करने का भी लक्ष्य रखा गया है। राज्य में हाइड्रोसिल के कुल 5657 मरीजों और लिम्फीडेमा (Lymphodema) के 5017 मरीजों का लाइन लिस्टिंग किया गया है। अभियान के पहले दिन  इन चारों जिलों की आंगनबाड़ियों में पंजीकृत बच्चों और स्थानीय लोगों को दवा का सेवन कराया गया। जो लोग आज दवा का सेवन नहीं कर पाएं हैं उन्हें मितानिनें और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अगले तीन दिनों में घर-घर पहुंचकर दवा खिलाएंगी। दवा खाने से रह गए लोगों को 23 और 24 जुलाई को मॉप-अप राउंड के तहत दवा सेवन कराया जाएगा। दवा सेवन सुनिश्चित करने और पर्यवेक्षकों द्वारा निगरानी के लिए सभी घरों की दीवार पर स्टीकर चिपकाया जाएगा।


 


गरियाबंद कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने हाईस्कूल नहरगांव में स्कूली छात्रों को DEC और एलबेन्डाजॉल की दवाई खिलाकर लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन और कृमि मुक्ति दिवस की शुरूआत की है। कलेक्टर ने कहा कि जिले के प्रत्येक लक्षित बच्चों को दवाई खिलाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जिला CEO संदीप अग्रवाल ने भी बच्चों को दवाई खिलाया। CMHO एन.आर. नवरत्न ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है यह जान तो नहीं लेती है लेकिन जिंदा व्यक्ति को मृत के समान बना देती है। इस बीमारी को हाथीपॉव के नाम से भी जाना जाता है। गरियाबंद जिले में 453 फाइलेरिया के मरीज है। जिसमें सबसे ज्यादा राजिम में 235 फाइलेरिया के मरीज है। 


कृमि मुक्ति दिवस


विशेषज्ञों का कहना है कि फाइलेरिया मच्छरों (परजीवी क्यूलेक्स फैंटिगस मादा मच्छर) से फैलता है, जब यह मच्छर किसी फाइलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति को काटता है तो वह संक्रमित हो जाता है, फिर जब यह मच्छर किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो फाइलेरिया के विषाणु रक्त के जरिए शरीर में प्रवेश कर उसे भी फाइलेरिया से ग्रसित कर देता है। हाथीपॉव से लोगों को बचाने के लिए जिले में कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा 19 से 24 जुलाई 2021 तक लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन और कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। तैयारी के संबंध में कलेक्टर द्वारा रविवार को बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।


DEC और  एलबेन्डाजॉल की दवाई


जिले के सभी विकासखंडों में 5 लाख 78 हजार 181 लोगों को DEC और  एलबेन्डाजॉल की दवाई खिलाई जाएगी। संबंधित समस्त प्रशिक्षण जिला और विकासखंड स्तर पर पूर्ण किया जा चुका है। जिसमें 01 से 02 साल के बच्चों को एलबेन्डाजॉल की आधी गोली (200 एमजी), 2 से 5 साल, 6 से 14 साल और 15 से ज्यादा आयु वर्ग के लोगो को एक गोली (400 एमजी), खिलायी जाएगी। फाईलेरिया में 2 से 5 वर्ष के बच्चों को डी.ई.सी. की एक गोली (100 एमजी), 6 से 14 वर्ष के बच्चों को दो गोली (200 एमजी) एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को 3 गोली (300 एमजी) खिलाई जाएगी। एक साल से  कम उम्र के बच्चें, गर्भवती महिलाओं, अति वृद्ध और गंभीर बिमारियों से पीड़ितों को दवा नही दिया जाएगा। इस अवसर पर डीपीएम रीना लक्ष्मी, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

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