Media24Media.com: महासमुंद जेल ब्रेक : बंदियों के फरार होने की होगी दंडाधिकारी जांच

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

महासमुंद जेल ब्रेक : बंदियों के फरार होने की होगी दंडाधिकारी जांच

Document Thumbnail

महासमुंद। कलेक्टर एवं ज़िला दंडाधिकारी डोमन सिंह ने महासमुंद जेल से पाँच विचाराधीन बंदियों के फरार होने की दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, महासमुन्द को जांच धिकारी नियुक्त किया गया है। उपमहानिदेशक जेल एवं सुधरात्मक सेवाएं छतीसगढ़ रायपुर ने जिला जेल महासमुन्द के फरारी की घटना की दण्डाधिकारी जांच कराकर जांच प्रतिवेदन जेल मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश जिला दंडाधिकारी को दिया है।





इन बिंदुओं पर होगी जांच





जांच हेतु निम्न बिन्दु तय किये गए हैं। इनमें जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की फरारी किन परिस्थितियों में हुई, बंदियों के फरार होने की लापरवाही के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है? उत्तरदायित्व का निर्धारण ? अन्य बिन्दु जो जाॅच अधिकारी उचित समझे।





छत्तीसगढ़ में शराब प्रेमियों के लिए खुशखबरी, अब लॉकडाउन के दौरान फिर से होगी शराब की होम डिलीवरी





अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी महासमुन्द उपरोक्त बिन्दुओं पर जांच कर जांच प्रतिवेदन एक माह के भीतर पेश करेंगे। गौरतलब है कि पाँचों विचाराधीन बंदी 6 मई 2021 को महासमुंद जिला जेल की चारदीवारी फाँद कर फरार हो गए थे । हालांकि पाँचो को बाद में पकड़ लिया गया है।





जिला जेल ब्रेक का पांचवा आरोपी भी पकड़ा गया





महासमुंद जिला जेल ब्रेक का पांचवा एवं अंतिम आरोपी भी पकड़ लिया गया है। जैसे कि खबर दी जा चुकी है कि गुरुवार 6 मई को जिला जेल से फरार 5 बंदियों में से चार बंदियों को शुक्रवार की शाम तक गिरफ्तार कर लिया गया था और अब पांचवें एवं अंतिम फरार बंदी को भी पुलिस ने रात में गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ आनंद छाबड़ा ने महासमुन्द पुलिस को तीस हजार रुपये नगद ईनाम देने की घोषणा की है।





5 बंदी हुए थे जेल से फरार





गुरुवार को 5 बंदियों के एक साथ जेल की दीवार कूदकर फरार हो जाने की घटना से हड़कंप मच गया था। इसकी खबर लगते ही जहां चारों और नाकेबंदी कर दी गई वही जेल प्रशासन से लेकर पुलिस महकमें में खलबली मच गई । जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की ओर से चार जेल प्रहरीयों को निलंबित कर दिया गया था और किसी भी हालत में फरार बंदियों को पकड़ने का टास्क दिया गया था।





आईजी ने तीस हजार रुपये का नगद इनाम दिया





महासमुन्द पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट कर दिया था और किसी भी हाल में शीघ्र ही पांचो फरार बंदियों की गिरफ्तारी करने का आदेश जारी किया था। एक के बाद एक दो दिन के भीतर ही सभी को पकड़ लिया गया। सभी को एक बार फिर गिरफ्तार कर एक बार फिर से जेल भेज दिया गया है। इसके लिए रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ आनंद छाबड़ा ने महासमुन्द पुलिस को तीस हजार रुपये नगद ईनाम देने की घोषणा की है।


Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.