Media24Media.com: लिव इन में रहने के बाद रेप केस दर्ज करवाना चाहती हैं लड़कियां

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लिव इन में रहने के बाद रेप केस दर्ज करवाना चाहती हैं लड़कियां

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छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे दुष्कर्म के मामलो को लेकर बेतुका बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 'महिला आयोग में आए दिन ऐसी महिलाएं आती है जो पहले तो खुद अपनी मर्जी से लिव इन में रहकर संबंध बनाती है फिर बाद में रिपोर्ट दर्ज कराकर न्याय की उम्मीद करती हैं.।'





छत्तीसगढ़ में CM की कुर्सी को लेकर सियासी भूचाल





किरणमयी नायक ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसी महिलाएं हमसे न्याय की उम्मीद न करें क्योंकि आपने गलत किया है। उन्होंने कहा कि 'कई बार शादीशुदा महिलाएं अपने से कम उम्र के पुरूष के साथ संबंध बनाती है और रिश्ता बिगड़ जाने पर रेप केस दर्ज करवा देती है, फिर महिला आयोग से संरक्षण की मांग करती है। ये फिल्मी तरीके हैं कि लोग लिव इन में रह रहे हैं, हीरो-हिरोइन रह रहे हैं तो यहां भी यही शुरू कर दें, ये गलत परंपरा है, इन सबके चक्कर में महिलाओं और लड़कियों को नहीं आना चाहिए।'





न्याय की उम्मीद न करें महिलाएं





किरणमयी नायक ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसी महिलाएं हमसे न्याय की उम्मीद न करें क्योंकि आपने गलत किया है। उन्होंने कहा कि 'कई बार शादीशुदा महिलाएं अपने से कम उम्र के पुरूष के साथ संबंध बनाती है और रिश्ता बिगड़ जाने पर रेप केस दर्ज करवा देती है, फिर महिला आयोग से संरक्षण की मांग करती है। ये फिल्मी तरीके हैं कि लोग लिव इन में रह रहे हैं, हीरो-हिरोइन रह रहे हैं तो यहां भी यही शुरू कर दें, ये गलत परंपरा है, इन सबके चक्कर में महिलाओं और लड़कियों को नहीं आना चाहिए।'  उन्होंने कहा कि 'अभिभावक अपनी बच्चियों पर नजर रखें और समझाइश दें।'





यूज करती हैं महिलाएं





उन्होंने कहा कि अक्सर महिलाएं आकर हमसे मदद की उम्मीद करती हैं, जो महिलाएं सचमुच प्रताड़ित हो रही हैं, आयोग उनके साथ है। अक्सर अधिकांश मामले हमारे पास ऐसे आते हैं, जिसमें महिलाएं दोनों तरफ से इनडायरेक्ट यूज करतीं हैं।





कई प्रकरण हुए हैं खारिज





आयोग के पास दहेज प्रताड़ना, कार्यालय स्थल पर शोषण, घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा आते हैं। इनमें कई प्रकरण खारिज करने पड़ते हैं। यदि इनमें से किसी मामले की शिकायत पुलिस स्टेशन में दर्ज नहीं होती है तो महिला आयोग सुनवाई करता है। यदि पुलिस शिकायत दर्ज कर लेती है तो महिला आयोग पीड़िता को राहत नहीं दे पाता है।





जिम्मेदार बने लड़कियां





उन्होंने कहा कि पहले आप पढ़-लिखकर जिम्मेदार बनें। अगर आप किसी से शादी करना चाह रहे हैं तो आप देखें कि वह ज़िम्मेदार है कि नहीं। आपकी परवरिश कर सकता है कि नहीं। अगर शादीशुदा व्यक्ति आपको प्यार के झांसे में फंसा रहा है तो आपको यह समझना होगा कि वह आपसे झूठ बोल रहा है।






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