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कोपरा जलाशयः छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

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धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक) , अशोक कुमार चंद्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)


छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल कोपरा जलाशय आज पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रहा है। “जैव विविधता के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस 2026” की थीम “स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव” को यह जलाशय वास्तविक रूप में साकार कर रहा है।


सुबह के शांत वातावरण में प्रवासी पक्षियों की मधुर आवाजें और जलाशय के आसपास आजीविका से जुड़े ग्रामीणों की गतिविधियां प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाती हैं। कोपरा जलाशय वर्षों से क्षेत्र के लोगों के लिए जल, मत्स्य पालन, कृषि और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संरक्षण कार्यों को मिली नई गति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल स्रोतों के संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्यजीव सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े कई अभियान प्रदेश में संचालित किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव कोपरा जलाशय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।

स्थानीय समुदाय निभा रहे अहम भूमिका

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसके संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय यह संदेश देता है कि जब शासन और समाज मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेते हैं, तब पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित होता है।

प्रवासी पक्षियों का सुरक्षित आश्रय

कोपरा जलाशय हजारों प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। हर वर्ष विभिन्न देशों और राज्यों से आने वाले पक्षी यहां भोजन और विश्राम प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही यह जलाशय जलीय जीवों, मछलियों, वनस्पतियों और अनेक सूक्ष्म जीवों के लिए भी महत्वपूर्ण आवास प्रदान करता है। इसी विशेषता के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि के रूप में मान्यता मिली है।

स्वच्छता, वृक्षारोपण और बायो-फेंसिंग पर विशेष जोर

स्थानीय ग्रामीणों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी से यहां स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, पक्षी संरक्षण और बायो-फेंसिंग जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलने के साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो रही है।

जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी महत्वपूर्ण

विशेषज्ञों के अनुसार आर्द्रभूमियां प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती हैं। वे बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण, जल शुद्धिकरण और कार्बन अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में कोपरा जलाशय का संरक्षण जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।

सतत विकास का बन रहा राष्ट्रीय मॉडल

कोपरा जलाशय आज यह संदेश दे रहा है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की साझा जिम्मेदारी है। स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव की नींव बनते हैं। छत्तीसगढ़ का यह पहला रामसर स्थल आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और इसके वैश्विक महत्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के नागरिकों और संरक्षण टीम की सराहना करते हुए अपना संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर स्थल की मान्यता मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। हमारी सरकार जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि के विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। कोपरा जलाशय इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जब शासन की नीतियां और समाज का संकल्प एक साथ मिलते हैं, तो स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे प्रयास भी वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। हमारी समृद्ध प्रकृति ही हमारी आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य है।


जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है।


 मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।

अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा ढेर, PoK में अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली

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 पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


भारत सरकार ने साल 2022 में हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था और 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की साजिश रचने वालों में शामिल माना जाता था।

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।

बताया जा रहा है कि हमजा बुरहान लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। हाल के वर्षों में पाकिस्तान और PoK में कई आतंकियों पर अज्ञात हमले और गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा फर्जी पहचान के साथ PoK में एक स्कूल टीचर बनकर रह रहा था। वहीं से वह आतंकी ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ नेटवर्क को संचालित कर रहा था। वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के X अकाउंट पर बड़ा एक्शन, भारत में हुआ बंद

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 नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के एक बयान के विरोध में शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भारत में बंद कर दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इस ऑनलाइन अभियान की काफी चर्चा हो रही थी।


पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दावा किया कि पहले अकाउंट को हैक करने की कोशिश की गई, लेकिन असफल रहने के बाद इसे बंद कर दिया गया। एक्स पर अकाउंट खोलने पर अब “लीगल डिमांड के चलते यह अकाउंट विदहेल्ड किया गया है” संदेश दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि CJP के एक्स पर 1.6 लाख से अधिक फॉलोवर्स थे, जबकि इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या 13 मिलियन के पार पहुंच गई है।

कैसे शुरू हुआ अभियान?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से यह ऑनलाइन कैंपेन 16 मई को शुरू हुआ था। दरअसल, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं के रवैये को लेकर “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किया था।

इसी बयान के विरोध में अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा, “क्या हो अगर सारे कॉकरोच इकट्ठा हो जाएं?” इसके बाद देखते ही देखते ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से ऑनलाइन कैंपेन वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ने लगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब छह लाख लोगों ने इस अभियान के लिए खुद को रजिस्टर किया है। सोशल मीडिया पर इसके फॉलोअर्स की सूची में कई नेता और सेलिब्रिटीज के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।

कौन हैं अभिजीत दीपके?

30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं। उन्होंने पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

वे पेशे से एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट हैं और राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल रणनीति तैयार करने का काम करते हैं।

CJP की प्रमुख मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट भी लाइव है और पार्टी ने अपना मेनिफेस्टो जारी किया है। इसमें कई प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें-

  • चीफ जस्टिस को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा न भेजा जाए
  • सदन की सीटें बढ़ाए बिना महिलाओं को 50% आरक्षण मिले
  • दल बदलने वाले सांसदों और विधायकों के चुनाव लड़ने पर 20 साल का प्रतिबंध लगाया जाए

जैसी मांगें शामिल हैं।

 
 

15 लाख गबन का आरोप! महिला सरपंच और पति के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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 कवर्धा। जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नेउरगांव में महिला सरपंच से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मारपीट, धमकी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का एक पक्ष बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचा और शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।


ग्रामीणों ने वर्तमान महिला सरपंच और उनके पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूर्व सरपंच द्वारा कराए गए विकास कार्यों की राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। साथ ही करीब 15 लाख रुपये के कथित गबन को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनी हुई है।

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं भी हुई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच और उनके पति द्वारा लोगों को एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जाती रही है। इस संबंध में पहले भी शिकायत किए जाने का दावा किया गया है।

वहीं दूसरे पक्ष पर भी गांव के लोगों के साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद के चलते गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।

पत्नी की मौत के बाद पति ने किया डांस! सरगुजा में सनसनीखेज मामला

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 सरगुजा। जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मृतका के मायके पक्ष ने उसके पति पर करंट लगाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया है।


जानकारी के अनुसार मामला लैंगा गांव का है, जहां 25 वर्षीय महिला का शव घर में संदिग्ध हालत में मिला। परिजनों का कहना है कि महिला के हाथों में जलने के निशान मिले हैं, जिससे करंट देकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

मृतका के भाई और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही महिला को प्रताड़ित किया जाता था। वर्ष 2020 में शादी होने के बाद संतान नहीं होने पर पति उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करता था।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पति का किसी दूसरी महिला से संबंध था। सोशल मीडिया पर दूसरी युवती की तस्वीरें साझा करने को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।

बताया जा रहा है कि मामले को लेकर समाज स्तर पर दो बार पंचायत भी हुई थी, जहां पति को पत्नी के साथ अच्छा व्यवहार करने की समझाइश दी गई थी। इसके बावजूद उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

परिवार वालों का दावा है कि आरोपी पति ने पहले भी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं घटना के बाद पति के डांस करने की बात भी सामने आई है, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

रिश्तों को किया शर्मसार: भतीजे ने चाची से किया दुष्कर्म, CCTV से खुला राज

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 उत्तर प्रदेश के इटावा से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पति की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर एक युवक ने अपनी ही चाची के साथ घर में घुसकर जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसकी करतूत घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।


जानकारी के मुताबिक घटना इटावा के बलरई थाना क्षेत्र की है। पीड़िता का पति रोजगार के सिलसिले में गुजरात में रहता है, जबकि महिला अपने बच्चों के साथ घर पर अकेली रहती है। आरोप है कि मंगलवार रात रिश्ते में भतीजा लगने वाला मिथुन उर्फ लोली घर में घुस आया और महिला के साथ जबरदस्ती करने लगा।

महिला ने विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसका मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने महिला को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की तो उसे जान से मार देगा।

बताया जा रहा है कि घर के आंगन में लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी की गतिविधियां रिकॉर्ड हो गईं। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

वहीं, पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर बलरई थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बोतल में पेट्रोल नहीं मिला तो ट्रैक्टर-टॉली में बाइक लादकर पेट्रोल पंप पहुंचा युवक

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 गरियाबंद। जिले में पेट्रोल पंपों पर बोतल, जरेकिन और प्लास्टिक डब्बों में पेट्रोल देने पर लगी रोक के बीच एक अनोखा मामला सामने आया है। बाइक में पेट्रोल खत्म होने के बाद एक युवक ऐसा देसी जुगाड़ लेकर पेट्रोल पंप पहुंचा कि वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। युवक अपनी मोटरसाइकिल को ट्रैक्टर-टॉली में लादकर सीधे पेट्रोल भरवाने पहुंच गया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


जानकारी के मुताबिक मामला गरियाबंद जिले के शांति फ्यूल्स पेट्रोल पंप का है। बताया जा रहा है कि युवक की बाइक रास्ते में पेट्रोल खत्म होने के कारण बंद हो गई थी। उसने आसपास काफी कोशिश की, लेकिन जिले में लागू प्रतिबंध के चलते उसे कहीं भी बोतल या जरेकिन में पेट्रोल नहीं मिल सका। इसके बाद युवक ने अनोखा तरीका अपनाया और अपनी बाइक को ट्रैक्टर-टॉली में लादकर सीधे पेट्रोल पंप पहुंच गया।

पेट्रोल पंप परिसर में जब ट्रैक्टर-टॉली पहुंची तो वहां मौजूद लोग कुछ देर के लिए हैरान रह गए। ट्रॉली में सामान की जगह एक मोटरसाइकिल रखी हुई थी। बाद में युवक ने बाइक में पेट्रोल भरवाया और वहां से रवाना हो गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

इधर, जिले के देवभोग ब्लॉक में डीजल को लेकर अब भी परेशानी बनी हुई है। पेट्रोल पंपों के बाहर ट्रैक्टरों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन द्वारा डिब्बों और जरेकिन में तेल देने पर रोक लगाने के साथ ही डीजल की मात्रा भी सीमित कर दी गई है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर वाहनों को अधिकतम 2 हजार रुपए तक का डीजल दिया जा रहा है, जिससे किसानों और ट्रैक्टर संचालकों को खेती-किसानी के कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका के बीच कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशासन से किसानों और कृषि कार्य में लगे वाहनों के लिए अलग गाइडलाइन जारी करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर किसानों के साथ बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, कई जिलों में तापमान 43 डिग्री पार; बिलासपुर सबसे गर्म

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। Bilaspur प्रदेश का सबसे गर्म जिला रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।


मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, अगले 5 दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क और गर्म बने रहने की संभावना है। मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीट वेव को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिलासपुर में 45 डिग्री पहुंचा पारा

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 मई को बिलासपुर में सबसे अधिक 45°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं Mungeli में 43.9°C, Sakti में 43.8°C, Balod और Kabirdham में 43.5°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।

राजधानी Raipur में अधिकतम तापमान 43.5°C दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान Ambikapur में 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

अगले 5 दिनों तक राहत नहीं

मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और आने वाले दिनों में तापमान में किसी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं। विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में लू चलने की आशंका जताई है।

रायपुर के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। शहर में अधिकतम तापमान 44°C और न्यूनतम तापमान 30°C के आसपास रहने की संभावना है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और धूप में निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया है।

प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई, लेकिन अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा।

कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाएं भूल चुकी है, देश की जनता सब देख रही है : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए ‘गद्दार’ जैसे अशोभनीय शब्द के प्रयोग की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की हताशा, राजनीतिक दिवालियापन और संकुचित मानसिकता को उजागर करता है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय से सत्ता से दूर रहने की निराशा में कांग्रेस अब लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघ चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करते हुए देश की सुरक्षा को नई मजबूती दी, भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाया और देश को विश्व मंच पर एक निर्णायक शक्ति के रूप में स्थापित किया, उसी नेतृत्व के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पद केवल व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि राष्ट्र की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रतीक होते हैं। राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हो सकता है, लेकिन उसकी आड़ में अपमानजनक और अतिवादी भाषा का प्रयोग स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक परिपक्वता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राष्ट्र की सुरक्षा, विकास और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचते हुए देख रही है। ऐसे में कांग्रेस का यह गैर-जिम्मेदाराना और लोकतंत्र-विरोधी आचरण देश की जागरूक जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

लाल आतंक से विकास की ओर बढ़ता दारेली, चार दशक बाद पहली बार गांव पहुंचा प्रशासन, जनगणना कार्य संपन्न

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 रायपुर : लंबे समय तक नक्सली प्रभाव और भय के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा रहा बीजापुर जिले का दारेली गांव, अब बदलाव और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है। पिछले चार दशकों से इस क्षेत्र में कोई भी प्रशासनिक गतिविधि नहीं हो पाई थी, यहाँ तक कि वर्ष 2011 की राष्ट्रीय जनगणना से भी यह गांव वंचित रह गया था, लेकिन अब इतिहास बदलते हुए पहली बार जिला प्रशासन की टीम सीधे दारेली गांव पहुंची और वहां सुचारू रूप से जनगणना का कार्य संपन्न कराया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब उन सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले विकास की कल्पना करना भी बेहद कठिन था।


प्रशासनिक अमले का ऐतिहासिक दौरा और आत्मीय स्वागत

इसी कड़ी में कलेक्टर बीजापुर विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे, जनगणना प्रभारी अधिकारी मुकेश देवांगन तथा उसूर एसडीएम भूपेंद्र गावरे ने दारेली गांव का सघन दौरा किया। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका आत्मीय और भावुक स्वागत किया। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उन्हें पहली बार यह महसूस हुआ है कि शासन-प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचा है। इस दौरान गांव में हुए जनगणना कार्य को ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक और सुखद पहल बताया।

शिविर लगाकर बुनियादी दस्तावेज बनाने के निर्देश

कलेक्टर बीजापुर ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और जमीन के पट्टे, आधार कार्ड, बैंक खाते तथा राशन कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की। कई ग्रामीणों के दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में विशेष शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी पात्र ग्रामीणों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन (दस्तावेजीकरण) सुनिश्चित हो सके।

मौके पर ही संवेदनशील संज्ञानरू किसान की समस्या का त्वरित समाधान

भ्रमण के दौरान एक स्थानीय किसान ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई कि उसके पिता के निधन के बाद भी लंबे समय से जमीन का नामांतरण नहीं हो पाया है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद राजस्व अधिकारियों को नामांतरण प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली को देखकर किसान भावुक हो गया और उसने अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

जनकल्याणकारी योजनाओं और छात्रवृत्ति की घोषणा

कलेक्टर ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत दारेली के सभी स्कूली बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। जो दारेली गांव कभी भय, उपेक्षा और सन्नाटे का प्रतीक माना जाता था, वह आज विकास, आपसी विश्वास और नई उम्मीदों की राह पर कदम बढ़ा चुका है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने ग्रामीणों के भीतर शासन के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया है।

पेयजल की नियमित जलापूर्ति और शुद्धता की जांच जरूरी- मुख्य सचिव

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 रायपुर : मुख्य सचिव विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में श्राज्य जल एवं स्वच्छता मिशनश् की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।


बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा श्सुजलम भारतश् डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बुनियादी ढांचे के बाद अब सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है।

ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी।

वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग के कड़े निर्देश

मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए।

सिंगल विलेज और बल्क वॉटर स्कीम की प्रगति

बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।

पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।

खाद-डीजल की किल्लत से भड़के किसान,आरंग में मंत्री कार्यालय का घेराव कर दी आंदोलन की चेतावनी

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​आरंग- खेती-किसानी के ऐन वक्त पर खाद और डीजल की भारी किल्लत से नाराज आरंग क्षेत्र के किसानों का आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में किसानों ने एकजुट होकर न केवल उग्र प्रदर्शन किया, बल्कि क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के कार्यालय का घेराव कर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद किसान अपनी मांगों को लेकर घंटों मौके पर डटे रहे।

किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों में डीएपी, यूरिया और पोटाश की भारी कमी है, जिसके कारण उन्हें बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, डीजल संकट और ट्रैक्टर-हार्वेस्टर के लिए डिब्बे में डीजल देने पर लगी रोक ने कृषि उपकरणों के पहिए थाम दिए हैं, जिससे खेती का काम पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की बुनियादी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे इस साल उत्पादन पर बेहद बुरा असर पड़ेगा।​मंत्री की अनुपस्थिति में आक्रोशित किसानों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने प्रति एकड़ दो बोरी डीएपी, दो बोरी यूरिया व एक बोरी पोटाश की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दो महीने तक डीजल की निर्बाध आपूर्ति करने की मांग की है। साथ ही, ट्रैक्टर व हार्वेस्टर के लिए डिब्बे में डीजल न देने संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त करने और फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाने की बात कही गई है। किसान नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में राजधानी रायपुर में एक बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में पारसनाथ साहू, वतन चंद्राकर, धनाजी, हिरेश, द्रोण, कमल, कृष्णकुमार सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद थे।



भिलाई में बीमा पॉलिसी के नाम पर बड़ा फ्रॉड, दो आरोपी गिरफ्तार

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 दुर्ग । भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एक कर्मचारी से बीमा पॉलिसी में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर 38 लाख 30 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले का मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।


मामले की शिकायत Bhilai के सेक्टर-4 निवासी संतोष कुमार ने भिलाई भट्टी थाना में दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह Bhilai Steel Plant में इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत हैं।

संतोष कुमार के अनुसार, उन्होंने सिविक सेंटर स्थित एक बीमा कार्यालय में पॉलिसी कराई थी, जिसकी अवधि वर्ष 2022 में पूरी हो गई थी। पॉलिसी बंद कराने के लिए वह बीमा कार्यालय पहुंचे थे, जहां फॉर्म भरने में परेशानी होने पर सेक्टर-6 निवासी के. देवासहायम ने उनकी मदद की। इस दौरान उसने खुद को बीमा एजेंट बताया और दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ गई।

आरोप है कि देवासहायम ने संतोष कुमार को अधिक रिटर्न देने वाली बीमा पॉलिसियों का लालच दिया। इसके बाद संतोष ने आरोपी को 14 लाख रुपये का चेक दिया। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों की बीमा पॉलिसी कराने के नाम पर 17 लाख 30 हजार रुपये भी सौंप दिए।

इसके अलावा आरोपियों ने सुपर बाजार से करीब 7 लाख रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खरीदवाए। जब संतोष कुमार ने पॉलिसी संबंधी दस्तावेज मांगे, तो आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे। इसी बीच चेक के जरिए रकम भी निकाल ली गई।

इसके बाद पीड़ित ने भिलाई भट्टी थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई और संबंधित दस्तावेज व साक्ष्य पुलिस को सौंपे।

Bhilai Bhatti Police Station ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और सेक्टर-6 निवासी रवि कुमार तथा के. राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

सियान गुड़ी बन रही वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहारा और सम्मान का केंद्र

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है।


समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है।

हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की।

सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है।

सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है।

समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।

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