Media24Media.com: Mahasamund Collector Doman Singh

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मौसम में बदलाव, जगह-जगह जलने लगे अलाव

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महासमुंद। मौसम में आए बदलाव के कारण छत्तीसगढ़ के ज्यादातर स्थानों में शीतलहर चल रही है। महासमुंद जिले में भी इन दिनों सुबह-शाम शीतलहर और सर्दी तेज होने लगी है। इसके चलते महासमुद शहर सहित सभी नगरीय निकायों में नगरपालिका द्वारा अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों, आवासविहीन, अदृश्य श्रेणी के निःसहाय व्यक्ति के लिए रैन बसेरा में ठहराने की व्यवस्था की गई है। 

कलेक्टर ने संवेदनशील कार्रवाई के दिए निर्देश 

 कलेक्टर डोमन सिंह ने समय-सीमा की बैठक में नगरपालिका अधिकारी को समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए । जिले में बीते चार-पांच दिनों से सुबह-शाम सर्दी का अहसास होने लगा है। इसका लोगों की दिनचर्या में भी परिवर्तन हो रहा है। सुबह -शाम भी गलन महसूस होने से लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं। गांवों में भी लोगों को जगह-जगह अलाव तापते हुए देखा जा सकता है। शाम होते ही ठंडक बढ़ने लगती है।

जिले में की गई विशेष व्यवस्था 

महासमुंद रैन बसेरा बस स्टैण्ड में रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों, आवासहीन, अदृश्य श्रेणी के निःसहाय व्यक्ति के लिए व्यवस्था की गई है। वही बस स्टेण्ड, नेहरू चौक, गांधी चौक सहित रेल्वे स्टेण्ड आदि स्थानों पर अलाव जलाई जा रही है। जहां लोग आग तापते देखें जा सकते हैं। वही सरायपाली के चिन्हांकित जगहों पर भी अलाव की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार जिले के बागबाहरा, बसना, और पिथौरा में भी लोगों को सर्दी से राहत देने के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के सुरक्षित स्थलों पर भी अलाव की व्यवस्था की गई है।

वैक्सीन है जीवन रक्षक, जीवन बचाने के लिए टीका ज़रूर लगवाएं : डोमन सिंह

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महासमुन्द जिले में कोरोना कहर पर पूरी तरह काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन जोर-शोर से चल रहा। कलेक्टर ने शहर के तीन टीकाकरण केंद्रों का जायज़ा लिया।





महासमुंद जिले में कोरोना के कहर पर पूरी तरह काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन जोर शोर से चल रहा है। पूरे ज़िले में कोविड टीकाकरण की प्रतिदिन योजनाबद्ध कार्ययोजना बनाया जा रहा है। अभी 18 से साल से ऊपर के सभी लोगों को टीका लगाया जा रहा है। इसके अलावा 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्लान अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रथम एवं दूसरी डोज लगायी जा रही है। कलेक्टर डोमन सिंह रोज टीकाकरण प्रगति की हर घंटे रिपोर्ट ले रहे है। गांव में मोबिलाइजेशन हेतु प्रचार-प्रसार, मुनादी आदि की जा रही है। मालूम हो कि जिले में 45 से अधिक उम्र के लोगों को लक्ष्य से अधिक का पहली डोज लगायी जा चुकी है। वहीं 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण युद्धस्तर पर जारी है। टीकाकरण में छत्तीसगढ़ में महासमुन्द जिला अव्वल है।





बारिश के बीच कलेक्टर पहुंचे टीकाकरण देखने





कलेक्टर डोमन सिंह ने आज बारिश के बीच महासमुंद शहर के तीन टीकाकरण केंद्र बृजराज पाठशाला, आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल और इमलीभाठा पहुँचे। वहाँ किए जा रहे टीकाकरण का जायज़ा लिया। उन्होंनें टीकाकरण कराने आए लोगों से बातचीत भी की। कलेक्टर ने कुछ लोगों से शुरुआती दौर में में टीकाकरण नही कराने का कारण भी पूछा। लोगों ने इसके अलग-अलग तर्क दिए। कलेक्टर सिंह ने कहा कि जीवन बचाने के लिए टीका लगवाना ज़रूरी है। अगर कोरोना से बचना है, तो टीकाकरण जरूर करवायें। उन्होंने कहा कि यह टीका कोरोना वायरस के खिलाफ हम सभी के लिए संजीवनी है। इसका हम इस्तेमाल करें। कलेक्टर के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी ए.के.हलदार मौजूद थे ।









कलेक्टर ने लोगों से की अपील





कलेक्टर सिंह ने ज़िले के सभी पात्र लोगों से अपील की है कि अगर कोरोना से बचना है, तो टीकाकरण जरूर करवाएं। वैक्सीन आज के समय में जरूरत बन गई है। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि मुझे वैक्सीन से कोई दिक्कत नहीं हुई है। वैक्सीन जीवनरक्षक है। इससे कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लोगों के टीकाकरण केंद्रों में टीकाकरण हेतु अपेक्षाकृत नही आने के बारे में पूछा है। आज बारिश के चलते लोगों की संख्या टीकाकरण केंद्र में कम नज़र आयी ।





टीकाकरण को लेकर महिलाओं में हैं भ्रांतियां





कुछ महिलाओं में भ्रांतियां हैं कि मासिक धर्म के वक्त वैक्सीनेशन नहीं कराना चाहिए या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीकाकरण से नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इसलिए वैक्सीन से डरे नहीं है, बल्कि टीकाकरण जरूर कराएं। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। आंगनबाड़ी वर्कर नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को जागरूक करें। ताकि पूरे परिवार को सुरक्षित कर सकें।


कमार आदिवासी बच्चों और महिलाओं को परोसा जाएगा अंडा

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महासमुंद। विशेष पिछड़ी जनजाति में शुमार कमार आदिवासी (Kamar tribal) परिवारों के 3 साल से 6 साल तक के बच्चों और 1 साल से 49 साल तक के बच्चियों और महिलाओं को अब आगामी 1 मार्च से हफ्ते में तीन दिन अंडा दिया जाएगा। इस पर होने वाला व्यय जिला खनिज न्यास निधि से किया जाएगा।





अंडा पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश





कलेक्टर डोमन सिंह (Mahasamund Collector Doman Singh) ने सोमवार को जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी  मनोज सिन्हा को पूरी कार्ययोजना बनाकर आगामी 1 मार्च से कमार जाति परिवारों के 3 साल से 6 साल तक के बच्चों और 1 साल से 49 साल तक की बच्चियों और महिलाओं को उनके घर अंडा पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।





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महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने इसके लिए कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है और आगामी 1 मार्च से दिए गए निर्देशानुसार बच्चे, बच्चियों और महिलाओं को अंडा मुहैय्या कराया जाएगा। इस जनजाति को भारत सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा दिया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत महासमुंद जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में 01 फरवरी से कुपोषित बच्चों और 15 से 49 साल के चिन्हांकित एनीमिक महिलाओं को हफ्ते में तीन दिन गुणवत्तापूर्ण गरम पौष्टिक भोजन देने की शुरूआत हुई। इसके लिए भी राशि जिला खनिज न्यास निधि उपलब्ध कराई जा रही है।





कलेक्टर ने किया था कमार जनजाति से मुलाकात





कलेक्टर डोमन सिंह (Collector Doman Singh) की जिले इस महीने की 05 तारीख को विकासखंड बागबाहरा के भोथा गांव के गुलझर पारा पहुंचकर कमार जनजाति के बच्चों-परिवारों से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा था। कलेक्टर का जाति के लोगों ने बांस से बनी हुई टोपी और टुकली माला पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत भी किया था। उन्होंने इस मौके पर व्यक्तिगत, सामुदायिक वनाधिकार और सामुदायिक वन संसाधन पट्टों और बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए थे। इसके अलावा कमार जाति के स्कूली बच्चों को अपने महासमुंद के सरकारी निवास पर भी आमंत्रित किया था।





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जानकारी के मुताबिक महासमुंद सहित बागबाहरा और पिथौरा में कमार जाति (Kamar tribal) के परिवार निवासरत है। इनमें सबसे ज्यादा परिवार बागबाहरा विकासखंड में है। पूर्व वर्षों की सर्वे के मुताबिक जिले के 70 गांवों में कमार जनजाति के 671 परिवार थे। तब संयुक्त परिवारों में पुरूष की संख्या 1428 दर्ज है।





सर्वे कराने के निर्देश





तब अवयस्क रहे लड़के भी अब वयस्क होकर अलग परिवार के रूप में रह रहे हैं। मौजूदा आंकड़ों में इजाफा हो सकता है। कलेक्टर ने कहा कि इसका सर्वे कराया जाए। ताकि कमार जनजाति परिवारों की सही-सही जानकारी मिल सके और हितग्राहियों को राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं का उन्हें पूरा-पूरा लाभ दिलाया जा सके।





इन जिलों में रह रहे हैं कमार जनजाति





बता दें कि कमार जनजाति (Kamar tribal) गरियाबंद जिले के कुछ इलाकों सहित धमतरी जिले के साथ ही महासमुंद,बागबाहरा और पिथौरा विकासखंड में कुछ परिवार निवासरत है। ये जाति मुख्यत वनोपज संग्रहण और कुटीर कार्य, कृषि, मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले कमार जनजाति पिछड़े हुए गरीबी और अशिक्षा से घिरे हुए हैं।


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