Media24Media.com: होली

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बगिया में बिखरे रंग : CM साय ने अपने गृह ग्राम में ग्रामीणों संग हर्षोल्लास से मनाई होली, मुख्यमंत्री से मिलने उमड़ा जनसैलाब

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली के रंगों में सराबोर अपने गृह ग्राम बगिया में ग्रामीणों के साथ आत्मीयता से होली का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने और होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया, गुलाल लगाया और पर्व की शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द्र और आपसी मेलजोल का उत्सव है। यह पर्व हमें हर भेदभाव भूलाकर एकता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं पर भी चर्चा की।


होली के इस उल्लासमय अवसर पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के साथ खुशियों के रंग बांटे, पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और इस पर्व को सामाजिक सौहार्द्र और उल्लास के साथ मनाया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नितेश कच्छप और उनकी टीम ने होली के पारंपरिक लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल रंगीन और संगीतमय हो गया।

कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, पत्रकार बंधु और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

CG NEWS : होली में 6 करोड़ 35 लाख की शराब गटक गए मदिरा प्रेमी, जमकर हुई शराब की बिक्री

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 CG NEWS : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में होली के पहले शराब प्रेमियों ने जमकर तैयारी कर रखी थी तभी तो होली के पहले दो दिनों में  करोड़ की शराब की बिक्री हुई है। होली में जिले के 23 शराब दुकानों में 5 करोड़ से अधिक की शराब गटक गए। शराब दुकानों में होली की तैयारी को लेकर दुकानों में लंबी कतार लगी रही। जब तक दुकान खुले रहे शराब प्रेमियों की भीड़ हटने का नाम नही ले रहा था। 


शराब लेने धक्का मुक्की तक हुई। जिले  23 देशी विदेशी शराब दुकानों में होली के पहले दो दिनों में करीब 5 करोड़ से अधिक की शराब की बिक्री हुई, जबकि होली के एक दिन बाद यानी 26 मार्च को 1 करोड़ 18 लाख 24 हजार की शराब बिकी है। यानी 23-23 व 25 मार्च के दिन दिनों में 6 करोड़ 35 लाख 89 हजार की शराब की बिक्री हुई है। 

इसमे सबसे अधिक देशी शराब की बिक्री हुई देशी शराब 3 करोड़ 81 लाख 55 हजार की बिकी है जबकि अंग्रेसी शराब 2 करोड़ 54 लाख 34 हजार की शराब की बिक्री हुई। इस प्रकार होली पर्व में शराब की जमकर बिक्री हुई है। इसके लिए आबकारी विभाग ने पहले ही तैयारी कर रखी थी। जबकि होली पर्व के दिन 25 मार्च को जिले की सभी शराब दुकानें बंद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, कुछ इस तरह जताई खुशी

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री  साय ने कहा, होली का पर्व हमारी गौरवशाली परम्परा, विविधता एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह पर्व आपसी प्रेम, एकता, भाईचारे एवं सद्भाव का संदेश देता है। होली का पर्व अधर्म, असत्य एवं अन्याय से लड़ने की प्रेरणा देता है। 


मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि जीवन की आखिरी सांस कौन सी हो ये पता नही होता इसीलिए द्वेष, वैमनस्य का जीवन में कोई स्थान नहीं होना चाहिए , होली में तो कहा ही जाता है होली के दिन तो दुश्मन भी गले मिलते है। अपने शुभकामना संदेश में  साय ने कामना की कि होलिका दहन के साथ ही प्रदेश की सारी समस्याएँ भस्म हों और छत्तीसगढ़ विकास, सामाजिक न्याय और समरसता के इंद्रधनुषा रंगों से सराबोर हो।


होली हैः मिलावटी रंग-गुलाल से खतरा, नोट कर लें पहचान करने की 5 टिप्स

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 Real And Fake Gulal : होली ऐसा त्योहार है जिसपर खूब मौज मस्ती की जाती है. देश भर में होली का त्योहार एक दूसरे को गुलाल लगाकर मनाया जाता है. गुलाल लगाने में और होली खेलने में मस्ती करते हैं उनती ही परेशानी तब होती है जब रंग को उतारने का समय आता है. होली का रंग उतारने में इतनी दिक्कत का सामना इसलिए करना पड़ता है क्योंकि आजकल मार्केट में मिलावटी कलर आने लगे हैं.


चलिए इसी वजह से हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनसे आप गुलाल की पहचान  कर पाएंगे और आपको पता चल जाएगा कि आप असली गुलाल खरीद रहे हैं या नकली.

पैकेजिंग चेक करें
सबसे पहली टिप है कि पैकेजिंग देखें. रंग का पैकेट लेते समय हमेशा ध्यान दें कि कहीं पैकेट फटा हुआ और पुराना तो नहीं है. इसके अलावा असली रंग के पैकेट पर साफ़ साफ़ सभी ज़रूरी इंस्ट्रक्शन लिखे हुए होते हैं.

पानी के टेस्ट करके देखें
आप रंग को पानी के साथ मिलाकर टेस्ट कर सकते हैं. इसके लिए रंग को थोड़े से पानी में मिलाएं और देखें अगर रंग पूरी तरह अच्छे से घुल रहा है तो वो नैचुरल गुलाल है. अगर रंग पानी के साथ पूरी तरह से नहीं घुल रहा तो उस रंग का इस्तेमाल करने से बचें.

गुलाल साफ करके देखें
आप रंग को कम से कम 10 मिनट के लिए लगाएं और फिर उसको धोकर देखें. जो केमिकल वाला पक्का रंग होता है वो बहुत मुश्किल से निकलता है और दाग छोड़ देता है लेकिन नैचुरल रंग आसानी से स्किन से निकल जाता है.

कलर की कीमत देखें
जो नैचुरल रंग होते हैं वो केमिकल वाले रंगों के मुकाबले थोड़े महंगे होते हैं. इसलिए आप सस्ता देखकर रंग ना लें क्यूंकि वो मिलावटी कलर हो सकते हैं.

लेबल चेक करना न भूलें
आप रंग खरीदते समय प्रोडक्ट के पीछे लिखे हुए लेबल को ज़रूर चेक करें. उस में सभी ज़रूरी जानकारी जैसे रंग की एक्सपायरी डेट और रंग कौन-सी चीज़ों से बना है, वो सामग्री लिखी हुई होती है. इस में देखें कि कहीं उस में कोई केमिकल तो नहीं है.

होली से पहले मदिरा प्रेमियों को लगा झटका, शराब दुकान रहेगी बंद, जारी हुआ आदेश…

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 रायपुर : होली (जिस दिन रंग खेला जाय) पर मदिरा दुकानों के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है। मिली जानकारी के अनुसार 25 मार्च 2024 होली के अवसर पर जिले में स्थित सभी प्रकार की मदिरा दुकाने एवं लायसंस अर्थात् सी. एस.-2 (घघ), सी.एस.-2 (घघ कम्पोजिट), एफ.एल.-1 (घघ), एफ.एल.-1 (घघ कम्पोजिट) एफ. एल. 3 (होटल बार), एफ.एल.-3 (क), एफ.एल.-3 (ग), एफ.एल. 4 (असैनिक विनोद गृह), एफ.एल.-4क (व्यवसायिक क्लब), एफ.एल. 7/8 (सैनिक कैंटीन) एवं भण्डारण भाण्डागार भिलाई पूर्णतः बंद रहेंगे। आदेश का कड़ाई से पालन कराने कहा गया है।



कलेक्टर ने संबंधित वृत्त प्रभारी अधिकारी, आबकारी उपनिरीक्षक, उक्त दिवस को अपने प्रभार क्षेत्र में उपस्थित रहकर सुनिश्चित करें, कि उनके प्रभार क्षेत्र की सभी प्रकार की मदिरा दुकानें एवं भण्डारण भाण्डागार निर्धारित समयावधि पर बन्द हो जाए, उक्त अवधि में मदिरा का संव्यवहार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।


Chandra Grahan 2024: होली पर 100 साल बाद चंद्र ग्रहण का साया, भूलकर भी न करें ऐसी गलतियां

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 Chandra Grahan 2024: हिंदू धर्म में होली के त्यौहार को बहुत ही खास और महत्वपूर्ण माना जाता है। मौज-मस्ती के साथ-साथ अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए ये दिन बेहद ही खास होता है। बता दें कि 25 मार्च को प्रेम का प्रतीक होली का पावन मनाया जाएगा।


भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण 25 मार्च को सुबह 10 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर दोपहर 3 बजकर 2 मिनट पर खत्‍म होगा। ग्रहण के साथ अबकी बार होली पर कई अशुभ योग बन रहे है। मीन राशि में सूर्य और राहु की अशुभ युति से ग्रहण योग बन रहा है।

इस दिन कुछ किये गए विशेष उपाय अपने जीवन को सफल एंव आसान बनाने का काम करते हैं। इसके अलावा बता दें कि 100 साल बाद होली पर चंद्र ग्रहण का साया है लेकिन भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस दौरान अगर कुछ उपाय कर लिए जाएं तो जीवन खुशहाली से भर जाता है। तो चलिए जानते हैं होली के दौरान कौन से खास उपाय करने चाहिए।

चंद्र देव की पूजा करें
ज्योतिष गणना के अनुसार होली पर चंद्र ग्रहण का साया लगेगा लेकिन भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में अगर आप चंद्र देव की पूजा करते हैं जीवन में सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है।

होली के दिन इस मंत्र का जाप करें
ऊं सों सोमाय नम:

करें दान
चंद्र ग्रहण के दिन चंद्र देव से जुड़ी हुई चीजों का दान करना बेहद ही शुभ होता है। हो सके तो चंद्रग्रहण पर दूध, चावल और सफेद वास्तुओं का दान करें। ऐसा करने से एक तो गुस्सा कम आता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

धन में वृद्धि के लिए करें इन मंत्रों का जाप
जीवन में अगर बार-बार धन से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो होली वाले दिन इस मंत्र का जाप करने से सारी परेशानियों से निजात मिलता है और अगर सिर के ऊपर कर्ज का भार है तो इस मंत्र का जाप करने से उससे भी मुक्ति मिलती है।

ॐ नमो धनदाय स्वाहा मंत्र' का 11 माला जाप करें।

भोलेनाथ की पूजा
होली वाले दिन चंद्रग्रहण लग रहा है और उस दिन सोमवार भी है। ऐसे में अगर शिव जी की उपासना की जाए तो जीवन की सारी अधूरी मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं। इस दिन महादेव का अभिषेक जरूर करें।

भिलाई में होली पर खून खराबा , युवक की गला काटकर

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भिलाई। दुर्ग जिला अंतर्गत खुर्सीपार थाना क्षेत्र  में होली के हुड़दंग के बीच दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। दोनों गुटों के बीच विवाद में एक युवक की गला काटकर हत्‍या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्‍या की वजह की पुरानी रंजिश बताई जा रही है। खुर्सीपार थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।


मृतक के शव को सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय   में लाने के बाद परिजनों के द्वारा यहां भारी हंगामा किया जाने लगा। सुपेला थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा ने लोगों को शांत कराया। वहीं परिजनों का आरोप है कि जब इन्होंने खुर्सीपार थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए गए तो वहां मौजूद तीन पुलिस कर्मियों ने उनको यह कहते हुए भगा दिया गया है कि आप अस्पताल में जाइए। मिली जानकारी के अनुसार 8 मार्च को दोपहर करीब 1 बजे पुराने विवाद को लेकर सेवक राम निषाद उम्र 38 वर्ष निवासी राजीव नगर खुर्सीपार ने होली के अवसर पर गुलाल लगाने के बहाने शुभम राजपूत उम्र 23 वर्ष निवासी मोची मोहल्ला जोन 2 खुर्सीपार को कटर मारकर मौत के घाट उतार दिया।

जब परिजन खुर्सीपार थाने में अपराध दर्ज कराने   पहुंचे तो थाने में मौजूद सिपाहियों ने परिजनों को यह कहते हुए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला भेज दिया गया कि हम अपराध दर्ज नहीं कर सकते। मृतक के परिजनों द्वारा लाल बहादुर शास्त्री सुपेला में काफी हंगामा किया जाने लगा। सूचना मिलते ही पहुंचे सुपेला थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा ने लोगों को शांत करवाया। विवेचना जारी है।  फिलहाल आरोपी पुलिस के गिरफ्त में है।


होली का रंगों भरा पर्व समूह की महिलाओं के लिए रहा बहुत खास

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राजनांदगांव। इस बार होली का रंगों भरा पर्व समूह की महिलाओं के लिए बहुत खास रहा। उनका उल्लास और खुशी दुगुनी हुई है। समूह की महिलाओं ने फूल, पत्तियों, भाजियों से बनाये अनोखे प्राकृतिक रंग। जिले में 445 किलो ग्राम हर्बल गुलाल की बिक्री हुई, जिससे समूह की महिलाओं को 4 लाख 14 हजार रूपए का फायदा हुआ। बिहान हर्बल गुलाल ने समूह की महिलाओं के जीवन में खुशी के रंग बिखरे हैं। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हैं। 

बिहान की महिलाओं ने गुलाल से गुलाबी, गेंदे से पीला, पलास से नारंगी, पालक एवं नीम से बेहतरीन हर्बल गुलाल बनाये, जिनकी मार्केट में खूब डिमांड रही। स्थानीय बाजार के साथ ही सी-मार्ट के माध्यम से बिहान हर्बल गुलाल की बिक्री हुई। इकोन्फ्रेंडली होने के कारण बिहान हर्बल गुलाल की मांग बढ़ी। रासायनिक रंगों के दुष्प्रभाव के कारण जनसामान्य ने भी हर्बल गुलाल की खरीदी की।

छुरिया विकासखंड की गुलाब एवं माला आजीविका संकुल समूह की महिलाओं ने 875 किलो  हर्बल गुलाल किया गया। जिसमें से 1 लाख 63 हजार रूपए के 815 किलो विक्रय किया। इसी तरह डोंगरगढ़ विकासखंड के जय सेवा जय बुढ़ादेव समूह की महिलाओं ने 175 किलोग्राम निर्माण किया गया, जिसमें से सभी का विक्रय कर 42 हजार रूपए का विक्रय किया। राजनांदगांव विकासखंड के स्वरधारा एफपीसी सुरगी समूह द्वारा 450 किलोग्राम निर्मित किया गया था, जिसमें से अब तक 435 किलोग्राम बिक्री कर 2 लाख 5 हजार रूपए प्राप्त किया। डोंगरगांव विकासखंड के खुशी उत्पादक गनेरी समूह की महिलाओं ने 24 किलो ग्राम हर्बल गुलाल निर्माण किया, जिसमें से 4 हजार रूपए के 20 किलोग्राम की बिक्री हुई।

रंग पर्व होली के अवसर पर राज्यपाल ने दी शुभकामनाएं

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रायपुर। रंगों के पर्व होली के अवसर पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की है। 

उन्होंने कहा है कि होली का त्यौहार, देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान करने में तथा भाई-चारे एवं समरसता की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

होली रंगों और खुशियों का त्योहार, शांति और सौहार्द्र पूर्वक मनाएं - मुख्यमंत्री बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रंगों के पर्व होली के अवसर पर राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने निगम परिवार द्वारा आयोजित समारोह में प्रदेशवासियों, निगम के पदाधिकारियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, सफाई कामगारों को होली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। महापौर ढेबर ने गौठान में महिला स्वसहायता समूहों द्वारा गोबर से बने गुलाल से तिलक लगाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली रंगों और खुशियों का त्यौहार है। जीवन में खुशियों के रंग लाने के लिए छोटे -बडे़, गरीब -अमीर सबको पुराने गिले-शिकावे भुलाकर सभी को त्यौहार मनाना चाहिए। तभी जीवन में खुशियों के रंग चढ़ेगा। 

उन्होंने कहा कि इस पर्व के दौरान शहर में सौहार्द्रपूर्ण अच्छा वातावरण रहे, बच्चे, बूढ़े, नौजवान सभी मिलकर इस पर्व को मनाएं और आपस में होली की खुशियां बांटे। मुख्यमंत्री ने नगर निगम के महापौर से कहा कि होली के पर्व के दौरान शहर की साफ-सफाई और पानी सप्लाई की व्यवस्था को सुचारू रखने की जरूरत है। क्योंकि इस पर्व में सबसे ज्यादा उपयोग पानी का होता है।

इस अवसर पर रायपुर पश्चिम विधायक विकास उपाध्याय, रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग राजेंद्र तिवारी, अध्यक्ष गौ सेवा आयोग महंत रामसुंदर दास, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ योग आयोग ज्ञानेश शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेंद्र सिंह छाबड़ा और एमआईसी सदस्य एवं सभी पार्षद गण सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

होली पर प्राकृतिक रंगों की चमक बिखेरेंगी दरभा की महिलाएं

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रायपुर। होली के लिए आजकल बाजारों में मिलने वाल चटक और आकर्षक रंग केमिकलयुक्त होते हैं। जिससे स्किन को नुकसान पहुंचता है। यही नहीं बाजार में मिलने वाले ये रंग बच्चों के स्किन के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। सांस के माध्यम से भी केमिकलयुक्त रंग हमारे शरीर में पहुंचकर फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचाते हैं इसीलिए विशेषज्ञ ये सलाह देते हैं कि होली के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रंग केमिकल फ्री होने चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए दरभा के अल्वा गांव में पटेलपारा की महिलाएं पलाश के फूलों से होली के लिए गुलाल तैयार कर रही हैं। बिहान की इन महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे प्राकृतिक गुलाल पूरी तरह से केमिकल फ्री हैं इसीलिए ये गुलाल बाजार में मिलने वाले रंगों की जगह अच्छा विकल्प साबित होंगे।

गेंदा फूल स्व-सहायता समूह से जुड़ी  लगभग 12 महिलाओं के इस समूह ने अब तक 50 किलो के आस-पास गुलाल तैयार कर लिया है। जिन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से सीमार्ट तक पहुंचाया जा रहा है जहां से आम नागरिक केमिकल फ्री गुलाल खरीद सकेंगे। इन रंगों को तैयार करने के लिए पलाश के फूलों को सुखाकर पाउडर बनाया गया, जिसके बाद इसमें मक्के का आटा मिलाकर चिकना किया गया। इन्हें रंगीन बनाने के लिए भी प्राकृतिक चीजों का ही इस्तेमाल किया गया है। जैसे लाल रंग के लिए लाल भाजी, पीला रंग के लिए हल्दी और हरे रंग के लिए मेथी और हरे रंग की भाजियों का इस्तेमाल किया गया है।

समूह की सदस्य सावित्री मंडावी का कहना है कि उन्हें 1 क्विंटल गुलाल बनाने का ऑर्डर मिला था, जिसे उनके समूह की महिलाएं बड़ी मेहनत से तैयार कर रही हैं। सावित्री बताती हैं कि उनका यह गुलाल केमिकल फ्री होने की वजह से स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक नहीं है। इसे बच्चे-बूढ़े सभी उपयोग कर सकते हैं। स्थानीय बाजारों में भी ये महिलाएं अपने प्राकृतिक गुलाल को बेचेंगी।

प्राकृतिक गुलाल बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पलाश के फूल के कई नाम हैं। इसे टेसू, ढाक, परसा, केशुक, और केसू भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऋतुराज वसंत की सुंदरता पलाश के बिना पूरी नहीं होती है। पलाश के फूल को वसंत का श्रृंगार माना जाता है।

पलाश के फूलों से महकेगी बस्तर की होली, दरभा की महिलाएं बना रही हैं प्राकृतिक गुलाल

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जगदलपुर। दरभा के अल्वा गांव में पटेलपारा की महिलाएं पलाश के फूलों से होली के लिए गुलाल तैयार कर रही हैं। इनके समूह का नाम गेंदा फूल स्व-सहायता समूह है। लगभग 12 महिलाओं के इस समूह ने अब तक 50 किलो के आस-पास गुलाल तैयार कर लिया है। जिन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से सीमार्ट तक पहुंचाया जा रहा है जहां से आम नागरिक केमिकल फ्री गुलाल खरीद सकेंगे।

इन रंगों को तैयार करने के लिए पलाश के फूलों को सुखाकर पाउडर बनाया गया, जिसके बाद इसमें मक्के का आटा मिलाकर चिकना किया गया। इन्हें रंगीन बनाने के लिए भी प्राकृतिक चीजों का ही इस्तेमाल किया गया है। जैसे लाल रंग के लिए लाल भाजी, पीला रंग के लिए हल्दी और हरे रंग के लिए मेथी और हरे रंग की भाजियों का इस्तेमाल किया गया है। समूह की सदस्य सावित्री मंडावी का कहना है कि उन्हें 1 क्विंटल गुलाल बनाने का ऑर्डर मिला था, जिसे उनके समूह की महिलाएं बड़ी मेहनत से तैयार कर रही हैं। सावित्री बताती हैं कि उनका यह गुलाल केमिकल फ्री होने की वजह से स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक नहीं है।

इसे बच्चे-बूढ़े सभी उपयोग कर सकते हैं। स्थानीय बाजारों में भी ये महिलाएं अपने प्राकृतिक गुलाल को बेचेंगी। प्राकृतिक गुलाल बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पलाश के फूल के कई नाम हैं। इसे टेसू, ढाक, परसा, केशुक, और केसू भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऋतुराज वसंत की सुंदरता पलाश के बिना पूरी नहीं होती है। पलाश के फूल को वसंत का श्रृंगार माना जाता है।

स्किन और हेल्थ के लिए अच्छा है प्राकृतिक गुलाल

होली के लिए आजकल बाजारों में मिलने वाल चटक और आकर्षक रंग केमिकलयुक्त होते हैं। जिससे स्किन को नुकसान पहुंचता है। यही नहीं बाजार में मिलने वाले ये रंग बच्चों के स्किन के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। सांस के माध्यम से भी केमिकलयुक्त रंग हमारे शरीर में पहुंचकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं इसीलिए विशेषज्ञ ये सलाह देते हैं कि होली के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रंग केमिकल फ्री होने चाहिए। बिहान की इन महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे प्राकृतिक गुलाल पूरी तरह से केमिकल फ्री हैं इसीलिए ये गुलाल बाजार में मिलने वाले रंगों की जगह अच्छा विकल्प साबित होंगे।

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