Media24Media.com: स्वामी आत्मानंद

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स्वामी आत्मानंद विद्यालय की छात्राओं को मिली सायकिल, छात्राओं ने जताया आभार

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देवराज साहू, पटेवा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय पटेवा की 82 छात्राओं को एक सादे समारोह में साइकिल वितरण किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में साइकिल वितरण समारोह आयोजित किया गया।

प्राचार्य समीर चंद्र प्रधान ने बताया कि गत दिनों एस.एम.डी.सी.के पूर्व अध्यक्ष सुनील पटेल, सरपंच प्रतिनिधि झनक लाल सिंन्हा, पालक समिति अध्यक्ष शिव कुमार साहू, पूर्व एस एम डी सी सदस्य मनोहर साहू, नरेन्द्र साहू, देवराज साहू पूर्व एस एम डी सी सदस्य एवं पत्रकार, मानसिंह देवांगन, सुनील शुक्ला, ज्ञानेश अग्रवाल और विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य, नागरिक एवं पालकों की उपस्थिति में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के कुल 82 छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती सायकल वितरित किया गया। छत्तीसगढ़ की इस महत्वाकांक्षी योजना से लाभान्वित छात्राओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। दूरस्थ अंचल से स्कूल आने वाली छात्राओं को अब आवागमन में दिक्कतें नहीं होगी।

स्वामी आत्मानंद ने दिया दीन-दुःखियों की सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज सुधारक और शिक्षाविद् स्वामी आत्मानंद की पुण्यतिथि 27 अगस्त पर उन्हें नमन करते हुए कहा है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में मानव सेवा एवं शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। पीड़ित मानवता की सेवा को उन्होंने सबसे बड़ा धर्म बताया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उन पर भी गहरा असर हुआ और उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुःखियों की सेवा में बिता दिया।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद के पद चिन्हों पर चलते हुए किसानों, वनवासियों, गरीबों और मजदूरों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के हर संभव प्रयास कर रही है। 

स्वामी आत्मानंद ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र और वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ किए। साय ने कहा कि स्वामी अत्मानंद के आदर्श और जीवन मूल्य सदा जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।


शानदार रहा सेजेश पटेवा का बोर्ड परीक्षा परिणाम, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की बेटी ने रचा इतिहास, प्राप्त किया दसवीं में 95.83 प्रतिशत

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 पटेवा  : शिक्षा सत्र 2023-2024 की कक्षा 10वीं और 12वीं का बोर्ड परीक्षा परिणाम सेजेस पटेवा में शानदार रहा।यह सत्र विद्यालय के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालय में उन्नत होने का प्रथम वर्ष था इसलिए यह स्थानीय ग्रामीणों एवं पटेवा अंचल के‌ समस्त निवासियों के लिए उत्सुकता का विषय था। प्राचार्य समीर चन्द्र प्रधान ने बताया कि दोनों माध्यम के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत एवं जनता एवं पालक जनप्रतिनिधियों के निरन्तर समर्थन एवं सहयोग से विद्यालय का परिणाम प्रफुल्लित करने वाला साबित हुआ।


 उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा 10वीं का कुल परीक्षा फल 86.27% रहा (102 प्रविष्ठ मे‌ 88 उत्तीर्ण), सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में कु.जान्हवी साहू 95.83 % प्राप्त कर टापर रहीं जबकि अंग्रेजी माध्यम में कु.गूंजा पटेल 95.16% टापर रहीं। दोनों माध्यम से संयुक्त रूप से टापर में प्रथम जान्हवी साहू(95.83%), द्वितीय गूंजा पटेल (95.16%), तृतीय पुष्कर साहू(91.16%), चतुर्थ बसंत कर्ष (89.6%),पंचम माधवी गजेन्द्र (88.66%) रहे।कक्षा दसवीं में कुल उत्तीर्ण 88 विद्यार्थियों में 37 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में एवं 41 द्वितीय श्रेणी में जबकि मात्र 10 विद्यार्थी ही तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। लिंगानुपात की दृष्टि से उत्तीर्ण विद्यार्थियो में छात्राओं ने पुनः बाजी मारी। उत्तीर्ण में छात्राओं का प्रतिशत 61.36% रहा जबकि छात्रों का प्रतिशत 38.63% रहा।



कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने सर्वाधिक उत्तीर्ण प्रतिशत के रिकॉर्ड 93%को भंग किया और इस वर्ष 95.56% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए (90 दर्ज में से 86 उत्तीर्ण)। सर्वाधिक अंक ‌प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम कु.उपासना देवांगन,85.4%,(वाणिज्य), द्वितीय कु.तरिणी निषाद 84.5%(वाणिज्य), तृतीय कु.जिज्ञाशा साहू 82.2%(विज्ञान), चतुर्थ कृति 79.6%(वाणिज्य), पंचम कु.गीता टंडन 78.6%(वाणिज्य) रही।कक्षा बारहवीं में उत्तीर्ण 86 विद्यार्थियों में 48 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में,36 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी तथा मात्र 02 छात्र तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। लिंगानुपात की दृष्टि से उत्तीर्ण विद्यार्थियो में छात्राओं का प्रतिशत 66.27 रहा एवं छात्रों का प्रतिशत 33.72% रहा।



प्राचार्य  प्रधान ने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि इस विद्यालय में निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों से लगभग 75% बच्चे पढ़ते हैं जिन्हें आजिविका कार्य के‌ लिए माता-पिता के साथ काम भी करना पड़ता है तथापि समय निकाल कर उनको पढ़ाई भी करना पड़ती है। कमजोर आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कक्षा दसवीं की सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा कु.जान्हवी के पिता श्री खिलावन साहू लम्बे समय से स्थानीय क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा पटेवा में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के ‌रुप में कार्यरत हैं किन्तु अपनी पुत्री को उच्च शिक्षा देने के लिए कटिबद्ध हैं। 

उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय में पिछले कई वर्षों से हिंदी माध्यम में शिक्षको की‌ कमी रही है। इस परीक्षा परिणाम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि‌ बारहवीं में वाणिज्य संकाय में कोई शिक्षक पिछले सत्र कार्यरत नहीं ‌रहे किन्तु प्राचार्य की सूझबूझ और समुदाय के सहयोग तथा स्टाफ के समन्वय से वाणिज्य विषय संचालित होता रहा और वाणिज्य संकाय की छात्रा कु.उपासना गजेन्द्र ने कक्षा 12 में सर्वाधिक अंक ‌प्राप्त कर लिया।12 वीं के सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में वाणिज्य के 5 छात्राओं ने स्थान बनाया। प्राचार्य श्री प्रधान ने बताया कि पिछले 24 वर्षों में मात्र 02 वर्षो 2016-17,2017-18 को छोड़ कर कभी भी  यहां संस्कृत के शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई किन्तु संस्कृत का शिक्षण प्रभावित नहीं हुआ।2023-24 में भी नव नियुक्त सहायक ग्रेड 3 श्रीमती बृहस्पति सूर्यवंशी ने 9वीं और 10वीं के संस्कृत विषय का अध्यापन किया और परिणाम प्रभावित नहीं होने दिया।

 बेहतरीन परीक्षा परिणाम के लिए सरपंच,समस्त पालक, जनप्रतिनिधियों, पूर्व विद्यार्थियों, ग्राम वासियों ने सेजेस पटेवा के प्राचार्य, हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के समस्त स्टाफ सदस्यों के कड़ी मेहनत की प्रशंसा की है तथा बेहतरीन उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को आत्मबल , आत्मविश्वास बनाए रख कर आगे बढ़ने की सस्नेह शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने विद्यार्थियों, विद्यालय के विकास के लिए ‌हर सम्भव सहयोग सदैव देने का आश्वासन दिया है।

प्राचार्य समीर चन्द्र प्रधान ने समस्त शिक्षक साथियों को बधाई देते हुए निरन्तर व्यावसायिक उपलब्धि हासिल करने की शुभकामनाएं दी हैं और छात्र छात्राओं को संतुष्ट न हो कर तत्काल सहज हो कर आगे की कक्षाओं की तैयारी करने की सलाह दी है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का परीक्षा पर्व 6.0 कार्यक्रम आयोजित

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 महासमुंद। परीक्षा के तनाव से बच्चों को निजात दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद के सहयोग से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महासमुंद में छात्रों शिक्षकों एवं पालकों के लिए विषय विशेषज्ञ प्रतीक खरे सचिव छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अगस्टीन बर्नाड सदस्य छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग, सतीश नायर सहायक संचालक शिक्षा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद, खेमराज चौधरी जिला बाल अधिकार संरक्षण अधिकारी के आतिथ्य में आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम माननीय प्रधानमंत्री जी के परीक्षा पर चर्चा पर आधारित है एवं इसे परीक्षा पर्व 6.0 श्रृंखला में आयोजित किया गया है। देश भर में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा ये कार्यक्रम 250 जिलों में आयोजित किया जा रहा है।


बच्चों में परीक्षा के भय से तनावमुक्त करने विषय पर विशेषज्ञ प्रतीक खरे सचिव छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप मूल मंत्रों को साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में 28 मंत्र बच्चो के लिए, 6 मंत्र पालकों के लिए एवं एक मंत्र शिक्षक के लिए है। इस मंत्र के तहत परीक्षा को एक पर्व को रूप में देखने की बात करते हुए बताया कि परीक्षा के भय से बच्चो में जो तनाव आता है उसे मुक्त होने का मंत्र समाहित है।

खरे ने बताया कि मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जो तनाव है उससे भागने के बजाय इस चुनौतियों का सामना करना चाहिए, जिससे सभी चुनौतियों को आसानी से सामना करने में बच्चे सक्षम बन सके। कोई भी व्यक्ति को चिंता करने के बजाय चिंतन कर योद्धा बनना चाहिए ये सभी की विस्तृत जानकारी एग्जाम वॉरियर्स किताब पर विस्तृत रूप से मिल सकती है। ज्ञान स्थायी होता है जानकारी स्थायी नहीं होता है इसलिए बच्चों को ज्ञानवान बनाने हेतु प्रयासरत होना चाहिए। अपने आप से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को लेकर उदाहरण बताते हुए इसकी समझा अभिभावक, बच्चों और शिक्षकों में बनाने का प्रयास किया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि बच्चो को पर्याप्त नींद पूरी कराना चाहिए इससे लर्निंग की गति बढ़ती है। खेलने कूदने का भी पर्याप्त अवसर देना चाहिए साथी ही पढ़ाई के साथ परिवर्तन करते हुए अन्य गतिविधियों का भी अवसर दे। विशेष ध्यान देना चाहिए कि बच्चों को वर्तमान में जीने देना चाहिए जिससे उसके मन में विचलन न हो इसके लिए तैयार करना चाहिए।

साथ ही बताया कि शिक्षक और विद्यार्थी का नाता परीक्षा का नहीं बल्कि एक दूसरे का नाता दिनों दिन बढ़ने वाला होना चाहिए जिससे बच्चे अपनी जिज्ञासा अपने शिक्षक से सहजता से पूरा कर सके। इन सभी मंत्रों के माध्यम से रीक्षा के भय, दर से आने वाले तनाव से मुक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पश्चात कार्यशाला के संयोजक सतीश नायर सहायक संचालक शिक्षा विभाग महासमुंद ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से खेमराज चौधरी जिला बाल संरक्षण अधिकारी, श्रीमती सारिका कुंजाम एबीईओ सहित पालक, बालक और शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन ईश्वर चंद्राकर शिक्षक डाइट महासमुंद ने किया।

स्वामी आत्मानंद स्कूलों की संचालन समितियां होगी समाप्त : शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल

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रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की महान विभूति, शिक्षाविद् और समाज सुधारक और जन जागरण के पुरोधा स्वामी आत्मानंद जी के नाम पर तत्कालीन सरकार ने राज्य भर में अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट स्कूल खोल कर न सिर्फ शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, बल्कि स्वामी आत्मानंद जी के नाम को भी धूमिल किया है।

इन स्कूलों के संचालन की जिम्मेदारी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति के जिम्मे सौंप कर तत्कालीन सरकार ने इसका भविष्य कलेक्टरों की इच्छा पर सौंप दिया है। यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षा की वर्तमान स्थिति, अनियमितता और कुप्रबंधन को देखते हुए हमारी सरकार ने इसके संचालन के लिए कलेक्टरों की अध्यक्षता में गठित समितियों को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षा-दीक्षा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अब शिक्षा विभाग की होगी।

शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल आज विधानसभा में स्वामी आत्मानंद स्कूलों के कुप्रबंधन एवं वहां व्याप्त अनियमितता के संबंध में ध्यानाकर्षण का जवाब देने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उक्त बातें कही। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद पूरे देश में पूज्यनीय हैं। हम सभी के मन में उनके लिए सम्मान है। पहले ये स्कूल जिन महान हस्तियों के नाम से जाने जाते थे, उनका नाम फिर से स्वामी आत्मानंद से पहले जोड़ा जाएगा।

मंत्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों को लेकर अगर कोई अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वामी आत्मानंद स्कूलों के पुनर्निर्माण और अन्य मदों में लगभग 800 करोड़ रुपए घोटाले की आशंका है। जहां भी शिकायत प्राप्त होगी, उसकी जांच कराई जाएगी। अकेले राजधानी रायपुर के आर.डी. तिवारी स्कूल में ही लगभग 4.5 करोड़ रुपए बिलिं्डग मरम्मत पर खर्च किए गए, जबकि इतनी राशि में एक नई बिलिं्डग का निर्माण हो जाता।

रायपुर जिले के तीन स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बनेगा एआई क्लब

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रायपुर। जिले में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार हो रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे की उपस्थिति में आज जिला प्रशासन और आईजेब्रा.एआई (igebra.AI)  के मध्य एमओयू हुआ। जिसके तहत जिले के तीन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंगलिश मीडियम स्कूल (SEGES) में डेटा-एआई क्लब का गठन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस पर अगले शिक्षा सत्र से स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकी की जानकारी पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है। जिला प्रशासन ने इसी दिशा में त्वरित क्रियान्वयन करते हुए यह कदम उठाया हैं। यह महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला रायपुर पहला जिला है। 

इस एमओयू में जिला प्रशासन की तरफ से जिला पंचायत के सीईओ अबिनाश मिश्रा और कम्पनी के निर्देशक चिरंजीवी मडाला ने हस्ताक्षर किया। इस एमओयू के तहत स्वामी आत्मानंद आर.डी तिवारी आमापारा, स्वामी आत्मानंद बी.पी पुजारी राजातालाब और स्वामी आत्मानंद शहीद स्मारक फाफाडीह में एआई क्लब का गठन होगा। इससे इन स्कूलों के विद्यार्थियों में एआई के प्रति समझ विकसित होगी। विद्यार्थी विज्ञान के इस नवीनतम तकनीक से परिचित होगे और उसका उपयोग प्रोजेक्ट तथा अन्य कार्यों में कर सकेंगे।

इससे छत्तीसगढ़ के बच्चों में विज्ञान के प्रति अधिक रूचि पैदा होगी साथ ही वे देश ही नही बल्कि विश्व में अन्य युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिला कर कार्य करेंगे। इस क्लब में विद्यार्थियों को संबंधित संस्था के प्रशिक्षकों के द्वारा एआई क्लब में पढ़ाया जाएगा और वर्कशॉप होगा। साथ ही प्रोजेक्ट-मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय और जिला मिशन समन्वयक के.एस. पटले उपस्थित थे। गौरतलब है कि यह आईजेब्रा.एआई अमेरिका की कंपनी है जो एआई के क्षेत्र में कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य है कि युवाओं को एआई के प्रति शिक्षित करना है।

विशेष लेख : स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में हर वर्ग के बच्चों को मिल रही है निःशुल्क उत्कृष्ट शिक्षा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की परिकल्पना अब साकार हो रही है। प्रदेश की स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिंदी माध्यम स्कूल से राज्य के लाखों बेटे, बेटियों की जिन्दगी संवर रही है। इसका लाभ सुदूर वनांचल हो या मैदानी इलाका, प्रत्येक जगह देखने को मिल रहा है और आधुनिक शिक्षा की उजली तस्वीर देखने को मिल रही है। प्रदेश में वर्तमान सत्र 2023-24 में 377 अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय तथा 349 हिंदी माध्यम विद्यालय कुल 726 स्कूल संचालित किए जा रहे है।

स्कूल में 1 लाख 70 हजार बच्चे अंग्रेजी माध्यम और 2 लाख 20 हजार बच्चे हिन्दी माध्यम में पढ़ाई कर रहे है। राज्य सरकार की पहल से आज सुदूर अंचल के बच्चों को भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में खेलने के लिए बढ़िया मैदान, आधुनिक प्रयोगशाला, पुस्तकालय, जैसी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में शुरू की गयी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने पालकों के आर्थिक बोझ को कम कर दिया है और पालकों के मन की चिन्ताएं दूर हो गई हैं। आज अंग्रेजी माध्यम स्कूल मैं पढ़ाई करके बच्चे अपनी प्रतिभा को बेहतर रूप में निखार रहे हैं।

योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के बच्चों का आत्मविश्वास और स्वाभिमान बढ़ाया है। अंग्रेजी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थीयों ने बोर्ड परीक्षाओं में मेरिट में अपना स्थान बनाया है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, सुंदर भवन मार्डन पुस्तकालय, खेल मैदान, उत्कृष्ट प्रयोगशाला लैब आदि का बेहतर संचालन किया जा रहा है। जिससे प्रदेश में शासकीय विद्यालयों के प्रति बच्चों और पालकों के मन में लोकप्रियता बढ़ी है। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के संचालन से निर्धन गरीब वर्ग के बच्चों को उच्च गुणवत्ता के अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्राप्त होने से पालकों में बहुत उत्साह है। जिसके कारण सभी जगह से और भी आत्मानंद स्कूल खोले जाने की मांग लगातार हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में निजी और सरकारी शालाओं के बीच के अंतर को कम करने और बच्चों को बराबरी के अवसर देने के लिए यह योजना शुरू की है।

स्वामी आत्मानंद ने दिया दीन-दुःखियों की सेवा का संदेश : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समाज सुधारक और शिक्षाविद् स्वामी आत्मानंद की पुण्यतिथि 27 अगस्त पर उन्हें नमन करते हुए कहा है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में मानव सेवा एवं शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। पीड़ित मानवता की सेवा को उन्होंने सबसे बड़ा धर्म बताया। छत्तीसगढ़ उनकी कर्मभूमि रही है। स्वामी आत्मानंद ने शहरी और आदिवासी क्षेत्र में बच्चों में संस्कार, युवाओं में सेवा भाव और बुजुर्गों में आत्मिक संतोष का संचार किया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उन पर भी गहरा असर हुआ और उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुःखियों की सेवा में बिता दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद के पद चिन्हों पर चलते हुए किसानों, वनवासियों, गरीबों और मजदूरों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के हर संभव प्रयास कर रही है। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वामी आत्मानंद जी के मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणास्पद है। स्वामी आत्मानंद जी ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की।

राज्य सरकार ने इससे प्रेरणा लेते हुए उनके नाम पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किए हैं, जिनमें हर वर्ग के बच्चों को अच्छी कक्षा, पुस्तकालय, खेल मैदान सहित अच्छी पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के प्रयास किए। बघेल ने कहा कि स्वामी अत्मानंद जी के आदर्श और जीवन मूल्य सदा जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।


मुख्यमंत्री ने कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन घटक योजना के 10 हितग्राहियों को ट्रेक्टर एवं एक हितग्राही को हार्वेस्टर की चाबी सौंपी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल महासमुंद मैदान पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं अन्य योजनाओं के सामग्री वितरण कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन घटक 3 योजना के 10 हितग्राहियों को ट्रेक्टर एवं कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन घटक 4 योजना के एक हितग्राही को हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना।

छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन घटक 3 योजना के तहत 10 हितग्राहियों को ट्रेक्टर एवं सब्सिडी प्रदान गया। इनमें बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम हाड़ाबंद कृषक सनी चंद्राकर, द्वारतलाकला की कुमारी बाई, घुंचापाली के शंकर यादव, मुनगाशेर की पूर्णिका बाई चंद्राकर, दरबेकेरा की प्रतीभाबाई साहू एवं हाथीगढ़ के सुरेन्द्र राजसिंग दीवान शामिल है।

इसी प्रकार महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सिनोधा के खिलेश्वर सिंह एवं खैरझिटी के सखाराम चंद्राकर तथा पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम रामपुर के विजय कुमार प्रधान एवं तिलंजनपुर के अजय कुमार नायक को टेªक्टर एवं सब्सिडी प्रदान किया गया। कार्यालय कृषि अभियंता, कृषि अभियांत्रिकी रायपुर द्वारा कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन घटक 4 के तहत कृषक मनोज कुमार पटेल को हार्वेस्टर एवं सब्सिडी प्रदान किया गया।

निजी स्कूलों को छोड़कर स्वामी आत्मानंद स्कूलों में दाखिला लेने वाले 1.20 लाख विद्यार्थियों के परिजनों को हुई 210.54 करोड़ रूपए की बचत

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश में संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल ‘‘क्वालिटी एजुकेशन एट जीरो कॉस्ट‘‘ का सफल मॉडल बन कर उभरा है। यहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क मिल रही है। शासन की शिक्षा के क्षेत्र में की गई इस नवाचारी पहल से जुड़कर प्रदेश के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 01 लाख 20 हजार 778 बच्चों के परिजनों द्वारा फीस के रूप में खर्च की जाने वाली लगभग 210 करोड़ 54 लाख रूपए राशि की बचत हुई है।


परिजनों को निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस के कारण होने वाले आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिली है। ये सभी बच्चे गरीब व निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों से है, जिन्होंने आर्थिक कारणों से निजी स्कूलों को छोड़कर शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूलों में दाखिला लिया है। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से भी बेहतर अधोसंरचनाओं का निर्माण किया गया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रदेश स्तर पर योजना की सूक्ष्म समीक्षा कर इसके क्रियान्वयन का सतत आंकलन किया जा रहा है। आंकलन के दौरान पाया गया कि निजी स्कूलों के भारी भरकम फीस की वजह से गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा पाना संभव नहीं था। यदि ये परिजन अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा रहे होते तो उन्हें अपने बच्चों के लिए लगभग 210 करोड़ रूपए की फीस भरनी पड़ती। ऐसे में इन परिजनों के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल बड़ा सहारा बना और अब उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क मिल रही है।

गौरतलब है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से आए 96 हजार 226 विद्यार्थियों के परिजनों को लगभग 180 करोड़ 74 लाख रूपए की बचत तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से आए 24 हजार 552 विद्यार्थियों के परिजनों को लगभग 29 करोड़ 79 लाख रूपए की बचत हुई है। प्रदेश में 727 स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल संचालित किए जा रहे हैं।

स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूलों में 9117 पदों पर होगी भर्ती

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रायपुर। स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम के 318 स्कूलों में 9117 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आत्मानंद स्कूलों में विभिन्न पदों की भर्ती के लिए नियमावली जारी कर दी गई है। सभी पद स्कूल शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर ही भरे जाएंगे। प्रत्येक स्कूल हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में एक सोसायटी का गठन किया गया है। इन स्कूल के संचालन हेतु गठित सोसायटी को भर्ती एवं स्कूल संचालन के अधिकार हस्तांतरित किए गए हैं।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी स्कूलों में प्राचार्य, उप प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक (प्राइमरी एवं मीडिल स्कूल), शिक्षक, व्यायाम शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला), ग्रंथपाल, लेखापाल एवं सहायक ग्रेड-02, सहायक ग्रेड-03, भृत्य, चौकीदार एवं अंशकालीन सफाई कर्मी के पद पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए राज्य शासन द्वारा सोसायटी को पद अंतरित कर दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदेश में शिक्षा सत्र 2022-23 से 32 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालयों का संचालन कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति को सौंपा गया था।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल संचालन के संबंध में सोसायटी की नियमावली तय की गई है, जिसके अनुसार विद्यालय के संचालन के लिए पंजीकृत सोसायटी के राज्य शासन द्वारा अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा और सोसायटी अन्य स्त्रोतों से भी धन जुटा सकेगी। विद्यालय के संचालन हेतु आवश्यक पद शासन की अनुमति से समिति द्वारा निर्मित किए जा सकेंगे। राज्य शासन द्वारा सोसायटी को अंतरित किए गए सभी पदों को सोसायटी केवल राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर ही भर सकेगी। इन पदों पर सोसायटी द्वारा सीधी भर्ती अथवा संविदा नियुक्ति नहीं की जाएगी। इन स्कूलों में वर्तमान में पदस्थ कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर लेना सोसायटी के लिए अनिवार्य नहीं होगा। यदि सोसायटी इन कर्मचारियों को स्कूल के लिए उपयुक्त पाती है और यह कर्मचारी सोसायटी में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करना चाहते हैं तो सोसायटी उन्हें प्रतिनियुक्ति पर ले सकेगी, अन्यथा सोसायटी राज्य शासन स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारी को प्रतिनियुक्ति पर ले सकेगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में सत्र 2022-23 से 32 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट माध्यम विद्यालयों का संचालन कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति को सौंपा गया था। इस योजना की सफलता को देखते हुए राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि अब प्रदेश में 318 स्कूलों को स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार इन 318 स्कूलों में से सबसे अधिक दंतेवाड़ा जिले में 54, बस्तर जिले में 43, कोरबा में 37, कांकेर और रायगढ़ जिले में 30-30, बीजापुर जिले में 22, सुकमा जिले में 18, दुर्ग और बिलासपुर जिले में 13-13 स्कूलों को स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार जिला बालोद में 10, बलौदाबाजार में 8, जांजगीर-चांपा और सांरगढ़-बिलाईगढ़ में 6-6, कोण्डागांव में 5, जशपुर और बलरामपुर में 4-4, सरगुजा और सूरजपुर में 3-3, गरियाबंद, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही और नारायणपुर में 2-2, धमतरी, कोरिया और कबीरधाम जिले में 1-1 स्कूलों को स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्वामी आत्मानंद स्कूल : सुलभ होता क्वालिटी एजुकेशन

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रायपुर। मुस्कान स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल महासमुन्द में कक्षा नवमीं में पढ़ती हैं, मुस्कान बताती हैं कि फ्री में इंग्लिश मीडियम स्कूल की अच्छी पढ़ाई के कारण अब मम्मी-पापा को फ़ीस की टेंशन नहीं होती। हमें क्वालिटी एजुकेशन मिल रही है, जो पहले प्राइवेट स्कूल में महंगी फ़ीस के साथ मिलती थी। मुस्कान के पापा ऑटो चलाते हैं, उसने कहती है पहले वाले स्कूल में फ़ीस भरने में बहुत तकलीफ़ होती थी, लेकिन अब सब बहुत अच्छा है, मैं बड़ी होकर सीए बनूंगी और अपना सपना पूरा करूंगी। मुस्कान जैसे विद्यार्थी आज बेहतर माहौल में अच्छी शिक्षा प्राप्त प्राप्त कर रहे हैं, क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा की नींव मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
                 

प्रोद्यौगिकी, इन्टरनेट के युग और ग्लोबलाइजेशन के दौर में अंग्रेजी शिक्षा आज की सबसे बड़ी जरुरत है। इसी जरुरत को समझते हुए और छत्तीसगढ़ की प्रतिभा को दुनिया के लिए तैयार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की पहल की। इस पहल गरीब बच्चों को भी क्वालिटी एजुकेशन और अंग्रेजी भाषा में शिक्षा मिलना संभव हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अंग्रेजी शिक्षा की पहल पर खोले गए स्कूलों को स्वामी आत्मानंद को समर्पित किया है, जिन्होंने अपना जीवन आदिवासी बच्चों में शिक्षा के प्रसार के लिए बिताया। स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी स्वामी आत्मानंद के कार्यों से प्रभावित थीं, आज नारायणपुर के रामकृष्ण मिशन के विद्यालय से पढ़कर निकले विद्यार्थी देश के बड़े बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं।

अंग्रेजी शिक्षा से वंचित वर्ग तक भी शिक्षा का प्रसार हो इस भावना के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे प्रदेश में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की शुरुआत की, जिसके जरिए नई पीढ़ी आज की जरूरत के हिसाब से भावी भविष्य के लिए तैयार हो रही है। आज प्रदेश के स्कूल सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अच्छा अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ में शिक्षा के स्तर का लगातार ग्राफ बढ़ रहा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने और उसे मजबूत करने की दिशा में कई अहम पहल से छत्तीसगढ़ आज देश के लिए अपने तरह की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है।

स्कूलों को किया गया अपग्रेड

विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई का बेहतर माहौल देने के लिए स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, इसके लिए इन स्कूलों में सबसे पहले आधारभूत संरचना को मजबूत किया गयाद्य पुरानी बिल्डिंग का पुनरुद्धार कर उसे एक नया रूप दिया गया। इसी का परिणाम है कि पहले जिन स्कूलों में पुराने ब्लैक बोर्ड थे आज वहां ग्रीन बोर्ड लगाए गए हैं और कुछ जगहों पर स्मार्ट बोर्ड की सुविधा से भी विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, अब स्कूलों में पुराने बैंच-टेबल की जगह नये कम्फर्टेबल बैंच ने ले ली है।

मिल चुके हैं कई पुरस्कार

प्रदेश के बजट में शिक्षा ज्यादा राशि शिक्षा के लिए खर्च की जा रही है। इससे शैक्षणिक संस्थाओं की अधोसंरचना बेहतर हो रही है। आँगन म शिक्षा पहल के लिए छत्तीसगढ़ को 2022 का स्कॉच अवार्ड प्रदान किया गया था। इसी तरह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय स्तर के एमबिलीयंथ अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

अंग्रेजी शिक्षा के खर्च से मिली मुक्ति

स्वामी आत्मानंद शासकीय अंगेजी एवं हिंदी उत्कृष्ट विद्यालय योजना ने माता-पिता को अपने बच्चे के लिए अंग्रेजी शिक्षा के खर्च के बोझ से मुक्त करा दिया है। इन स्कूलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी, लैंग्वेज लैब, कंप्यूटर और साइंस के साथ ही टेनिस और बैडमिन्टन सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में जरूरी हैं।

स्वामी आत्मानंद स्कूलों में संविदा भर्ती में गड़बड़ी व नियुक्ति और पदस्थापना की जांच हेतु कमेटी गठित

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मोहला। कलेक्टर एस जयवर्धन ने मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के अंतर्गत संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूलों में संविदा भर्ती में गड़बड़ी व नियुक्ति और पदस्थापना के लिए लेनदेन शीर्षक से प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जांच कमेटी गठित किया है।

कलेक्टर ने जांच कमेटी गठित करते हुए अधिकारियों को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया है। गठित कमेटी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राजनांदगांव अमित कुमार को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मोहला डॉक्टर हेमेंद्र भूआर्य एवं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, राजनांदगांव सतीश ब्यौहरे को सदस्य नियुक्त किया गया है। गठित समिति समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों की बिंदुओं एवं उनकी सत्यता की जांच करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। 

कला मनोरंजन का साधन मात्र नहीं, जीवंत संवेदना है - डॉ. चित्तरंजन कर

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महासमुंद। नगर के स्वामी आत्मानंद विद्यालय सभागार में विश्व संगीत दिवस पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। लुप्तप्राय देवार गीत पर केन्द्रित व्याख्यान का आयोजन भारतीय सांस्कृतिक निधि इन्टैक  महासमुंद अध्याय के संयोजन में हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी लोक गायन परंपरा में देवार समुदाय का योगदान विषय पर विद्वान वक्ताओं ने  प्रकाश डाला। स्थानीय मालधक्का पारा निवासी धाकड़ देवार द्वारा रुंजु की सुमधुर तान के साथ प्रस्तुत देवार गीत की जमकर सराहना हुई।

धाकड़ देवार का स्वागत करते हुए दाऊलाल चन्द्राकर

रूंजु वाद्य के साथ देवार गीत गायन कला विरासत को  संजोकर रखने वाले जिले के एक मात्र साधक कलाकर धाकड़ देवार को अतिथियों ने गरिमामय वातावण में गुलदस्ताफुलमालाधोती
कुर्तागमछास्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व प्रमुख वक्ता भाषाविद, साहित्यकार डॉ. चित्तरंजन कर रायपुर थे। अध्यक्षता इन्टैक के छत्तीसगढ़ संयोजक अरविंद मिश्रा ने की। विशिष्ट अतिथि श्रीमती माधुरी कर,सुनील बघेल रायपुर थे। इस अवसर पर साहित्यकार डॉ. चित्तरंजन कर ने कहा कि देवार उच्च कोटि के ओझा (बैगा) हैं।

ग्राम देवता के पुजारी देवार को माना गया है। इनमें दैवज्ञ, अदृश्य को देख लेने की अद्भुत क्षमता होती है। ये लोग प्रकृति से जुड़े हैं। उन्होंने देवारों के बारे में बताया कि ये ग्राम देवता में दीया जलाने वाले लोग थे।  इनकी जाति देवार से ही देवारी शब्द की उत्पत्ति हुई है, जिसे हम दीपावली के नाम से भी जानते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भीख मांगने वाले देवार को जोगी देवार के नाम से जाना जाता है। इनकी संख्या अब लुप्त हो गई है। आकाशवाणी रायपुर से चिंताराम देवार ने पहला देवार गीत कार्यक्रम 60 के दशक में प्रस्तुत किया।

रुंजु की तान पर देवार गीत की सुमधुर प्रस्तुति देते धाकड़ देवार

लोकगायन की शुरुआत देवार समुदाय ने ही किया। ये देवज्ञ, गंधर्व व आरण्यक हैं। इनकी कला प्रणाम करने योग्य हैं। उन्होंने कहा कि देवार संस्कृति को संरक्षित करने की आवश्यकता है, यदि संस्कृति नहीं रहेगी तो संस्कार नहीं रहेगा। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन नहीं है, सांस्कृतिक  विरासत का संरक्षण है। बिना कारण के कोई कार्य नहीं होता है। आज देवार संस्कृति संकट ग्रस्त है, विलुप्त होने के कगार पर है। इसे बचाने की आवश्यकता है। हमने इनकी कला को मनोरंजन का साधन मानकर बड़ी भूल की है। कला मात्र मनोरंजन का साधन नही,मनुष्य को मनुष्य बनाती है।        

धाकड़ देवार को श्रीफल और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित करते डॉ चित्तरंजन
 कर
                                                 

इस अवसर पर इन्टैक के छत्तीसगढ़ संयोजक अरविंद मिश्रा ने कहा कि देवार यायावर (घुमंतु) हैं। प्रकृति से जुड़े हुए वर्ग हैं। ये पक्का मकान में रहना पसंद नहीं करते हैं। सुअर पालन यूरोप में विश्व का सबसे बड़ा व्यापार है। यदि प्रोत्साहित किया जाए तो यहां देवारों की स्थिति सुधारने में मदद मिल सकती है। टैटू आज 5 हजार करोड़ रुपये का वैश्विक कारोबार है। छत्तीसगढ़ में गोदना आयोग बनाने की जरूरत है। जिससे इस परंपरागत कला को संरक्षित किया जा सके। विश्व का सबसे कठिन वाद्य यंत्र वायलिन को माना जाता है, यह देवारों की रुंजु से विकसित हुआ है। जिसे देवार बहुत सरलता से बजाते हैं। देवारों की संस्कृति को बचाने का प्रयास होना चाहिए। इसके लिए संगीत विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की जरूरत है। उपस्थित जनों को श्रीमती माधुरी कर ने भी संबोधित किया।

स्वागत उद्बोधन में संयोजक दाऊलाल चन्द्राकर ने कहा कि देवार संस्कृति विलुप्तपाय है। ऐसी धरोहरों के संरक्षण व संवर्धन के लिये इन्टैक प्रतिबद्ध है ।इसी उद्देश्य को लेकर देवार गीत केन्द्रित आज का यह कार्यक्रम इन्टैक द्वारा आयोजित है। उन्होंने देवार संस्कृति के संरक्षण की दिशा में चंदैनी गोंदा मंच के माध्यम से दाऊ रामचंद्र देशमुख के प्रयास का  विशेष रूप से उल्लेख किया संचालन रूपेश तिवारी व आभार ज्ञापन राजेश्वर खरे ने किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में सरायपाली-सारंगगढ़ संयोजक यशवंत चौधरी,अशोक शर्मा,डॉ. रामगोपाल यादव,डाॅ. विजय मिश्रा, रघुनाथ सिन्हा,मानक नामदेव का सराहनीय योगदान रहा।

इस बीच इन्टैक द्वारा मूर्त-अमूर्त विरासत के संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं को  स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। जिनमें हेमेन्द्र आचार्य,प्राचार्य स्वामी आत्मानंद हिन्दी  उत्कृष्ठ विद्यालय,भागवत जगत भूमिल काव्यांश, नरेश साहू व लोकनाथ साहू दिशा नाट्यमंच, धनराज साहू, हबीब समर, लोक कलाकर संरक्षण समिति बागबाहरा प्रमुख हैं। इस अवसर पर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष आनंद पत्रकारश्री, सालिक राम कन्नौजे, पूर्व प्राचार्या एवं कवियित्री डाॅ. साधना कसार, कुबेर गिरी गोस्वामी प्राचार्यं देव संस्कृति विद्यालय, रामकुमार साहू जिला सचिव भारत स्काउट गाईड, बी. आर. साहू, सुरेन्द्र मानिकपुरी, डी एन साहू, गकर्मी डा. विकास अग्रवाल राजनांदगांव,लोक गायक नूतन भट्ट बलौदाबाजार, सहित साहित्य, कला, नाट्यमंच, शिक्षा जगत से जुड़े विशिष्टजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सरगुजा में 5 नए आत्मानंद स्कूल खुले, 39 शिक्षकों को मिली मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना शुरू की है। योजना के अंतर्गत सरगुजा जिले में 11 स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालित थे। भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों की मांग पर मुख्यमंत्री ने 5 नए स्वामी आत्मानंद स्कूल घोलने की घोषणा की थी।

घोषणा पूरी होने के बाद अब जिले में कुल 16 स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए शैक्षणिक सत्र 2023-24 में 39 शिक्षकों की भर्ती की गयी है। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन 39 नव नियुक्त शिक्षकों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस दौरान स्वामी आत्मानंद स्कूलों में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में हमें अध्यापन कार्य के लिए नियुक्ति मिली है जिसे हम पूरी तन्मयता से से पूरा करेंगे।

रायपुर जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय में 174 पदों पर होगी संविदा नियुक्ति

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रायपुर। जिला अन्तर्गत 06 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय हेतु 09 मई को विभिन्न पदों पर संविदा भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। जिसके लिए दिनांक 20 मई 2023 शाम 5 बजे तक आवेदन आमंत्रित किये गये थे।

इस तरह छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर के आदेश दिनांक 16 मई 2023 के तहत जिला रायपुर अन्तर्गत नवीन 05 विद्यालयों स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय रायखेड़ा  एवं गनियारी विकासखण्ड तिल्दा, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय खोरपा विकासखण्ड अभनपुर, अनंत राम बर्छिहा अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय चंदखुरी विकासखण्ड आरंग और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय बरबंदा विकासखण्ड धरसींवा  को स्वामी आत्मानंद विद्यालय घोषित किया गया है।उक्त प्रत्येक विद्यालय के लिए 24 पद स्वीकृत किये गये है,

अर्थात् कुल 120 पदों एवं पूर्व में जारी 54 पदों की संविदा भर्ती हेतु आवेदन तिथि में वृद्धि करते हुए  31 मई  शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।आवेदक अपना आवेदन सीधे स्पीड पोस्ट,पंजीकृत डाक या कुरियर द्वारा कार्यालय प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, एन. एच. एम. एम.आई. अस्पताल के पास लालपुर रायपुर, पिन कोड 492015 के पते पर भेज सकते है। आवेदन पत्र प्रारूप वेबसाईड https://raipur.gov.in/ से डाउनलोड किया जा सकता हैं। निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आवेदन पत्र स्वीकार नही किया जायेगा।

उपरोक्त पद हेतु जिले के पूर्व में जारी संविदा भर्ती विज्ञापन दिनांक 9 मई 2023 के शैक्षणिक योग्यता,चयन प्रक्रिया,नियम एवं शर्ते पूर्ववत रहेंगे। जिन आवेदकों ने जिले के संविदा भर्ती के लिए 9 मई 2023 में प्रकाशित विज्ञापन में आवेदन किया है। उन्हे पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नही है, क्योकि चयन प्रक्रिया एक साथ पूरी की जायेगी।

10 अप्रैल से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में होगी एडमिशन की प्रक्रिया आवेदन ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यम से

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जांजगीर-चाम्पा। जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में पूर्व सत्र में 07 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय और 01 स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय संचालित है तथा सत्र 2023-24 में जिले में 01 नये स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय तथा 06 स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय प्रारंभ किये जाने । इन समस्त विद्यालयों में सत्र 2023-24 में छात्र-छात्राओं के लिए एडमिशन के लिए सेजेस पोर्टल 10 अप्रैल से प्रारंभ कर दी जायेगी।

प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में संचालित समस्त स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवेश के हैऑनलाइन आवेदन 10 अप्रैल से 5 मई तक कर सकते हैं तथा अधिक आवेदन की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से सीट आबंटन 5 मई से 10 मई तक किया जाएगा और 11 मई से 15 मई तक प्रवेश की अन्य कार्यवाही की जाएगी।

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रवेश हेतु शर्ते-

 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश हेतु आवेदन ऑनलाईन तथा ऑफलाईन कर सकते हैं। एक विद्यार्थी एक विद्यालय हेतु ही आवेदन कर सकेगा, महतारी दुलार योजना अंतर्गत बच्चों को विशेष प्राथमिकता दी जायेगी, रिक्त सीट का 50 प्रतिशत छात्राओं को प्रवेश दिया जायेगा, अधिक पात्र आवेदन होने पर लॉटरी से चयन किया जायेगा, बी.पी.एल. पालकों के बच्चों को रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जायेगा।

  स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में प्रवेश हेतु शर्ते-

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश हेतु आवेदन ऑनलाईन तथा ऑफलाईन किया जा सकेगा, एक विद्यार्थी एक विद्यालय हेतु ही आवेदन कर सकेगा, महतारी दुलार योजना अंतर्गत बच्चों को विशेष प्राथमिकता दी जायेगी, रिक्त सीट का 50 प्रतिशत छात्राओं को प्रवेश दिया जायेगा, अधिक पात्र आवेदन होने पर लॉटरी से चयन किया जायेगा, कन्या विद्यालय को छोड़कर शेष विद्यालय में सह शिक्षा होगी. बी.पी.एल. पालकों के बच्चों को रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जायेगा। प्रवेश के लिए विस्तृत जानकारी के लिए सजेस पोर्टल का अवलोकन कर सकते हैं।

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एडमिशन 10 अप्रैल से ,जानें आवेदन की प्रक्रिया

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2023 -24 प्रदेश के लिए 10 अप्रैल से आवेदन शुरू हो रहे है। बता दें कि प्रदेश में पूर्व सत्र में 247 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय तथा 32 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय संचालित थे। सत्र 2023-24 में प्रदेश में नए 101 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रारंभ किए जाने के बजट में स्वीकृति दी गई। इन सभी विद्यालयों में सत्र 2023-24 में छात्र-छात्राओं के एडमिशन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाईट में सेजेस पोर्टल 10 अप्रैल से प्रारंभ कर दी जाएगी।


एडमिशन के लिए प्रवेश हेतु आवेदन की तिथि 10 अप्रैल से 5 मई तक निर्धारित की गई है। अधिक आवेदन की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से सीट आबंटन 5 मई से 10 मई तक और एडमिशन की अगली कार्यवाही 11 मई से 15 मई तक की जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय की तरफ से जारी निर्देश के मुताबिक छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से पांच मई तक आवेदन कर सकते हैं। 

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में एडमिशन के संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करते हुए इसका पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन ऑनलाईन तथा ऑफलाईन दोनों माध्यम से किया जा सकेगा। एक विद्यार्थी एक विद्यालय के लिए ही आवेदन कर सकेगा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में राज्य में पूर्व से संचालित अंग्रेजी माध्यम के 152 प्राथमिक तथा 153 पूर्व माध्यमिक शालाओं के छात्र-छात्राओं को कक्षा 6वीं और 9वीं में प्राथमिकता से एडमिशन दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुसार अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम के विद्यालयों में ’महतारी दुलार योजना’ अंतर्गत कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को विशेष प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। एडमिशन के लिए आवेदन पत्र के साथ पालक का मृत्यु प्रमाण पत्र संलग्न किया जाना अनिवार्य होगा। अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में रिक्त सीट के 50 प्रतिशत स्थान पर छात्राओं का चयन किया जाएगा। बालिकाओं की पर्याप्त संख्या नहीं मिलने पर बालकों से सीट भरी जा सकेंगी।

बीपीएल और आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के बच्चों को कुल रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जाएगा। पालकों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। कुल रिक्त पदों के 25 प्रतिशत सीटो पर आवेदक बच्चों का प्रवेश लॉटरी सिस्टम अर्थात कम्प्यूटर के माध्यम से रेंडमली चयन किया जाएगा। रिक्त सीट के विरूद्ध अधिक पात्र आवेदक होने पर लॉटरी से चयन किया जाएगा। कक्षा पहली में प्रवेश के लिए विद्यार्थी की आयु 31 मई 2023 की स्थिति में 5 से 6 वर्ष 6 माह के मध्य होनी चाहिए।

इसके अलावा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालयों में एडमिशन हेतु इसी विद्यालय में पूर्व से अध्ययनरत छात्राओं को अगली कक्षा में प्रवेश हेतु आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। कन्या विद्यालयों को छोड़कर शेष विद्यालयों में सह शिक्षा होगी और इनकी प्रत्येक कक्षा में रिक्त सीट का 50 प्रतिशत छात्राओं का चयन किया जाएगा। बालिकाओं की पर्याप्त संख्या नहीं मिलने पर बालकों से सीट भरी जा सकेंगी। स्कूल की क्षमता अनुसार प्रवेश देने का अधिकार कलेक्टर की अध्यक्षता वाली सोसायटी को होगा। इन विद्यालयों में कक्षा 6वीं एवं कक्षा 9वीं में प्रवेश सोसायटी के निर्णय अनुसार लिए जाएंगे।


स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में एडमिशन 10 अप्रैल से

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रायपुर। प्रदेश में पूर्व सत्र में 247 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय तथा 32 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय संचालित थे। सत्र 2023-24 में प्रदेश में नए 101 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रारंभ किए जाने के बजट में स्वीकृति दी गई। इन सभी विद्यालयों में सत्र 2023-24 में छात्र-छात्राओं के एडमिशन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाईट में सेजेस पोर्टल 10 अप्रैल से प्रारंभ कर दी जाएगी। एडमिशन के लिए प्रवेश हेतु आवेदन की तिथि 10 अप्रैल से 5 मई तक निर्धारित की गई है। अधिक आवेदन की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से सीट आबंटन 5 मई से 10 मई तक और एडमिशन की अगली कार्यवाही 11 मई से 15 मई तक की जाएगी।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में एडमिशन के संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करते हुए इसका पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन ऑनलाईन तथा ऑफलाईन दोनों माध्यम से किया जा सकेगा। एक विद्यार्थी एक विद्यालय के लिए ही आवेदन कर सकेगा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में राज्य में पूर्व से संचालित अंग्रेजी माध्यम के 152 प्राथमिक तथा 153 पूर्व माध्यमिक शालाओं के छात्र-छात्राओं को कक्षा 6वीं और 9वीं में प्राथमिकता से एडमिशन दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुसार अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम के विद्यालयों में महतारी दुलार योजनाअंतर्गत कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को विशेष प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। एडमिशन के लिए आवेदन पत्र के साथ पालक का मृत्यु प्रमाण पत्र संलग्न किया जाना अनिवार्य होगा। अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में रिक्त सीट के 50 प्रतिशत स्थान पर छात्राओं का चयन किया जाएगा। बालिकाओं की पर्याप्त संख्या नहीं मिलने पर बालकों से सीट भरी जा सकेंगी। बीपीएल और आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के बच्चों को कुल रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जाएगा। पालकों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। कुल रिक्त पदों के 25 प्रतिशत सीटो पर आवेदक बच्चों का प्रवेश लॉटरी सिस्टम अर्थात कम्प्यूटर के माध्यम से रेंडमली चयन किया जाएगा। 

रिक्त सीट के विरूद्ध अधिक पात्र आवेदक होने पर लॉटरी से चयन किया जाएगा। कक्षा पहली में प्रवेश के लिए विद्यार्थी की आयु 31 मई 2023 की स्थिति में 5 से 6 वर्ष 6 माह के मध्य होनी चाहिए। इसके अलावा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालयों में एडमिशन हेतु इसी विद्यालय में पूर्व से अध्ययनरत् छात्राओं को अगली कक्षा में प्रवेश हेतु आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। कन्या विद्यालयों को छोड़कर शेष विद्यालयों में सह शिक्षा होगी और इनकी प्रत्येक कक्षा में रिक्त सीट का 50 प्रतिशत छात्राओं का चयन किया जाएगा। बालिकाओं की पर्याप्त संख्या नहीं मिलने पर बालकों से सीट भरी जा सकेंगी। स्कूल की क्षमता अनुसार प्रवेश देने का अधिकार कलेक्टर की अध्यक्षता वाली सोसायटी को होगा। इन विद्यालयों में कक्षा 6वीं एवं कक्षा 9वीं में प्रवेश सोसायटी के निर्णय अनुसार लिए जाएंगे।

 

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