Media24Media.com: स्कूली बच्चों

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पीएमश्री स्कूल में गढ़ा जा रहा है छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम भविष्य, बच्चों की मुस्कान कर रही है स्कूल के खुशनुमा माहौल का बयान

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा स्कूली बच्चों के समग्र विकास के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। राज्य में पीएमश्री योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य के 341 स्कूलों में शिक्षा और अध्ययन-अध्यापन का माहौल बेहतर हो रहा है। पीएमश्री योजना में शामिल राजनांदगांव जिले के 11 स्कूलों का न सिर्फ कायाकल्प हुआ है, बल्कि वहां अध्ययन-अध्यापन को लेकर बेहतर माहौल बना है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएमश्री योजना अंतर्गत स्कूली बच्चों के भविष्य को गढऩे एवं तराशने का कार्य किया जा रहा है। पीएमश्री योजना में शामिल राजनांदगांव जिले की डुन्डेरा शासकीय प्राथमिक शाला, इस योजना की सफलता की एक बानगी मात्र है। पीएमश्री योजना के माध्यम से इस शाला के कायाकल्प को देखकर ही सुखद अनुभूति होती है। इसका एहसास यहां के स्कूली बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान को देखकर सहज ही होता है।

पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला डुन्डेरा में पढ़ने वाले बच्चों की मुस्कान स्कूल के खुशनुमा माहौल को बयान करती है। सर्वसुविधायुक्त स्कूल की परिकल्पना प्राथमिक शाला डुंडेरा में सार्थक हुई है, जहां न केवल बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है बल्कि बच्चों को पीएमश्री पौष्टिक आहार भी दिया जा रहा है। पीएम योजना के तहत लगभग 4 लाख 15 हजार रूपए की राशि से पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला डुन्डेरा का कायाकल्प किया गया है। इस स्कूल को ग्रीन स्कूल की तर्ज पर विकसित किया गया है। स्वच्छ और हरे-भरे वातावरण के लिए स्कूल परिसर में पौधे रोपित किए गए हैं। स्कूल के फर्श पर सुन्दर टाइल्स लगाए गये है। दीवारों पर ज्ञानवर्धक खूबसूरत पेटिंग बनाई गई हैं।

पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला डुन्डेरा में बच्चों के लिए संगीत, विभिन्न खेल गतिविधियां तथा व्यक्तित्व विकास हेतु अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए वाटर फिल्टर लगाया गया है। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण भी समय-समय पर कराया जाता है। स्कूल में 109 बच्चे अध्ययनरत है। यहां स्मार्ट क्लास, खेल मैदान, म्यूजिक क्लास रूम, मध्यान्ह भोजन की सुविधा है।

स्कूल में पीएमश्री मुस्कान पुस्तकालय भी है, जहां दीवारों में उकेरी गई पेंटिग तथा प्रेरक पंक्तियां बच्चों को पाठ्य पुस्तकों को पढऩे के लिए प्रेरित करती हैं। लाईब्रेरी में मिसाईल मैन एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पंक्तियां एक अच्छी पुस्तक हजार दोस्तों के बराबर होती है, जबकि एक अच्छा दोस्त एक लाईब्रेरी के बराबर होता है, जैसी प्रेरणादायक पंक्तियां लिखी हुई है। स्कूल में बच्चों के लिए पर्याप्त खेल सामग्री एवं म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध है। सोमवार से शनिवार तक दोपहर 1 बजे भोजन दिया जाता है, साथ ही बच्चों को खेल सामग्री भी प्रदान की जाती है। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 11 पीएमश्री स्कूल हैं, जहां बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नई पहल की जा रही है। राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कर किया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के 341 स्कूलों में पीएमश्री योजना शुरू की गई है, जिसके तहत इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे आधुनिक विषयों को भी पढ़ाया जाएगा। पीएमश्री स्कूल अंतर्गत आदिवासी बहुल इलाकों में भी स्कूलों को अपग्रेड किया रहा है, जिससे इन क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक, ज्ञानपरक और कौशल युक्त शिक्षा मिल रही है।

छत्तीसगढ़ में शराबी टीचर को जूते-चप्पल फेंक-फेंककर मारा, वायरल हुआ VIDEO

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 जगदलपुर। स्कूली बच्चों द्वारा अपने ही स्कूल के शिक्षक को चप्पल फेंककर मारने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. जानकरी के मुताबिक, यह वीडियो बस्तर विकासखंड के प्राथमिक शाला पली भाटा का है. जहां एक शराबी शिक्षक से परेशान बच्चों ने उसे सबक सिखाने की योजना बनाई और जैसे ही शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंचा बच्चों ने उसपर चप्पल और जूतों की बारिश कर दी.


स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक रोजाना शराब के नशे में स्कूल आया करता था और उस वक्त भी शराब के नशे में स्कूल पहुंचा था. यह वीडियो गांव में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. सोशल मीडिया पर भी यह वीडियों तेजी से वायरल हो रहा है.

देखे वीडियो



जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला बस्तर ब्लॉक के पलीभाटा प्राथमिक स्कूल का है। यहां एक शिक्षक हर दिन शराब के नशे में चूर होकर स्कूल पहुंचता था। बच्चों को पढ़ाने की बजाए नीचे दरी पर सो जाता। बच्चे जब पढ़ाने के लिए कहते तो गालियां देता। जिससे बच्चे काफी खफा थे। यह वीडियो एक-दो दिन पुराना बताया जा रहा है।बताया जा रहा है कि शिक्षक ने बच्चों के साथ बदतमीजी की थी। बस इसी बात से नाराज छात्र-छात्राओं ने शिक्षक पर जूते-चप्पल बरसाने शुरू कर दिए।

जिससे शिक्षक ने अपनी बाइक स्टार्ट की और स्कूल से भागने लगा। बच्चों ने भी दौड़ा-दौड़ा कर शिक्षक पर चप्पल फेंके।जिसका मौके पर मौजूद किसी ने वीडियो बना लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिक्षक का नाम भी अभी तक सामने नहीं आ सका है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने कहा है कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। मैंने वीडियो भी नहीं देखा है। पता करती हूं।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 29 जनवरी को ‘परीक्षा पे चर्चा‘ कार्यक्रम

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ परीक्षा को उत्सव की तरह मनाने एवं विद्यार्थियों में तत्संबधी तनाव दूर करने के लिए सीधा संवाद करेंगे। परीक्षा पे चर्चा-2024‘ का कार्यक्रम 29 जनवरी को प्रातः 11 बजे भारत मण्डपम, प्रगति मैदान नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।

सचिव स्कूल शिक्षा ने परीक्षा पे चर्चाकार्यक्रम में सहभागिता के लिए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर आवश्यक व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि यह समय है कि जब परीक्षाओं को हम सब एक उत्सव के रूप में मनाये विद्यार्थियों को अध्ययन हेतु प्रेरित करने के साथ-साथ उनके परीक्षा संबंधी तनाव को दूर करने में सहयोग करें तथा उन्हें अपना सर्वोत्तम प्रदान करने हेतु प्रोत्साहित करें।

सचिव स्कूल शिक्षा ने कलेक्टरों को जारी पत्र में कहा है कि इस कार्यक्रम का लाईव प्रसारण दूरदर्शन राष्ट्रीय चैनल, दूरदर्शन न्यूज, दूरदर्शन भारत, यू-ट्यूब व डलळवअण्पद आदि के माध्यम से उपलब्ध रहेगा। इसके लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम और जिला शिक्षा अधिकारी के मध्य समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार कराया जाए। जिले के केन्द्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों, शासकीय एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में स्मार्ट टीव्ही, डिजीटल क्लासरूम के प्रोजेक्टर स्क्रीन का उपयोग करते हुए कक्षा 6वीं से 12वीं तक के अधिक से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को इस लाईव प्रसारण से लाभान्वित करें।

कलेक्टरों से कहा गया है कि जिन स्थलों में इंटरनेट अथवा टेलीविजन की सुविधा सुगम नहीं वहां ऑलइंडिया रेडियो एवं एफएम चैनल के द्वारा इस कार्यक्रम का लाईव प्रसारण सुनाया जाए। कार्यक्रम के पश्चात् बच्चों एवं शिक्षकों के फोटो डलळवअज च्वतजंस पर अपलोड किया जाए।

मुख्यमंत्री बघेल ने किया तारामण्डल का लोकार्पण

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नगर निगम भिलाई के नेहरू नगर में 2 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित तारामण्डल का लोकार्पण किया। यह तारामण्डल शहरवासियों को ब्रम्हांड से परिचित कराएगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने नगरवासियों एवं स्कूली बच्चों के साथ तारामण्डल के विहंगम दृश्यों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार से जोड़ने की अभिनव पहल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों को हायर सेकेण्डरी के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा मिल रही है। राज्य में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर यह योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत कक्षा 11 वीं और 12वीं के पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को विभिन्न ट्रेडों में रोजगार मूलक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण के साथ-साथ विद्यार्थियों को आईटीआई का प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है। सत्र 2021-23 में 1557 विद्यार्थियों ने हायर सेकेण्डरी परीक्षा के साथ आईटीआई की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। वर्तमान में इस योजना में 5798 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण 11 ट्रेडों में दिया जा रहा है।

रोजगार और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 145 विकासखण्डों के 148 आई. टी. आई. में 148 हायर सेकेण्डरी स्कूलों के छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करने चिन्हांकित किया गया है। प्रथम चरण में सत्र 2021-23 में 116 विकासखण्डों में 119 आई. टी. आई. में कक्षा 11वीं के 3199 छात्रों को प्रशिक्षण हेतु प्रवेश प्रदान किया गया। प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत 1698 छात्र राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की परीक्षा में सम्मिलित हुए तथा 1557 छात्र उत्तीर्ण हुए। इसी प्रकार सत्र 2022-24 में 126 विकासखण्डों में 128 आई. टी. आई. में 3218 छात्रों को प्रवेश प्रदान कर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सन 2023-25 में अद्यतन 114 स्कूल के 2580 छात्र-छात्राएँ 113 आई. टी. आई. के विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण हेतु प्रवेश ले चुके हैं।

यह योजना हायर सेकेण्ड्री स्कूलों के 11वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत नियमित विद्यार्थियों के लिए प्रारंभ की गई है। विद्यार्थियों को बारहवीं प्रमाण पत्र के साथ-साथ आई. टी. आई. का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना में विकासखण्ड स्तर पर आईटीआई और स्कूल का चयन इस प्रकार किया गया कि आईटीआई और स्कूल पास-पास हो ताकि व्यवसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ एवं स्कूल शिक्षा सुचारू रूप से संचालित हो सके। योजना में विद्यार्थियों को कारपेंटर, मैकेनिक डीजल, प्लम्बर, वेल्डर, सोलर टेक्निशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर एण्ड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्युइंग टेक्नालाजी, स्टेनोग्राफर एण्ड सेक्रेट्रियल असिस्टेंट हिन्दी, टेक्निशियन स्मार्ट एग्रीकल्चर, टेक्निशियन स्मार्ट हेल्थ केयर, कम्प्यूटर हार्डवेयर एण्ड नेटवर्क मैनटेनेन्स में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। संस्था में उपलब्ध अधोसंचरना में यह प्रशिक्षण तृतीय पाली में संचालित किया जा रहा है।

योजना का मुख्य उद्देश्य दसवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण के प्रति जागरूक करना, 12 वर्ष की स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के साथ-साथ आईटीआई से व्यवसायिक प्रशिक्षण का प्रमाण-पत्र प्रदान करना, जिससे व्यावसायिक प्रमाण पत्र के आधार पर युवाओं के रोजगार के अवसर में वृद्धि एवं कौशल क्षमता में विकास करना है। इसके साथ-साथ स्कूल शिक्षा से विद्यार्थियों का ड्रॉप आउट कम करना, व्यवसायिक प्रशिक्षण को शिक्षा के लिये आसान और प्रेरणादायक बनाने के साथ-साथ स्कूल एवं आई.टी.आई. के आधारभूत संरचनाओं का अधिकतम उपयोग करना है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 13 मई 2020 को मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के परिपालन में प्रदेश के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत स्कूली छात्रों को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं राज्य व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद् (एस.सी.व्ही.टी.) द्वारा संयुक्त रूप से प्रशिक्षण संचालित करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा 22 सितम्बर 2021 को स्कूलों तथा आई. टी. आई. में संयुक्त रूप से रोजगारोन्मुखी कौशल विकास तथा व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के संबंध में स्वीकृति प्रदान की गई।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से भाग लेकर लौट रहे स्कूली बच्चों से भरी वाहन पलटी, 17 बच्चे घायल

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रायपुर : मोहला-मानपुर जिले में स्कूली बच्चों से भरी पिकअप गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई. इस हादसे में कुल 17 बच्चे घायल हुए हैं. जिसमें कुछ बच्चों को चोटें आई हैं और कुछ गंभीर हैं. सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. यह मामला खरगौन थाना क्षेत्र का है. बताया जा रहा है कि सभी स्कूली छात्र छत्तीसगढ़ ओलंपिक में भाग लेकर अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ. यह हादसा शिक्षा विभाग पर सवाल खड़ा करता है कि बच्चों को लापरवाही से पिकअप वाहन में क्यों लाया जा रहा था।


जानकारी के मुताबिक प्रदेश भर में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक चल रहा है. जिसमें स्कूली बच्चे विभिन्न खेलों में भाग ले रहे हैं. वहीं मोहला-मानपुर जिले के जनपद के ग्राम बोगा फुलकोड़ो में भी खेल का आयोजन किया गया. जिसमें स्कूली बच्चे हिस्सा लेने पहुंचे. छत्तीसगढ़ी ओलंपिक में भाग लेने के बाद सभी बच्चे पिकअप वाहन में सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे, तभी ग्राम फुलकोड़ो और भर्रीटोला के बीच वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया. इस हादसे में कुल 17 बच्चे घायल हुए हैं. जिन्हें इलाज के लिए मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है. मानपुर बीएमओ डॉ. गिरीश खोबरागड़े ने इसकी पुष्टि की है।

मानपुर बीएमओ डॉ. गिरीश खोबरागड़े ने बताया कि हादसे में पिकअप में सवार सभी बच्चे घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज कराया गया. फिलहाल 4 बच्चे मानपुर अस्पताल में भर्ती हैं, चार अन्य बच्चों को चेकअप के लिए राजनांदगांव भेजा गया है. बाकी लोगों को छुट्टी दे दी गई है।


कैच दैम अर्ली: 30 स्कूलों के 3500 विद्यार्थी प्रशिक्षित : वन एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता की अभिनव पहल

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दुर्ग वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा स्कूली बच्चों में वन तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने कैच दैम अर्लीकार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। दुर्ग वनमण्डल अंतर्गत कक्षा छटवीं से 10वीं तक के बच्चों को वन, वन्य जीवन तथा वन विभाग की कार्य प्रणाली के प्रति जागरूक करने हेतु वर्ष 2022 में यह योजना प्रारंभ की गई है। कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 30 स्कूलों के 3500 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

इस योजना के अंतर्गत वन अमले द्वारा प्रति सप्ताह दुर्ग वनमण्डल के अंतर्गत स्कूली बच्चो को 1 घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिसमें बच्चों को वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण आदि की सामान्य जानकारियां प्रदान की जाती है। इसके अलावा चित्रकला, निबंध, नाटक, क्विज, वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि के माध्यम से बच्चों में वन एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने अभिनव पहल की गई है। 

कार्यक्रम के तहत बच्चों में उत्सुकता बढ़ाने एवं मनोरंजन हेतु उन्हें वाईल्ड लाईफ से संबंधित डाक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई जाती है। कार्यक्रम के पश्चात प्रतियोगिता में प्रथम 3 स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरूस्कार एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। उक्त प्रतियोगिता में प्रथम 3 स्थानो पर रहे बच्चों को माह के एक दिन वनमण्डल की सीमा के अंतर्गत वनक्षेत्र अथवा नर्सरी भ्रमण करवाया जाता है।

स्कूली बच्चों के लिए वित्तीय साक्षरता पर अखिल भारतीय क्विज का आयोजन अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह से

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्तीय साक्षरता विषय पर अखिल भारतीय क्विज प्रतियोगिता का आयोजन अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह से किया जा रहा है। इस क्विज में शासकीय और म्यूनिसपल स्कूलों के 8वीं, 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। क्विज प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय, संकुल, विकासखण्ड, जिला और राज्य स्तर तथा राष्ट्रीय स्तर पर होगा।

प्रथम चरण में विद्यालय, संकुल तथा विकासखण्ड स्तर पर तथा द्वितीय चरण में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। क्विज प्रतियोगिता का विषय वित्तीय साक्षरता (फायनेंसियल लिटरेसी) है। प्रतियोगिता के लिए पाठ्य सामग्री आरबीआई और नेशनल सेंटर फॉर फायनेंसियल एजुकेशन (एनसीएफई) की वेबसाईट पर उपलब्ध है।

संचालक, लोक शिक्षण सुनील कुमार जैन ने इस क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सुनिश्चित करने के संबंध में शिक्षा विभाग के समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, समस्त जिला शिक्षा अधिकारी और समस्त डीएमसी (समग्र शिक्षा) को निर्देश जारी किए हैं। संचालक, लोक शिक्षण ने विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन माह अप्रैल माह के तृतीय सप्ताह में करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में दो-दो चयनित छात्र-छात्रायें विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। संचालक, लोक शिक्षण ने विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने जानकारी दी है कि जिला स्तरीय तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की जानकारी रिजर्व बैंक के नोडल अधिकारी, जिले के लीड बैंक के अधिकारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को दी जायेगी। इस क्विज प्रतियोगिता की पूरी प्रक्रिया के संचालन का नेतृत्व भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा किया जायेगा। प्रतियोगिता के आयोजन, प्रतिभागियों के भोजन एवं यात्रा व्यय का वहन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किया जायेगा, जिसकी जानकारी संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा सीधे जिला शिक्षा अधिकारियों को पृथक से दी जायेगी।

संचालक लोक शिक्षण ने संबंधित अधिकारियों को यह जानकारी भी दी है कि क्विज प्रतियोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी 11 अप्रैल 2023 को आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक, नोडिल अधिकारी (रायपुर) द्वारा दी जायेगी, जिसमें स्थानीय, जिले के लीड बैंक के अधिकारी को सम्मिलित होने के लिए संबंधित अधिकारी अपने स्तर से अनिवार्यतः सूचित करें।

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