Media24Media.com: सरगुजा

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पर्यटकों के लिए मनमोहक है मयाली का मनोरम दृश्य

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रायपुर। नैसर्गिक सुंदरताओं को समेटे जशपुर की खूबसूरती को भला कौन निहारना नहीं चाहेगा। सिन्दूरी सुबह और गुलाबी ठण्ड के दस्तक के बीच नीले आकाश, पक्षियों के चहचहाहट, कलरव के साथ हरे-भरे वातावरण और स्वच्छ पानी में पहाड़ों के प्रतिबिम्ब के बीच मयाली की पहचान एक खूबसूरत पर्यटन स्थल होने लगी है।

मयाली जशपुर जिला मुख्यालय से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर कुनकुरी विकासखण्ड के अंतर्गत स्थित है। मयाली में एक ओर खूबसूरत पहाड़ियों की वादी और इसकी तलहटी में अथाह जल राशि समेटे मयाली बांध और इसके चारो ओर हरियाली, ऊंचे-ऊंचे पेड़ मयाली को मनमोहक बनाते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप मयाली में पर्यटकों की सुविधा और विकास के कार्य भी कराए जा रहे हैं।

मयाली के नेचर कैम्प में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक होगी। इसका उद्देश्य मयाली स्थित नेचर कैम्प को पर्यटन स्थल के रूप में एक नई पहचान दिलाना है। इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधिगण ग्राम पंचायत खण्डसा से मयाली नेचर कैम्प तक जलविहार करते हुए नाव से पहुँचेंगे। इस दौरान वे यहाँ के मनोरम दृश्यों को बहुत ही करीब से देख पाएंगे।

मयाली में गेंदे सहित आसपास खिलने वाले अन्य पीले फूलों और जवाफूल, बासमती धान की बालियों, पीले मक्के के साथ मनमोहक स्वागत द्वार तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय के गृह जिले जशपुर के मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के लिए खास तैयारी की गई है। यहाँ ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री सहित अन्य सभी अतिथियों के लिए खुद स्वागत द्वार तैयार किए हैं।

यहाँ की संस्कृति के अनुरूप जवाफूल, बासमती धान के बालियों, मक्के और फूलों से सजाया गया है। ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं का कहना है कि मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का आयोजन हम सभी के लिए खुशी और गौरवान्वित करने का क्षण है। उनकी ग्राम पंचायत  खण्डसा के मयाली में सरगुजा क्षेत्र के विकास की गाथा लिखी जाएगी और हमारे मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री, सांसद, जनप्रतिनिधि, बड़े अधिकारी भी यहाँ आएंगे।

मयाली नेचर कैम्प स्थल पर जिला प्रशासन द्वारा भी व्यापक तैयारी की गई है। पत्थरों में उकेरे गए खूबसूरत दृश्य, रंगीन लाइट में आकर्षित करते पानी के फव्वारे, जुगनुओं की तरह टिमटिमाते झिलमिलाते रोशनी मयाली बांध में भरे हुए पानी के बीच बहुत दूर से ही सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। अपनी खूबसूरती से मयाली बांध और आसपास का सुंदर नैसर्गिक नजारा पर्यटन स्थल के रूप में मयाली को एक नई पहचान देने के लिए तैयार है।


कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए विकसित करें बेहतर सिस्टम, ठेकेदारों पर रखें नियंत्रण – अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में लोक निर्माण विभाग के सरगुजा संभाग में कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अंबिकापुर विश्रामगृह में आयोजित बैठक में अधिकारियों को परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों का निरीक्षण करने और विभागीय अभियंताओं को फील्ड में भेजकर रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों पर पूरी जानकारी प्रदर्शित करते हुए डिस्प्ले बोर्ड लगाने को कहा। उन्होंने सड़कों की नियमित रिपोर्टिंग के लिए पुख्ता कार्यप्रणाली विकसित करने के साथ ही सड़कों के संधारण के लिए निर्धारित एसओपी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव बैठक में कहा कि सड़कों का रखरखाव शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य  में सड़कों के संधारण के लिए राशि स्वीकृत करने से लेकर निविदा स्तर तक की पूरी कार्यवाही हो चुकी है। जल्दी ही सड़कों के संधारण से प्रदेश में सड़कों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बेहतर कार्य पद्धति अपनाते हुए आज की जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड होने को कहा। उन्होंने काम को व्यवस्थित कर अपने नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए जिससे समय पर काम पूर्ण होंगे और लोगों को लाभ मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों को खुद फील्ड में जाकर परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों के निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों की स्थिति की वास्तविक जानकारी के लिए ऐसी कार्यप्रणाली विकसित करने को कहा जिससे नियमित रूप से सड़कों की स्थिति की रिपोर्टिंग मिलती रहे। साव ने सड़कों के संधारण के लिए राज्य शासन द्वारा निर्धारित एसओपी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए, अन्यथा शासन की छवि खराब होती है। उन्होंने सड़क मरम्मत के कार्यों में पूर्ण गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संधारण के बाद गड्ढामुक्त सड़कों की जानकारी पब्लिक फोरम पर प्रदर्शित करने को कहा।

साव ने अधिकारियों को सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने की हिदायत देते हुए कहा कि लंबित कार्यों से काफी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने ठेकेदारों पर नियंत्रण रखने के साथ ही लापरवाह और लेट-लतीफ कार्य करने वाले ठेकेदारों पर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। साव ने वर्षा ऋतु के बाद सड़कों और सेतु के संधारण की कार्ययोजना, वार्षिक कार्ययोजना, विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सड़क, सेतु एवं भवन निर्माण कार्य की प्रगति तथा लंबित भू अर्जन प्रकरणों की भी समीक्षा की।


मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा : नई उम्मीदों की उड़ान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा अब नई उड़ान भरने के लिए तैयार है। इसका वर्चुअल उद्घाटन कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम मोदी दोपहर 4 बजे वाराणसी से इस एयरपोर्ट का शुभारंभ करेंगे। इस खास मौके पर नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्र एवं राज्य सरकार के कई मंत्री मौजूद रहेंगे।

यह एयरपोर्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना का एक अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। यह एयरपोर्ट छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के लोगों के लिए नई आशाएं लेकर आया है। यहां से 19 और 72 सीटर विमान सेवाएं शुरू की जाएंगी, जो यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेंगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “ मां महामाया एयरपोर्ट सिर्फ एक नया हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि हमारे राज्य के दूरस्थ इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है।उन्होंने आगे कहा कि इस एयरपोर्ट से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और क्षेत्र के विकास के नए रास्ते खुलेंगे। सरगुजा के लोगों के लिए यह एयरपोर्ट केवल यात्रा का नया जरिया नहीं है, बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास का एक नया अध्याय है। दरिमा एयरपोर्ट का उद्घाटन छत्तीसगढ़ की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है।

जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर को इस एयरपोर्ट का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे, तो यह न सिर्फ एक नए हवाई अड्डे की शुरुआत होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित होगा। स्थानीय उत्पाद जैसे हस्तशिल्प, कृषि उपज, और शिल्पकला भी आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति बाहरी पर्यटकों को आकर्षित करेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को भी नई दिशा मिलेगी। इस एयरपोर्ट से यहां के लोगों के जीवन में समृद्धि और नए अवसरों का आगमन होगा।

जिला उपभोक्ता आयोग सरगुजा में महिला सदस्य नियुक्त

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रायपुर। राज्य शासन द्वारा उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के प्रावधानों के अनुरूप श्रीमती अर्चना सिन्हा को जिला उपभोक्ता आयोग सरगुजा (अम्बिकापुर) में महिला सदस्य के पद पर नियुक्त किया गया है। 
                    

जिला उपभोक्ता आयोग में सदस्य के रूप में श्रीमती सिन्हा का कार्यकाल 04 वर्ष या 65 वर्ष जो भी पहले हो, तक के लिए नियत किया गया है।

खाद्य मंत्री भगत की पहल पर सरगुजा जिले के विभिन्न गांवों में विकास कार्य के लिए 2.21 करोड़ रूपए मंजूर

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रायपुर। खाद्य और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत की विशेष पहल पर सरगुजा (अंबिकापुर) जिले अंतर्गत अंबिकापुर, सीतापुर, मैनपाट और बतौली क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत 2 करोड़ 21 लाख 22 हजार रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यो के स्वीकृति पर जिले के ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए मंत्री अमरजीत भगत के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत अंबिकापुर विकासखण्ड के ग्राम नवापारा खुर्द में मेन रोड पुलिया से बस्ती की ओर 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, भालूकछार में पुलिया से बस्ती की ओर 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए कुम्हारता में ठाकुर पारा रोड में पुलिया निर्माण के लिए 8 लाख रूपए और मोतीपुर में शहीस दास के घर से सुखराम के घर तक 300 मीटर गली कांक्राटीकरण के लिए 7 लाख 80 रूपए की स्वीकृति मिली है।

इसी प्रकार सीतापुर विकासखण्ड के ग्राम देवगढ़ में मेन रोड प्रभु के घर से रामनंदन के घर तक 300 मीटर की गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, पेटला में दुर्गा पंडाल के पास रंगमंच निर्माण के लिए 10 लाख रूपए, उलकिया में बरबहला से ईमलीमुड़ा पहुंच मार्ग में पुलिया निर्माण के लिए 7 लाख रूपए, केसला में समुदायिक भवन के निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, सरगा में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, बगडोली में डांडपारा मेन रोड मोहन के घर से आशीष के घर तक 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, भुसू में आंगनबाड़ी केंद्र डोमिनीपारा गाराडाड मार्ग में 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए कुनमेरा में खुर्शीपारा के नेहरू के घर के पास वाली गली में 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, मुरता में मुगुल के खेत के पास पुलिया निर्माण के लिए 8 लाख रूपए और हर्रामार से सरसपारा मार्ग में पुलिया निर्माण के लिए 8 लाख रूपए की मंजूरी प्रदान की गई है।

मैनपाट विकास खण्ड के ग्राम रोपाखार में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, पैगा में मनोरंजन के घर से टुकिया की ओर 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, कमलेश्वरपुर में चमपरवा मुख्य मार्ग से बिजली मार्ग तक 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, रजखेता में देवराम के खेत के पास पुलिया निर्माण के लिए 8 लाख रूपए, राजापुर में सुकवासुपारा से पंचायत भवन पहुंच मार्ग में 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, हर्रामार में खालपारा में 300 मीटर लंबाई की नाली निर्माण के लिए 5 लाख 91 हजार रूपए, कतकलो में कोठापारा में 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, कोटछाल में सलेहापारा बस्ती में 300 मीटर नाली निर्माण के  लिए 5 लाख 91 हजार रूपए, केसरा के मेन रोड तक 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए और जजगा में सुखदेव के घर से आंगनबाड़ी केंद्र तक 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए की स्वीकृति मिली है।

इसी प्रकार विकाखण्ड बतौली के ग्राम गोविन्दपुर में आश्रम कोरवा बस्ती खिरावन नाला में पुलिया निर्माण के लिए 7 लाख रूपए तेलाईधार में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, बेलकोटा में प्राइमरी स्कूल बस्ती से रेखा के घर तक 300 मीटर की गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, नकना में शिवा के घर से सुखीराम के घर तक 400 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 10 लाख 40 हजार रूपए और ग्राम घोघरा में ठोलो के घर से मुटरू कंवर के घर तक 300 मीटर गली कांक्रीटीकरण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए की स्वीकृति मिली है।  

किसानों को मांग अनुरूप मिले खाद : सहकारिता मंत्री रविन्द्र चौबे

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रायपुर। सहकारिता मंत्री रविन्द्र चौबे ने आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के सभागार में सहकारिता विभाग के काम-काज की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने समितियों के गोदामों में रासायनिक खाद की उपलब्धता की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद प्रदान किया जाए। सहकारिता मंत्री चौबे ने किसानों की सुविधा के लिए एटीएम स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित सहकारी बैंकों की नवीन शाखाओं के लिए रिजर्व बैंक से शीघ्र ही आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

सहकारिता मंत्री रविन्द्र चौबे ने आगामी धान खरीदी की तैयारी के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि पुराने बारदाने के कारण सोसायटियों को नुकसान न हो इसका ध्यान रखा जाए। उन्होेंने कहा कि सोसायटियों को वित्तीय रूप से मजबूत किया जाना चाहिए। सहकारी बैंको में रिक्त पदों की भर्ती शीघ्र की जाए।

सहकारिता मंत्री चौबे द्वारा बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भेंट मुलाकात के दौरान बस्तर तथा सरगुजा संभाग में सहकारी बैंकों की नवीन शाखा खोलने की घोषणा की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बस्तर संभाग में 07 स्थानों में तथा सरगुजा संभाग में 03 जगहों में नवीन शाखा खोलने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। बस्तर में 07 एटीएम तथा सरगुजा में 05 स्थानों पर एटीएम लगाए जा चुके हैं। सहकारिता विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 में प्रदेश में कुल 135 एटीएम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 86 एटीएम स्थापित किये गए हैं।

13.62 लाख किसानों को 6067 करोड़ रूपए का कृषि ऋण वितरित

बैठक में चालू खरीफ 2023 सीजन में किसानों को ब्याज मुक्त कृषि ऋण वितरण की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से अब तक 7000 करोड़ रूपए के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 13.62 लाख किसानों को 6067 करोड़ रूपए का कृषि ऋण वितरण किया गया है। बैठक में बताया गया कि खरीफ सीजन के लिए कुल 8 लाख मेट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध 6 लाख 91 हजार मेट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। समितियांे के गोदामों में अभी 1 लाख 10 हजार मेट्रिक टन खाद की उपलब्धता है। समितियों में खरीफ फसल हेतु कुल 451370 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें से 397705 टन किसानों द्वारा उठाव कर लिया गया है। 

बैठक में 725 नवीन समितियों में गोदाम सह कार्यालय निर्माण की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गोदाम सह कार्यालय निर्माण के लिए 185 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रति सोसाइटी में 25.56 लाख रूपए की लागत से गोदाम सह कार्यालय निर्माण किया जा रहा है। अब तक 71 गोदाम का निर्माण पूर्ण हो चुका है, शेष निर्माणाधीन हैं। बैठक में सहकारिता क्षेत्र में शक्कर कारखाना में शक्कर निर्माण तथा इथेनॉल प्लांट की स्थापना की समीक्षा की गई। बैठक में सहकारिता मंत्री द्वारा पिछली धान खरीदी के सुचारू संचालन तथा किसानों को डीबीटी के माध्यम से खाते में राशि अंतरण पर सहकारिता अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों को बधाई दी गई।

बैठक में अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर, अपेक्स बैंक संचालक द्वारिका साहू, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्षगण – अम्बिकापुर रामदेव राम, जगदलपुर शंकर ध्रुवा, बिलासपुर प्रमोद नायक, रायपुर पंकज शर्मा, दुर्ग राजेन्द्र साहू, राजनांदगांव नवाज खान, सचिव सहकारिता हिम शिखर गुप्ता , पंजीयक रमेश कुमार शर्मा, मार्कफेड प्रबंध संचालक मनोज सोनी, अपर पंजीयक हितेश दोशी, अपर पंजीयक एच के नागदेव, अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक के एन कांडे , उप सचिव पी एस सर्पराज, सहकारिता विभाग और अपेक्स बैंक के अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ मौजूद थे।

शिक्षा, चिकित्सा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सरगुजा जिले में आयोजित 'राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास से उप मुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेवमुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी तथा कार्यक्रम स्थल में संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज एवं जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

                                

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी वहां कार्यक्रम स्थल में आपके पास जाना चाहते थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण वर्चुअली जुड़ना पड़ा। आप सभी सरगुजा वासियों की जो भावनाएं थी आज उसके अनुरूप मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण हुआ। राजमाता जी से हमारी मुलाकात होती थी उतना ही प्रेम, स्नेह और  वही दुलार हम सभी को भी मिलता था जो सरगुजा वासियों को और राज परिवार के सदस्यों को मिलता रहा। आज उनकी स्मृति में इस महाविद्यालय का लोकार्पण किया जा रहा है तो निश्चित रूप से वे जहां भी होंगी हमें अपना आशीर्वाद दे रही होंगी। चिकित्सा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, रोजगार के क्षेत्र में, कृषि के क्षेत्र में वनांचल में रहने वाले हमारे सरगुजा वासियों के  आय में जिस प्रकार से वृद्धि का कार्य हमारी सरकार कर रही है निश्चित रूप से उनका आशीर्वाद हमको मिल रहा होगा।

                                      

उन्होंने कहा कि आज का यह दिन सरगुजा के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धियों वाला दिन है। मेरे लिए भी यह बहुत खुशी का अवसर है कि आज राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का लोकार्पण हो रहा है। इस मेडिकल कॉलेज भवन, चिकित्सालय और आवासीय परिसर की कुल लागत 374 करोड़ रुपए है। इस मेडिकल कॉलेज की खासियत है कि यहां मेडिकल स्टूडेंट्स के कौशल एवं दक्षता विकास के लिए स्किल्स लैब और बहरेपन के परीक्षण एवं ईलाज की विशेष सुविधा उपलब्ध है। माता राजमोहिनी देवी स्मृति चिकित्सालय में मेडिसीन, सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, शिशुरोग विभाग, निश्चेतना विभाग, नेत्ररोग विभाग सहित तमाम तरह के विभाग हैं। अस्पताल में और भी अनेक तरह की अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नये कॉलेज भवन में 08 विभागों का संचालन होगा,  इनमें एनाटॉमी, बायोकेमेस्ट्री, फिजियोलॉजी, कम्यूनिटी मेडिसीन, फोरेंसिक मेडिसीन माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी विभाग शामिल हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की अधोसंरचना का काम पूरा हो जाने से पूरे सरगुजा संभाग को इसका लाभ मिलेगा।

                                      

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सरगुजा संभाग एक आदिवासी बहुल संभाग है। यह समाज का वह तबका है जो सदियों से मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रहा है। मुझे इस बात की खुशी है कि हमारे प्रयासों से आज प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में चिकित्सा और शिक्षा की रौशनी पहुंच रही है। हमने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना की जब शुरुआत की थी,  तब उसका उद्देश्य यही था कि हम दुर्गम से दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा पाएं। जब हमने मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना और दाई-दीदी क्लीनिक योजना शुरू की, तब हमारा उद्देश्य शहर की स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब लोगों और माताओं-बहनों की चौखट तक चिकित्सा सुविधा पहुंचा पाएं, लेकिन हमारा लक्ष्य इससे भी कहीं ज्यादा बड़ा है।

                              

हम नागरिकों तक केवल सुविधा नहीं पहुंचाना चाहते, बल्कि अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम चिकित्सा और शिक्षा की इतनी मजबूत अधोसंरचना का निर्माण करें कि छत्तीसगढ़ की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो। हमारे कार्यकाल में राज्य में 8 नये शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इनमें से 04 खोले जा चुके हैं, 04 और प्रक्रिया में है ।हमने विकासखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक अपने सभी सरकारी अस्पतालों को सुविधाओं से लैस किया है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करते हुए उनकी तैनाती की है।

माँ का आँचल पूरे सरगुजावासियों के लिए था एक समान

उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भावुकता के साथ अपनी माता जी को याद करते हुए कहा कि आज उनकी स्मृति में यह मेडिकल कॉलेज लोकार्पित हो रहा है। विधानसभा में जब माता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही थी तभी मुख्यमंत्री जी ने यह घोषणा की थी कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का नाम माताजी के नाम पर होगा। आज राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के उद्घाटन अवसर पर हम सब यहां एकत्रित हैं। मेरी माताजी ना केवल मेरे लिये माँ थी, बल्कि उनका आंचल पूरे सरगुजा क्षेत्र के लिए एक बराबर था। वे बड़ी ममत्व एवं प्रेम भाव से सरगुजा को देखती थी। क्षेत्रवासियों के हित में छोटे से छोटा काम लेकर वह मुख्यमंत्री तक जाने से गुरेज नहीं करती थी।

आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बड़ी संस्था के साथ उनका नाम जोड़कर हम सबको गौरवान्वित किया है। सिंहदेव ने कहा कि उनके माता-पिता के नाम पर अब तक सरगुजा में कोई भी इकाई नहीं थी। जिन्होंने बहुत कुछ किया सरगुजा के लिए परंतु कभी जताया और बताया नहीं। आज आपके माध्यम से यह पहली इकाई है। ऐसी एक ममतामयी स्वरूप को एक सम्मान आज दिया गया है, उसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री जी एवं छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। प्रदेश में स्थित अन्य मेडिकल कॉलेजों से बेहतर परिस्थितियां इस मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हैं, ताकि बहुत अच्छे ढंग से यहां बच्चों की पढ़ाई हो सके और यहां से उत्तीर्ण होने के बाद डॉक्टर  प्रदेश में अपनी सेवाएं देंगे।

अनेक सुविधाओं से लैस है मेडिकल कॉलेज

374.08 करोड़ की लागत से निर्मित इस परिसर में मुख्य रूप से 54.26 करोड़ रुपए की लागत से बने महाविद्यालय भवन, 120.73 करोड़ रुपए की लागत से बने हॉस्पिटल भवन के साथ ऑडिटोरियम, छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, डीन आवास सहित अन्य कार्य शामिल है। यह राज्य का छठवां मेडिकल कॉलेज है। इस मेडिकल कॉलेज की खासियत है कि यहां मेडिकल स्टूडेंट्स के कौशल एवं दक्षता विकास के लिए वृहद स्किल्स लैब और बहरेपन के परीक्षण एवं ईलाज की विशेष सुविधा उपलब्ध है।

मेडिकल कॉलेज के नवीन महाविद्यालयीन भवन में कुल 07 विभाग संचालित होंगे। जिनमें एनाटॉमी विभाग, बायोकेमेस्ट्री विभाग, फिजियोलॉजी विभाग, कम्यूनिटी मेडिसीन विभाग, फोरेंसिक मेडिसीन विभाग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, फार्माकोलॉजी विभाग विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। यहाँ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को सुविधाजनक प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था है।

जिलों में जल संग्रहण हेतु तालाब, वनाधिकार, एवं दिव्यांगजनों की मदद जैसे विषयों के साथ नवाचार करने पर ज़ोर

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रायपुर। सरगुजा संभागायुक्त डॉ संजय कुमार अलंग की अध्यक्षता में शुक्रवार को संभाग स्तरीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस संपन्न हुई। कलेक्टर कांफ्रेंस में संभाग अंतर्गत सभी जिलों के कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत सहित शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, कृषि और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। बैठक में संभागायुक्त डॉ अलंग ने राजस्व प्रकरणों के साथ ही नक्शा सुधार अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि आवेदकों की समस्या का समाधान कम से कम समय में हो।

राजस्व न्यायालयों में आने वाले किसानों, हितग्राहियों की परेशानियों के प्रति संवेदनशील रहें। उन्हें बार-बार पेशी ना आना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से नक्शा अद्यतीकरण और वासिल बाकी नवीस यानी डब्ल्यूबीएन शाखा में सभी पंजियों के अनिवार्य संधारण पर ज़ोर दिया। समय सीमा से बाहर जाने वाले प्रकरणों पर कारण अनिवार्य रूप से दर्ज हों जिससे प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा होती रहे। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके अधीन कर्मचारियों की मदद के लिए जल्द से जल्द विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक का विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करें।

संभागायुक्त डॉ अलंग ने विभागों की समीक्षा करते हुए कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से संभाग में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि घरों तक जल की उपलब्धता होने से आम जन को बेहद राहत मिल रही है। उन्होंने कलेक्टर को प्रतिसप्ताह एफएचटीसी यानी कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन के आधार पर समीक्षा के निर्देश दिए। कांफ्रेंस में संभागायुक्त ने पूरे संभाग में रोड कनेक्टिविटी और नवीन अधोसंरचना के कार्यों पर विस्तार से जानकारी लेते हुए पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने एनएच 43 अम्बिकापुर पत्थलगांव रोड, लुचकी घाट, वाड्रफनगर सड़कमार्ग, एनएच 130 सहित विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क मार्गों के संबंध में प्रगति की समीक्षा कर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोड कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते काम करें जिससे लोगों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिले। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2023-24 में बजट सत्र में शामिल सड़क, भवन कार्यों की भी जानकारी ली। इसी तरह कृषि विभाग अंतर्गत खरीफ कार्यक्रम निर्धारण पर चर्चा करते हुए उन्होंने खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव हेतु निर्देशित किया।

उन्होंने कहा कि 15 जून से पूर्व खाद, बीज सहित कृषक एवं आमजन की सुविधाओं हेतु शिविर  आयोजित कर लिया जाए। जिला साख योजना के निर्माण पर विशेष निर्देशित करते हुए उन्होंने साख ऋण और अगले वर्ष बीज उपलब्धता के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने कहा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी सीईओ जिला पंचायत से जानकारी ली। जिसमें स्वच्छ भारत मिशन, मिलेट मिशन, मनरेगा, अमृत सरोवर मिशन और एफआरए ग्रामों में आदर्श ग्राम विकसित किए जाने पर चर्चा की। उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग से संभाग में नवीन स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट स्कूलों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारी की समीक्षा -

संभागायुक्त डॉ अलंग ने संभाग में आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारी की समीक्षा करते हुए मतदाता सूची को अद्यतन रखना, संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र, मतदान केंद्रों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे रैंप, पेयजल, विद्युत, और शौचालय, मतदाता लिंगानुपात, एफएलसी, ईवीएम वेयरहाउस, विशेष पुनरीक्षण अहर्ता तिथि, 17 प्लस आयु के नवीन मतदाताओं को जोड़ने, विशेष पिछड़ी जनजाति के मतदाताओं, दिव्यांग और थर्ड जेंडर मतदाताओं की जानकारी, सहित स्वीप गतिविधियों के क्रियान्वयन, पर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

 

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक: दुर्ग संभाग ने लंगड़ी दौड़ और सरगुजा संभाग ने रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में मारी बाजी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छत्तीसढ़िया ओलंपिक का आज शुभारंभ किया। राज्य में पहली बार आयोजित हो रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के अंतर्गत छत्रपति शिवाजी महाराज आउटडोर स्टेडियम बूढ़ापारा रायपुर में संखली, रस्सा-कस्सी, लंगड़ी, पिठ्ठूल, बांटी (कंचा) की प्रतियोगिताओं में राज्य से आए संभाग के खिलाड़ियों ने अपने खेल का जौहर दिखाया। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता का आनंद लिया। जहां एक ओर रस्सा-कस्सी की प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपने कौशल के साथ काफी ज़ोर आजमाईश भी की, वहीं पिठ्ठूल के साथ-साथ कंचा (बांटी) में अपने सधे हुए हाथों से लक्ष्य पर निशाना साधा। लंगड़ी दौड़ में सहभागी में परस्पर सामंजस्य व संतुलन देखते बन रहा था। संखली में श्रृंखला के रूप में खिलाड़ियों में एकता की भावना एवं विपक्षी दल के लिए चपलता से घेरा बंदी करते दिखे।

लंगड़ी दौड़ में दुर्ग संभाग का दबदबा –

लंगड़ी दौड़ प्रतियोगिता जहां एक ओर पुरूष वर्ग में 18 वर्ष से कम आयु समूह में दुर्ग संभाग के जयनारायण व तोरण साहू ने प्रथम, बस्तर संभाग के कुंजाम वेकेंटस व सोड़ी लक्ष्मण ने द्वितीय और सरगुजा संभाग के महेश व भूवनलाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 18 से 40 वर्ष के वर्ग में दुर्ग संभाग के रामेश्वर व देवकरण ठाकुर प्रथम, बिलासपुर संभाग के ब्रजलाल व भरतलाल द्वितीय एवं रायपुर संभाग के खिलेश्वर व ओमेश्वर तृतीय स्थान पर रहे। 40 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग की दलीय प्रतियोगिता में दुर्ग संभाग के शत्रुशाल वर्मा व संदेश वर्मा प्रथम, बिलासपुर संभाग के रामकुमार चौहान एवं शिवकुमार चौहान द्वितीय और तृतीय स्थान पर रायपुर संभाग के पतिराम कुर्रे व संतोष वर्मा ने अपना स्थान पक्का किया। वहीं दूसरी ओर महिला वर्ग में 18-40 वर्ष से आयु समूह में दुर्ग संभाग की निशा व अनिता प्रथम, बस्तर संभाग की खिलेश्वरी व आरती मरकाम द्वितीय और बिलासपुर संभाग की सुजिता यादव व कांता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

18 वर्ष से कम आयु वर्ग के रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में सरगुजा ने दिखाया दम

रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में महिला एवं पुरूष दोनों वर्ग में 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों में सरगुजा संभाग ने फ़तह हासिल की। पुरूष वर्ग में बिलासपुर उप विजेता और महिला वर्ग में रायपुर उपविजेता रहे। तृतीय स्थान पर महिला वर्ग में बिलासपुर संभाग और पुरूष वर्ग में बस्तर संभाग रहा।

बांटी (कंचा) की प्रतियोगिता - 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुरूष वर्ग में सरगुजा संभाग प्रथम, दुर्ग संभाग द्वितीय और बस्तर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में प्रथम स्थान पर रायपुर संभाग, द्वितीय स्थान पर सरगुजा संभाग एवं तृतीय स्थान पर दुर्ग संभाग ने कब्जा जमाया।

पिठ्ठूल प्रतियोगिता 18 वर्ष से कम आयु की बालिका वर्ग में सरगुजा संभाग ने प्रथम, बिलासपुर संभाग ने द्वितीय एवं बस्तर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालक वर्ग की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रायपुर संभाग का दबदबा रहा। द्वितीय स्थान बस्तर संभाग एवं तृतीय स्थान सरगुजा संभाग ने प्राप्त किया। संखली प्रतियोगिता में आज 18 वर्ष से कम आयु के बालक वर्ग में रायपुर संभाग और बालिका वर्ग में बस्तर संभाग की टीम ने फाईनल में स्थान पक्का कर लिया है।

विभिन्न स्तरों में ग्रामीण क्षेत्रों से 25 लाख और नगरों से 1.30 लाख लोगों की रही भागीदारी

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने बताया कि इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेश के सभी जिलों के लगभग 1900 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। ये स्पर्धाएं 10 जनवरी 2023 तक चलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में ग्रामीण क्षेत्रों के 25 लाख से ज्यादा और नगरीय क्षेत्रों में एक लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी रही। उन्होंने बताया कि बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में फुगड़ी, बिल्लस, भंवरा, बाटी और कबड्डी, छत्रपति शिवाजी महाराज आउटडोर स्टेडियम में संखली, रस्साकशी, लंगडी, पिट्ठुल, गेंडी दौड़, माधव राव सप्रे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में खो-खो और गिल्ली डंडा और स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में लंबी कूद और 100 मीटर दौड़ खेलों की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।

14 पारंपरिक खेल विधा को किया गया है शामिल

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देेने के उद्देश्य के छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया गया है। घरेलू महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी इस ओलंपिक में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में 14 खेल विधा को शामिल किया गया है। इसके तहत दलीय खेल में गिल्ली डंडा, पिट्टुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बाटी (कंचा) और एकल खेल में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मी. दौड़ तथा लंबी कूद की प्रतिस्पर्धाएं शामिल हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत की है, जिसका आयोजन प्रत्येक वर्ष होगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत 06 अक्टूबर 2022 से राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर से प्रारंभ होकर विभिन्न स्तरों से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव राज्य स्तरीय तक पहुंच चुका है, जिसका आयोजन 8 जनवरी से 10 जनवरी 2023 तक होगा।

अत्यधिक ठंड, शीत लहर और कोहरे के कारण शालाओं में अवकाश घोषित, कलेक्टर ने इन जिलों जारी किया आदेश

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कोरिया। सरगुजा. कलेक्टर ने जिले में वर्तमान में पड़ रहे अत्यधिक ठंड, शीत लहर एवं कोहरे के प्रकोप के कारण शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत् छात्र एवं छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए छात्रहित में जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत छात्र,छात्राओं के लिये 07 जनवरी शनिवार तक अवकाश घोषित किया है।


सड़क एवं स्वास्थ्य सुविधा पर विशेष जोर

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रायपुर। सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खेलसाय सिंह की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सूरजपुर के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सड़क एवं स्वास्थ्य सुविधा पर विशेष जोर दिया गया। बेहतर चिकित्सा के लिए डॉक्टरों की भर्ती और एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने भी कहा गया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृहस्पत सिंह एवं गुलाब कमरो, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, विधायक भटगांव पारसनाथ राजवाड़े



मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, कुनकुरी विधायक यू.डी. मिंज, बैकुण्ठपुर विधायक श्रीमती अम्बिका सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष सूरजपुर श्रीमती राजकुमारी मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष सरगुजा श्रीमती मधु सिंह, महापौर चिरमिरी श्रीमती कंचन जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष कोरिया श्रीमती रेणुका सिंह सहित उपायुक्त सरगुजा संभाग, संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संभाग के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्राधिकरण की वर्चुअल बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जशपुर विधायक विनय कुमार भगत शामिल हुए। सरगुजा संभाग के आयुक्त डॉ. संजय कुमार अलंग ने सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत किए जा रहे विकास कार्यों की एजेंडावार जानकारी दी।

बैठक में पुलिया, सड़क एवं तटबंध निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में जाति प्रमाण पत्र में मात्रा एवं अक्षर संबंधी त्रुटि का सुधार प्राथमिकता से तत्काल करने के निर्देश दिए गए। किसानों को ऋण लेने और बैंक से पैसा निकालने में होने वाली कठिनाई को दूर करने के लिए लीड बैंक को व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया। मुख्य अभियंता विद्युत को संभाग के क्षेत्र में विद्युत की व्यवस्था में सुधार किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि मानव तस्करी के प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है और आरोपियों पर कार्रवाई की गई है।

एसईसीएल कोरिया, सूरजपुर के अधीन अनुपयोगी जमीनों को वापस किए जाने के संबंध में कलेक्टर सूरजपुर द्वारा अवगत कराया गया कि एसईसीएल क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विभिन्न कोयला परियोजना के लिए कोयला धारक क्षेत्र (अधिग्रहण और विकास) अधिनियम 1957 के प्रावधानों के तहत कंपनी को केन्द्र सरकार के पूर्व अनुमोदन के बिना भूमि अधिकार किसी अन्य व्यक्ति को अंतरित करने की शक्ति नहीं होगी। एसईसीएल विश्रामपुर द्वारा अवगत कराया गया कि भूमि पर सोलर पावर प्लांट लगाने की कार्यवाही की जा रही है। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने दुर्घटनाग्रस्त कोयला खदान को डिसमेंट करने एवं अधिग्रहित परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने का सुझाव दिया।

बैठक में सरगुजा संभाग के स्थानीय निवासियों को तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया। सरगुजा संभाग में सड़क क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 पत्थलगांव से कुनकुरी के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की बात विधायक यू.डी. मिंज द्वारा कही गई। अम्बिकापुर, जशपुर, बलरामपुर क्षेत्र की सड़कों के मरम्मत और निर्माण कार्य को गंभीरता से समय पर पूर्ण करने कहा गया, जिससे आवागमन में सुविधा प्राप्त हो सके।

बैठक में जल स्तर नीचे गिरने पर चिंता व्यक्त की गई। राज्य सरकार की मंशानुसार नदी-नालों में बांध बनाया जाए, तालाब एवं डबरी का कार्य, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में आम जनता को जागरूक करने का प्रयास किया जाए। सरगुजा संभाग के कमिश्नर डॉ. संजय अलंग ने बताया कि सभी कलेक्टरों द्वारा जिलों में शासन की मंशानुसार जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है।

बैठक में किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने, लोगों के रोजगार पर विशेष ध्यान देने कहा गया। सरगुजा संभाग में पर्यटन क्षेत्र में बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। किसानों को नक्शा, खसरा के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटना पड़े इस संबंध में तत्काल भुइयां सॉफ्टवेयर में सुधार करने और समस्याओं का निराकरण समयावधि में करने कहा गया। बैठक में वर्ष 2014 से 2022 तक के कार्यों का उपयोगिता प्रमाण पत्रों की समीक्षा एवं वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक स्वीकृति निर्माण कार्यों की वर्षवार जानकारी का अनुमोदन किया गया। वर्ष 2022-23 में प्राप्त आबंटन पर चर्चा करते हुए जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों का फंड बढ़ाने का आग्रह किया।

बस्तर और सरगुजा संभाग में होगी बारह हजार चार सौ नवासी शिक्षकों की भर्ती

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रायपुर। राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़़ा वर्ग के कल्याण और विकास के लिए अलग-अलग विभागों के गठन का निर्णय लिया है। आज रायपुर में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बस्तर और सरगुजा संभाग के लिए बारह हजार चार सौ नवासी शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने की सहमति दी गई है। इसमें छह हजार दो सौ पचयासी सहायक शिक्षक, पांच हजार सात सौ बहत्तर शिक्षक और चार सौ बत्तीस पद व्याख्याता के हैं।



इसके अलावा मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग के स्कूलों में काम कर रहे अतिथि शिक्षकों को प्रत्येक वर्ष के लिए दो बोनस अंक और अधिकतम दस बोनस अंक देने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने कृषि और उससे संबंधित उद्यानिकी, मछलीपालन और पशुपालन से संबंधित विभागों की गतिविधियों को एक ही जगह से संचालित करने के लिए नवा रायपुर में कृषि भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। लघु जल विद्युत परियोजना की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए विभागीय नीति दो हजार बारह में वृद्धि के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है।

मंत्रिमंडल ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर आधारित लघु फिल्म और स्वतंत्रता के पचहत्तर वर्ष तथा आगामी पच्चीस वर्ष में नये भारत के निर्माण संबंधी डाक्यूमेंटरी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ में स्थानीय और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल की है। इस साल से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन किया जाएगा। 

छत्तीसगढ़ में अब तक 946.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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रायपुर राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2022 से अब तक राज्य में 946.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से आज 21 अगस्त तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1922.0 मिमी और सरगुजा में जिले में सबसे कम 406.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 647.1 मिमी, बलरामपुर में 592.1 मिमी, जशपुर में 612.2 मिमी,



 कोरिया में 625.5 मिमी, रायपुर में 706.2 मिमी, बलौदाबाजार में 939.1 मिमी, गरियाबंद में 1008.2 मिमी, महासमुंद में 962.2 मिमी, धमतरी में 995.3 मिमी, बिलासपुर में 1099.1 मिमी, मुंगेली में 1007.1 मिमी, रायगढ़ में 874.6 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1103.8 मिमी, कोरबा में 848.9 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 814.7 मिमी, दुर्ग में 803.1 मिमी, कबीरधाम में 902.6 मिमी, राजनांदगांव में 956.6 मिमी, बालोद में 1037.2 मिमी, बेमेतरा में 573.0 मिमी, बस्तर में 1332.6 मिमी, कोण्डागांव में 1092.1 मिमी, कांकेर में 1201.6 मिमी, नारायणपुर में 1114.8 मिमी, दंतेवाड़ा में 1353.0 मिमी और सुकमा में 964.0 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

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