Media24Media.com: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

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महाकुंभ : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज संगम में लगाएंगी आस्था की डुबकी, बड़े हनुमान मंदिर में करेंगी दर्शन

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 Maha Kumbh 2025 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज सोमवार को महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचेंगी। वह यहां आठ घंटे से अधिक समय बिताएंगी और इस दौरान त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगी। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।


राष्ट्रपति सुबह संगम नोज पर पहुंचकर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाकर सनातन आस्था को और मजबूत करेंगी। यह ऐतिहासिक क्षण होगा क्योंकि इससे पहले भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी महाकुंभ में स्नान किया था।

संगम स्नान के बाद राष्ट्रपति मुर्मु अक्षयवट के दर्शन करेंगी। हिंदू धर्म में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना जाता है, जिसका वर्णन कई पुराणों में भी मिलता है। इसके बाद वह बड़े हनुमान मंदिर भी जाएंगी जहां वह हनुमान जी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।

राष्ट्रपति महाकुंभ में आधुनिक तकनीक के जुड़ाव को भी करीब से देखेंगी। वह डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का दौरा करेंगी जहां श्रद्धालुओं को महाकुंभ मेले की विस्तृत जानकारी डिजिटल माध्यमों से दी जा रही है।

राष्ट्रपति मुर्मू सोमवार शाम 5:45 बजे प्रयागराज से दिल्ली के लिए रवाना होंगी। इस दौरान प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

आईआईटियन्स ने वैश्विक स्तर पर बनाई अपनी विशेष पहचान : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

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 रायपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिए आज 26 अक्टूबर का दिन स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इस संस्थान की तृतीय एवं चतुर्थ दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर संस्थान के विभिन्न इंजिनियरिंग शाखाओं के प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपने हाथों से स्वर्ण पदक प्रदान किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों उनके अभिभावकों, प्राध्यापकों, साथियों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन आपके लिए खुद को यह याद दिलाने का दिन है कि आप एक जिम्मेदार नागरिक और सक्षम व्यक्ति के रूप में बाहर की दुनिया में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई द्वारा आदिवासी समाज की प्रगति के लिए तकनीकी क्षेत्र में किए गए विशेष प्रयास सराहनीय हैं। आईआईटी भिलाई ने ऐग्रीटेक, हेल्थटेक और थिंकटैंक पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया है। आईआईटी भिलाई नेे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एम्स रायपुर के साथ सहयोग करके मोबाइल फ़ोन ऐप्स बनाए है, जिससे गांव के लोगों को घर बैठे चिकित्सा संबंधी मदद मिल जाती है। इस संस्थान ने इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के साथ भी सहयोग करके किसानों के लिए समाधान बनाएं हैं। जिससे उन्हें अपने संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन और सहायता मिलती है। यह सराहनीय है कि 6 लाख किसान क्रॉप डॉक्टर नाम के मोबाइल ऐप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं। यह संस्थान सामाजिक तौर पर प्रासंगिक अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है। यहां राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा संबंधी प्रोजेक्ट भी चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही महुआ जैसे लघुवनोपज पर भी शोध किया जा रहा है। आईआईटी भिलाई एक समावेशी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और यहां वंचित तथा पिछड़े वर्गों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस संस्थान ने छात्राओं की संख्या और भागीदारी बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं।

आईआईटी के छात्रों ने विश्व स्तर पर विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र मेें अपनी विशेष पहचान बनाई है। ग्लोबल कंपनी का नेतृत्व करते हुए हमारे आईआईटियन्स ने अपने तकनीक एवं कौशल से 21वीं सदी की दुनिया में उच्च स्थान प्राप्त किया है। आईआईटी के विद्यार्थियों ने स्वरोजगार एवं उद्यमिता का रास्ता चुना है और रोजगार का सृजन किया है। आईआईटियन्स ने अपनी अग्रणी खोज, अपनी वैज्ञानिक सोच, नवोन्मेषी एवं दूरगामी दृष्टिकोण से देश एवं दुनिया की प्रगति में अपना योगदान दिया है। उन्होंने भारत में डिजिटल ट्रान्सफार्मेशन एवं स्टार्टअप कल्चर को भी बढ़ावा दिया है। तकनीकी विकास के माध्यम से देश को विश्व में उंचा स्थान दिलाने में आईआईटी इको सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका को हम सब जानते हैं। आप सभी विद्यार्थियों पर इस परम्परा को आगे बढ़ाने का बड़ा दायित्व है। यहां के छात्र अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग करेंगे। उपयोग के क्षेत्र में कहा जाता है नो रिस्क नो गेन। दूसरे शब्दों में रिस्क नहीं लेेने की मानसिकता से स्वरोजगार में सफलता नहीं मिल सकती। रिस्क एपेटाइट के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। एआई, ब्लॉकचेन, आग्युमेन्टेड रियालिटी, क्वांटम कम्प्यूटिंग, साईबर सिक्योरिटी और अन्य तकनीक को आप सभी जानते है। उन्होंने युवाओं से कहा नई तकनीक का विकास करें और दुनिया को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें। भारत सरकार ने देश के सभी क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी उच्च शिक्षा देने के लिए देश भर में 23 आईआईटी स्थापित किए हैं। सर्वाेच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की जा रही है। देश में भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आईआईटीएक मजबूत इको सिस्टम तैयार करेंगे। यह इको सिस्टम विकसित भारत की पहचान बनेगा। आईआईटी भिलाई नये सपनों, नई सोच, नवीनतम तकनीक के साथ यह संस्थान और विद्यार्थी देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने और विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को और आगे बढ़ाने की आपकी यात्रा के लिए मेरी अनंत शुभकामनाएं। मेरी मंगलकामना है कि आप सबका भविष्य उज्ज्वल हो और आप विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करते रहें।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आईआईटी भिलाई के तीसरे और चौथे संयुक्त दीक्षांत समारोह के इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई दी। छत्तीसगढ़ में हम सभी के लिए यह सम्मान की बात है कि हमारे माननीय राष्ट्रपति ने आज इस समारोह में अपनी उपस्थिति से हमें सम्मानित किया है।

राज्यपाल डेका ने कहा कि वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ में आईआईटी भिलाई की स्थापना ने राज्य के तकनीकी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही कमी को पूरा किया। इस संस्थान का स्थायी परिसर हमारे माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 फरवरी 2024 को राष्ट्र को समर्पित किया गया। यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि वैश्विक सोच और दृष्टि वाला राष्ट्रीय महत्व का यह संस्थान अब हमारे राज्य में फल-फूल रहा है। बहुत कम समय में, इस संस्थान ने छत्तीसगढ़ के लोगों के दिलों और दिमाग में अपनी जगह बनाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ भारत के धान के कटोरे के रूप में प्रसिद्ध है। हमारा राज्य प्राकृतिक संसाधनों और खनिज के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत में भी समृद्ध है। यह संस्थान हमारे राज्य के लोगों के लिए प्रत्यक्ष सामाजिक और आर्थिक प्रासंगिकता के मुद्दों पर हमारी सरकार की विभिन्न शाखाओं के साथ कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के विभागों, एजेंसियों और आईआईटी भिलाई के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

कांकेर की मासुलपानी पंचायत को मिलेगा राष्ट्रीय जल पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को करेंगी सम्मानित

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 रायपुर : जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए कांकेर जिले की मासूलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को 11 बजे प्लेनरी हॉल, विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार के अंतर्गत कांकेर के नरहरपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मासुलपानी को श्रेष्ठ पंचायत श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित करेंगी।



गौरतलब है कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर पाटिल ने 14 अक्टूबर को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की, जिसमें कांकेर जिले की मासुलपानी पंचायत सहित 38 विजेताओं के नाम शामिल है। यह पुरस्कार 9 श्रेणियों में दिए जाएंगे।

कांकेर जिले की ग्राम पंचायत मासुलपानी जिला मुख्यालय से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। मासुलपानी में 5 राजस्व गांव शामिल हैं और ग्राम पंचायत का कुल क्षेत्रफल 1429 हेक्टेयर है। मासुलपानी पंचायत में 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मासुलपानी पंचायत ने उल्लेखनीय कार्य किया है।

इस ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी-सिल्टिंग, 02 कुएं, 02 भूमिगत बांध, 03 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इसके चलते लोगों ने सिंचाई के लिए सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जल संरक्षण और इसके समुचित उपयोग की दिशा में इस नवाचार के लिए जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है।

राष्ट्रपति मुर्मु के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश, राजभवन में हुई बैठक

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 रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ के 25 और 26 अक्टूबर, दो दिवसीय प्रवास के मद्देनजर राज्यपाल रमेन डेका के निर्देशानुसार आज यहां राजभवन में राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार ने बैठक लेकर सभी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सभी तैयारियां निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाना सुनिश्चित करें।


राष्ट्रपति मुर्मु 25 और 26 अक्टूबर को एम्स रायपुर, एन. आई. टी. रायपुर, आई. आई. टी. भिलाई और पं. दीनदयाल स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान आयुष विश्विद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। सचिव यशवंत कुमार ने इस दौरान सभी शैक्षणिक संस्थानों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके अलावा रायपुर एवं दुर्ग जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, राज्य प्रोटोकॉल के अधिकारियों को भी सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।

इस अवसर पर राज्यपाल की संयुक्त सचिव हिना अनिमेष नेताम, पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रपति से सरगुजा संभाग की छात्राओं ने की सौजन्य मुलाकात, छात्राओं ने मुख्यमंत्री साय के प्रति जताया आभार

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 रायपुर : राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर जिले की पांच छात्राओं ने रक्षाबंधन के अवसर पर सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बच्चों से शैक्षणिक और अन्य शालेय गतिविधियों की जानकारी लेकर उनका उत्साह वर्धन किया। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामना दी। सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय क्षण के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए विद्यार्थियों का चयन विद्यार्थियों की शेैक्षणिक गतिविधियों के साथ साथ खेल, संगीत तथा अन्य शालेय गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया। चयनित विद्यार्थियों में सरगुजा से कस्तूरबा आवासीय विद्यालय लखनपुर की छात्रा ज्योति, जशपुर जिले से रिया एवं रजनी चौहान, सूरजपुर से नंदिनी किंडो और बलरामपुर जिले से प्रशंसा शामिल रहीं। राज्य शासन द्वारा सरगुजा संभाग के बच्चों के साथ प्रभारी के रूप में अधीक्षिका अनुराधा सिंह का चयन कर दिल्ली भेजा गया।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु द्वारा छात्राओं से मुलाक़ात के दौरान उन्हें रक्षाबंधन की बधाई दी गई तथा रक्षाबंधन पर्व के महत्व के बारे में बताते हुए छात्राओं से उनकी पढ़ाई और जीवन के लक्ष्य के बारे में जानकारी लेकर लक्ष्य प्राप्ति हेतु ईमानदारी से प्रयास का सुझाव दिया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति, यहां के प्राकृतिक सौंदर्य तथा अन्य विशिष्टता के बारे में छात्राओं से जानकारी ली। छात्राओं ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को राखी बाँधते हुए उपहार भी दिए। पहली बार राष्ट्रपति से मुलाकात और देश की राजधानी नई दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थलों के भ्रमण से छात्राएं काफ़ी रोमांचित तथा उत्साहित रहीं।

सरगुजा संभाग के विद्यार्थी कल रायपुर वापस लौटी। छात्राओं ने एमडी समग्र शिक्षा संजीव झा एवं एससीईआरटी डायरेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, उप संचालक समग्र शिक्षा राजेश सिंह एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और राष्ट्रपति भवन एवं दिल्ली की सुनहरी यादों सहित पहली विमान यात्रा के अनुभव को शेयर करते हुए अवसर को प्रदाय करने के लिये मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित प्रशासन के आलाअधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी बच्चों की हौसला आफ़ज़ाई करते हुए भविष्य में भी शैक्षणिक के साथ-साथ शैक्षिणेत्तर गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।

Chhath Puja 2023 : छठ पूजा में श्रद्धालु आज अस्ताचल सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे

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 Chhath Puja 2023 : छठ पूजा में श्रद्धालु आज अस्ताचल सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे। वे नदियों, पोखरों, और तालाबों पर भगवान सूर्य की आराधना करेंगे। छठ घाट पर बड़ी संख्या में लोग और व्रती छठ को समर्पित लोक और पारंपरिक गीत गाते हुए एकत्रित होंगे। कल छठ पूजा का दूसरा और अंतिम अर्घ्य दिया जाएगा, जिसमें लोग उगते हुए सूर्य की आराधना करेंगे।


व्रती और परिवार के लोग छठ पूजा का प्रसाद जैसे ठेकुआ, खजुरिया, कसार, कचवानिया और अन्य चीजें अपने घर पर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। ये विशेष पकवान हैं, जो कि मौसमी फलों के साथ सूर्य देव को अर्घ्य के रूप में चढ़ाया जाएगा। चार दिनों का यह महापर्व कल सुबह के अर्घ्य के बाद संपन्न हो जाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छठ पूजा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, ‘’छठ पूजा के पावन पर्व पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती हूँ। छठ पूजा सूर्यदेव की आराधना करने के साथ ही जलस्रोतों की पूजा करने का अवसर भी है। प्रकृति से जुड़ा यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है। आइए, इस शुभ अवसर पर हम विकास और पर्यावरण का संतुलन बनाकर आगे बढ़ने का संकल्प लें।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “महापर्व छठ के संध्या अर्घ्य के पावन अवसर पर अपने सभी परिवारजनों को मेरी अनंत शुभकामनाएं। सूर्यदेव की वंदना हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। जय छठी मइया!”


राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची रायपुर, दिया गया गॉड ऑफ ऑनर

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रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंची, यहां पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी विमानतल पर राष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ प्रवास पर राजधानी रायपुर पहुँचने पर स्वागत किया। इस दौरान महापौर एजाज ढेबर, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, रायपुर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल उपस्थित रहे। इस दौरान स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।


राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा कार्यक्रम

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रायपुर में आज जगन्‍नाथ मंदिर में दर्शन और आरती कार्यक्रम में शामिल होंगी. इसके पश्‍चात वे विधान सभा रोड, सड्डू स्थित ब्रम्‍हकुमारी संस्‍थान के शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर में ‘सकारात्‍मक परिवर्तन का वर्ष’ कार्यक्रम का शुभारम्‍भ करेंगी. अपराह्न में राष्‍ट्रपति मुर्मू महंत घासीदास स्‍मारक संग्रहालय का भ्रमण करेंगी. रात्रि विश्राम राजभवन, रायपुर में होगा.

11 बच्चों को मिला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किए। देश के ग्यारह बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए छह श्रेणियों में ये पुरस्कार दिये गए। बच्चों को नवाचार, सामाजिक सेवा, शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति तथा बहादुरी के लिए एक पदक, प्रमाण-पत्र और एक लाख रूपये नगद प्रदान किए गए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चे देश की बहुमूल्य निधि हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को नेताजी सुभाषचंद्र बोस से प्रेरणा लेनी चाहिए। 

वहीं, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से कल शाम चार बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने आवास पर संवाद करेंगे। इस वर्ष देशभर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए ग्यारह बच्चे चुने गए हैं। इनमें छह बालक और पांच बालिकाएं शामिल हैं।


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