Media24Media.com: बसंत पंचमी

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लाफिन कला मे बसंत उत्सव पर मानसगान प्रारंभ

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 महासमुंद : लाफिन कला में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर संगीतमय श्रीरामचरित मानसगान सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलो के ख्यातिप्राप्त मंडलिया अपनी प्रस्तुति देंगे ।कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय मंडली जय बजरंग मानस परिवार द्वारा श्रीरामचन्द्रजी के पूजा अर्चना व मानसगान कर शुभारंभ किया गया।


मंगलवार 04/02/2025 को 6 मंडलियाॅ, 05/02/2025 बुधवार को 6 मंडलियाॅ व अंतिम दिन 06/02/2025 गुरुवार के लिए 4 मंडलियो का पंजीयन हो चुका है।


आयोजन समिति के अध्यक्ष हरिराम साहू, सचिव रामजी साहू, कोषाध्यक्ष जनक राम साहू, मैनेजर संतराम साहू, संचालक गोवर्धन साहू, ग्राम समिति अध्यक्ष रामकुमार साहू, ग्राम समिति सचिव तोषकुमार साहू,नेतन पटेल, डुमन लाल साहू, झलक राम साहू , पूर्णिमा साहू,कमलेश साहू,रोशनी वैष्णव,नेहा साहू, इंदिया साहू, एवं आयोजन समिति के सदस्य हेमूराम साहू, सुखेन्द साहू, ओमप्रकाश साहू,पंचराम साहू, जीवराखन साहू,पुरानिक साहू,पवन साहू, विजय साहू, लोकू साहू, समारू विश्वकर्मा, तिलक पटेल,रोमन पटेल,अजय पटेल, प्रदीप साहू, तुकाराम साहू,धर्मेन्द्र साहू का विशेष सहयोग है। वही ग्राम वासियो ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए लोगो को उपस्थित होकर कार्यक्रम का आनंद लेने की अपील की है।

महाकुंभ 2025 : अंतिम अमृत स्नान पर नागा साधुओं के अद्भुत प्रदर्शन ने किया मंत्रमुग्ध

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Amrit Snan 2025 : बसंत पंचमी के अमृत स्नान के दौरान नागा साधुओं का अद्भुत प्रदर्शन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना। सोमवार को त्रिवेणी तट पर इन साधुओं की पारंपरिक और अद्वितीय गतिविधियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अमृत स्नान के लिए ज्यादातर अखाड़ों का नेतृत्व कर रहे इन नागा साधुओं का अनुशासन और उनका पारंपरिक शस्त्र कौशल देखने लायक था। कभी डमरू बजाते हुए तो कभी भाले और तलवार लहराते हुए, इन साधुओं ने युद्ध कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। लाठियां भांजते और अठखेलियां करते हुए ये साधु अपनी परंपरा और जोश का प्रदर्शन कर रहे थे।


बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए निकली अखाड़ों की शोभायात्रा में कुछ नागा साधु घोड़े पर सवार थे तो कुछ पैदल चलते हुए अपनी विशिष्ट वेशभूषा और आभूषणों से सजे हुए थे। जटाओं में फूल, फूलों की मालाएं और त्रिशूल हवा में लहराते हुए उन्होंने महाकुंभ की पवित्रता को और भी बढ़ा दिया। स्व-अनुशासन में रहने वाले इन साधुओं को कोई रोक नहीं सकता था, लेकिन वे अपने अखाड़ों के शीर्ष पदाधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए आगे बढ़े। नगाड़ों की गूंज के बीच उनके जोश ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। त्रिशूल और डमरू के साथ उनके प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के मिलन का उत्सव है।


शोभायात्रा के दौरान मीडिया ही नहीं, बल्कि आम श्रद्धालुओं के मोबाइल के कैमरे भी नागा साधुओं को कैप्चर करने के लिए हवा में लहरा रहे थे। नागा भी किसी को निराश नहीं कर रहे थे, बल्कि वे अपने हाव-भाव से उन्हें आमंत्रित कर रहे थे। कुछ नागा तो आंखों में काला चश्मा लगाकर आम लोगों से इंटरैक्ट भी कर पा रहे थे। उनकी इस स्टाइल को हर कोई कैद कर लेना चाहता था। यही नहीं, नागा साधु नगाड़ों की ताल पर नृत्य करते हुए अपनी परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी जोश और उत्साह से भरपूर गतिविधियों ने श्रद्धालुओं के बीच अपार उत्साह पैदा किया। जितने उत्साहित नागा साधु थे, उतने ही श्रद्धालु भी उनकी हर गतिविधि को देख मंत्रमुग्ध हो गए।

स्नान के दौरान भी नागा साधुओं का अंदाज निराला था। त्रिवेणी संगम में उन्होंने पूरे जोश के साथ प्रवेश किया और पवित्र जल के साथ अठखेलियां कीं। इस दौरान सभी नागा आपस में मस्ती करते नजर आए।

नागा साधुओं ने अपने व्यवहार और प्रदर्शन से यह संदेश दिया कि महाकुम्भ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मनुष्य के आत्मिक और प्राकृतिक मिलन का उत्सव है। उनकी हर गतिविधि में महाकुंभ की पवित्रता और उल्लास का अद्वितीय अनुभव झलक रहा था। महाकुंभ 2025 का यह आयोजन नागा साधुओं की विशिष्ट गतिविधियों और उनकी परंपराओं के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

स्‍वामी अवधेशानंद ने सीएम योगी का जताया आभार

बसंत पंचमी के मौके पर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा, "हम यहां भारत की एकता का गवाह बन रहे हैं। विभिन्न विचारों और धर्मों के लोग गंगा के किनारे एक साथ हैं। दुनिया में डर और अशांति हो सकती है, लेकिन भारत में शांति और सुख है। दुनिया युद्धों का सामना कर रही है, लेकिन भारत के पास ज्ञान है। हम अपने आध्यात्मिक मूल्यों, योग और आयुर्वेद के माध्यम से दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। दुनिया भारत की ओर समाधान के लिए देख रही है। मैं मुख्यमंत्री योगी जी का आभार व्यक्त करता हूं कि उनके प्रशासन ने उच्चतम स्तर की व्यवस्थाएं की हैं।"

Chhattisgarh : बसंत पंचमी पर्व पर मुख्यमंत्री साय मां शारदा धाम पहुंचे

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 रायपुर : विद्यादायनी माता सरस्वती की उपासना के पावन पर्व बसंत पंचमी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले के दुलदुला तहसील के ग्राम पंचायत जामटोली अंतर्गत ग्राम डेवाडेलंगी में मां शारदा धाम पहुंचे। उन्होंने इस धाम परिसर में स्थित मां सरस्वती मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर शारदा धाम में आए समस्त श्रद्धालुगण को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां सरस्वती की कृपा हमेशा हम सब पर बनी रहे। आपके कंठ में सदा मां सरस्वती विराजमान रहें। उन्होंने कहा कि वेदों में कहा गया है कि मानव योनि में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। 84 लाख योनियों में भटकने के बाद हमें मानव जीवन मिलता है। हमारे कर्म ऐसे रहने चाहिए कि जब हम इस दुनिया से जाएं तो लोग हमें याद रखें। इस धाम में शिक्षा के लिए अलख जगाने के साथ ही खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय मां शारदा के पावन धाम में आयोजित अखण्ड श्रीहरि कीर्तन राम नाम जाप के आयोजन में भी शामिल हुए, जिसमें आसपास के 48 गांवों के श्रद्धालु और 12 कीर्तन मंडलियां शामिल हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रसिद्व धार्मिक पर्यटन स्थल के निकट गिरमा नदी बहती है, जिसके एक ओर छत्तीसगढ़ है तो दूसरी ओर झारखंड है। इस धाम के बगल में बह रही पावन गिरमा नदी दो प्रदेशों की संस्कृति को समाहित कर अविरल धारा के साथ बह रही है।

बसंत पंचमी को यादगार बनाने पीपला ने लगाया आम के पौधे, प्रकृति को संवारने लगातार कर पौधरोपण

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 आरंग। रविवार को बसंत पंचमी के अवसर पर नगर के सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने नगर के हाईस्कूल मैदान में आम के पौधे रोपित कर हरियाली का संदेश दिया। ज्ञात हो कि यह संगठन नगर में लगातार पौधरोपण कर उसे सुरक्षित कर रहे हैं।


फाऊंडेशन के सचिव अभिमन्यु साहू ने बताया बसंत पंचमी को ज्ञान की देवी मां सरस्वती की विशेष रूप से पूजा आराधना होती है। साथ ही मां सरस्वती को आम्र मंजरी चढ़ाई जाती है।इसलिए फाउंडेशन के सदस्यों ने आम का पौधा लगाकर जनमानस को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दिए। पौधरोपण पश्चात लगाये पौधे की सिंचाई व सुरक्षित भी किया गया।

इस तरह यह संस्था विभिन्न अवसरों पर पौधरोपण कर नगर में हरियाली लाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। वही पौधरोपण में फाउंडेशन के अध्यक्ष दूजेराम धीवर, संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, सचिव अभिमन्यु साहू, सक्रिय सदस्य होरीलाल पटेल,राकेश जलक्षत्री, भागवत जलक्षत्री, चेतन सोनकर ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

लाफिनकला मे 16 मानस मंडलियो ने दी सस्वर प्रस्तुति

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  महासमुन्द । ग्राम लाफिनकला में बसंत पंचमी के अवसर पर श्रीरामचरित मानस गान सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के ख्यात 16 टीमों ने भाग लेकर मनमोहक प्रस्तुति दी। जय बजरंग मानस मंडली के द्वारा भगवान राम की पूजा अर्चना व मानस गान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। वहीं आमंत्रित 16 मंडलियों द्वारा मानस गान किया गया।


रात्रि में छत्तीसगढ की संस्कृति जस जगराता कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन कुमारी सोनिया साहू व शिक्षक गोवर्धन साहू ने किया। गुरुवार को राजीव लोचन मानस परिवार परतेवा गरियाबंद, जय सिद्धेश्वर मानस परिवार देवरतिल्दा, गुरू बैताल मानस परिवार मगरलोड,भूमिजा महिला मानस परिवार गुडियारी रायपुर, प्रज्ञा मानस परिवार सोरिद गरियाबंद, माधुर्य मानस प्रचार पोटियाडीह, इसी प्रकार द्वितीय दिवस शुक्रवार को श्री राम मानस परिवार मोतिमपुर, रेशमी महिला मानस मंडली बिरकोनी, स्तुति बालिका मानस परिवार अमोरी झलप,शारदा रानी बालिका मानस परिवार सोरिद,तुलसी के फूल पंडवानी मंडली मड़ेली छुरा, मानस परिवार कठौली, शनिवार को तिलोचन राघव मानस परिवार पारागांव आरंग, हंस वाहिनी बालिका मानस परिवार भिलाई दुर्ग,भगवती मानस परिवार सेनचुवा, भरत भाई मानस परिवार भटगांव सोरम द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत की गई। सभी प्रतिभागी मंडली को सम्मान राशि दी गई। आयोजन समिति के अध्यक्ष हरिराम साहू, सचिव रामजी साहू, कोषाध्यक्ष जनक राम साहू, संचालक गोवर्धन साहू, श्री राम जानकी मंदिर समिति के अध्यक्ष गिरीश साहू ,सचिव संतराम साहू, ग्राम समिति अध्यक्ष रामकुमार साहू, ग्राम समिति सचिव तोषकुमार साहू, सरपंच हेमीन पटेल, उपसरपंच डुमन लाल साहू,पूर्व सरपंच केतन साहू,पंचगण कमलेश साहू,झलक राम साहू , पूर्णिमा साहू,रोशनी वैष्णव,नेहा साहू, इंदिया साहू, सरपंच प्रतिनिधि नेतन पटेल,एवं आयोजन समिति के सदस्य हेमूराम साहू, सुखेन्द साहू, ओमप्रकाश साहू,पंचराम साहू, जीवराखन साहू, पुरानिक साहू, पवन साहू, विजय साहू, धर्मेन्द्र साहू,लोकू साहू, समारू विश्वकर्मा, गोविंद साहू ,तिलक पटेल, तुलस राम पटेल,रोमन पटेल,अजय पटेल,प्रदीप तुकाराम साहू का विशेष सहयोग रहा। वही कार्यक्रम का आनंद लेने नगर पालिका महासमुंद के अध्यक्ष राशि महिलांग, पार्षद मीना वर्मा, कर्मा जागृति महिला समूह महासमुंद के अध्यक्ष सती साहू,व आसपास के ग्रामीण व बड़ी संख्या मे लोग उपस्थित होकर कार्यक्रम का आनंद लिया।

Basant Panchami 2024 : बसंत पंचमी पर मातृ-पितृ पूजन दिवस आयोजित

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 पटेवा । प्राथमिक शाला सलिहाभांठा में प्रधान पाठक योगेश निर्मलकर के मार्गदर्शन में मातृ-पितृ पूजन दिवस और बसंत पंचमी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों को बसंत उत्सव का महत्व और इसे मनाने का उद्देश्य बताया गया। बच्चों को इस समय प्रकृति में होने वाले परिवर्तन और रंगोत्सव की तैयारी की जानकारी दी गई।


मौके पर उपस्थित माता-पिता का बच्चों ने विधि-विधान के साथ आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। सभी ने बच्चों को सद्चरित्रवान और सच्चा व्यक्ति बनने के लिए आशीर्वाद देते हुए कहा कि बड़ों का सम्मान और आज्ञापालन के साथ अनुशासन जीवन मे आवश्यक है। बड़ों का नाम लेकर संबोधित करने के बजाय आदरपूर्वक किसी माध्यम से परिचय दिया जाय। गाँव में किसी भी व्यक्ति का बिना नाम लिए भी उनका परिचय दिया जा सकता है।

मितानिन सेक्टर नोडल श्रीमती उमा ध्रुव उपस्थित रहकर बच्चों को स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी भी प्रदान किए साथ ही कहानी और गीत के माध्यम से संदेश दिया। पालक श्रीमती लक्ष्मी दीवान ने कहा कि हम सब पालक बच्चों के भलाई के लिए निरंतर कार्य करते हैं और चाहते हैं कि हमारा बच्चा अच्छा इंसान बने और बड़ा आदमी बने। आज के जैसा अवसर मिलने से एक त्योहार जैसा अहसास होता है। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री पिरीत राम साहू ने कहा कि माता-पिता और गुरु के ऋण से हम कभी भी उऋण नहीं हो सकते।

इनके बिना अच्छे जीवन की कल्पना भी नहीँ कर सकते। इन सबके अलावा शिक्षक धर्मेंद्र ध्रुव, शिक्षिका पुष्पलता पटेल सहित पालकों में हेमलता साहू, दौलत दिवान, घांसु राम दीवान, तिलक साहू ने भी बच्चों को अच्छी बातों से अवगत कराया। इस अवसर पर किरण ध्रुव, देवंतीन ध्रुव, प्रमिला ध्रुव, पवन बाई दीवान, लक्ष्मी दीवान, लीलेश्वर साहू, भैयाराम ध्रुव, मयाराम दीवान, भोजराम साहू, डगेश्वर साहू, गुलाब ध्रुव, गोकुल यादव सहित बच्चों के माता-पिता और गांव वाले उपस्थित थे।

बसंत पंचमी आज, राज्यपाल और CM ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

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माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी मनाई जाती है। इस साल 05 फरवरी को यानी आज (Basant Panchami 2022) बसंत पंचमी मनाई जा रही है। आज के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है किमां सरस्वती की पूजा करने से धन धान्य की प्राप्ति होती है।  

वहीं बसंत पंचमी के अवसर पर राज्यपाल अनुसुइया उइके ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने मां शारदा को समर्पित बसंत पंचमी के मौके पर कहा कि प्रदेशवासियों पर मां शारदा की कृपा बनी रहे और छत्तीसगढ़वासी ज्ञान और बुद्धि में  भी सदा आगे रहे और छत्तीसगढ़ इसी तरह खुशहाली के रास्ते पर अग्रसर रहें।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बधाई 

वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। CM बघेल ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि बसंत पंचमी से ऋतुराज बसंत का आगमन होता है, इस समय प्रकृति अपना सर्वोच्च निखार लिए होती है। इसलिए बसंत पंचमी को हरियाली और फसल के त्यौहार के रूप में भी मनाते हैं। इस दिन विद्या, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना भी की जाती है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कामना की है कि ऋतु परिवर्तन के साथ यह पर्व सभी के जीवन में नई उमंग, ऊर्जा और उत्साह का संचार लेकर आए।

बसंत पंचमी पर होगा अखंड जाप अनुष्ठान

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बसंत पंचमी के अवसर पर पतई माता पहाड़ी में अखंड मन्त्र जप, अनुष्ठान साधनात्मक मार्गदर्शन, दिव्य प्रवचन के साथ साधना सिद्धि और पूर्णाहुति कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा। कार्यक्रम में गुरूजी डॉ आनंद मतावले   के सानिध्य में विविध आयोजन होगा। तुलेंद्र सागर ने उक्ताशय की जानकारी देते हुए बताया कि  पटेवा के समीप मां पतई माता प्रांगण जिला महासमुंद छ. ग. मे बसंत पंचमी के पावन बेला में 4 फरवरी को अपरान्ह 01:00 से अखंड मन्त्र जप अनुष्ठान ( 24 घंटे ) ओजस्वी साधको द्वारा आयोजित किया जा रहा है।  जिसकी  पूर्णाहुति बसंत पंचमी पर  05 फरवरी को गुरूजी के कर कमलों से संपन्न किया जायेगा। 

बसंत पंचमी पर प्रातः से गुरूजी द्वारा विशिष्ट पूजन अनुष्ठान के साथ दिव्य प्रवचन, साधनात्मक मार्गदर्शन, मन्त्र दीक्षा  कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करते हुए संपन्न किया जायेगा। उपस्थित सभी साधकों को उपहार स्वरुप नील तारा साधना मन्त्र दीक्षा व नाभि चक्र प्रदान किया जायेगा। गुरुसत्ता अध्यात्मिक केंद्र तरीघाट (राजिम) से जुड़े सभी साधकों, शिष्यों को इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है।

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