Media24Media.com: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. Show all posts
Showing posts with label प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. Show all posts

पीएम मोदी ने राजनाथ सिंह के साथ की हाई लेवल मीटिंग,तीनों सेनाध्यक्ष-CDS और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ अहम बैठक खत्म

No comments Document Thumbnail

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में अपने आवास पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुखों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक पाकिस्तान के 26 भारतीय ठिकानों पर हमले के जवाब में शनिवार तड़के भारत द्वारा पाकिस्तान के चार एयरबेसों पर किए गए हमलों के बाद हुई। इससे पहले आज विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच चल रहे घटनाक्रम के बारे में मीडिया को जानकारी दी।


विक्रम मिसरी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा की जा रही कार्रवाइयों को बढ़ाने वाली और उकसाने वाली प्रकृति के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह टिप्पणी शनिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान की, जहां पाकिस्तान की भड़काऊ और भड़काऊ कार्रवाइयों के सबूत पेश किए गए और साथ ही पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठ को भी उजागर किया गया। मीडिया से बात करते हुए विदेश सचिव ने कहा, "पाकिस्तान की कार्रवाई उकसावे और तनाव बढ़ाने वाली थी। जवाब में भारत ने जिम्मेदारी और संयम से बचाव किया और जवाब दिया।" भारत ने पाकिस्तान के दुर्भावनापूर्ण गलत सूचना अभियान को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया, जिसमें महत्वपूर्ण भारतीय सैन्य संपत्तियों और बुनियादी ढांचे के विनाश का झूठा दावा किया गया था।

विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अन्य आरोपों के अलावा, अधमपुर में एस-400 सिस्टम, सूरतगढ़ और सिरसा में एयरफील्ड, नगरोटा में ब्रह्मोस स्पेस और देहरांग्यारी और चंडीगढ़ में आर्टिलरी-गन पोजिशन को हुए नुकसान के बारे में गलत सूचना फैलाने के पाकिस्तान के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत इन झूठे आख्यानों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है, जो भारत की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने और जनता में डर पैदा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात: आईआईटी भिलाई सहित पांच आईआईटी के विस्तार को मंजूरी

No comments Document Thumbnail

 रायपुर: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट बैठक में आज छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी घोषणा हुई। आईआईटी भिलाई के कैम्पस के विस्तार के साथ ही तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा अब आईआईटी भिलाई में अधिक छात्रों को पढ़ाई का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आईआईटी भिलाई के विस्तार के संबंध में की गई घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में एक और बड़ा कदम है।


उल्लखेनीय है कि केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा देश के पांच नए आईआईटी संस्थानों, जिनमें छत्तीसगढ़ का आईआईटी भिलाई भी शामिल है, की शैक्षणिक और आधारभूत संरचना का विस्तार करने की मंजूरी दी गई है। केंद्रीय केबिनेट के फैसले से आने वाले चार वर्षों में देशभर के 6,500 से अधिक छात्र प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का सपना पूरा कर सकेंगे। खास बात यह है कि आईआईटी भिलाई में अब और अधिक सीटें होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के युवाओं को भी लाभ मिलेगा। इस फैसले से आईआईटी भिलाई कैम्पस के अवसंरचना विस्तार के साथ-साथ न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। शिक्षकों, कर्मचारियों और शोधकर्ताओं की भर्ती के साथ-साथ आस-पास के इलाकों में आवास, परिवहन और अन्य सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी।

आईआईटी भिलाई पहले से ही अपने स्थायी परिसर में कार्य कर रहा है, लेकिन इस विस्तार के बाद यह संस्थान अब और भी अधिक छात्रों के लिए शिक्षा और नवाचार का केंद्र बनेगा।उल्लेखनीय है कि चार वर्षों में पूरे देश में छात्रों के लिए 13,687 सीटें उपलब्ध होंगी, जो अभी 7,111 हैं। इसका मतलब है कि 6,576 नई सीटों का इजाफा होगा। देश के जिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में शैक्षणिक और अवसंरचना क्षमता के विस्तार की स्वीकृति दी गई है, इनमें भिलाई के साथ-साथ आंध्र प्रदेश (तिरुपति), जम्मू-कश्मीर (जम्मू), कर्नाटक (धारवाड़) और केरल (पालक्काड़) के आईआईटी शामिल हैं। केन्द्र सरकार ने इनके विस्तार के लिए 11,828.79 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जो साल 2025-26 से 2028-29 तक खर्च होगा। इसके अंतर्गत न केवल नई इमारतें और आधुनिक सुविधाएं बनाई जाएंगी, बल्कि 130 नए प्रोफेसर पदों का सृजन भी होगा, जिससे पढ़ाई और शोध का स्तर और मजबूत होगा। उद्योग अकादमिक संबंधों को मजबूत करने के लिए पांच नये अत्याधुनिक अनुसंधान पार्क भी बनाये जा रहे हैं।

Pahalgam Attack : हाई लेवल मीटिंग में मोदी का संदेश: आतंकवाद को कुचलने के लिए सेना को खुली छूट

No comments Document Thumbnail

 Pahalgam Attack : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनज़र एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान, और तीनों सेनाओं के अध्यक्ष मौजूद रहे। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित की गई।


बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर बल देते हुए कहा कि भारतीय सेना को पूरी तरह खुली छूट दी गई है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को करारा जवाब देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि सेनाओं को प्रतिक्रिया की रणनीति, लक्ष्य चयन और समय निर्धारण में पूरी परिचालन स्वतंत्रता प्राप्त है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्‍योरिटी (CCS) की बैठक भी बुलाई है. पहलगाम हमले के बाद लगातार दूसरी बार सीसीएस की बैठक होगी. सीसीएस देश की सुरक्षा मामलों पर फैसला लेने के ल‍िए सर्वोच्‍च संस्‍था है. वहीं फैसला ल‍िया जाता है क‍ि आगे क‍िस तरह से निपटना है. एक द‍िन पहले ही राजनाथ सिंह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई थी. करीब 40 मिनट तक दोनों के बीच बातचीत हुई. उससे पहले राजनाथ सिंह सीडीएस और तीनों सेनाओं के चीफ से मिले थे. सरकार तमाम विकल्‍पों पर विचार कर रही है. इसील‍िए लगातार मीटिंग चल रही हैं.

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक : मुख्यमंत्री

No comments Document Thumbnail

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अघरिया समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली है, जिसकी जड़ें भारतीय सभ्यता की गहराइयों से जुड़ी हैं। उन्होंने आह्वान किया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अघरिया समाज अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे।


मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के भाठागांव में आयोजित अघरिया समाज सेवा समिति के वार्षिक स्नेह सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर अघरिया समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अघरिया समाज के अपने मितान, स्वर्गीय श्री विष्णु पटेल का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि अघरिया समाज से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि अपने सामाजिक जीवन के लंबे अनुभव में उन्होंने अघरिया समाज के परिश्रम, समर्पण और प्रतिबद्धता को निकटता से देखा और समझा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनतकश अघरिया समाज ने अपने मूल व्यवसाय कृषि के साथ-साथ अन्य अनेक क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कृषि क्षेत्र में उनके योगदान से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। आज प्रगतिशील अघरिया समाज राष्ट्र के विकास में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की तरक्की के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को पूरा करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए नक्सलवाद का समूल उन्मूलन आवश्यक है। डबल इंजन की सरकार नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति के अंतर्गत अब तक साढ़े चार लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलना है। उन्होंने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा बस्तर एवं सरगुजा अंचल के लिए विशेष केंद्रित योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। गुड गवर्नेंस के लिए एक पृथक विभाग बनाया गया है और ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और सभी प्रदेशवासी अपनी महती भूमिका का निर्वहन करें।

वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि अघरिया समाज की मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता किसी परिचय की मोहताज नहीं है। संगठित समाज राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि अघरिया समाज ने कृषि के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाई है।

चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय किया गया है, जिसे प्राप्त करने के लिए युवाओं को क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य तय कर सतत परिश्रम करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि जितनी अधिक हमारी रिस्क-टेकिंग एबिलिटी होगी, हम समय की चुनौतियों का उतनी ही बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। वित्त मंत्री चौधरी ने बेटियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बेटियों को पढ़ाना आने वाली पूरी पीढ़ी का भविष्य संवारने का कार्य है।

कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी तथा अघरिया समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा पटेल ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर रंजन पटेल, डॉ. देवेंद्र नायक सहित समाज के प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में अघरिया समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Rozgar Mela : प्रधानमंत्री मोदी ने 51 हजार से अधिक युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

No comments Document Thumbnail

 Rozgar Mela : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को कहा कि भारतीय युवाओं की समावेशिता देश में उनके विकास का एक महत्वपूर्ण कारक है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक सभा को संबोधित करते हुए, जहां उन्होंने रोजगार मेले के तहत विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए, प्रधानमंत्री मोदी ने देश की आर्थिक व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने, आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और मजदूरों के जीवन को बेहतर बनाने में युवाओं की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।


मोदी ने नवनियुक्त युवाओं से विकसित भारत बनने की दिशा में भारत की प्रगति का समर्थन करने के लिए ईमानदारी से काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 51 हजार से अधिक युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी के पत्र दिए गए हैं। आज भारत सरकार के अलग अलग विभागों में आप युवाओं के नए दायित्वों की शुरूआत हुई है। आपका दायित्व देश के आर्थिक तंत्र को मजबूत करना है, आपका दायित्व देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना है, आपका दायित्व देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का है, आपका दायित्व श्रमिकों के जीवन में मूलभूत बदलाव लाने का है।

उन्होंने कहा कि जब युवा राष्ट्र के निर्माण में भागीदार होते हैं, तो राष्ट्र तेज विकास भी करता है और विश्व में अपनी पहचान भी बनाता है। भारत का युवा आज अपने परिश्रम और इनोवेशन से दुनिया को ये दिखा रहा है कि हममें कितना सामर्थ्य है। हमारी सरकार हर कदम पर ये सुनिश्चित कर रही है कि देश के युवाओं के लिए रोजगार-स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने कहा कि इस बजट में सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग मिशन की घोषणा की है। इसका उद्देश्य है- 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देना और भारत के युवाओं को ग्लोबल स्टैंडर्ड वाले प्रॉडक्ट बनाने का मौका देना। इससे ना केवल देश की लाखों MSMEs को...हमारे लघु उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पूरे देश में रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

पीएम मोदी के भाषणों पर आधारित पुस्तक ‘संस्कृति का पांचवां अध्याय’ का विमोचन आज

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संस्कृति पर विचारों और भाषणों का संकलन ‘संस्कृति का पांचवां अध्याय’ अब पुस्तक रूप में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन नई दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के समवेत सभागार में शुक्रवार शाम को 5 बजे होगा।


जूना अखाड़े के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज पुस्तक का औपचारिक विमोचन करेंगे

सरकारी मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, जूना अखाड़े के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज पुस्तक का औपचारिक विमोचन करेंगे। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

‘संस्कृति का पांचवां अध्याय’ पीएम मोदी द्वारा विभिन्न अवसरों पर दिए गए भाषणों का संकलन है

‘संस्कृति का पांचवां अध्याय’ पीएम मोदी द्वारा विभिन्न अवसरों पर दिए गए भाषणों का संकलन है। इसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख है। पुस्तक की प्रस्तावना राम बहादुर राय ने लिखी है और संकलन डॉ. प्रभात ओझा ने किया है। प्रभात प्रकाशन ने इस पुस्तक का प्रकाशन किया है।

पुस्तक को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने संकलित किया है

पुस्तक विमोचन में भारत की कालातीत परंपराओं को समझने में रुचि रखने वाले विद्वानों, साहित्य प्रेमियों और नीति निर्माताओं के शामिल होने की संभावना है। ज्ञात हो कि 2023 में, पीएम मोदी ने ‘जून 2020 से मई 2021’ और ‘जून 2021 से मई 2022’ तक अपने सफल दूसरे कार्यकाल के दौरान दिए गए भाषणों और संबोधनों से संकलित दो-खंडों वाली पुस्तक ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का विमोचन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में किया गया था। इन पुस्तकों को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने संकलित किया था।

पुस्तक के एक भाग में 86 प्रेरणादायक भाषण हैं, जबकि दूसरे भाग में 80 भाषण संकलित किए गए हैं

पुस्तक के एक भाग में 86 प्रेरणादायक भाषण हैं, जबकि दूसरे भाग में 80 भाषण हैं। कई महत्वपूर्ण विषयों पर पीएम मोदी के चुनिंदा भाषण संकलित किए गए हैं। इन भाषणों में स्टार्टअप इंडिया, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्र शक्ति, आत्मनिर्भर भारत, जय विज्ञान, जय किसान आदि विषयों पर प्रधानमंत्री द्वारा आम नागरिकों को दिए गए संबोधन शामिल हैं।

वक्फ पर ईमानदारी से नहीं हुआ था काम, सिर्फ भूमाफियाओं को हुआ लाभ : पीएम मोदी

No comments Document Thumbnail

 हिसार: अंबेडकर जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कांग्रेस पर जमकर बरसे। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अंबेडकर का अपमान किया। अंबेडकर को सिस्टम से बाहर रखने की साजिश हुई। पीएम ने कहा, ''हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने आंबेडकर के साथ क्या किया। जब तक वह जीवित थे, कांग्रेस ने उनका अपमान किया, उन्हें दो बार चुनाव में हराया गया।'' वहीं, वक्फ को लेकर पीएम मोदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि अगर वक्फ की संपत्तियों का सही से इस्तेमाल हुआ होता तो मुसलमान नौजवानों को पंक्चर नहीं बनाना पड़ता।


उन्होंने कहा, ''कांग्रेस ने 2013 में वोट बैंक को खुश करने के लिए वक्फ कानून में संशोधन किया था। मुसलमानों को खुश करने के लिए कांग्रेस ने बाबा साहब के संविधान की ऐसी की तैसी कर दी थी। कांग्रेस की नीयत मुसलमानों का भला करना नहीं है। कांग्रेस किसी की भी सगी नहीं है।'

वक्फ की ज़मीन से गरीबों, बेसहारा महिलाओं और बच्चों का भला होना चाहिए था

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, “वक्फ के नाम पर लाखों हेक्टेयर जमीन पूरे देश में है। इस जमीन से गरीबों का, बेसहारा महिलाओं-बच्चों का भला होना चाहिए था। अगर ईमानदारी से इसका उपयोग हुआ होता, तो मुसलमानों को साइकिल के पंचर बनाने की जरूरत नहीं होती। इससे सिर्फ भू-माफिया को ही फायदा हुआ। ये माफिया इस कानून के जरिए गरीबों की जमीन लूट रहे थे।

पीएम मोदी ने आगे कहा, ''अगर कांग्रेस को मुसलमानों से इतना ही लगाव है कि तो वो किसी मुस्लिम को पार्टी का अध्यक्ष क्यों नहीं बनाती। 50 फीसदी टिकट मुसलमानों को क्यों नहीं देती। कांग्रेस की नीयत मुसलमानों का भलना करना नहीं, सिर्फ उनका वोट हासिल करना है। नए वक्फ संशोधन कानून से न सिर्फ मुसलमानों का बल्कि आदिवासियों के हक की भी रक्षा होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ये बात आज अंबेडकर जयंती पर हिसार में रैली को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अंबेडकर का अपमान किया, अंबेडकर को सिस्टम से बाहर रखने की साजिश हुई। बाबा साहब समानता के पक्षधर थे, लेकिन कांग्रेस ने पूरे देश में वोट बैंक की राजनीति का वायरस फैलाया। कांग्रेस ने हमारे पवित्र संविधान को सत्ता हासिल करने का एक हथियार बना दिया। जब-जब कांग्रेस को सत्ता का संकट दिखा उन्होंने संविधान को कुचल दिया। कांग्रेस ने आपातकाल में संविधान की स्पिरिट को कुचला ताकि जैसे तैसे सत्ता बनी रहे।

नवकार महामंत्र दिवस: पीएम मोदी के नेतृत्व में 100+ देशों ने सुनी शांति की ध्वनि

No comments Document Thumbnail

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नवकार महामंत्र दिवस’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। श्वेत वस्त्र में पीएम मोदी नवकार महामंत्र का जाप करते दिखे। इस आयोजन में 100 से अधिक देशों से आए प्रतिनिधि एक साथ वैश्विक सामूहिक मंत्र के जाप के साक्षी बने।


नवकार महामंत्र दिवस आध्यात्मिक सद्भाव और नैतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उत्सव

दरअसल, नवकार महामंत्र दिवस आध्यात्मिक सद्भाव और नैतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जो जैन धर्म में सबसे अधिक पूजनीय और सार्वभौमिक मंत्र- नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप के माध्यम से लोगों को एकजुट करने का प्रयास करता है। अहिंसा, विनम्रता और आध्यात्मिक उत्थान के सिद्धांतों पर आधारित यह मंत्र प्रबुद्ध व्यक्तियों के गुणों के प्रति सम्मान व्यक्त करता है और आंतरिक परिवर्तन की प्रेरणा देता है। यह दिवस सभी व्यक्तियों को आत्म-शुद्धि, सहिष्णुता और सामूहिक कल्याण के मूल्यों पर चिंतन करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

पीएम मोदी ने लोगों से नवकार महामंत्र का जाप करने की अपील की

इससे पहले पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट कर लोगों से नवकार महामंत्र का जाप करने की अपील की थी। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “आइए, सब मिलकर प्रातः 8:27 बजे नवकार महामंत्र का जाप करें। णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं। प्रत्येक आवाज शांति, शक्ति और सद्भाव लाए। हम सब भाईचारे और एकजुटता की भावना को बढ़ाने के लिए एक साथ आएं।”

यह मंत्र मन की शांति और आंतरिक संतुलन का माध्यम

इसके अलावा, केंद्रीय पीयूष गोयल ने एक्स पर लिखा था, “णमो अरिहंताणं… नवकार महामंत्र जैन धर्म के सबसे पावन मंत्रों में से एक है जो आध्यात्मिकता, विनम्रता, भाईचारे और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित है। यह मंत्र मन की शांति और आंतरिक संतुलन का माध्यम है।

उल्लेखनीय है कि महावीर जयंती से एक दिन पूर्व 9 अप्रैल को सुबह 8 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में “नवकार महामंत्र दिवस” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में 100 से अधिक देशों से आए प्रतिनिधि एक साथ वैश्विक सामूहिक मंत्र के जाप के साक्षी बनेंगे। आइए, हम सभी इस पावन अवसर पर नवकार मंत्र का जाप करते हुए पूरे विश्व में शांति, एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश फैलाएं।

प्रधानमंत्री की संवेदना से खिला एक पल — एक बेटी की कला को मिला आदर और अपनापन

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मोहभट्ठा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान एक ऐसा मानवीय और भावनात्मक पल आया, जिसे सभा में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने देखा और दिल से सराहा।


जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक बालिका पर पड़ी, जो उनकी पेंटिंग हाथ में उठाकर काफी देर से खड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी भावना को समझा, और मंच से ही उन्होंने कहा "वहाँ एक बेटी पेंटिंग बना के लाई हैं, बेचारी कब से हाथ ऊपर रखे खड़ी हैं। मैं ज़रा सिक्योरिटी वालों से कहूंगा। उस बेटी को... पेंटिंग के पीछे बेटा नाम-पता लिख देना, मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। जरा इस पेंटिंग को कोई कलेक्ट करके मेरे तक पहुंचा दे। बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा, बहुत धन्यवाद।"


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस आत्मीयता भरी पहल से वहां मौजूद जनता की तालियों की गड़गड़ाहट से सभास्थल गूंज उठा। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी की सरलता और संवेदनशील स्वभाव को दर्शाती है, जिससे वे हमेशा जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाए रखते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बातें न सिर्फ उस बच्ची के चेहरे पर मुस्कान ले आईं, बल्कि वहाँ मौजूद हजारों लोगों के मन को भी छू गईं। इस दृश्य ने यह भी दर्शाया कि यदि बच्चे की प्रतिभा को सही समय पर सही व्यक्ति से सराहना मिले, तो उसके मन में आत्मविश्वास और प्रेरणा के दीप जलते है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह छोटा-सा लेकिन भावनाओं से भरा कदम, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियानों को और भी अधिक मानवीय अर्थ प्रदान करता है। यह प्रतिभा का सम्मान था - और वह सम्मान मिला देश के सर्वोच्च नेता के हाथों से।

एक बेटी की कला, एक प्रधानमंत्री की संवेदना – यही है नया भारत।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना कार्य का शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल बिलासपुर आगमन के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660एमडब्ल्यू) का कार्य का शुभारंभ किया।


यह परियोजना छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा । यह परियोजना छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ा कदम है ।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के लिए निदेशक मंडल के अनुमोदन के उपरांत 12 फरवरी 2024 को विस्तृत निविदा जारी की गई थी । परियोजना के लिए पर्यावरणीय अनुमति 26 मार्च 2025 को मिली और निदेशक मंडल की अनुमति के पश्चात सार्वजनिक क्षेत्र की ईकाई भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड को 27 मार्च को इसका कार्यादेश जारी किया गया ।

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार ने 30 मार्च को बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस महत्वपूर्ण परियोजना का कार्य का शुभारंभ कराया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मोहभट्ठा बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर 2,695 करोड़ रूपए की लागत से पूरी हो चुकी चार रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही 7 रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विकास और यात्रियों को किफायती एवं सुगम परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।


रायपुर और अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन शुरू होने से आम लोगों के लिए आवागमन किफायती और आसान होगा। इस ट्रेन का ठहराव मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री और अभनपुर स्टेशनों पर होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने 747 करोड़ की लागत से राजनांदगांव-बोरतलाव तक बिछाई गई तीसरी रेल लाइन, 353 करोड़ की लागत से मंदिर हसौद-केन्द्री-अभनपुर नई रेल लाइन, 88 करोड़ की लागत से दुर्ग-रायपुर स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली के साथ ही छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खरसिया-झाराडीह पांचवीं रेल लाइन, सरगबुंदिया-मड़वारानी तीसरी-चौथी रेल लाइन, दाधापारा-बिल्हा-दगोरी चौथी रेल लाइन, निपनिया-भाटापारा-हथबंद चौथी रेल लाइन, भिलाई-भिलाई नगर-दुर्ग लिंक केबिन चौथी रेल लाइन, राजनांदगांव-डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन, और करगी रोड-सल्का रोड तीसरी रेल लाइन का शिलान्यास किया।

वन मंत्री केदार कश्यप इस मौके पर अभनपुर रेल स्टेशन पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रेल सुविधाओं का विकास राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। रेल संपर्क का विस्तार दूरदराज के क्षेत्रों में रोजगार और व्यापार के नए अवसर खोलेगा, जिससे आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर से अभनपुर के बीच शुरू की गई मेमू ट्रेन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि भविष्य में रेल सुविधाओं का विस्तार बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा रेल्वे नेटवर्क से जुड़े। कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, सुनील कुमार सोनी, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, इंद्र कुमार साहू, महापौर मीनल चौबे, नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप, ज़िला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की बुनाई, संस्कृति और जीवंत परंपराओं का प्रतीक – प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया कोसा सिल्क से बना हस्तनिर्मित शॉल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।


यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है। यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है।

अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन को हरी झंडी: पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज रविवार (30 मार्च 2025) को एक नई रेल सेवा की शुरुआत हुई। अभनपुर से रायपुर के बीच चलने वाली मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।


ट्रेन का महत्व

अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन की शुरुआत से इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह ट्रेन रायपुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर अभनपुर को जोड़ेगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन रोजाना यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई फेरे लगाएगी और किफायती किराए के साथ उपलब्ध होगी।

पीएम का छत्तीसगढ़ दौरा

यह उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ के आभासी दौरे का हिस्सा था। इस दौरान उन्होंने राज्य में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ और लोकार्पण भी किया। मेमू ट्रेन की शुरुआत को क्षेत्रीय विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नेताओं की मौजूदगी

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रेल राज्य मंत्री और स्थानीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित भाजपा के कई आला नेता शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा, "यह ट्रेन न केवल यात्रियों के लिए सुविधा लाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगी।" रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन का संचालन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत होगा और जल्द ही इसका नियमित शेड्यूल जारी किया जाएगा।

मन की बात में बोले पीएम मोदी- नए साल में नया संकल्प लें राष्ट्र निर्माण में योगदान दें

No comments Document Thumbnail

 PM Modi Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 120वें एपिसोड में देशवासियों को चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पाड़वा और हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं.


पीएम मोदी ने कहा, “आज बहुत पावन दिन पर मुझे आपसे ‘मन की बात’ करने का अवसर मिला है. आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जिससे नवरात्रि का आरंभ होता है और भारतीय नववर्ष भी शुरू होता है”.

आज से शुरू हो रहा भारतीय नववर्ष

पीएम ने कहा आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है और आज से ही भारतीय नववर्ष का भी आरंभ हो रहा है। इस बार विक्रम संवत 2082 (दो हजार बयासी) शुरू हो रहा है। इस समय मेरे सामने आपकी ढेर सारी चिट्ठियां रखी हुई हैं। कोई बिहार से है, कोई बंगाल से, कोई तमिलनाडु से है, कोई गुजरात से है। इनमें बड़े रोचक तरीके से लोगों ने अपने मन की बातें लिखकर भेजी हैं। कई सारी चिट्ठियों में शुभकामनाएं भी हैं, बधाई संदेश भी हैं, लेकिन आज मेरा मन करता है, कुछ संदेशों को आपको सुनाऊं।"

कन्नड़ और तेलुगु में दी उगादी उत्सव की शुभकामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कन्नड़ और तेलुगु भाषा में उगादि उत्सव की शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा, उन्होंने कोंकणी भाषा में संसार पाड़वा की शुभकामनाएं दीं। साथ ही, मराठी भाषा में गुड़ीपड़वा, मलयालम भाषा में विषु पर्व, और तमिल भाषा में नववर्ष (पुथांडु) की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने आगे कहा, "साथियों, आप ये तो समझ गए होंगे कि अलग-अलग भाषाओं में भेजे गए संदेश हैं, लेकिन क्या आप इसकी वजह जानते हैं? यही तो वो खास बात है, जो आज मुझे आपसे साझा करनी है। हमारे देश के अलग-अलग राज्यों में आज और अगले कुछ दिनों में नववर्ष शुरू हो रहे हैं और ये सभी संदेश नववर्ष और विभिन्न पर्वों की बधाइयों के हैं, इसलिए मुझे अलग-अलग भाषाओं में लोगों ने शुभकामनाएं भेजी हैं।"

पीएम मोदी ने उगादि का जिक्र करते हुए कहा, "आज कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उगादि का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज ही महाराष्ट्र में गुड़ीपड़वा मनाया जा रहा है। विविधता भरे हमारे देश में, अलग-अलग राज्यों में अगले कुछ दिनों में असम में ‘रोंगाली बिहू’, बंगाल में ‘पोइला बोइशाख’, और कश्मीर में ‘नवरेह’ का उत्सव मनाया जाएगा। इसी तरह, 13 से 15 अप्रैल के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में त्योहारों की जबरदस्त धूम दिखेगी। इसे लेकर भी उत्साह का माहौल है और ईद का त्योहार तो आ ही रहा है। यानी ये पूरा महीना त्योहारों और पर्वों का है। मैं देश के लोगों को इन त्योहारों की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। हमारे ये त्योहार भले ही अलग-अलग क्षेत्रों में हों, लेकिन ये दिखाते हैं कि भारत की विविधता में भी कैसे एकता पिरोई हुई है। इस एकता की भावना को हमें निरंतर मजबूत करते चलना है।"

पीएम मोदी का बिलासपुर दौरा आज : छत्तीसगढ़ को देंगे 33,700 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, देखें शेड्यूल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 30 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी वायुसेना के विमान द्वारा दोपहर 2:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। रायपुर एयरपोर्ट से 2:35 बजे हेलिकॉप्टर के माध्यम से बिलासपुर के मोहभट्ठा के लिए प्रस्थान करेंगे और दोपहर 3: 30 बजे सभास्थल पहुंचकर 3:30 से 4:30 बजे तक विभिन्न परियोजनाओं के भूमि पूजन तथा लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री 4:45 बजे मोहभट्ठा हेलीपैड से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 5:25 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके पश्चात वे 5:30 बजे दिल्ली के लिए वायुसेना के विमान से रवाना होंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विद्युत, तेल और गैस, रेल, सड़क, शिक्षा एवं आवास क्षेत्रों से संबंधित कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अनुरूप, सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे। वह बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण- III (1x800एमडब्ल्यू) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड परियोजना उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। वह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660एमडब्ल्यू) के कार्य की शुरुआत करेंगे। वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

भारत के शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों, वायु प्रदूषण में कमी लाने और स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने के अनुरूप, प्रधानमंत्री कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसमें 200 किलोमीटर से अधिक हाई प्रेशर पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई (मीडियम डेंसिटी पॉलीइथिलीन) पाइपलाइन और 1,285 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट शामिल हैं। वह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (वीआरपीएल) परियोजना की भी आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इस बहुउत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) पाइपलाइन की क्षमता 3 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक होगी।

क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। वह छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।

छत्तसीगढ़ में सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री एनएच-930 (37 किलोमीटर) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किलोमीटर) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को 2 लेन में अपग्रेड करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को 2 लेन में अपग्रेड करने की आधारशिला भी रखेंगे। 1,270 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ये परियोजनाएं आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार लाएगी जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री दो प्रमुख शैक्षिक पहलों को समर्पित करेंगे जिनमें राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) शामिल हैं। पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया योजना के तहत 130 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। ये स्कूल अच्छी तरह से संरचित बुनियादी ढांचे, स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगे। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।

ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करने की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा। प्रधानमंत्री इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: PM मोदी ने लखपति दीदियों से की बातचीत

No comments Document Thumbnail

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ने शनिवार को गुजरात के नवसारी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखपति दीदियों से बातचीत की। इस दौरान उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम के दौरान, पीएम मोदी ने दस चयनित लखपति दीदियों से बातचीत की और उनमें से पांच को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने लखपति दीदियों के योगदान और उनके काम के माध्यम से देश भर में हजारों महिलाओं को प्रेरित करने के लिए उनकी सराहना की।


इस बातचीत के दौरान, लखपति दीदियों ने प्रधानमंत्री के साथ अपनी कहानियां साझा कीं। वहीं पीएम मोदी ने सामाजिक और आर्थकि रूप से अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदियों के प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी का वानसी-बोरसी में लखपति दीदी सम्मेलन में भाग लेने का भी कार्यक्रम है, जहां वे राज्य भर के 25,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 2.5 लाख से अधिक महिलाओं को 450 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित करेंगे।

इस दौरान गुजरात में लखपति दीदी योजना की सफलता पर प्रकाश डालने वाली एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। लखपति दीदी सम्मेलन में नवसारी, वलसाड और डांग जिलों की लगभग एक लाख महिलाएं भाग लेंगी, जिनमें से अधिकांश या तो ऐसे स्वयं सहायता समूहों का हिस्सा हैं जिन्होंने लखपति दीदी का दर्ज हासिल कर लिया है या ऐसा करने की आकांक्षा रखती हैं।

कार्यक्रम के बाद एक सार्वजनिक समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी दो राज्य स्तरीय योजनाओं जी-सफल और जी-मैत्री की शुरुआत करेंगे, जो हाशिए पर पड़े समुदायों की महिलाओं के उत्थान और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई हैं। अगले पांच वर्षों में इस योजना से गुजरात के दो आकांक्षी जिलों और 13 आकांक्षी तालुकों में 50,000 अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) कार्डधारक परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

माथे पर चंदन, हाथों में आरती की थाली, पीएम मोदी ने मुखबा में की मां गंगा की पूजा-अर्चना

No comments Document Thumbnail

 देहरादून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड के दौरे पर हैं। पीएम मोदी सुबह जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया। उन्होंने मुखवा में मां गंगा के शीतकालीन निवास पर पूजा-अर्चना की। पीएम मोदी ने मुखवा में बर्फ से ढके पहाड़ों की मनमोहक सुंदरता का भी आनंद लिया और वहां के लोगों का अभिवादन किया।


आपको बता दें, मुखवा मां गंगा का शीतकालीन प्रवास व पूजा स्थल है, इसे मुखीमठ भी कहा जाता है। यह मां गंगा की शीतकालीन राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है। समुद्रतल से 8,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मुखवा को शीतकालीन प्रवास स्थल होने के कारण गंगा का मायका भी कहा जाता है।

दरअसल प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बीते जनवरी में दिल्ली दौरे के दौरान पीएम को शीतकालीन यात्रा पर आने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद जब पीएम 28 जनवरी को 38वें नेशनल गेम्स के उद्घाटन के लिए उत्तराखंड आए तो जल्द ही शीतकालीन यात्रा पर आने का वायदा किया था।

आज सुबह पीएम मोदी मुखवा में स्थित मुखीमठ में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद यहां उन्होंने स्थानीय कलाकारों के साथ समय बिताया और मखुवा में पारंपरिक लोक नृत्य का आनंद लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मुखवा में बर्फ से ढके पहाड़ों की मनमोहक सुंदरता का भी आनंद लिया और वहां के लोगों का अभिवादन किया।

वहीं, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुखीमठ (मुखवा) को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी का यह दौरा महत्वपूर्ण है। सीएम धामी ने कहा, “मुखवा में इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनकर हम सभी गौरवान्वित हैं। राज्य के सभी लोगों की ओर से यशस्वी प्रधानमंत्री का देवभूमि उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन।”

प्रधानमंत्री मोदी हर्षिल पहुंचकर उत्तराखंड शीतकालीन पर्यटन और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी देखेंगे। इसके बाद जादुंग व पीडीए के लिए मोटर बाइक व एटीवी-आरटीवी रैलियों तथा जनकताल एवं मुलिंगला के लिए ट्रैकिंग अभियानों को झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। हर्षिल में एक सार्वजनिक समारोह में सभा को संबोधित करेंगे।

अपनी यात्रा से पहले, पीएम मोदी ने पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य में पर्यटन के विकास के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की हैं।

उत्तराखंड सरकार ने इस साल शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम शुरू किया है। हजारों श्रद्धालु पहले ही गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के शीतकालीन स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे, पर्यटन व्यवसाय आदि को बढ़ावा देना है। 

PM मोदी आज गिर नेशनल पार्क में NBWL की बैठक की करेंगे अध्यक्षता, जंगल सफारी का भी उठाएंगे लुफ्त

No comments Document Thumbnail

 PM Modi at Somnath Temple: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. यह मंदिर गिर सोमनाथ जिले के प्रभास पाटन में स्थित है और इसे 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है. इससे पहले पीएम मोदी जामनगर जिले में स्थित वनतारा पहुंचे. यह एक वन्यजीव बचाव, संरक्षण और पुनर्वास केंद्र है. यहां उन्होंने जानवरों के देखभाल केंद्र का निरीक्षण किया.


आज उनके दौरे का तीसरा दिन है। पीएम आज सोमवार को विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में वन्यजीवों से संबंधित राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले प्रधानमंत्री सुबह जंगल सफारी का भी आनंद लेंगे।

पीएम मोदी तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात में हैं। रविवार शाम को प्रधानमंत्री प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की, जिसके बाद वो जूनागढ़ के सासन गिर पहुंचे। पीएम यहां आज, सोमवार को एशियाई शेरों के घर गिर नेशनल पार्क में सफारी करेंगे। यात्रा के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया था। बाद में मोदी ने प्रभास पाटन स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम शिव मंदिर में दर्शन किए और प्रार्थना की।

आज जंगल सफारी का लुफ्त उठाएंगे पीएम मोदी

पीएम मोदी 3 मार्च को गिर नेशनल पार्क में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह वन्यजीवों के कल्याण के लिए समर्पित बचाव केंद्र है। यह दुर्व्यवहार और शोषण से बचाए गए पशुओं को अभयारण्य, पुनर्वास व चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है। रविवार शाम को प्रधानमंत्री गिर वन्यजीव अभयारण्य के मुख्यालय सासन गिर पहुंचे,

NBWL की बैठक की अध्यक्षता करेंगे

अधिकारियों ने बताया कि बैठक से पहले प्रधानमंत्री सोमवार सुबह जंगल सफारी का आनंद लेंगे। बता दें कि NBWL में 47 सदस्य हैं, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बैठक के बाद मोदी सासन में कुछ महिला वनकर्मियों से बातचीत करेंगे।

'जहान-ए-खुसरो' के आयोजन में हिंदुस्तान की माटी की खुशबू : प्रधानमंत्री मोदी

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहान-ए-खुसरो की झलकियां साझा की हैं. 28 फरवरी को नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में आयोजित इस सूफी संगीत समारोह में पीएम मोदी ने भारतीय सूफी संत परम्परा की खूबसूरती पर अपने शब्दों से चार चांद लगा दिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति और सभ्यता उसके गीतों और संगीत से समृद्ध होती है. सूफी परंपरा ने भारत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है.


पीएम मोदी ने कहा कि जहान-ए-खुसरो की भव्य प्रस्तुतियों ने प्रेम और भक्ति रस से सराबोर कर दिया. यहां सूफी संतों ने खुद को महज मस्जिदों या खानगाहों तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने पवित्र कुरान के हर्फ पढ़े तो वेदों को भी सुना, उन्होंने अजान की सदा में भक्ति के गीतों की मिठास भी जोड़ी. जहान-ए-खुसरो ये सिलसिला अपने 25 साल पूरे कर रहा है.

इन 25 सालों में इस आयोजन का लोगों के जेहन में जगह बना लेना, ये अपने आप में इसकी सबसे बड़ी कामयाबी है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जहान-ए-खुसरो के इस आयोजन में एक अलग सी खूशबू है. ये खुशबू हिंदुस्तान की मिट्टी की है. वो हिंदुस्तान जिसकी तुलना हजरत अमीर खुसरो ने जन्नत से की थी. हमारा हिंदुस्तान जन्नत का वो बगीजा है, जहां तहजीब का हर रंग फला फुला है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सूफी परंपरा ने न केवल इंसान की रुहानी दूरियों को खत्म किया है बल्कि दुनिया की दूरियों को भी कम किया है. पीएम मोदी ने कहा कि रुमी ने कहा था कि ‘शब्दों को ऊंचाई दें आवाजों को नहीं क्योंकि फूल बारिश में पैदा होते हैं तूफान में नहीं.’ भारत में सूफी परंपरा की एक अलग पहचान रही है. मुझे खुशी है कि जहान-ए-खुसरो आज उसी परंपरा की आधुनिक पहचान बन गया है.

Mahakumbh 2025 : एकता का महायज्ञ संपन्‍न हुआ, 140 करोड़ देशवासियों की आस्‍था एक साथ, महाकुंभ के समापन पर पीएम मोदी

No comments Document Thumbnail

Mahakumbh 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ पर एक भावपूर्ण ब्लॉग पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने इसे "एकता का भव्य उत्सव" बताया है। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की भक्ति और भागीदारी की गहरी प्रशंसा की, जिन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक सफलता बनाने के लिए एक साथ मिलकर काम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतिबिंब बताया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे समाज के सभी वर्गों के लोग आस्था और भक्ति में एकजुट हुए।


महाकुंभ पर प्रधानमंत्री मोदी का चिंतन

"महाकुंभ संपन्न हो गया है। एकता का भव्य उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। प्रयागराज में 45 दिनों तक जिस तरह से 140 करोड़ भारतीयों की आस्था इस पवित्र आयोजन से जुड़ी रही, वह वाकई अभिभूत करने वाला है! महाकुंभ के समापन पर मैंने अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोने की कोशिश की है।" उन्होंने आगे बताया कि किस तरह इस आयोजन ने "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" के दृष्टिकोण को मूर्त रूप दिया और लाखों श्रद्धालुओं पर इसका अमिट प्रभाव पड़ा।

"इस महाकुंभ में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ आए। एकता का यह अविस्मरणीय नजारा करोड़ों भारतीयों के लिए आत्मविश्वास का पर्व बन गया। इस पर्व को सफल बनाने में लोगों के प्रयासों, समर्पण और दृढ़ संकल्प ने मुझे बहुत प्रभावित किया है।"

प्रार्थना के लिए सोमनाथ की यात्रा

महाकुंभ के समापन के बाद, पीएम मोदी ने 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर की अपनी यात्रा की घोषणा की। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए सभी भारतीयों की भलाई और एकता के लिए प्रार्थना करने की इच्छा व्यक्त की।

"मैं प्रार्थना करने के लिए बारह ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम सोमनाथ जाऊंगा। मैं अपनी भक्ति की भेंट चढ़ाऊंगा और प्रत्येक भारतीय के लिए प्रार्थना करूंगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे देश के लोगों के बीच एकता का यह शाश्वत प्रवाह निर्बाध रूप से जारी रहेगा।"

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 ने एक बार फिर भारत की समृद्ध परंपराओं, गहरी आस्था और सामूहिक भावना को प्रदर्शित किया है, तथा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत किया है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.