Media24Media.com: द्रौपदी मुर्मु

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गणतंत्र दिवस 2025 : छत्तीसगढ़ पुलिस के 22 अधिकारियों-कर्मचारियों को वीरता पुरस्कार

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा गणतंत्र दिवस, 2025 के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के 11 अधिकारियों-कर्मचारियों को वीरता पदक, 01 अधिकारी को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक तथा 10 अधिकारियों को सराहनीय सेवा पदक से विभूषित किये जाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के सभी सम्मानित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

छत्तीसगढ़ ने पुलिस सेवा श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 11 वीरता पदक (Gallantry Medal) अर्जित किए। यह राज्य के सुरक्षा बलों की निष्ठा, समर्पण और बहादुरी का प्रमाण है। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ के एक अधिकारी को राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक” (PSM) और 10 अधिकारियों को सराहनीय सेवा पदक” (MSM) से सम्मानित किया गया। कुल मिलाकर, पुलिस सेवा में राज्य ने इस बार 22 पुरस्कार हासिल किए, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक गौरवपूर्ण स्थान प्रदान करते हैं।

होम गार्ड और सिविल डिफेंस श्रेणी में भी छत्तीसगढ़ ने अपनी पहचान दर्ज कराई, जहां राज्य के एक अधिकारी को सराहनीय सेवा पदकसे सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था और आपात सेवाओं में दिए गए योगदान की सराहना करता है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने राज्य को राष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर गौरवान्वित किया है। जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को वीरता पदक, विशिष्ट सेवा पदक एवं सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा उनमें -

पुलिस वीरता पदक से सम्मानित :-

1. लालजी सिन्हा, निरीक्षक, जिला बस्तर, हाल-जिला कबीरधाम ।

2. भुनेश्वर साहू, उप निरीक्षक, जिला बस्तर हाल निरीक्षक जिला रायपुर।

3. संजय पोटाम, निरीक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

4. बुधराम कोरसा, प्रधान आरक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

5. कमलेश मरकाम, आरक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

6. श्रीमती अंजु कुमारी, उप पुलिस अधीक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

7. दिनेश भास्कर, आरक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

8. चैतराम गुरूपंच, उप निरीक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

9. हेमला नंदू, प्रधान आरक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

10.  प्यारस मिंज, प्रधान आरक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

11. मनोज पुनेम, आरक्षक हाल प्रधान आरक्षक, जिला दंतेवाड़ा।

विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित:-

1. महेश राम साहू, निरीक्षक (विशेष शाखा), पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

सराहनीय सेवाओं के लिए पदक से सम्मानित :-

1. ज्ञानेन्द्र कुमार अवस्थी, अति. पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा), पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर।

2. अनिल कुमार कश्यप, निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

3. हरिशंकर प्रताप सिंह, निरीक्षक, विआशा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

4. नरेश कुमार पैकरा, कंपनी कमाण्डर, 7वीं वाहिनी छसबल, भिलाई-दुर्ग।

5. वली मोहम्मद, निरीक्षक-अ, योजना/प्रबंध शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

6. समैया चिपनपल्ली, सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, जिला-बीजापुर।

7. सुशील कुमार श्रीवास, प्रधान आरक्षक, विआशा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

8. तुलाराम चुरेन्द्र, प्रधान आरक्षक, थाना रावघाट, जिला-कांकेर।

9. हरिशचंद्र मरकाम, प्रधान आरक्षक, 8वीं वाहिनी छसबल, राजनांदगांव।

10. सुशील कुमार चौबे, आरक्षक, अअवि, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के समक्ष आदिवासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रसिद्ध लोकनृत्य का किया प्रदर्शन

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रायपुर। भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपने बीच पाकर छत्तीसगढ़ के लोग हमेशा गौरवान्वित होते हैं, विशेष रूप से यहां के जनजातीय समाज स्वयं को बहुत प्रतिष्ठित महसूस कर रहा है।

इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, लोकसभा क्षेत्र रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक खुशवंत साहेब एवं रोहित साहू उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के गौरवशाली पुरखौती मुक्तांगनमें आयोजित सरगुजा प्रखण्ड के लोकार्पण और महतारी वंदन की 9 वीं किस्त की राशि के अंतरण के अवसर पर छत्तीसगढ के आदिवासी समुदाय के लोगों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों के लोग अपनी जीवन-पद्धति, खान-पान, लोक-नृत्य, लोक-संगीत, लोकवाद्यों, कलाओं रीति-रिवाजों, तीज-त्यौहारों, अस्थाओं और अन्य आदिम परंपराओं को सहेज कर रखा है। नर्तक दलों ने अपने नृत्य के माध्यम से बताया कि जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। जनजातीय समाज का कल्याण करने सरकार प्रतिबद्ध है।   

छत्तीसगढ़ के गौरवशाली पुरखौती मुक्तांगनमें भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपने बीच पाकर हमारे छत्तीसगढ के आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी पहचान नृत्य के माध्यम में प्रस्तुत की। जिला सरगुजा, विकासखण्ड मैनपाट के ग्रमा डांगबुड़ा के नर्तक दल ने सरगुजा संभाग के आदिवासियों के प्रसिद्ध लोकनृत्य करमा का पुरूष पारंपरिक वेशभूषा में धोती, कुर्ता, पगड़ी, मयूरपंख सहित और महिलाएं साड़ी- ब्लाउज के साथ पैर में घुंघरू पहनकर मांदर और झांझ बजाते हुए नृत्य का प्रदर्शन किए। करमा नृत्य लगभग हर खुशी के अवसर पर किया जाता है।

इसी प्रकार दंतेवाडा जिला के विपकासखण्ड गीदम के ग्राम जोड़तराई के नर्तकदल ने गौर नृत्य कर पारंपरिक बस्तर के विभिन्न त्यौहारों के जैसे- अमुस तिहार, नवाखाई आमा पण्डुम, शादी-विवाह आदि में महिलाओं और पुरूषों के द्वारा मिलकर सामुहिक रूप से पांरपरिक तरीके से नृत्य का प्रदर्शन किए।

जिला जशपुर के विकासखण्ड कांसाबेल के ग्राम टाटीडांड के नर्तकों ने करमा अपने नृत्य के माध्यम से बताया कि करमा दशहरा के चार दिन बाद गाड़ते हैं, शाम को करम डगाल काटकर गाड़तें हैं और रातभर करमा नृत्य करते हैं । यही राजी करमा के नाम से भी जाना जाता है। इस करमा को बड़े घुमघाम से मनाया जाता है। इसी प्राकर दीपावली करमा दीपावली के दिन शाम को करम पेड से डगाल काटकर गाडते हैं और और रातभर करमा नृत्य करते हुए सुबह विसर्जन करते हैं। इस करमा में गोवर्धन पूजा, लक्ष्मी पूजा भी करते हैं।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव आदिम जाति एवं कल्याण विभाग सोनमणि बोरा एवं प्रमुख सचिव संस्कृति अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द, आयुक्त आदिवासी विकास नरेंद्र दुग्गा, संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विवेक आचार्य भी उपस्थित थे।

 

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित नवीन मुख्यमंत्री निवास पहुंची। उनके यहां पहुंचने पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित परिजनों ने परंपरागत रूप से उनका आत्मीय स्वागत किया।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मुख्यमंत्री के परिवारजनों से आत्मीय मुलाकात की। राष्ट्रपति ने सबके साथ सामूहिक फोटो खिंचवाई। श्रीमती मुर्मु ने बच्चों को आशीष दिया और राष्ट्रपति भवन की पुस्तक और चॉकलेट उपहार स्वरूप दिए। गौरतलब है कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु के सम्मान में मुख्यमंत्री साय ने अपने निवास में भोज का आयोजन किया था।

मुख्यमंत्री ने भेंट किया छायाचित्र का एल्बम

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उनके दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान की विभिन्न अवसरों पर ली गई छायाचित्र का एल्बम नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में भेंट किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय डिजिटल का है और फोटो डिजिटल रूप में तुरंत मिल जाती हैं। लेकिन आपने इतने सीमित समय में इसका एल्बम तैयार कर मुझे दिया है। आपने इस फोटो एल्बम के माध्यम से मेरे छत्तीसगढ़ प्रवास को चिरस्मरणीय बना दिया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों इंजीनियरिंग के होनहार विद्यार्थियों को मिला स्वर्ण पदक

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रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर के लिए आज 25 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक रहा। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज संस्थान के 14वें दीक्षांत समारोह में अपनी गरिमामय मौजूदगी दी और 12 होनहार विद्यार्थियों को उनकी बेहतरीन शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए अपने हाथों से स्वर्ण पदक प्रदान किया। राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित एनआईटी के दीक्षांत समारोह में वर्ष 2023-24 में संस्थान से ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी किए 1439 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें बी.टेक. और बी.आर्क. प्रोग्राम के 1044, एमसीए और एम.टेक. प्रोग्राम के 225 और पीएचडी के 170 विद्यार्थी शामिल थे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विद्यार्थियों को एनआईटी जैसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान से शिक्षा ग्रहण कर डिग्री प्राप्त करने पर हृदय से बधाई दी। उन्होंने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि आज आप अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण चरण को पूरा कर दूसरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं। आप लोगों ने अपने परिश्रम और प्रतिभा के बल पर विशिष्ट मान्यता प्राप्त की है। विद्यार्थियों की सफलता में परिवार के प्रोत्साहन तथा प्राध्यापकों के मार्गदर्शन की निर्णायक भूमिका होती है। मैं सभी विद्यार्थियों के परिवार-जनों तथा प्राध्यापकों को भी बधाई देती हूं।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीक का विकास विज्ञान पर निर्भर होता है। इंजीनियरिंग में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रगति के बारे में जानकारी बनाए रखना आप सब के लिए सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल इनक्लुजन (Digital Inclusion) के क्षेत्र में भारत की सफलता ने पूरे विश्व को आश्चर्यचकित कर दिया है। हमारे देश में ऐसे अन्य उदाहरण प्रस्तुत करने की संभावनाएं और क्षमताएं विद्यमान हैं। एनआईटी रायपुर जैसे उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थानों और आप जैसे युवाओं में यह उत्साह होना चाहिए कि ऐसी संभावनाओं को समझें और उन्हें कार्यरूप प्रदान करें। आप अपने योगदान का दायरा जितना अधिक विस्तृत करेंगे, उतना ही अधिक आपका व्यक्तिगत विकास होगा। बड़ी सोच, बड़ी आकांक्षाओं को जन्म देती है। बड़ी आकांक्षाएं ही प्रभावशाली यथार्थ का रूप लेती हैं।

राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपना काम पूरी निष्ठा, नैतिकता और कुशलता के साथ निरंतर करते रहते हैं, उन्हें सहज ही लोगों का सम्मान प्राप्त होता है। आप सभी लगन के साथ कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते रहिए। सफलता और प्रतिष्ठा आपका अनुसरण करेंगी। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करना व्यक्तिगत जीवन को सार्थक और सामाजिक जीवन को बेहतर बनाता है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम ने विज्ञान और तकनीक का देश की सुरक्षा और समाज कल्याण के लिए उपयोग करते हुए अपार यश अर्जित किया।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने दीक्षांत समारोह में कहा कि भारत सरकार ने देश को ग्लोबल सेमीकंडक्टर मेनुफैक्चरिंग हब बनाने तीन वर्ष पहले इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का शुभारंभ किया है। आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और टेक्नोलॉजिकल सेल्फ-रिलायंस (Technological Self-reliance) की दृष्टि से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री बहुत महत्वपूर्ण है। इस उद्योलग में युवा इंजीनियरों को रोजगार तथा स्टार्ट-अप्स के अनेक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रतिभाशाली इंजीनियर्स ने ऐसे अनोखे उद्यम स्थापित किए हैं, जिनके बारे में कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। आप जैसे इंजीनियरिंग टैलेंट पूल (Engineering Talent Pool) के बल पर देश में महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई जा रही हैं, उनको कार्यरूप दिया जा रहा है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि युवा विकसित भारत का निर्माण करेंगे। युवाओं के प्रयासों से भारत विश्व में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाएगा।

राज्यपाल रमेन डेका ने दीक्षांत समारोह को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब मिलकर एक ऐतिहासिक अवसर का जश्न मना रहे हैं जो कि विद्यार्थियों की सालों की कड़ी मेहनत, धैर्य और लगन का नतीजा है। यहाँ उपस्थित हर विद्यार्थी ने शैक्षिक चुनौतियों का सामना किया, सहपाठियों से मित्रता की और साथ मिलकर बेहतरीन अनुभव के दौर से गुज़रे, जिसने उन्हें आज इस मुक़ाम पर पहुँचाया है। उन्होंने आज डिग्री हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल ने कहा कि आज यहाँ विद्यार्थी सिर्फ़ ज्ञान लेकर नहीं जा रहे, बल्कि आपसी समन्वय, संघर्ष करने और डटे रहने का कौशल भी लेकर जा रहे हैं। ये गुण उन्हें संस्थान की चार दीवारी से बाहर की दुनिया में मार्गदर्शन देंगे। विद्यार्थी एक ऐसी अनोखी दुनिया में प्रवेश करेंगे जो अभूतपूर्व परिवर्तन का समय है, जहाँ उनकी रचनात्मकता और जुनून महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। पूरा विश्व इन विद्यार्थियों की तरफ़ टकटकी लगाए देख रहा होगा कि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कौशल का उपयोग करके जलवायु परिवर्तन, ग़रीबी, वैश्विक भूखमरी, लिंग भेद, असमान आय, बेरोज़गारी जैसी अनसुलझी वैश्विक समस्याओं का हल निकाल सकें। 

राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सफलता के लिए नैतिक और शैक्षिक मूल्यों को अपनाएं और नई ऊँचाइयों को छुएँ। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र और राज्य की सरकार ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतरीन प्रयास किए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कुशल नेतृत्व वाली सरकार ने शैक्षणिक अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए काफ़ी कार्य किए हैं। साथ ही तकनीकी संस्थाओं में शोध और नवाचार को भी छत्तीसगढ़ में बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश की मौजूदा साय सरकार ने विभिन्न प्रयास किए हैं जिससे कि तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा मिले। साथ ही कार्य बल को उद्योगों की ज़रूरत के हिसाब से ढाला जा सके। तकनीकी क्षेत्र में विकास और अनुसंधान के लिए शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों की साझेदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे कि क्षेत्रीय समस्याओं का स्थानीय हल भी ढूंढा जा सके।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दीक्षांत समारोह को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रथम आगमन पर इसे संस्थान के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली दिन बताया। उन्होंने राष्ट्रपति के प्रति आभार जताया कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं और नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने अपने क़ीमती समय में दो दिनों का बहुमूल्य समय प्रदेश को दिया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से डिग्री प्राप्त करने वाले सभी ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, पीएचडी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल डिग्री हासिल करने का दिन नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए अपने ज्ञान व कौशल को भविष्य में योगदान देने के लिए भी तैयार होने का दिन है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ की बड़ी आबादी गांवों और जंगलों में निवास करती है। ये वर्ग आज भी कई तरह के अभावों का सामना कर रही है। सुविधा और संपन्नता की दृष्टि से पीछे रह गए इन लोगों के जीवन में आपका ज्ञान और कौशल बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। यहाँ पर औद्योगिक विकास के लिए बहुत संभावना है। इस क्षेत्र में भी आपका ज्ञान और कौशल राज्य के लिए बहु उपयोगी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी के अनुरूप हम लोगों ने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लिया है। यह संकल्प आप लोगों के योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा देश दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करते हुए हम लोग भी इसमें बड़े बूस्ट की तैयारी कर रहे हैं। देश और प्रदेश को आप जैसे युवा प्रतिभाओं से बहुत उम्मीद है। आज प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। यह छात्र-छात्राओं में ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास पर भी ज़ोर देती है। हमारी आने वाली पीढ़ी तकनीकी रूप से कुशल और उद्यमिता से भरपूर पीढ़ी होगी। प्रदेश के 160 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का भी हम आधुनिकीकरण कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, हवाई और संचार नेटवर्क का विस्तार बहुत तेज़ी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारे पास युवाओं की बहुत बड़ी टीम होगी जो इस प्रदेश को अपने ज्ञान, कल्पनाशीलता और प्रतिभा से विकास की नई उंचाईयों पर स्थापित करने में सक्षम होगी। रायपुर एनआईटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हवारे और निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। एनआईटी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, सीनेट सदस्य, रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष और संस्थान के संकाय सदस्य भी समारोह में मौजूद थे।  

 राष्ट्रपति ने इन टॉपर्स को अपने हाथों से दिया स्वर्ण पदक

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने एनआईटी के वर्ष 2023 के विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के 11 टॉपर्स को स्वर्ण पदक प्रदान किया। उन्होंने कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियिरिंग तथा एनआईटी के ओवर-ऑल टॉपर यश बंसल को दो स्वर्ण पदक प्रदान किए। राष्ट्रपति ने बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर के टॉपर अंकित महोबिया, बायो मेडिकल इंजीनियरिंग की टॉपर ईशिका जैन, बायो टेक्नोलॉजी के टॉपर सिब्बू कुमार सिंह, केमिकल इंजीनियरिंग की टॉपर शिखा राय, सिविल इंजीनियरिंग की टॉपर मुस्कान अग्रवाल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के टॉपर शुभम अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के टॉपर अभिषेक कुमार, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की टॉपर दिशा जैन, मेटा एंड मटेरियल्स इंजीनियरिंग के टॉपर प्रखर जाधव और माइनिंग इंजीनियरिंग के टॉपर प्रियांशु कुमार को स्वर्ण पदक प्रदान किया।     

राष्ट्रपति द्वारा स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल के प्राचार्य डॉ. बृजेश पाण्डेय राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा आज 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल ब्रम्हपारा अम्बिकापुर के प्राचार्य डॉ. पाण्डेय को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया। राष्ट्रपति द्वारा समारोह में 75 चयनित शिक्षकों को वर्ष 2023 के राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किए गए। सरगुजा जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजेश पाण्डेय को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर यह पुरस्कार प्राप्त हुआ।

राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्राचार्य डॉ. बृजेश पाण्डेय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद स्कूलों की संख्या भी दिनों-दिन बढ़ रही है और अभिभावकों में इन स्कूलों के प्रति विश्वास बढ़ा है। जिसका परिणाम इन स्कूलों में निर्धारित सीट से कई गुना बच्चे प्रवेश पाने के लिए आ रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित डॉ. बृजेश पाण्डेय ने विज्ञान के प्रति अभिरूचि जगाने के साथ बाल वैज्ञानिकों को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। उनके दिशा-निर्देशन में कई बाल वैज्ञानिकों का मॉडल राष्ट्रीय स्तर में प्रदर्शित हो चुका है। डॉ. पाण्डेय वर्ष 2018 में राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके है। प्राथमिक शिक्षा के बच्चों के लिए एक्टिविटी बुक के निर्धारण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ के प्रवास को सुखद बताया

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास को सुखद बताया, राजभवन में मिले आतिथ्य को अत्यन्त सराहा और छत्तीसगढ़ की जनता को शुभकामनाएं दीं। श्रीमती मुर्मु ने आज यहां राजभवन से प्रस्थान के पूर्व यहां के विजिटर बुक में अपनी भावनाओं को शब्द दिए। विजिटर बुक में  उनके द्वारा लिखित पाठ इस प्रकार है-

‘‘छत्तीसगढ़ की मेरी पहली यात्रा की सुखद स्मृतियां मेरे मानस पटल पर सदैव अंकित रहेंगी। राजभवन में मिले आतिथ्य से मेरा यह प्रवास मेरे लिए और भी अधिक स्मरणीय हो गया है। इसके लिए मैं राज्यपाल हरिचंदन जी को धन्यवाद देती हूं तथा राजभवन की टीम के सदस्यों की सराहना करती हूं। मैं छत्तीसगढ़ की जनता के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करती हूं।‘‘

छत्तीसगढ़ को मिलेगा राष्ट्रपति के हाथों भूमि सम्मान

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों 18 जुलाई 2023 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को भूमि सम्मान मिलेगा। साथ ही प्रदेश के दो जिलों सरगुजा और बेमेतरा को भी भूमि प्रबंधन और प्रशासन के लिए भूमि सम्मान प्लेटिनम सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश को भूमि प्रबंधन के लिए सम्मान मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्रदेश के राजस्व विभाग और सरगुजा तथा बेमेतरा जिला प्रशासन को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) अंतर्गत प्रदेश में बेहतर काम हुए है, जिससे आम लोगों को भूमि संबंधी जानकारियां मिलना आसान हुआ है।

गौरतलब है कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) अंतर्गत प्रदेश में भूमि प्रबंधन से जुड़े 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी तरह भूमि प्रबंधन से जुड़े चार घटकों, लैण्ड रिकार्ड का डिजिटाइजेशन, पंजीयन कार्यालय से समन्वय, मॉडल रिकार्ड रूम की स्थापना में प्रदेश के सरगुजा और बेमेतरा जिले में शतप्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके है। ये जिले भूमि प्रबंधन में देश के शीर्ष जिलों में शामिल है।

ईमानदार व्यक्तियों का सम्मान करती है सरकार- राष्ट्रपति

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नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। छह अप्रैल तक तक चलने वाले इस सत्र के दौरान कुल सत्ताईस बैठकें होंगी। वहीं, वर्ष दो हजार तेईस-चौबीस का केन्द्रीय बजट कल पेश किया जाएगा। संसद के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत में स्थिर, निडर और निर्णय लेने वाली सरकार है।

उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकवाद उन्मूलन के लिए ठोस कार्रवाई, नियंत्रण रेखा और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हर तरह के दुस्साहस को कड़ा जवाब, अनुच्छेद-तीन सौ सत्तर और तीन तलाक को हटाना निर्णायक सरकार के उदाहरण हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में ऐसी सरकार है, जो ईमानदार व्यक्तियों का सम्मान करती है और गरीबों की समस्याओं के समाधान तथा उन्हें स्थायी रूप से सशक्त करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा भारत बनाए जो आत्मनिर्भर हो और अपने मानवीय कर्तव्यों को भी पूरा करने में सक्षम हो।

संसद में आज वित्तीय वर्ष दो हजार बाईस-तेईस का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया, जिसमें वास्तविक रूप से छह दशमलव पांच प्रतिशत की आधारभूत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। सर्वेक्षण के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में वास्तविक रूप से सात प्रतिशत की दर से वृद्धि की उम्मीद है। बजट सत्र शुरू होने से पहले संसद के बाहर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में दुनिया की निगाहें भारत के बजट पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र ध्येय भारत प्रथम, नागरिक प्रथमहै।

मतदान जैसा कुछ नहीं, मैं अवश्य मतदान करूंगा’’ राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर विविध आयोजन

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तेरहवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कल नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस वर्ष का विषय है- ‘‘मतदान जैसा कुछ नहीं, मैं अवश्य मतदान करूंगा’’। ये उन मतदाताओं को समर्पित है, जो मतदान प्रक्रिया में शामिल होकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन अभ्यास राष्ट्रीय पुरस्कार उन राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को दिया जाएगा, जिन्होंने पिछले वर्ष चुनाव के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर ‘‘मैं भारत हूँ हम भारत के मतदाता हैं’’ गीत का प्रदर्शन भी किया जाएगा।


इस बीच, राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कल होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में निर्वाचन कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारी और मतदाताओं को वोट डालने के लिए प्रेरित करने वाले जिलों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यपाल अनुसुईया उइके होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह करेंगे। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय पुरस्कार और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए लक्की ड्रॉ के माध्यम से विजेताओं के नाम की घोषणा की जाएगी।

इस अवसर पर निर्वाचन से संबंधित विभिन्न ऐप और ईवीएम तथा वीवीपैट पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने अट्ठारह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवाओं से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने और मतदान प्रक्रिया में शामिल होकर गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने का आव्हान किया है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से राज्यपाल सुश्री उइके ने की सौजन्य भेंट

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने उनका कुशलक्षेम जाना। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को राज्यपाल सुश्री उइके ने प्रदेश की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी तथा 12 जनवरी 2023 को प्रदेश के प्रतिष्ठित शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर के स्थापना के 75वें वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित हीरक जयंती समारोह’, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर के दीक्षांत समारोह तथा आदिवासी शिव संस्कृति समिति


जिला-नर्मदापुरम द्वारा 12 से 18 फरवरी 2023 को आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ने अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप यथासंभव आने की बात कही।


इस दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को राज्यपाल सुश्री उइके ने राजभवन की त्रैमासिक पत्रिका एक आशाकी प्रति भी भेंट की और राजभवन सचिवालय की नवाचार संबंधी गतिविधियों से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का शाल व स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिवादन किया।

स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण में उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को चार राष्ट्रीय पुरस्कार

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रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण में उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को चार राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाएंगे। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दो अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान करेंगी। केन्द्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण-ग्रामीण में ईस्ट जोन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ को पहला स्थान मिला है। 



वहीं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में ईस्ट जोन में दुर्ग दूसरे और बालोद तीसरे स्थान पर है। ओडीएफ प्लस पर दीवार लेखन प्रतियोगिता में सेंट्रल जोन में छत्तीसगढ़ को तीसरा स्थान मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन पुरस्कारों के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण की राज्य टीम को बधाई दी है।

उल्लेखनीय कार्यों के लिए शिक्षकों का सम्मान, देशभर में मनाया गया शिक्षक दिवस

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नई दिल्ली।रायपुर। आज शिक्षक दिवस है। यह दिवस शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।  इस मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए देशभर के चुने हुए शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। 



इनमें राजधानी रायपुर के शासकीय प्राथमिक पंडित सखाराम दुबे स्कूल की सहायक शिक्षिका ममता अहार भी शामिल हैं। इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा, विद्यार्थियों में विज्ञान, साहित्य और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिभा के विकास का आधार है और नई शिक्षा नीति में इस पर विशेष ध्यान दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में 60 शिक्षकों का सम्मान

वहीं, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के साठ उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। राजभवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर चार शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार और छप्पन शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। इस मौके पर राज्यपाल ने राज्य शासन द्वारा स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की। 

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के खुलने से शहरों से लेकर दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों के अंग्रेजी में पढ़ने का सपना पूरा हो रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सबसे पहले राज्यपाल अनुसुईया उइके को शिक्षक दिवस की बधाई दी और कहा कि राज्यपाल स्वयं शिक्षक रह चुकी हैं और आज छत्तीसगढ़ के संवैधानिक मुखिया के रूप में पदस्थ हैं। यह हम सबके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में उभरा है। 

उन्होंने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कोविड काल में भी समाज के प्रति अपना दायित्व निभाते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया। वहीं, दुर्ग जिले के भनसुली में आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया। इस मौके पर उन्होंने भारत की दार्शनिक परंपरा और गुरु के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। इस बीच, शिक्षक दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अशासकीय स्कूलों के एक सौ छप्पन शिक्षकों को शॉल, श्रीफल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।

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