Media24Media.com: कोविड-19

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छत्तीसगढ़ में अब तक 50 कोविड-19 मरीजों की पुष्टि सभी मरीजों में सामान्य लक्षण, घबराने की नहीं है आवश्यकता

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कोविड-19 के जो भी मामले सामने आए हैं, उनमें अधिकतर मरीजों में सामान्य इंफ्लूएंजा जैसे लक्षण ही देखे जा रहे हैं, जैसे हल्का बुखार, सर्दी-खांसी या गले में खराश। विशेषज्ञों के अनुसार, इन लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है और मरीजों की स्थिति स्थिर बनी हुई है।


अब तक राज्य में कुल 1183 लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 50 व्यक्तियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि सभी संक्रमितों में सिर्फ सामान्य सर्दी-खांसी जैसे हल्के लक्षण पाए गए हैं और केवल गंभीर लक्षण वाले व्यक्तियांे को चिकित्सालय में उपचार हेतु संदर्भित करने के लिए निर्देश दिये गये है।

सतर्कता के साथ संपर्क जांच और निगरानी का कार्य जारी

आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए हैं। जिन व्यक्तियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर जांच की जा रही है। साथ ही, उनके निवास क्षेत्रों में स्वास्थ्य दल भेजकर सर्वेक्षण किया गया है। यदि किसी में लक्षण पाए जा रहे हैं तो उसकी जांच कराई जा रही है, और गंभीर लक्षण होने की स्थिति में उपचार के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है।

राज्य भर में मॉक ड्रिल, सभी अस्पताल तैयार

5 जून 2025 को पूरे राज्य के अस्पतालों में कोविड-19 की रोकथाम एवं उपचार की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान सभी जिलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल  कोविड-19 के संदिग्ध मामलों की निगरानी करें, आवश्यक जांच कराएं, और समय पर सैंपल परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

घबराएं नहीं, सतर्क रहें: विशेषज्ञों की सलाह

भारत सरकार के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में कोविड-19 के लक्षण सामान्य फ्लू की तरह ही हैं, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार ने मौसमी बीमारियों और कोविड-19 दोनों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी में हल्के सर्दी-जुकाम, बुखार या गले में खराश जैसे लक्षण दिखें, तो वह निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे सजग रहें, लेकिन भयभीत न हों। राज्य सरकार ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड-19 एवं मौसमी बीमारियों के संभावित मरीजों के उपचार की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की है। अस्पतालों में दवाएं, परीक्षण सुविधा एवं चिकित्सकीय संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

महासमुंद : कोविड-19 के नए वेरिएंट JN-1 को लेकर महासमुंद जिला प्रशासन अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग ने तेज की तैयारियाँ

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महासमुंद। देश के कुछ राज्यों में कोविड-19 के नए वेरिएंट JN-1 के मामलों में वृद्धि को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। शासन के 28 मई 2025 को जारी निर्देशों के अनुपालन में महासमुंद जिले में स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पी कुदेशिया ने जानकारी दी कि कोविड-19 प्रबंधन को लेकर जिले में सभी स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कोविड से जुड़ी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला चिकित्सालय में 6 बेड (ICU with ventilator) तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर 2-2 बेड आरक्षित रखे गए हैं।साथ ही शासन द्वारा विशेष रूप से ILI (Influenza Like Illness) और SARI (Severe Acute Respiratory Infection) मामलों की निगरानी पर ज़ोर दिया गया है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आई.एच.आई.पी. पोर्टल पर नियमित रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियों का पालन करना आवश्यक है जिसमें हाथों को नियमित रूप से साबुन और साफ पानी से धोएं, अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। बिना धोए हाथों से आंख, नाक और मुंह को न छुएं। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या कोहनी से ढकें और इसमें से किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर घर पर ही रहें और संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें।

उच्च जोखिम वाले समूह (हाई रिस्क ग्रुप) में आने वाले व्यक्तियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है जिसमें नवजात शिशु एवं छोटे बच्चे, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यूनिटी) वाले व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक,गर्भवती महिलाएं और अस्थमा, डायबिटीज, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति शामिल है। वर्तमान में महासमुंद जिले में कोविड-19 का कोई सक्रिय मामला नहीं है। हालांकि, किसी भी संभावित लहर से निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क एवं तैयार हैं।

 

दोबारा लौट रहा है कोरोना, क्या फिर लगेगा Lockdown, 24 घंटे में 600 से ज्यादा नए मामले

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 Coronavirus: कोरोना वायरस एक बार फिर पैर पसारने लगा है. नए वेरिएंट जेएन.1 (Covid-19 JN.1) के आने के बाद से ही कोविड-19 धीरे-धीरे लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. इसके बाद महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. देश में कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 3742 हो गई है. कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही सरकार भी एक्टिव हो गई है और दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसके बाद चर्चा होने लगी है कि क्या संक्रमण पर काबू पाने के लिए फिर से पाबंदी लगाई जाएंगी.


देशभर में 24 घंटे में 600 से ज्यादा नए मामले

देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के 656 नए मामले सामने आए. इनमें से ज्यादातर मामले कोविड-19 के जेएन.1 (Coronavirus JN.1) वेरिएंट के हैं. महामारी फैलने के बाद से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल 4.5 करोड़ हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 4.44 लाख मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं, जबकि 5.33 लाख लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

छत्तीसगढ़ में मिले कोविड के 3 नए मरीज

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दी है. बीते 24 घंटों में कोरोना के तीन नए मरीजों की पहचान हुई है. कोविड के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है. नए मरीजों में रायपुर से 2 और दुर्ग से एक है. प्रदेश में औसत पॉजिटिविटी दर 0.20 प्रतिशत है. कोरोना से निपटने के लिए राज्य एक्टिव हो गई है और अस्पतालों को दिशानिर्देश दिए गए हैं.

स्वास्थ्य सेवा का कार्य सर्वश्रेष्ठ कार्य - राज्यपाल हरिचंदन

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन आज पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के हीरक जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के भूतपूर्व अधिष्ठाताओं, शिक्षकों और प्रथम बैच के विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर राज्यपाल हरिचंदन ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वास्थ्य सेवा का कार्य सर्वश्रेष्ठ कार्य है। जीवन के लिए संघर्ष करने वाले मरीजों के लिए डॉक्टर भगवान होते हैं। कोविड-19 के दौरान जब पूरी दुनिया भयभीत थी, तब डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फ्रंट लाइन वारियर्स बन कर राष्ट्र व जनता की रक्षा के लिए आगे रहते थे।

राज्यपाल ने कहा कि इस महाविद्यालय के शिक्षक प्रत्येक छात्र को एक अच्छा डॉक्टर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। वर्षाें की उनकी मेहनत यहां के छात्रों की सफलता दिखाई देती है। शिक्षकों के समर्पण से विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रभाव पड़ता है। अच्छे डॉक्टर बनने और दूसरों की सेवा करने के लिए उनकी कड़ी मेहनत गर्व करने लायक है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि एक छोटा सा संस्थान जहां 60 विद्यार्थी ही प्रवेश ले पाते थे, वहां 230 विद्यार्थी एमबीबीएस पाठयक्रम में प्रतिवर्ष प्रवेश ले रहें है और यह राज्य का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान बन गया है।

राज्यपाल ने कहा कि यह संस्थान उन वरिष्ठ शिक्षकों को याद कर रहा है जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में समर्पित किया है। एक शिक्षक के रूप में उनकी सेवाओं को वर्षाे तक याद रखा जाएगा। पूर्व-कुलपतियों, पूर्व-डीन, प्रोफेसरों और शिक्षकों का अभिनंदन अपने आप में एक सम्मान है। उनके अनुभव, ज्ञान और आशीर्वाद वर्तमान और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

कार्यक्रम में राज्यपाल हरिचंदन ने चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव पी. दयानंद, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. विष्णु दत्त, आयुष चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक चंद्राकर, डीन डॉ. तृप्ति नागरिया, महाविद्यालय के प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

भारत ने100 से भी अधिक देशों को कोविड-19 टीकों की लगभग 300 मिलियन खुराक भेजी : PM मोदी

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि कोविड-19 महामारी ने वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे में कई कमियों को उजागर किया और इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक प्रणालियों में लचीलापन लाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है. पीएम मोदी ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में विश्व स्वास्थ्य सभा के 76वें सत्र में अपने वीडियो संदेश में कहा कि महामारी ने वैश्विक स्वास्थ्य क्षमता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला, जबकि भारत ने टीके की लगभग 30 करोड़ खुराक 100 से अधिक देशों को भेजकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई.


पीएम मोदी ने कहा, ‘‘इनमें से कई देश ‘ग्लोबल साउथ’ से थे. मुझे यकीन है कि संसाधनों तक समान पहुंच का समर्थन करना आने वाले वर्षों में डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.” प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता, पहुंच और सामर्थ्य पर काम किया है. उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा नजरिया है जो भारत की विविधता के अनुरूप है, जो दूसरों के लिए एक रूपरेखा भी हो सकती है. हम कम और मध्यम आय वाले देशों में इसी तरह के प्रयासों के लिए डब्ल्यूएचओ का समर्थन करने के इच्छुक हैं.’’


दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना- आयुष्मान भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे वह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना- आयुष्मान भारत, या स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर सुधार, या लाखों परिवारों को स्वच्छता और पेयजल उपलब्ध कराने का अभियान हो. भारत के विभिन्न प्रयासों का उद्देश्य अंतिम छोर तक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है. मोदी ने कहा कि भारत का पारंपरिक ज्ञान कहता है कि अच्छे स्वास्थ्य से बड़ी नेमत कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और ध्यान जैसी पारंपरिक प्रणालियां स्वास्थ्य के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक पहलुओं को संबोधित करती हैं.

WHO का पहला ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन भारत में

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे प्रसन्नता है कि डब्ल्यूएचओ का पहला ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन भारत में स्थापित हो रहा है. मुझे इस बात की भी खुशी है कि दुनिया मोटे अनाज के अंतराष्ट्रीय वर्ष के माध्यम से मोटे अनाज के महत्व को पहचान रही है.’’ मोदी ने कहा कि भारत के प्राचीन ग्रंथ दुनिया को एक परिवार के रूप में देखना सिखाते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष हमारी जी20 अध्यक्षता के दौरान, हम ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के विषय के साथ काम कर रहे हैं.’’

पौधों और पर्यावरण के स्वाथ्य पर भी जोर

मोदी ने कहा ‘‘अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमारा दृष्टिकोण ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ है. हम तभी स्वस्थ रह सकते हैं जब हमारा पूरा पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ हो इसलिए, हमारी दृष्टि केवल मनुष्यों तक ही सीमित नहीं है. यह जानवरों, पौधों और पर्यावरण सहित पूरे पारिस्थितिकी तंत्र तक फैली हुई है.’’

 

कोविड के दौर में नर्स बहनों की सेवा अतुलनीय : मुख्यमंत्री बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब भी नर्सों की चर्चा होती है, तो कोविड-19 का चुनौती भरा दौर याद आता है। जब पूरी दुनिया में भय व्याप्त था। तब इस विपरीत परिस्थिति में हमारे डॉक्टरों और नर्सों ने जो सेवाएं दी, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। नर्सों ने अपने परिजनों और बच्चों से दूर रहकर मरीजों की सेवा की। कई मौकों पर उन्हें परेशानियां भी झेलनी पड़ी, लेकिन वे अपने कर्तव्य से नहीं हटी।

हमारी नर्स बहनों ने ईश्वर की सेवा की तरह मरीजों की भी सेवा कमुख्यमंत्री बघेल ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने फ्लोरेंस नाइटेंगल के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और मानवता के लिए उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार माँ अपनों बच्चों की सेवा करती है, ठीक उसी प्रकार नर्स बहने  भी मरीजों की सेवा करती है और इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं है। सेवा सबसे बड़ा धर्म है और आप सभी सेवा के क्षेत्र में है। मरीजों के ईलाज और स्वास्थ्य लाभ में आपकी बड़ी भूमिका है। आपके चेहरों पर जो मुस्कान होगी, वह मरीजों के लिए दवाईयों से अधिक कारगर होगा। उन्होंने इस मौके पर केक काटकर नर्सों के साथ अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस की खुशी मनाई और नर्सेस-डे और मदर्स-डे की शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस फ्लोरेंस नाइटेंगल के जन्मदिन के अवसर पर हम नर्सेस-डे मना रहे हैं, उन्होंने कितना बड़ा त्याग किया और तिरस्कार भी सहा। लेकिन बड़े परिवार से होने के बावजूद भी उन्होंने सेवा का क्षेत्र चुना और इसे नहीं छोड़ा।  नर्सिंग के क्षेत्र को उन्होंने नई पहचान और प्रसिद्धि दिलाई। यही कारण है कि इतने वर्षों के बाद भी हम उनका जन्मदिन मना रहे हैं। मैं चाहता हूं कि हमारी बहन-बेटियों को भी ऐसी प्रसिद्धि मिले। मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि हमने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में उल्लेखनीय कार्य किये है। पिछले साढ़े 4 वर्षों में हमने प्रदेश में 8 नये मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये हैं।

इससे प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। हमने बाजारों तक, मोहल्लों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई है। शहरों के लिए मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, बड़े नगर निगमों में दाई-दीदी क्लीनिक योजना और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हाट बाजार क्लीनिक योजना से लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। इस अवसर पर विधायक कुलदीप जुनेजा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में सचिव चिकित्सा शिक्षा पी.दयानंद, संचालक चिकित्सा शिक्षा विष्णु दत्त, पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. तृप्ति नागरिया सहित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश गुप्ता भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में कोरोना की रफ्तार थमी, पॉजिटिविटी दर घटकर 2.83 प्रतिशत हुई

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने से अब पॉजिटिविटी दर घटकर 2.83 प्रतिशत हो गई है। एक सप्ताह पहले 1 मई को यह दर 5.2 प्रतिशत थी। विगत 8 मई को प्रदेश भर में हुए कुल 3465 सैंपलों की जांच में 98 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए। राज्य में पिछले एक सप्ताह में 2226 मरीज कोविड-19 से स्वस्थ हुए हैं। प्रदेश में अभी इसके सक्रिय मरीजों की संख्या 790 है। मुंगेली और कोंडागांव जिले में अभी कोरोना संक्रमित एक भी व्यक्ति नहीं है।

प्रदेश में 1 मई की स्थिति में कोविड-19 के सक्रिय मरीजों की संख्या 2239 थी जो अब घटकर 8 मई की स्थिति में 790 हो गई है। इस दौरान राज्य में 2226 मरीज कोरोनामुक्त हुए हैं। इनमें से 2195 मरीज होम आइसोलेशन में उपचाररत रहकर स्वस्थ हुए हैं। वहीं 31 मरीज अस्पताल में इलाज के बाद स्वस्थ हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के लक्षण वाले लोगों को तत्काल कोरोना जांच कराने की अपील की है।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता बरतने के दिए निर्देश

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश और प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता बरतने तथा आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक लेकर प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति तथा इससे बचाव व रोकथाम की व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में डीजीपी अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. और पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव भी शामिल हुए।

 मुख्य सचिव जैन ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए चिंता व्यक्त की है और उन्होंने अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जैन ने सभी जिलों को कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए राज्य व केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्यतः पालन करने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों को कोविड प्रोटोकाल का गंभीरता से पालन करने और कोरोना टेस्टिंग व वैक्सीनेशन के संबंध में जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों में कोविड के इलाज के लिए ऑक्सीजन सिलेण्डर सहित अन्य जीवनरक्षक उपकरणों और दवाईयों की समुचित व्यवस्था रखने को कहा।

अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी अस्पतालों में पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक किट्स व कन्ज्युमेबल्स के साथ पर्याप्त दवाईयों, उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन की भी पूरी तैयारी रखने को कहा। सभी संभागों के आयुक्त, सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने बैठक में बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए सभी कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

सभी जिलों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में कोरोना के संभावित मरीजों के सैंपल जांच के निर्देश दिए गए हैं। सैंपलों की यथासंभव आरटीपीसीआर जांच करने को कहा गया है जिससे कि पॉजिटिव पाए जाने वाले सैंपलों को व्होल जीनोम सिक्वेसिंग (Whole Genome Sequencing) के लिए भेजा जा सके। उन्होंने बताया कि जांच के लिए जरूरी किट और कन्ज्युमेबल्स पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आपात स्थिति की तैयारियों को परखने अधिकांश अस्पतालों में मॉकड्रिल पूर्ण किया जा चुका है। सभी कलेक्टरों को जनसामान्य के बीच कोविड अनुकूल व्यवहारों और आवश्यक सावधानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निर्देशित किया गया है।


Coronavirus India Updates : फिर मंडरा रहा कोरोना का खतरा! 10-11 अप्रैल को पूरे देश में होगा यह बड़ा काम

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नई दिल्ली: देश में एक बार फिर कोविड-19 के मामले बढ़ने लगे हैं. साथ ही मौसमी इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है. बढ़ते मामलों को लेकर सरकार भी सतर्क दिख रही है. बढ़ती चिंता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है. इसे लेकर सरकार ने एडवाइजरी जारी की है. सरकार ने एडवाइजरी में लोगों से भीड़भाड़ और बंद स्थानों पर मास्क लगाने के लिए कहा है. इसके अलावा केंद्र सरकार कोरोना से निपटने की तैयारी को लेकर 10 और 11 अप्रैल को पूरे भारत में सार्वजनिक और निजी दोनों अस्पतालों में मॉक ड्रिल का भी आयोजित करने जा रही है.


TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार का यह फैसला कोविड-19 मामलों में निरंतर वृद्धि के बीच आया है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और ICMR के महानिदेशक राजीव बहल द्वारा संयुक्त रूप से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जारी एक एडवाइजरी में बताया गया है कि अधिकांश मामले किस राज्य से आ रहे हैं.

इन राज्यों में अधिकांश मामले

जारी एडवाइजरी के अनुसार सक्रिय कोविड-19 के अधिकांश मामले बड़े पैमाने पर केरल (26 प्रतिशत), महाराष्ट्र (22 प्रतिशत), गुजरात (14 प्रतिशत), कर्नाटक (9 प्रतिशत) और तमिलनाडु (6 प्रतिशत) से आ रहे हैं. शनिवार को जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि पिछले कई हफ्तों में कुछ राज्यों में COVID-19 की टेस्टिंग में गिरावट देखी गई है. साथ ही यह भी पाया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित मानकों की तुलना में वर्तमान में हो रहे टेस्टिंग का स्तर अपर्याप्त है. इसको देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और ICMR ने सभी राज्यों को कोरोना जांच में बढ़ावा देने और लक्षणों की जानकारी देने के लिए भी कहा है.

एडवाइजरी में कोरोना के बढ़ते मामलों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉकड्रिल में सभी राज्यों को शामिल होने के लिए भी कहा गया है. अप्रैल में 10 और 11 तारीख को होने वाली मॉकड्रिल में आईसीयू बेड, मेडिकल इक्विपमेंट्स, ऑक्सीजन और मैनपावर की उपलब्धता का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने राज्‍यों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए बैठक बुलाई है.

कलेक्टर ने कोरोना से बचने के लिए प्रशासन को किया अलर्ट

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खैरागढ़. कलेक्टर खैरागढ़ छुईखदान गंडई डॉ. जगदीश कुमार सोनकर ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली. शासन के निर्देशानुसार कोविड-19 के सम्बन्ध में चर्चा की गयी. स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जानकारी दी गयी कोरोना महामारी से निपटने के लिए शासन के निर्देश पर माक ड्रिल किया गया. उनके द्वारा  दो कोविड सेंटर, साथ ही कोरोना से बचाव के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त मात्र में बूस्टर डोस के लिए कोवेक्सिन, मेडिसिन उपलब्धता की जानकारी दी गयी. सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन युक्त 30 बेड कोरोना मरीज के लिए तैयार है.

कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस, मास्क पहनने एवं सततसेनेटईज पालन करने कहा गया है. कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य अधिकारीयों को निर्देश दिया गया है कि कोरोना से निपटने के लिए सभी कोविड सेंटर्स में पार्यप्त संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गये. जिले में 2133 ट्राली पैरादान हुआ है. गौठानो में चारे के लिए पर्याप्त मात्रा में पैरा रखने के लिए कहा गया है. राजस्व अधिकारीयों को क्षेत्र में पैरा जलाने पर वायु (प्रदुषण निवारण एवं नियत्रंण) अधिनियम 1981 कि धारा 19 के तहत प्रतिबन्ध लगाया गया है. फसल जलाने पर दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं. मतदाता सूची पुनरीक्षण के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी. नये मतदातों को जोड़ने के लिए फार्म 6 एवं स्थानान्तिर, मृत होने कि स्थिति में फार्म 7, 8, 8(क) भरने कहा गया है.

जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक  को प्रतिबंधित किया है. नगरीय निकाय के अधिकारीयों को प्लास्टिक (पोलीथिन) उपयोग करने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गये हैं. कृष्णकुंज विकास योजना के अंतर्गत उद्यानों में 600 पौधे, झुला व कुर्शी उपलब्ध है. भूमि एवं कृषि मजदूरों के अकाउंट नंबर सुधार करने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए गये हैं. गोधन न्याय योजना अंतर्गत गौठानो में गोबर खरीदी, वेर्मी कम्पोस्ट, मल्टीएक्टिविटी कि जानकारी ली गयी. एवं गौठानो में नवाचार को प्रोत्साहित करने कहा गया. खैरागढ़ नगर क्षेत्र में सी मार्ट अतिशीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गये हैं. मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत आंगन बड़ी केन्द्रों के माध्यम से एनिमिक बालिका/गर्भवती महिलाओं 1260 को गर्म भोजन से प्रदाय किया जा रहा है.

भवन विहीन आँगन बाड़ी केन्द्रों की जानकारी ली गयी अतिशीघ्र भवन निर्माण के निर्देश दिए गये. खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की जानकारी, धान का उठाव करने, सहकारी समितियों में खाद बीज की उपलब्धता की जानकारी ली गयी. जिले में रबी फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी, यूरिया एवं पोटास उपलब्धता की जानकारी दी गयी. बैठक के दौरान जिलाधीश ने नए जिले के सेटअप, जिला स्तर पर गठित विभागीय समिति आदि के गठन के सम्बन्ध में जानकारी ली. धनंवतरी मेडिकल स्टोर के माध्यम से जिले के लोगों को गुणवत्तायुक्त सस्ती दवाईयों का लाभ लेने हेतु प्रोत्साहित करने कहा गया है. जिले में समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि जिले की पेंशन धारकों को भौतिक सत्यापन ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से कराए ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं को लाभ मिल सकें.

जिले में वृद्धाआश्रम, प्रशामक गृह एवं जिला निशक्त पुर्नवास केंद्र प्रारम्भ करने के निर्देश दिए गये. जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं (नीट, पीएससी, आईआईटी, पटवारी एवं अन्य) निःशुल्क आनलाइन कोचिंग की व्यवस्था सुचारू से संचालित करने निर्देशित किया गया.। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुनील कुमार शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अभा तिवारी, टन्केश्वर साहू अनुविभागीय अधिकारी राजस्व खैरागढ़ प्रकाश राजपूत, गंडई-छुईखदान रेणुका रात्रे, एपीओ प्रकाश तारम, नगरीय निकाय के सीएमओ एवं जनपद पंचायत के सीईओ सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे.

कोविड-19 संक्रमण से बचाव और इलाज को लेकर तैयारियां शुरू

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रायपुर। कोविड-19 संक्रमण की संभावना को देखते हुए शासन के निर्देशानुसार जिलों में इससे बचाव एवं उपचार को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाएं फिर से दुरस्त की जा रही है। जीवन रक्षक उपकरणों की जांच कर उन्हें क्रियाशील स्थिति में लाने का काम भी स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा किया जा रहा है। इसी सिलसिले में आज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के कलेक्टर पी.एस. ध्रुव ने मुख्य चिकित्सा विभाग एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को कोविड-19 संक्रमण की संभावित स्थिति को देखते हुए आवश्यक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग आदि देशों में कोविड-19 के नये वैरियेंट बीएफ-7 से लोग संक्रमित हो रहे हैं। बीएफ-7 वैरियेंट काफी तेजी से फैलने वाला और कम इन्क्यूबेशन पीरियड वाला है। हमारे देश में भी कुछ संक्रमित मरीजों में यह वैरियेंट मिला है। इस वैरियेंट से बचाव के लिए शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जिले में सभी आवश्यक उपाय एवं तैयारियां की जानी चाहिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी तरह के जीवन रक्षक उपकरणों जैसे वैंटिलेटर, मल्टीपैरामॉनिटर, ऑक्सीजन कंसस्ट्रेटर, पीएसए प्लांट, ऑक्सीजन सिलेण्डर, ऑक्सीजन पाईप लाइन की जांच एवं आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पैरा मेडिकल स्टाफ को जीवन रक्षक उपकरणों को चलाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ध्रुव ने जिले में कोविड टीकाकरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करने और उन इलाकों में, जहां कोविड से बचाव के टीकाकरण का प्रतिशत कम है। उन इलाकों के गांवों, वार्डाें, मुहल्लों एवं पारों में टीकाकरण का विशेष कैम्प लगाकर लोगों को कोविड से बचाव का टीका लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को फ्रंट लाईन वर्कर का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित को कहा। उन्होंने आगामी तीन माह के लिए आवश्यक दवाओं, उपकरणों एवं अन्य सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में आने वाले सर्दी, खांसी, बुखार एवं अन्य कोविड के लक्षण वाले मरीजों का रेण्डम आधार पर कोविड टेस्ट करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सुरेश तिवारी, डीपीएम प्रिंस जायसवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

फिर खुशियों का होगा साथ, जब टीका होगा हर हाथ : अशवन्त तुषार

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महासमुंद। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर से बचाव एवं रोकथाम के लिए लोगों को कोविड-19 से सुरक्षा का टीका लगाने जागरूक करने अछोला में जागरूकता रैली निकाली गई। उच्च माध्यमिक विद्यालय अछोला के प्रभारी साहू के नेतृत्व में कोविड-19 टीकाकरण को सफल बनाने जागरुकता महाअभियान रैली का आयोजन विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के द्वारा किया गया।


इस अवसर पर किसान नेता अशवन्त तुषार साहू ने सभी लोगो से टीका लगाने के लिए अपील करते हुए कहा कि कोरोना से मुक्ति के लिए टीका जरुरी है और हमें देश को कोरोना महामारी से मुक्त बनाने के लिए हर पात्र व्यक्ति को टीका अवश्य लगवाना चाहिए। इस जागरूकता महाअभियान को सफल बनाने एवं नागरिको में जागरुकता लाने के लिए विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र/छात्राओं के द्वारा बड़े उत्साह से टीकाकरण से संबंधित पोस्टर
, नारे एवं स्लोगन बनाये गए थे।

जागरूकता रैली विद्यालय प्रांगण से प्रारंभ हुई और विद्यालय के प्राचार्य थानुराम साहू , शिक्षकों, छात्र,छात्राओं द्वारा उत्साहपूर्वक जन-जन का यही नारा, टीके से कोरोना मुक्त भारत हमारा। हम सबको टीका लगाना है, कोरोना को जड़ से मिटाना है। चलो सब चलकर टीका लगवाए, देश के प्रति फर्ज निभाए। कोरोना को अगर चाहते है हराना, तो वैक्सीन जरुर लगवाना।

प्रिकॉशन डोज के लिए अवधि घटी, अब दूसरे टीके के छह माह बाद लगेंगे प्रिकाशन डोज

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रायपुर. कोविड-19 से बचाव के लिए इसके टीके के दूसरे डोज और प्रिकॉशन डोज के बीच की अवधि घटाकर अब छह महीने कर दी गई है. अभी तक इसे नौ माह के अंतराल पर लगाया जा रहा था. केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नए निर्देशों के आधार पर राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला टीकाकरण अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने कोविड टीकाकरण में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों को सूचित करने तथा लोगों के बीच इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं.



राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी.आर. भगत ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा जिला टीकाकरण अधिकारियों को भेजे परिपत्र में कहा है कि नेशनल टेक्नीकल एडवायजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (NTAGI) के स्टैंडिंग टेक्निकल सब-कमेटी (STSC) की अनुशंसा पर कोरोना से बचाव के टीके की दूसरी खुराक और प्रिकॉशन डोज के मध्य का अंतराल संशोधित कर नौ माह या 39 सप्ताह से अब छह माह या 26 सप्ताह कर दिया गया है. उन्होंने परिपत्र में कहा है कि 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के सभी लाभार्थियों को कोविड वैक्सीन के दूसरे डोज के छह माह या 26 सप्ताह पूर्ण होने पर निजी कोविड वैक्सीन सेंटर में प्रिकॉशन डोज लगाया जाएगा. 

स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से अधिक के नागरिकों को टीके की दूसरी खुराक के छह माह या 26 सप्ताह पूर्ण होने पर शासकीय कोविड वैक्सीन सेंटर में निःशुल्क प्रिकॉशन डोज लगाया जाएगा. इसके लिए कोविन में आवश्यक बदलाव कर दिया गया है. राज्य टीकाकरण अधिकारी ने कोविड टीकाकरण में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों को इस संबंध में सूचित करने तथा लोगों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा है। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों को कोविड वैक्सीनेशन सेंटर तथा हर घर दस्तक 2.0 अभियान के दौरान घर पर प्रिकॉशन डोज की सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

टीकाकरण दल ने खेतों में पहुंच कर लगाया पात्र हितग्राहियों को टीका

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सूरजपुर. जिले में कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान में सभी ब्लाको एवं दूरस्थ क्षेत्र स्थित गांव तथा नगरीय क्षेत्र में पात्र हितग्राहियों को कोरोना संक्रमण से बचने एवं रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन टीम द्वारा वैक्सीन का पहला एवं दूसरा डोज तथा प्रिकोशन बूस्टर डोज खेती किसानी के समय एवं बारिश के मौसम में किसानों के खेतों में होने के कारण वैक्सीनेशन दल खेतों, पेड़ के छांव में एवं डोर टू डोर पहुंचकर वैक्सीनेशन की जानकारी देकर पात्र लोगों को कोरोना का टीका लगा रहे है. आज महाभियान में शाम 4 बजे तक 6071 हितग्राहियों ने वैक्सीन लगाया। कलेक्टर सुश्री इफ्फत आरा एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री लीना कोसम ने दौरा कर वैक्सीनेशन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा शेष पात्र लोगों को टीकाकरण की जानकारी देकर वैक्सिन लगाने निर्देशित किया.


गौरतलब
है की वैश्वीक महामारी कोविड-19 से बचाव हेतु सूरजपुर जिले में टीकाकरण का महाअभियान चलाया जा रहा है. यह महाअभियान जिले के समस्त ग्राम पंचायत, शहरी क्षेत्रों एवं स्कूलों में 6 7 जुलाई को आयोजित किया गया. शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने यह महाअभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक छूटे हुए समस्त लाभार्थियों का टीकाकरण किया जा रहा है. जिला प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए जिला नोडल अधिकारी, ब्लॉक नोडल अधिकारी क्लस्टर समन्वयक नियुक्त किए गए है. कोविड-19 टीकाकरण  महाअभियान में 7 जुलाई को पहला डोज 450 एवं दूसरा डोज 3926, प्रीकोशन डोज 1695 कुल 6071 पात्र लोगों को  वैक्सिन लगाया गया.

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