Media24Media.com: इंदौर न्यूज

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label इंदौर न्यूज. Show all posts
Showing posts with label इंदौर न्यूज. Show all posts

पिकअप से टकराते के बाद बाइक में लगी आग, जिंदा जलने से युवक की मौत, बहन और भांजा-भांजी की भी गई जान

No comments Document Thumbnail

MP में हादसे कम नहीं होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच इंदौर में एक पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक में आग लग गई। हादसे में बाइक सवार युवक जिंदा जल गया। वहीं पीछे बैठे उसकी बहन और भांजा-भांजी की भी मौत हो गई। वहीं हादसे के बाद पिकअप ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग गया।

सिमरोल पुलिस के मुताबिक चोरल रोड पर ओवरटेक कर आ रही पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। जिसमें बाइक सवार लोकेश (उम्र 22), उसकी बहन पूजा (उम्र 30) की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भयावह था कि बाइक में आग गई और लोकेश वहीं जिंदा जल गया। उसे बचाने का मौका भी नहीं मिला। लोकेश की 8 साल की भांजी कुमकुम और 8 माह के भांजे को गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।

बहन को घर लेकर जा रहा था युवक

जानकारी के मुताबिक लोकेश बहन और भांजे-भांजी को लेकर सिमरोल गया था। दोपहर में खाना खाने के बाद निकले थे। कुछ ही दूरी पर सभी हादसे का शिकार हो गए। लोकेश के परिवार में उसका भाई राहुल और माता-पिता है। वह पिता के साथ किसानी का काम करता था। फिलहाल पुलिस ने पिकअप चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही उसकी तलाश शुरू कर दी है।

डॉक्टर की नाबालिग बेटी ने की खुदकुशी, वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

No comments Document Thumbnail

देश में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। इसमें युवाओं के बाद 14-18 एज ग्रुप का नाम सबसे ज्यादा सामने आ रहा है। ताजा मामला MP के इंदौर का है, जहां 11वीं में पढ़ने वाली डॉक्टर की बेटी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। छात्रा को कोचिंग के दो स्टूडेंट ने सिगरेट पीते देख लिया था। उन्होंने छात्रा के फोटो खींच लिए थे और वे उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। छात्रा ने एक दिन पहले पूरी बात अपने पिता को बताई थी, लेकिन फिर भी उसे फोटो वायरल होने का डर था। इसी बात से वो डिप्रेशन में थी।

राजेन्द्र नगर TI मनीष डाबर ने बताया कि डॉ. केशव लोनखेडे की 18 साल की बेटी हीरन्या  ने रविवार देर शाम फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। वो मालवा कन्या स्कूल में 11वीं क्लास में पढ़ती थी। घटना के वक्त छात्रा के पिता और मां घर से बाहर गए थे। 10 साल की छोटी बहन और 4 साल का भाई बिल्डिंग के नीचे खेल रहे थे। इसी दौरान हीरन्या ने ये कदम उठा लिया। शाम को जब माता-पिता वापस आए तो उन्होंने हीरन्या को फंदे पर लटके देखा। 

बच्चों के डॉक्टर हैं मृतिका के पिता 

पिता बच्चों के डॉक्टर हैं। मां बड़वानी में सरकारी अस्पताल में नर्स है। वो हर शनिवार इंदौर आती थीं और सोमवार सुबह लौट जाती थीं। TI ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार के बयान के बाद संबंधित स्टूडेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को हीरन्या ने अपने पिता को बताया था कि वो कोचिंग से निकलने के बाद अपने दोस्तों के साथ सिगरेट पी रही थी। इसी दौरान कोचिंग में साथ पढ़ने वाले एक छात्र और छात्रा ने उसके फोटो ले लिए। 

पिता ने पुलिस को दी जानकारी

पिता ने बताया कि वे उन फोटोज को लेकर उसे डराने लगे। वे उन फोटोज को पापा-मम्मी को बताने की धमकी दे रहे थे। उसकी बात सुनकर पिता ने उसे थोड़ा डांटा और आगे से ऐसा नहीं करने के लिए समझाया। उन्होंने हीरन्या को माफ कर दिया था। पिता ने बताया कि उसे डर था कि दोस्त उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। इसी बात को लेकर वह डिप्रेशन में थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

केंद्र सरकार के आंकड़े डराने वाले

केंद्र सरकार के एक आंकड़े के मुताबिक देश में साल 2017-19 के बीच 14-18 एज ग्रुप के 24 हजार से ज्यादा बच्चों ने आत्महत्या की है, जिनमें परीक्षा में फेल होने से आत्महत्या करने के 4 हजार से ज्यादा मामले शामिल हैं। संसद में हाल में पेश नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक 14-18 एज ग्रुप के कम से कम 24 हजार 568 बच्चों ने साल 2017-19 के बीच आत्महत्या की है।

आखिर क्यों बच्चे उठा रहे प्राणघातक कदम

आत्महत्या करने वालों में 13 हजार 325 लड़कियां शामिल हैं। अगर इन्हें साल के हिसाब से देखा जाए तो 2017 में 14-18 एज ग्रुप के कम से कम 8029 बच्चों ने आत्महत्या की थी, जो 2018 में बढ़कर 8,162 हो गई और 2019 में यह संख्या बढ़कर 8377 हो गई। इस एज ग्रुप में आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले मध्यप्रदेश से सामने आए, जहां 3 हजार 115 बच्चों ने खुदकुशी की। इसके बाद पश्चिम बंगाल में 2802, महाराष्ट्र में 2527 और तमिलनाडु में 2035 बच्चों ने आत्महत्या की है।

एकतरफा प्यार ने छीनी 7 लोगों की जिंदगी, जानिए क्या है पूरा मामला

No comments Document Thumbnail

MP के इंदौर जिले में स्वर्ण बाग कॉलोनी स्थित दो मंजिला इमारत में आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। ये आग एक युवक ने लगाई थी, जो पूरी बिल्डिंग में फैल गई। ये चौंकाने वाला खुलासा मकान मालिक के घर के पास लगे CCTV फुटेज से हुआ है। फुटेज में आरोपी वाहन में आग लगाता दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक जिस युवक ने आग लगाई वह बिल्डिंग में रहने वाली युवती से एकतरफा प्यार करता था। युवती से उसकी कहासुनी हुई थी। इसके बाद आरोपी ने उसी युवती के स्कूटी में आग लगाने की साजिश रची। यही आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। 

इंदौर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि आग लगाने वाले आरोपी का नाम संजय उर्फ शुभम दीक्षित है, जो कि झांसी का रहने वाला है। आरोपी सालभर पहले ही इंदौर आया था और 6 महीने पहले तक इसी बिल्डिंग में किराएदार के रूप में रहा था। पुलिस ने बताया कि ये मामला एकतरफा प्रेम संबंध का है। आरोपी इसी बिल्डिंग में रहने वाली एक युवती से प्यार करता है। युवती की शादी कहीं और तय हो गई थी, लेकिन वो उसी से शादी करना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। युवती से भी पूछताछ की गई है। वह फिलहाल खतरे से बाहर है।

गिरफ्तार आरोपी

7 जिंदगी फूंकने वाला सिरफिरा गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक आरोपी और युवती के बीच 10 हजार रुपए समेत अन्य मामलों में विवाद भी हुआ था। इसके बाद संजय ने 6 महीने पहले घर छोड़ दिया था। उसने इंदौर में कई जगहों पर नौकरी की है, जिसे पुलिस ने लोहा मंडी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से बचने के चक्कर में उसके हाथ-पैर भी टूट गए, जिसके बाद पुलिस उसे घायल हालत में देर रात एमवाय अस्पताल लेकर पहुंची। आरोपी पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक संजय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाएगा। उससे पूछताछ में और भी खुलासे होंगे। पुलिस ने क्षेत्र से तीन घरों के CCTV फुटेज और DVR बरामद किए हैं।

इस अग्निकांड में 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 2 महिलाएं और 5 पुरुष है। कुछ जिंदा जले और कुछ का दम घुट गया। ये बिल्डिंग घनी आबादी के बीच है। लोगों को भागने की जगह नहीं मिली तो गैलरी से कूदकर जान बचाई। इन्हें चोटें आई हैं और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईश्वर सिंह सिसोदिया और नीतू सिसोदिया दोनों पति-पत्नी की मौत हो गई। दोनों ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे। 

9 लोगों की बचाई गई जान

पुलिस के मुताबिक बचाव दल ने 9 लोगों को इस अग्निकांड से रेस्क्यू भी किया है। 12 लोगों को अस्पताल ले जाया गया था। इनमें से 7 की मौत हो चुकी है। रहवासियों का कहना है कि फायर ब्रिगेड को तीन-चार बार कॉल किए। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड करीब एक घंटे बाद पहुंची। आसपास के रहवासियों ने कुछ लोगों को रस्सी के सहारे बिल्डिंग से नीचे उतारा।

मृतकों में ईश्वर सिंह सिसौदिया (उम्र 45), नीतू सिसौदिया (उम्र 45), आशीष (उम्र 30), गौरव (उम्र 38) और आकांक्षा अग्रवाल (उम्र 25) शामिल हैं। देवास की रहने वाली आकांक्षा ने 15 दिन पहले ही अपना जन्मदिन मनाया था। जश्न के फोटो सोशल मीडिया पर भी शेयर किए थे। आकांक्षा के माता-पिता नहीं हैं। वह यहां लिव इन में रह रही थी। मरने वालों में 40 और 45 साल के दो लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। मृतकों में एक दंपती भी शामिल हैं। ईश्वर सिंह सिसोदिया और नीतू की दम घुटने से मौत हुई है। 

घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताया है। साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। विजय नगर TI तहजीब काजी ने बताया कि घटना के वक्त बिल्डिंग में 15-16 लोग थे। बताया गया कि बिल्डिंग के मालिक के मोहल्ले में 4 मकान हैं, जो किराए से दिए हैं। लोग कह रहे हैं कि कहीं भी सेफ्टी नहीं है। उसके खुद के मकान पर तो मोबाइल कंपनी का टावर लगा है।

विदिशा का रहने वाला विनोद इंदौर में अपने भाई के साथ रहकर काम करता था। अग्निकांड में विनोद बुरी तरह जल गया। विनोद के भाई का अभी तक कोई पता नहीं है। एमवाय अस्पताल में भर्ती घायल विनोद ने बताया कि पूरी बिल्डिंग में आग फैल चुकी थी। मेरा भाई भी यहीं रहता है, लेकिन आग की घटना के बाद से वो लापता है। हमने भागने की कोशिश की, लेकिन आग से घिर गए। मेरे बदन पर एक कपड़ा तक नहीं बचा था। मेरी बाइक, मोबाइल, रुपए और पूरा सामान जल गया।

चश्मदीद एहसान पटेल ने बताया कि रात तीन बजे के करीब हमें शोर सुनाई दिया। बाहर देखा तो बिल्डिंग में आग लगी हुई थी। हमने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। इस बिल्डिंग में मेरा भाई रहता है। बिल्डिंग में कुछ छात्र और अन्य परिवार भी रहते थे। उनकी भी मौत हो गई। उनका घर यहीं पास में बन रहा है, इसलिए वे दो-तीन महीने से इधर शिफ्ट हो गए थे। फायर ब्रिगेडकर्मी ने बताया कि रात करीब तीन बजे आग की सूचना मिली। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक कई लोगों की मौत हो चुकी थी।

अग्निकांड वाली बिल्डिंग में रहने वाली एक महिला ने बताया कि हालात बहुत भयानक थे। आग का पता चला तो डायल 100 और फायर ब्रिगेड को तीन-चार बार कॉल किए। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड करीब एक घंटे बाद फायर पहुंची। विकराल रूप ले चुकी आग पर हम रहवासियों ने जैसे-तैसे काबू पाया। आग बुझी तो देखा लोगों की जलने से मौत हो गई थी। फायर ब्रिगेड समय पर आती तो शायद इनकी जान बच जाती। कुछ लोग दम घुटने के कारण मर चुके थे। कई लोगों ने बिल्डिंग की गैलरी से कूदकर जान बचाई। इनमें से 5 बुरी तरह घायल हैं।

अग्निकांड में गाड़ियां और सामान जलकर खाक हो चुका है। लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जाहिर की जा रही है। बिल्डिंग में 10 फ्लैट हैं। यहां 13 टू व्हीलर और एक फोर व्हीलर गाड़ी जली है। कलेक्टर मनीष सिंह ने एमवाय हॉस्पिटल जाकर घायलों को देखा। कलेक्टर ने की 7 लोगों के मौत की पुष्टि की है। कलेक्टर बोले कॉलोनी अवैध है। अवैध निर्माण की जांच होगी। घायलों को भी मुआवजा दिया जाएगा। घायलों से मिलने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हाल-चाल जाना।

छत्तीसगढ़ की युवती के साथ इंदौर के फॉर्म हाउस में गैंगरेप, पीड़िता ने पुलिस को बताई आपबीती

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ की युवती के साथ इंदौर के एक फॉर्म हाउस में गैंगरेप का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेश विश्वकर्मा समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने युवती को डेढ़ महीने तक बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया।  पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके प्राइवेट पार्ट्स और शरीर के दूसरे अंगों को दांतों से काटा और सिगरेट से दागा गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक 32 साल की युवती मूल रूप से बेमेतरा के बीजाघाट की रहने वाली है। शनिवार को उसने क्षिप्रा पुलिस थाने पहुंचकर रिपोर्ट लिखाई, जिसमें उसने बताया कि उसकी राजेश विश्वकर्मा से मेट्रीमोनियल वेबसाइट पर पहचान हुई थी। इसके बाद बातचीत शुरू हुई। राजेश ने उससे  शादी की और अपने साथ इंदौर ले गया, जहां उसके फॉर्म हाउस पर रखा। इस दौरान वो दुष्कर्म करता रहा। फॉर्म हाउस पर उसके दोस्त अंकेश बघेल, विवेक विश्वकर्मा और विपिन भदौरिया भी आते थे, जिनसे पहचान करवाई। सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। करीब डेढ़ महीने तक उसे फॉर्म हाउस में बंधक बनाकर रखा। दुष्कर्म के दौरान आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागा और दांतों से काटा। 

 पीड़िता ने बताई आपबीती

पीड़िता ने बताया कि वो छत्तीसगढ़ के एक सरकारी स्कूल में टीचर थी। साल 2019 में जीवनसाथी डॉट कॉम पर राजेश विश्वकर्मा का प्रपोजल आया। अपनी प्रोफाइल में उसने डेट ऑफ बर्थ 1985 लिखी थी, जो कि असल में 1974 है। उसने खुद को डाइवोर्सी, नॉन ड्रिंकर बताया और इनकम एक करोड़ से ज्यादा लिखी थी। 24 अक्टूबर 2019 को दोनों ने रायपुर के होटल में शादी कर ली। शादी के दौरान पीड़िता के परिवार से सारे लोग मौजूद थे, लेकिन राजेश की फैमिली से कोई नहीं आया था। पीड़िता का कहना है कि उसके परिवारवालों ने इस पर ऑब्जेक्शन किया, पर बात इज्जत की थी, जिसकी वजह से शादी करनी पड़ी। वहीं शादी के बाद आरोपी ने उसे इंदौर के एक होटल में 4 दिन ठहराया। इसके बाद अपने फार्म हाउस ले गया।

टॉर्चर करता था आरोपी: पीड़िता

पीड़िता ने बताया कि युवराज फार्म हाउस में शुरुआती 5 दिन उसे कमरे में बंद कर रखा गया। उससे कहा गया कि उसके परिवार के लोग शादी से नाराज हैं। शादी के 15 दिन तक राजेश ठीक रहा। इसके बाद शुरू हुआ उसके हैरेसमेंट का दौर। दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पास मोबाइल नहीं था। इसलिए आरोपी अपने मोबाइल से सामने बैठाकर बात कराता था। कॉल रिकॉर्डिंग पर होती थी। फार्म हाउस में न्यूड पार्टियां हुआ करती थीं। नौकर निगरानी करते थे। राजेश उसे पोर्न मूवी दिखाकर उसी तरह रिलेशन बनाने के लिए कहता था। अननैचुरल सेक्स करता था। मना करने पर टॉर्चर करता था। फार्म हाउस पर उसे बिना कपड़ों के रखने लगा। 

नौकर से कहकर छिपा दिए थे कपड़े: पीड़िता

पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने नौकर विपिन को कहकर उसके कपड़े छिपा दिए। इसके बाद नौकर भी उसके साथ गलत  हरकत करने लगा था। राजेश, विपिन से उस पर ठंडा पानी डलवाता और दोस्तों के सामने बिना कपड़ों के डांस कराता। कुर्सी पर सिगरेट के कश लगाते हुए उसे घूरता। डांस के बाद सभी उसके साथ रेप करते। सिगरेट से प्राइवेट और बॉडी के दूसरे पार्ट दागते। दांतों से काटते थे। इसके वीडियो भी उन्होंने बना रखे हैं।

राजेश को पिता नहीं करते थे पसंद

युवती का कहना है कि वो 16 सितंबर 2021 को छत्तीसगढ़ लौट गई। आत्महत्या का मन बना चुकी थी, लेकिन राजेश ने उसे और परिवारवालों को मारने के लिए दो गुंडे घर भेज दिए। बात परिवार पर आई तो वो हिम्मत जुटाकर इंदौर लौटी। थाने जाकर FIR कराई। गैंगरेप के मामले में गिरफ्त में आए चारों आरोपी नागदा के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी बिल्डर राजेश विश्वकर्मा के पिता जगदीश विश्वकर्मा का नागदा में इंजीनियरिंग वर्क्स का कारोबार है। राजेश शुरू से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। इसी कारण उसके पिता ने कभी उसे पसंद नहीं किया। 

विपिन भदौरिया पर कई केस दर्ज

उन्होंने राजेश को साल 2018 में घर से निकाल दिया था, जिसके बाद से वह इंदौर में रहने लगा। यहीं पर उसकी दोस्ती अंकेश बघेल, विपिन भदौरिया और विवेक विश्वकर्मा के साथ हुई। अंकेश और विवेक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। चारों आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी विपिन भदौरिया प्रकाश नगर का रहने वाला है। उस पर करीब 12 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। विपिन हथियारों का भी शौकीन है। उसने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर बंदूक थामे हुए फोटो लगा रखा है। विपिन के पिता दिनेश पर भी 12 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वो यूपी के आगरा में रहते हैं।

क्षिप्रा पुलिस ने दी जानकारी

क्षिप्रा पुलिस ने बताया कि घटना मांगलिया क्षेत्र की है। यहां बिल्डर राजेश विश्वकर्मा का फॉर्म हाउस है। इसी फॉर्म हाउस में युवती के साथ दुष्कर्म किया गया। राजेश ही युवती को अपने साथ  लेकर आया था और उससे शादी का वादा किया था। युवती की शिकायत पर आरोपी राजेश, अंकेश बघेल, विवेक विश्वकर्मा और विपिन भदौरिया समेत एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में राजेश विश्वकर्मा समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।  

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.