Media24Media.com: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस

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मुख्यमंत्री साय ने श्रमवीरों को दी मई दिवस की शुभकामनाएं

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के सभी श्रमवीरों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने श्रमिकों के सुखद, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि एक मई का दिन उन मेहनतकश हाथों को सम्मान देने का अवसर है, जो अपने परिश्रम और समर्पण से समाज व राष्ट्र की प्रगति को आधार देते हैं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिक समाज के अभिन्न अंग हैं और किसी भी समावेशी विकास यात्रा की नींव श्रमिकों के परिश्रम पर टिकी होती है। राज्य सरकार श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कई जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शासन के प्रयासों से केवल श्रमिकों को ही नहीं बल्कि उनके परिजनों को भी सम्मानजनक और समृद्ध जीवन जीने हेतु संबल प्राप्त हो रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष लेख : श्रमिकों की मेहनत का राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान

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 रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, एक मई, एक ऐसा दिन है जो श्रम की महत्ता, मेहनतकश हाथों के सम्मान और सामाजिक न्याय की भावना को उजागर करता है। यह दिवस न केवल इतिहास में दर्ज है बल्कि 1886 के शिकागो आंदोलन को भी याद दिलाता है, जिसमें मजदूरों ने 8 घंटे काम, 8 घंटे विश्राम और 8 घंटे आत्म विकास के अधिकार की मांग की थी, बल्कि यह आज भी उस संघर्ष को व्यक्त करता है जो श्रमिक अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए हर दिन करते हैं ।


एमसीबी जिले में श्रमिक कल्याण योजनाओं का दिख रहा प्रभाव

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला जो छत्तीसगढ़ के नए जिलों में से एक है, यहाँ के मेहनतकश श्रमिकों की मेहनत और लगन इस क्षेत्र की आर्थिक धड़कन बन चुकी है। इस जिले की सड़कों से लेकर निर्माण स्थलों तक, खेतों से लेकर खदानों तक श्रमिकों का पसीना इस इलाके की तरक्की में संजीवनी की तरह काम करता है। जब हम इस क्षेत्र में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या को देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह जिला श्रमिक शक्ति का केंद्र बन चुका है। मंडल स्तर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल (BOC) के अंतर्गत 30,534 श्रमिक पंजीकृत हैं और असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल में 30,118 श्रमिकों का नाम दर्ज है। जिला गठन के बाद भी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में 6,257 और असंगठित क्षेत्र में 4,601 श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। कुल मिलाकर 71,510 श्रमिकों का पंजीकरण होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं लोगों तक पहुँच रही हैं और श्रमिक अपने हक के प्रति जागरूक हो रहे हैं।

ब्लॉक स्तर पर बात करें तो मनेंद्रगढ़ में 26,065 श्रमिक पंजीकृत हैं, वहीं खड़गवां ब्लाक में 22,847 और भरतपुर ब्लाक में 10,739 श्रमिक पंजीकृत है, ये आँकड़े न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाते हैं बल्कि यह भी प्रमाणित करते हैं कि श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी कितनी अहम है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार के संयुक्त प्रयासों से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।


श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं है लागू

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाएं श्रम की गरिमा को बढ़ावा देने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सराहनीय पहल हैं। महतारी जतन योजना के तहत अब तक 1,351 श्रमिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। यह योजना गर्भवती महिलाओं को पोषण और प्रसवपूर्व देखभाल हेतु वित्तीय सहायता देती है, ताकि मातृत्व और शिशु जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 2,672 विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की गई है, जिससे उन्हें स्कूल जाने में सुविधा हो और शिक्षा बाधित न हो। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 1,887 श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप औजार उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर होकर कार्य में दक्षता ला सकें। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 306 महिलाओं को स्वरोजगार हेतु सिलाई मशीन दी गई है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। वहीं श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई, जिसके तहत 3,536 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली है। इससे शिक्षा की ओर रुझान बढ़ा है और भविष्य की राहें खुली हैं।

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 211 छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास योजना में 1,031 श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें नई तकनीकों और कार्य दक्षता की जानकारी दी गई है, जिससे वे बेहतर रोज़गार के अवसर प्राप्त कर सकें। सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 1,230 निर्माण श्रमिकों को हेलमेट, जैकेट, सेफ्टी शूज़ आदि दिए गए, जिससे उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 78 श्रमिक परिवारों को राहत दी गई, जिनके सदस्य या तो दिव्यांग हुए या जिनकी मृत्यु कार्य के दौरान हो गई हो । मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 494 लड़कियों को विवाह, शिक्षा या स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता दी गई। वृद्ध श्रमिकों को भी सरकार ने नहीं भुलाया, उन्हें मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत पेंशन स्वरूप 56 लाभार्थियों को सहायता दी जा रही है । इसके अतिरिक्त बच्चों को निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता योजना से 507 छात्र लाभान्वित हुए, जिससे वे गरिमामय तरीके से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे श्रमिक बच्चों को निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 8 छात्रों को संसाधन व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है। निर्माण श्रमिकों को आवास हेतु मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 7 श्रमिकों को घर बनाने में मदद मिली है ।

केंद्र सरकार की श्रमिक कल्याण योजना से भी हो रहे है लाभान्वित

केंद्र सरकार की योजनाओं की बात करें तो प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 709 श्रमिकों को नाममात्र प्रीमियम पर 2 लाख का जीवन बीमा कवर प्रदान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 1,412 श्रमिकों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिला है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की एक और उल्लेखनीय पहल है “शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना“ जिसका शुभारंभ 29 मार्च 2025 को मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद परिसर में किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 200 से 250 श्रमिकों को मात्र 05 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह न केवल भूख की समस्या का समाधान है, बल्कि यह श्रमिकों को आत्मसम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने की राह भी देता है।

छत्तीसगढ़ सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। इस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर हम सभी का कर्तव्य बनता है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करें, उन्हें सम्मान दें और उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहभागी बनें। क्योंकि जब श्रमिक मुस्कुराता है, तो समाज मुस्कुराता है। जब श्रमिक सुरक्षित होता है, तो राष्ट्र सशक्त होता है। और जब श्रमिक प्रगति करता है, तो देश आगे बढ़ता है।

विशेष लेख : अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा, श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे विशेष प्रयास

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 1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष


छगन लोन्हारे, उप संचालक (जनसंपर्क)
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल - छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छ.ग. असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छ.ग. श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं।

प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। प्रदेश के श्रम मंत्री देवांगन का कहना है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 255 करोड़ 31 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में, द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई।

श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत अटल श्रम सशक्तिकरण योजना के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 125 करोड़ 10 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह वर्ष 2025-26 में पंजीकृत 2 लाख 26 हजार संगठित श्रमिकों के लिए राज्य शासन के अनुदान हेतु 6 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि विष्णु देव सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले उसका उचित दाम मिले और हर पेट को अन्न मिले यह हमारी सरकार की आदर्श नीति है। इस नीति को क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना प्रदेश के सभी जिलों में प्रारंभ करने की घोषणा की गई है, जिसके परिपालन में इस वर्ष 13 जिलों में 31 भोजन केंद्र प्रारंभ किए जा चुके हैं। जिसका विस्तार चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में समस्त जिलों में किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों एवं निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु विकासखण्ड स्तर पर मोबाईल कैम्प लगाए जाने की पहल विभाग द्वारा की गई है। अब तक 4 हजार 705 मोबाईल कैम्प लगाए जा चुके हैं।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 6 करोड़ 24 लाख 25 हजार रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं का मुख्य दायित्व श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी चिकित्सा हित लाभ उपलब्ध कराया जाता है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए 64 करोड़ 18 लाख रूपए का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर कलेक्टर ने खाया बोरे-बासी

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रायपुर  कलेक्टर प्रभात मलिक ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस को जिले में बोरे बासी त्यौहार के रूप में मनाने की अपील की। उन्होंने श्रमिक दिवस के अवसर पर जिलेवासियों से श्रम का सम्मान करते हुए बोरे बासी खाने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी छत्तीसगढ़ी समृद्ध संस्कृति हमारी पहचान है। हमारे खान-पान और यहां की विशेषताओं को सहेजने की जरूरत है।


कलेक्टर मलिक ने कहा कि बोरे बासी हमारे छत्तीसगढ़ के समूचे मेहनतकश लोगों का पांरपरिक और पंसदीदा आहार है। उन्होंने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, अधिकारी-कर्मचारी सहित सभी जिलेवासियों से 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर मेहनतकश श्रमवीरों के सम्मान में बोरे बासी खाकर छत्तीसगढ़ की परंपरा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने का आव्हान किया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपील पर श्रमिक दिवस पर कांग्रेस भवन में शहर जिला कांग्रेस कमेटी और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से बोरे-बासी खाकर श्रमिक दिवस मनाया. इस दौरान विधायक विकास उपाध्याय, विधायक कुलदीप जुनेजा निगम सभापति प्रमोद दुबे, ज्ञानेश शर्मा शहर अध्यक्ष, गिरीश दुबे, शिव सिंह ठाकुर, बंशी कन्नौजे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे. इतना ही नहीं कई जिले के कलेक्टर और अधिकारियों ने भी बोरे-बासी खाकर श्रमिक दिवस मनाया.

वहीं भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव ने कहा, हमारे मेहनतकश मजदूरों के सम्मान में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और हमारा प्रिय व्यंजन ‘बोरे-बासी’ खाकर दिन की शुरुआत की. श्रमिक दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं.

कोण्डागांव के कलेक्टर दीपक सोनी ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर जिले के बाखरा ग्राम पंचायत में मनरेगा श्रमिकों और ग्रामीणों के साथ बोरे-बासी खाकर मेहनतकश श्रमवीरों का सम्मान किया.

बलरामपुर कलेक्टर रिमिजियुस एक्का, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रेना जमील ने श्रम विभाग द्वारा सेहत बाजार में आयोजित कार्यक्रम में बोरे-बासी के साथ लाल भाजी, लकरा चटनी, आम चटनी, प्याज, भुनी मिर्च खाकर श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया.

दुर्ग कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा, एसपी अभिषेक पल्लव और सी.ई.ओ. जिला पंचायत ऐ. के. देवांगन ने छत्तीसगढ़िया अंदाज़ में विवेकानन्द मंगल भवन दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में बोरे-बासी का लुत्फ उठाया.

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर मंत्री डहरिया ने बोरे बासी खाकर किया दिन की शुरुआत

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रायपुर । मंत्री शिवकुमार डहरिया ने बोरे बासी खाकर अपने दिन की शुरुआत की ।आज देशभर में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर बोरे बासी तिहार मनाया जा रहा है। राज्य भर में सोमवार को बोरे बासी तिहार की कई तस्वीरे सामने आ रही है। आम जनता आज बढ़ चढ़कर इस तिहार को सेलिब्रेट कर रहे है। छत्तीसगढ़ के मंत्री और विधायक भी श्रमिक दिवस के अवसर पर बोरे बासी का आनंद ले रहे है।


वही प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन मरकाम श्रमिक दिवस के अवसर पर बोरे बासी खाकर अपने दिन की शुरुआत की। मोहन मरकाम के साथ उनके दो बेटों ने भी बोरे बासी का स्वाद चखा। मोहन मरकाम की पत्नी भी उनके साथ मौजूद रही। मोहन मरकाम ने सोशल मीडिया में इसे शेयर भी किया है। जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है कि बोरे – बासी के साथ मढिया पेज, कोलियारी भाजी, इमली चटनी, प्याज, मिर्च…सपरिवार हम सब अपने खानपान में श्रम के सम्मान को शामिल कर रहे हैं।


Bore Basi : CM बघेल ने वीडियो शेयर कर लिखा, गजब विटामिन भरे हुए हैं

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रायपुर । आज देशभर में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर बोरे बासी तिहार मनाया जा रहा है। राज्य भर में आज बोरे बासी तिहार की कई तस्वीरे सामने आ रही है। आम जनता आज बढ़ चढ़कर इस तिहार को सेलिब्रेट कर रहे है।


छत्तीसगढ़ के मंत्री और विधायक भी श्रमिक दिवस के अवसर पर बोरे बासी का आनंद ले रहे है। सीएम बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बोरे बासी तिहार मनाने का ऐलान किया है। आज प्रदेश में बोरे बासी तिहार मनाया जा रहा है। सीएम बघेल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से पोस्ट शेयर करके बोरे बासी के फायदे गिनाए है। सीएम बघेल ने लिखा बोरे बासी खाके, मनाबो श्रम तिहार , गजब बिटामिन ले भरे, ए छत्तीसगढ़िया आहार।

https://twitter.com/i/status/1652900507994734594

छत्तीसगढ़ में पारम्परिक रूप से मेहनतकशों के दैनिक भोजन का हिस्सा बोरे-बासी रहा है। बोरे बासी में सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा रखने के साथ पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए भी यह रामबाण है। इसे देखते हुए हमने पिछले साल से बोरे-बासी खाकर अपने पारंपरिक भोजन, संस्कृति और श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट करने की शुरूआत की है।


अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर मुख्यमंत्री बघेल करेंगे श्रमवीरों का सम्मान

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मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 47.12 करोड़ श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर करेंगे


रायपुर । अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 01 मई के अवसर पर रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के अध्यक्षता श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री बघेल लगभग एक लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 47.12 करोड़ रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में राशि का अंतरण और आरंग और पाटन में श्रमिक सहायता केन्द्र का शुभारंभ भी करेंगे।

साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किए जा रहे श्रम सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए श्रमिक हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों का सम्मान भी किया जाएगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल की मंशा के अनुरूप श्रमिक दिवस के दिन श्रम के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने प्रदेश में बोरे-बासी तिहार का भी आयोजन किया जा रहा है।

श्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार श्रम सम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अतर्गत 83086 हितग्राहियों को 22.76 करोड़ रूपए छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक मंडल अंतर्गत 11542 हितग्राहियों को 20.83 करोड़ रूपए, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अतर्गत 6457 हितग्राहियों को 3.09 करोड़ रूपए तथा कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं अंतर्गत 50 बीमित व्यक्ति को चिकित्सा हितलाभ राशि 44.55 लाख रूपए इस प्रकार कुल 101135 हितग्राहियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 47.12 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की जाएगी।

 

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