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सड़क परिवहन मंत्रालय ने विशेष अभियान 5.0 को सफलता पूर्वक पूरा किया

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा इसकी एजेंसियों ने 2 से 31 अक्टूबर, 2025 तक आयोजित लंबित मामलों के निस्तारण हेतु विशेष अभियान 5.0 (Special Campaign for Disposal of Pending Matters 5.0) को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस अभियान का शुभारंभ 2 अक्टूबर 2025 को सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा द्वारा मंत्रालय में स्वच्छता प्रतिज्ञा दिलाते हुए और परिवहन भवन में स्वच्छता अभियान चलाकर किया गया।

मंत्रालय ने रिकॉर्ड प्रबंधन (Record Management) और स्वच्छता गतिविधियों में 100% लक्ष्य प्राप्त किया है। इस दौरान 18,616 पुराने फाइलों (भौतिक/ई-फाइल) की समीक्षा की गई। मंत्रालय और इसकी एजेंसियों ने 15,000 से अधिक स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियाँ आयोजित कीं, जिनमें कार्यालय परिसर, निर्माण स्थल, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, टोल प्लाज़ा, मार्ग सुविधाएँ, सड़क किनारे ढाबे, बस स्टॉप और फ्लाईओवर शामिल हैं।

मंत्रालय ने सार्वजनिक शिकायतों (1,147) और सार्वजनिक शिकायत अपीलों (522) के निस्तारण में 99% लक्ष्य प्राप्त किया है। इसके अलावा, 730 में से 671 लंबित सांसद संदर्भ (92%) और 13 में से 10 लंबित पीएमओ संदर्भों का निपटारा किया गया।

स्पेस प्रबंधन और सौंदर्यीकरण के तहत मंत्रालय के विभिन्न कार्यालय परिसरों में 220 वर्ग फीट से अधिक स्थान खाली कराया गया और 640 किलोग्राम से अधिक कबाड़ सामग्री का निपटान किया गया।

अभियान के दौरान एक नवाचार भी किया गया – "Report a Dirty NH Toilet and Get Rewarded" नामक योजना, जिसके तहत आम जनता को टोल प्लाज़ा पर शौचालयों की अस्वच्छता रिपोर्ट करने पर पुरस्कार दिया जाता है।

लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु सचिव (MoRTH) ने साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित कीं, जबकि मंत्रालय के नोडल अधिकारी ने विभिन्न एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय किया। वरिष्ठ अधिकारियों को मैदानी कार्यालयों का निरीक्षण करने के लिए भी भेजा गया, जिसमें कचरा प्रबंधन, एनएच खंड, टोल प्लाज़ा, फ्लाईओवर, गड्ढे, लाइटिंग सिस्टम आदि मुख्य क्षेत्र शामिल थे।

इस अभियान में MoRTH, NHAI और NHIDCL के अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। इसके अतिरिक्त, अभियान के व्यापक प्रचार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स – X (ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक का भी उपयोग किया गया।


पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा ‘विशेष अभियान 5.0’ का सफल समापन, स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां

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पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD), मछली पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत, ने 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित ‘विशेष अभियान 5.0’ का सफल समापन किया। इस अभियान का उद्देश्य जन शिकायतों और अपीलों का निवारण, स्वच्छता अभियानों का संचालन, रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना और विभिन्न प्रमुख मानकों पर लक्ष्यों की प्राप्ति करना था।

इस अवधि में विभाग और इसके अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनकी समीक्षा केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने की और संचालन नरेश पाल गंगवार, सचिव (DAHD) द्वारा किया गया। अभियान के दौरान दीवार चित्रण द्वारा सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच शिविर, किसानों की संगोष्ठी, चित्रकला प्रतियोगिता, तथा “वेस्ट टू आर्ट” और “वेस्ट टू वेल्थ” जैसी पहलें आयोजित की गईं, जिससे कर्मचारियों में स्वच्छता और स्थिरता की भावना को संस्थागत रूप दिया जा सके।

विशेष अभियान 5.0 के प्रमुख उपलब्धियां :

क्रमांक      पैरामीटर                                             लक्ष्य                       उपलब्धि
1 जन शिकायतें                                        214 302
2 जन शिकायत अपील 35 43
3 संसदीय आश्वासन 5 5
4 राज्य सरकार संदर्भ 8 8
5 पीएमओ संदर्भ 3 3
6 नियमों/प्रक्रियाओं का सरलीकरण 1 1
7 भौतिक फाइलों की समीक्षा 24,645 30,020
8 भौतिक फाइलों का निष्पादन 22,648 22,648
9 ई-फाइलों की समीक्षा 680 680
10 ई-फाइलों का समापन 182 182
11 स्वच्छता स्थलों की संख्या 221 237
12 सांसदों से प्राप्त संदर्भ 15 11
13 कबाड़ की नीलामी से प्राप्त राजस्व ₹5,86,973
14 निष्पादन से मुक्त स्थान (वर्ग फुट में) 5,334

सर्वश्रेष्ठ पहल: कबाड़ लोहे से निर्मित गाय की प्रतिमा

सेंट्रल कैटल ब्रीडिंग फार्म (CCBF), चिपलिमा, संबलपुर (ओडिशा) — जो DAHD के अधीनस्थ कार्यालयों में से एक है — ने कबाड़ लोहे का उपयोग करते हुए गाय की एक आकर्षक प्रतिमा बनाई। यह प्रतिमा न केवल पशुधन के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि “वेस्ट टू आर्ट” की भावना को भी दर्शाती है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और संसाधन दक्षता को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

देशभर में आयोजित प्रमुख गतिविधियों की झलकियाँ :

  • सेंट्रल कैटल ब्रीडिंग फार्म, चिपलिमा (ओडिशा) द्वारा सौरा चित्रकला (ओडिशा की पारंपरिक जनजातीय कला) के माध्यम से दीवार चित्रण।

  • सेंट्रल एनिमल ब्रीडिंग फार्म, सुनाबेड़ा द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन मेडिकल कॉलेज, कोरापुट के सहयोग से।

  • रीजनल फॉडर स्टेशन, श्रीगंगानगर (राजस्थान) द्वारा जैविक अपशिष्ट और सूखे पत्तों से कम्पोस्ट खाद तैयार करने की पहल।

  • एनिमल क्वारंटाइन एंड सर्टिफिकेशन सर्विस, हैदराबाद द्वारा सरकारी प्राथमिक विद्यालय, थुक्कुगुड़ा में स्वच्छता पर चित्रकला प्रतियोगिता।

  • किसानों की संगोष्ठी “क्लीन मिल्क प्रोडक्शन” विषय पर तीन कृषि विज्ञान केंद्रों में आयोजित।

  • आरएफएस चेन्नई द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण और कार्यालय स्वच्छता अभियान।

  • एनिमल हस्बेंड्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, हेसरघट्टा (बेंगलुरु) द्वारा स्वच्छ दूध उत्पादन पर जागरूकता शिविर।

  • सुनाबेड़ा (ओडिशा) के पाल्मा गाँव में टीकाकरण, पशु स्वच्छता और स्वच्छ पर्यावरण पर किसानों के लिए जनजागरूकता अभियान।

यह अभियान न केवल स्वच्छता और दक्षता की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि “स्वच्छता ही सेवा” के संकल्प को साकार करने का एक प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

विशेष अभियान 5.0 के सफल समापन पर कोयला मंत्रालय और उसके उपक्रमों द्वारा उल्लेखनीय उपलब्धियां

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विशेष अभियान 5.0 के सफल समापन के उपरांत, कोयला मंत्रालय और इसके अधीन सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) ने तैयारियों के दौरान पहचानी गई विभिन्न गतिविधियों को व्यापक स्तर पर लागू किया।

क्रियान्वयन चरण (2 से 31 अक्टूबर, 2025) के दौरान, मंत्रालय ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को उल्लेखनीय रूप से पार करते हुए ₹56,85,76,462 का राजस्व अर्जित किया और कुल 1,28,527 फाइलों का निष्पादन / निराकरण किया।
मंत्रालय ने डिजिटल माध्यमों में भी सक्रिय उपस्थिति दर्ज की — 3,107 ट्वीट्स और 28 प्रेस विज्ञप्तियां अभियान पोर्टल पर अपलोड की गईं, जो प्रभावी संचार और जागरूकता का उदाहरण हैं।

  • क्रमांक
  • पैरामीटर
  • लक्ष्य
  • उपलब्धि
  • उपलब्धि%
  • 1
  • स्वच्छता अभियान स्थल
  • 1,439
  • 1,741
  • 121
  • 2
  • स्वच्छता अभियान के अंतर्गत साफ की गई क्षेत्रफल (वर्ग फुट)
  • 82,51,511
  • 1,12,89,378
  • 137
  • 3
  • कबाड़ निस्तारण (मीट्रिक टन)
  • 8,678
  • 14,017
  • 162
  • 4
  • सांसद संदर्भ
  • 4
  • 4
  • 100
  • 5
  • आंतरिक निगरानी समिति संदर्भ
  • 2
  • 2
  • 100
  • 6
  • जन शिकायतें
  • 166
  • 166
  • 100
  • 7
  • पीएमओ संदर्भ
  • 61
  • 61
  • 100
  • 8
  • भौतिक फाइलों की समीक्षा
  • 1,23,830
  • 1,90,841
  • 154
  • 9
  • ई-फाइलों की समीक्षा
  • 32,182
  • 65,637
  • 203

विशेष अभियान 5.0 की प्रमुख सर्वोत्तम प्रथाएं

  1. लघु फिल्म – “एक कदम बदलाव की ओर” (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड)
    – चंच विक्टोरिया क्षेत्र, BCCL द्वारा निर्मित इस प्रेरणादायक फिल्म में स्वच्छता, अनुशासन और टीमवर्क की शक्ति को दर्शाया गया है।
  2. योग एवं ध्यान कक्ष – कोल इंडिया लिमिटेड (CIL)
    – सीआईएल के आवासीय परिसर में योग और ध्यान केंद्र स्थापित किया गया, जिससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को बढ़ावा मिला।


  3. महिला-नेतृत्व वाला लागत एवं बजट अनुभाग – वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL)
    – मुख्यालय में पूर्णतः महिलाओं द्वारा संचालित यह अनुभाग वित्तीय निर्णयों में महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  4. कचरे से मूर्तिकला – सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL)
    – 0.2 टन गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे से 7 फुट ऊँची कोयला खनिक की मूर्ति तैयार की गई, जो रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है।
  5. वेस्ट टू आर्ट प्रतियोगिता – महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL)
    – छात्रों ने ‘कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें’ के संदेश को कला के माध्यम से अभिव्यक्त किया।


  6. स्क्रैप टू सर्विस – ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL)
  7. – निष्क्रिय अस्पताल के उपयोगी सामानों को NGO भारत सेवाश्रम संघ को दान किया गया, जिससे सामाजिक कल्याण को बढ़ावा मिला।

  8. स्वच्छता जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक – भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL)
    – कार्यस्थल और समुदायों में स्वच्छता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।

  9. वैज्ञानिक खदान समापन
    – स्वतंत्रता के बाद पहली बार, 11 कोयला खदानों को वैज्ञानिक तरीके से बंद किया गया। FY 2025–26 में 22 और खदानें बंद की जाएंगी।

  10. औद्योगिक कबाड़ से फेंसिंग निर्माण – सीसीएल
    – पुराने गियर, स्प्रॉकेट आदि से सुंदर फेंसिंग और हरित क्षेत्र विकसित किया गया।

  11. LIVES फ्रेमवर्क का शुभारंभ
    – खनन प्रभावित क्षेत्रों के पुनः उपयोग एवं सतत विकास हेतु तकनीकी, पारिस्थितिक और सामुदायिक पहलुओं को एकीकृत करने वाला ढांचा।

  12. ARTHA फ्रेमवर्क
    – हरित वित्त जुटाने के लिए व्यावहारिक पांच-चरणीय दृष्टिकोण (Align–Rank–Target–Harness–Adapt)।

  13. “सेवार्थ” – सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए डिजिटल PRMB सेल (ECL)
    – केवल महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित, यह केंद्र मानव-स्पर्श के साथ डिजिटल चिकित्सा प्रतिपूर्ति सेवा प्रदान करता है।

विशेष अभियान 5.0 के ये उपलब्धियां पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सुशासन के प्रति मंत्रालय की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को संचालन तंत्र में एकीकृत करते हुए, कोयला मंत्रालय दक्षता बढ़ाने और स्वच्छ, सतत कोयला क्षेत्र के निर्माण के लिए सतत प्रयासरत है।

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स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0: जनसहभागिता से बदले शहरों के चेहरे — अलप्पुझा, मेटपल्ली, माछर्ला और जमशेदपुर बने स्वच्छता के प्रतीक

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स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) ने शहरों के परिदृश्य को बदलते हुए स्वच्छता को जन-आंदोलन (जन आंदोलन) का रूप दे दिया है, जिससे सफाई एक साझा नागरिक जिम्मेदारी बन गई है। स्वच्छता ही सेवा जैसे अभियान और क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स (CTUs) जैसी पहल ने समुदायों को एकजुट किया है, जिससे उपेक्षित डंपिंग स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और उपयोगी सार्वजनिक स्थलों में बदला जा रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत देशभर के शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) अब दृश्य स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत अंधेरे, गंदे और कचरे से भरे इलाकों को क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स (CTUs) के माध्यम से साफ-सुथरा और आकर्षक बनाया जा रहा है।

केरल के अलप्पुझा नगर पालिका की मिसाल

अलप्पुझा नगर पालिका ने नगर निगम कार्यालय परिसर के सामने स्थित 15 सेंट की अनुपयोगी भूमि को सौंदर्यपूर्ण रूप से परिवर्तित कर शहरी परिवर्तन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। जल प्राधिकरण के स्वामित्व वाली यह भूमि वर्षों से झाड़ियों से घिरी हुई थी और यहां स्थित बड़ा पानी का टैंक भी जर्जर हालत में था। नगर पालिका ने लगभग 5.4 टन कचरा हटाकर इस क्षेत्र को साफ किया और टैंक को रंगीन स्वच्छता संदेशों से सजा दिया।

आसपास की भूमि को पीले और नारंगी गेंदे (गुलदाउदी) के फूलों से सुसज्जित बगीचे में बदल दिया गया। इन फूलों का उपयोग ओणम उत्सव के दौरान पारंपरिक पुक्कलम सजावट में किया गया, जिससे यह पहल सांस्कृतिक महत्व से भी जुड़ गई। यह स्थल अब अलप्पुझा की स्वच्छता, नागरिक गर्व और सतत कचरा प्रबंधन का प्रतीक बन गया है।

तेलंगाना के मेटपल्ली नगर पालिका की पहल

मेटपल्ली नगर पालिका ने स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान चेनाकेशवनाथ स्वामी मंदिर के समीप स्थित कोनेरू (पवित्र तालाब) का कायाकल्प किया। तालाब प्लास्टिक और मलबे से भरा हुआ था। नगर पालिका ने लगभग 4 टन कचरा हटाकर इसे स्वच्छ किया।

लगभग 80 प्रतिभागियों — नगर कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), युवाओं और मंदिर समिति के सदस्यों — ने मिलकर तालाब की खुदाई और सफाई की। अब कोनेरू साफ और पवित्र जल से भरा हुआ है, जिससे मंदिर परिसर का आध्यात्मिक और पर्यावरणीय महत्व पुनर्स्थापित हो गया है। यह पहल नागरिक भागीदारी और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण है।

आंध्र प्रदेश के माछर्ला नगर पालिका की भागीदारी

माछर्ला नगर पालिका ने स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान के तहत यदवुला बाजार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सफाई और सौंदर्यीकरण अभियान चलाया। यह स्थल पहले पशु अपशिष्ट का डंपिंग स्थल था।

1,500 से अधिक स्वयंसेवकों — जिनमें छात्र, युवा, महिला SHGs और सफाईकर्मी शामिल थे — ने मिलकर 150 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया, जिसे वेस्ट-टू-कंपोस्ट प्लांट में भेजा गया। सफाई के बाद सड़कों को समतल किया गया, रंग-बिरंगी रंगोली और सजावटी सीमाओं से क्षेत्र को सुंदर बनाया गया, और 150 पौधे लगाए गए।

झारखंड के जमशेदपुर नगर निगम की पहल

जमशेदपुर नगर निगम ने कैलाश सरोवर की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया। 2 टन से अधिक कचरा हटाकर इस जलाशय को स्वच्छ और सुंदर बनाया गया। इस पहल में स्थानीय नागरिकों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और सफाई मित्रों की सक्रिय भागीदारी रही।

नागरिक नेतृत्व से परिवर्तन की दिशा

इन शहरों की ये प्रेरणादायी कहानियाँ बताती हैं कि स्वच्छ भारत मिशन अब केवल सफाई अभियान नहीं रहा, बल्कि यह एक जन-भागीदारी आधारित शहरी पुनर्जागरण आंदोलन बन चुका है, जो सतत विकास, सामुदायिक स्वामित्व और जीवन गुणवत्ता में सुधार की दिशा में अग्रसर है।


रक्षा विभाग ने ‘विशेष अभियान 5.0’ को सफलतापूर्वक संपन्न किया — स्वच्छता, दक्षता और सतत विकास की दिशा में 100% लक्ष्य हासिल

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रक्षा विभाग (DoD) ने ‘विशेष अभियान 5.0’ को सफलतापूर्वक संपन्न किया, जिसमें तैयारी चरण (15-30 सितंबर 2025) और क्रियान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर 2025) शामिल थे। इस अभियान के तहत देशभर में अधीनस्थ और संबद्ध कार्यालयों में 5,377 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए।

रक्षा विभाग ने विभिन्न मापदंडों पर निर्धारित सभी लक्ष्यों की 100 प्रतिशत प्राप्ति की। सांसदों/वीआईपी के लंबित संदर्भों और CPGRAMS पर प्राप्त जन शिकायतों का निस्तारण किया गया तथा 25 नियमों/प्रक्रियाओं को सरलीकृत किया गया। इस दौरान 59,561 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 11,401 फाइलें हटाई गईं। इसके अतिरिक्त, अप्रचलित कार्यालय/आईटी उपकरणों की नीलामी से ₹10.01 लाख का राजस्व अर्जित किया गया। अभियान के दौरान 57,648 वर्ग फीट कार्यालय स्थान मुक्त हुआ, जिससे कार्यस्थल अधिक सुव्यवस्थित और स्वच्छ बना।

अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए गए।

  • कैंटोनमेंट बोर्डों ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत "Reduce, Reuse, Recycle" के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया।

  • बराकपुर कैंटोनमेंट बोर्ड ने अपने परिसर में स्थित एक कचरा स्थल को बदलकर ‘बराकपुर हेरिटेज ग्रोव’ नामक 2,500 वर्ग फीट के गुलाब उद्यान में परिवर्तित किया।

  • सिकंदराबाद कैंटोनमेंट बोर्ड ने ‘वेस्ट टू वंडर पार्क’ की शुरुआत की, जहां त्यागी गई वस्तुओं को कलात्मक एवं उपयोगी रूपों में बदला गया।

  • दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड ने SMART (Swachhata Monitoring & Automated Reporting Tool) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया।

  • बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने लुकुंग–चार्टसे रोड निर्माण के लिए "Geo Grid" नामक नई निर्माण तकनीक विकसित की।

  • हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग ने पर्यावरणीय स्थिरता के तहत 52 सौर जल हीटर स्थापित किए।

यह स्वच्छता अभियान पूरे देश में कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन, आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज, नेशनल कैडेट कॉर्प्स, इंडियन कोस्ट गार्ड, सैनिक स्कूल्स सोसाइटी, कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट, और विभिन्न पर्वतारोहण संस्थानों — जैसे नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (उत्तरकाशी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (दिरांग, अरुणाचल प्रदेश), जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (पाहलगाम, जम्मू-कश्मीर) और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (दार्जिलिंग) में चलाया गया।

यह अभियान रक्षा विभाग की स्वच्छता, दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विशेष अभियान 5.0 के तहत आयुष मंत्रालय ने दक्षता, पारदर्शिता और स्वच्छता को दी नई गति

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नई दिल्ली-आयुष मंत्रालय ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत दक्षता, पारदर्शिता और स्वच्छता की दिशा में अपने सतत प्रयास जारी रखे। इस अभियान का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार लाना, और सभी आयुष संस्थानों में स्वच्छता तथा जन शिकायत निवारण को बढ़ावा देना रहा।

अभियान के दौरान मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। कुल 658 जन शिकायतों और 59 जन शिकायत अपीलों का निस्तारण किया गया। साथ ही, संसद सदस्यों से प्राप्त 2 संदर्भों को भी सुलझाया गया। इसके अलावा, देशभर में आयुष प्रतिष्ठानों में 68 स्वच्छता अभियानों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। मंत्रालय ने 101 पुरानी फाइलों को रिकॉर्ड से हटाकर दस्तावेज प्रबंधन और प्रशासनिक दक्षता में सुधार किया।

कबाड़ निपटान गतिविधियों के माध्यम से 1365 वर्ग फीट कार्यालय क्षेत्र खाली किया गया और ₹7,35,500 की राजस्व प्राप्ति हुई। ये उपलब्धियां न केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग और कार्यस्थल की दक्षता को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट करती हैं कि मंत्रालय भारत सरकार की “स्वच्छता ही सेवा” और “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” की दृष्टि को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पूर्व अभियानों की सफलता पर आगे बढ़ते हुए, विशेष अभियान 5.0 के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और आयुष समुदाय के सदस्यों ने हर्बल गार्डन, सामुदायिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता और जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने आयुष भवन और अन्य प्रमुख संस्थानों में स्वयं नेतृत्व कर सामूहिक जिम्मेदारी और नागरिक सजगता की भावना को प्रोत्साहित किया।

आयुष मंत्रालय जन शिकायत निवारण और स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अभियान मंत्रालय के कुशल, पारदर्शी और जन-केंद्रित प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ है।

कानूनी कार्य विभाग ने ‘स्पेशल कैंपेन 5.0’ को सफलतापूर्वक संपन्न किया, स्वच्छता और दक्षता की दिशा में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

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विधि एवं न्याय मंत्रालय के कानूनी कार्य विभाग (Department of Legal Affairs - DLA) ने स्पेशल कैंपेन 5.0 के सभी निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण कर सफलतापूर्वक अभियान का समापन किया। यह उपलब्धि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मार्गदर्शन और विधि सचिव डॉ. अंजु राठी राणा के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में हासिल की गई।

भारत सरकार की “स्वच्छता ही सेवा” की दृष्टि को मूर्त रूप देते हुए, विभाग के देशभर में स्थित सभी कार्यालयों ने असाधारण समन्वय और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। यह अभियान प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा निर्धारित 12 प्रमुख कार्य बिंदुओं के तहत संचालित किया गया।

योजना से प्रदर्शन तक

सितंबर 2025 में विस्तृत तैयारी चरण (Preparatory Phase) के बाद, कार्यान्वयन चरण (Implementation Phase) की शुरुआत 2 अक्टूबर 2025 को हुई। SCDPM 5.0 पोर्टल के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग, दैनिक समीक्षा और अंतर-विभागीय निगरानी ने अभियान को सभी मानकों पर संतृप्ति तक पहुँचाया।

मुख्य उपलब्धियाँ

भौतिक फाइलें (Physical Files):

  • 64,401 फाइलों की समीक्षा की गई

  • 26 फाइलें राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) को हस्तांतरित की गईं

  • 60,216 फाइलें निरस्तीकरण (Weeding) हेतु चिन्हित की गईं

  • 60,216 फाइलें नष्ट की गईं

ई-फाइलें (E-Files):

  • 714 फाइलों की समीक्षा

  • 311 फाइलें बंद की गईं

कार्यालय स्थल एवं राजस्व (Office Space & Revenue):

  • 11,831 वर्ग फुट स्थान मुक्त किया गया

  • ₹4,91,758 का राजस्व अर्जित किया गया

लंबित संदर्भ और शिकायतें (Pending References & Grievances):

  • सांसदों से प्राप्त 50 संदर्भ

  • राज्य सरकारों से प्राप्त 6 संदर्भ

  • 27 अंतर-मंत्रालयी संदर्भ

  • 11 संसदीय आश्वासन

  • 1 पीएमओ संदर्भ

  • 879 सार्वजनिक शिकायतें

  • 10 सार्वजनिक शिकायत अपीलें — सभी का निपटारा किया गया

स्वच्छता, डिजिटलीकरण और पुनर्गठन की दिशा में कदम

सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 के तहत हजारों भौतिक फाइलों की समीक्षा, वर्गीकरण, डिजिटलीकरण और निरस्तीकरण किया गया, जिससे न केवल कार्यालय स्थान खाली हुआ बल्कि अभिलेख प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी।

ई-कचरे के निस्तारण के तहत अनुपयोगी आईटी उपकरण — जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, यू.पी.एस., फोटोकॉपी मशीनें आदि — पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा जारी ई-वेस्ट प्रबंधन नियम, 2022 के अनुसार अधिकृत रीसायक्लर्स के माध्यम से निस्तारित किए गए। साथ ही, अनुपयोगी फर्नीचर और अन्य वस्तुओं की नीलामी की गई। खाली हुए स्थानों का उपयोग हरित क्षेत्र (Green Corners) और सुव्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन हेतु किया गया।

सांसदों, राज्य सरकारों, पीएमओ और मंत्रालयों से प्राप्त सभी संदर्भों का प्राथमिकता से निपटारा किया गया। CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से सभी सार्वजनिक शिकायतों और अपीलों को ट्रैक कर समयबद्ध रूप से बंद किया गया।

देशभर के कार्यालयों की सक्रिय भागीदारी

इस अभियान में विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों ने भाग लिया — मुख्य सचिवालय (नई दिल्ली), शाखा सचिवालय (कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु), केंद्रीय एजेंसी अनुभाग (सुप्रीम कोर्ट), विधि आयोग, इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट (ILI), इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (IIAC), सभी आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) पीठें, और दिल्ली उच्च न्यायालय, सीएटी (मुख्य पीठ) तथा तिस हजारी न्यायालयों में स्थित वाद अनुभाग।

साइबर सुरक्षा जागरूकता पहल

स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत, 30 अक्टूबर 2025 को विभाग द्वारा साइबर सुरक्षा जागरूकता वेबिनार का आयोजन किया गया, जो राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के अवसर पर आयोजित हुआ। यह सत्र राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की Cyber & Information Security Management Division के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया गया। इसमें साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, पासवर्ड प्रबंधन, फ़िशिंग से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर चर्चा की गई। यह पहल विभाग में साइबर-सुरक्षित कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधि सचिव का संदेश

विधि सचिव डॉ. अंजु राठी राणा ने कहा —

“स्वच्छता की भावना केवल भौतिक सफाई तक सीमित नहीं है — यह अनुशासन, दक्षता और लोक सेवा में गर्व का प्रतीक है। मैं विभाग के प्रत्येक अधिकारी को स्पेशल कैंपेन 5.0 को सामूहिक सफलता बनाने के लिए बधाई देती हूँ।”

उन्होंने साप्ताहिक रिपोर्टों की व्यक्तिगत समीक्षा की, निरीक्षण दौरों का संचालन किया और यह सुनिश्चित किया कि सभी लक्ष्यों की पूर्ति समयबद्ध और प्रभावी ढंग से हो।

विकसित भारत @2047 की दिशा में योगदान

विभाग निरंतर डिजिटल परिवर्तन, प्रक्रिया सरलीकरण और सेवा-केंद्रित प्रशासन के माध्यम से विकसित भारत @2047 की दृष्टि को सशक्त कर रहा है। यह अभियान उसी संकल्प का प्रमाण है कि स्वच्छता, दक्षता और पारदर्शिता ही सुशासन की वास्तविक पहचान हैं।

पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत नई दिल्ली स्थित AQCS में स्वच्छता अभियान आयोजित

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मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने 29 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित एनिमल क्वारंटाइन एंड सर्टिफिकेशन सर्विसेज (AQCS) में स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत एक स्वच्छता अभियान आयोजित किया। इस अवसर पर मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस मौके पर पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव  नरेश पाल गंगवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रो. बघेल ने AQCS परिसर का निरीक्षण किया और उसकी स्वच्छता, सुव्यवस्थित रखरखाव तथा बेहतर प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि AQCS भारत का "स्वास्थ्यद्वार" है, जो पशुओं के आयात के दौरान वैज्ञानिक क्वारंटाइन और स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करता है।

स्वच्छता अभियान के दौरान AQCS के अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिसर की सफाई की, पुराने और अनुपयोगी सामानों का निपटान किया और कार्यस्थलों को पुनः व्यवस्थित किया।
स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत विभाग ने लंबित मामलों के निपटान, फाइल समीक्षा और स्वच्छता गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। पुराने और बेकार सामग्रियों की नीलामी से विभाग ने ₹5,54,753 का राजस्व अर्जित किया है।

नीचे विभिन्न मानकों पर विभाग की उपलब्धियां दी गई हैं:

  • पैरामीटर
  •   लक्ष्य                 
  • उपलब्धि
  • सांसद संदर्भ
  •    15
  • 11
  • संसदीय आश्वासन
  •     5
  • 3
  • राज्य सरकार संदर्भ
  •     8
  • 8
  • जन शिकायतें
  •   214
  • 214
  • पीएमओ संदर्भ
  •     3
  • 3
  • जन शिकायत अपीलें
  •    35
  • 27
  • नियम / प्रक्रियाओं में सरलीकरण
  •    1
  • 1
  • भौतिक फाइल समीक्षा
  • 24,645
  • 24,645
  • ई-फाइल समीक्षा
  •  680
  • 562
  • स्वच्छता स्थल
  •  221
  • 221

अभियान के दौरान #एक_पेड़_माँ_के_नाम पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए एक पौधा लगाया गया।

अपने संबोधन में प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने वैश्विक तापमान वृद्धि की चुनौती और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता को भी सुदृढ़ करती हैं।

विशेष अभियान 5.0 के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हासिल की उल्लेखनीय प्रगति

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय, लंबित मामलों के निपटान हेतु चल रहे विशेष अभियान 5.0 में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक चलाया जा रहा है।

अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • जन शिकायत निवारण के 87% लक्ष्यों की प्राप्ति हो चुकी है।

  • कुल 4,988 भौतिक फाइलें सफलतापूर्वक निष्पादित (weed out) की गईं।

  • 480 लक्ष्यों के विरुद्ध 405 स्वच्छता अभियान संचालित किए गए।

  • कबाड़, ई-वेस्ट और अनुपयोगी फाइलों के निपटान से लगभग 31,353 वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र मुक्त हुआ।

  • 81,66,756 रुपये का राजस्व स्क्रैप निपटान से प्राप्त हुआ।

यह विशेष अभियान नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। 9 अक्टूबर 2025 को मंत्री ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और अधीनस्थ संगठनों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद, 13 अक्टूबर 2025 को उन्होंने मंत्रालय परिसर का निरीक्षण किया, स्टाफ से बातचीत की, कैंटीन की स्वच्छता और पुस्तकालय का जायजा लिया।

राममोहन नायडू ने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे अपने कार्य, व्यवहार और विचारों में स्वच्छता को अपनाएँ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शारीरिक, डिजिटल और मानसिक रूप से स्वच्छ, सकारात्मक और व्यवस्थित कार्यस्थल सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।

स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान 2025: 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया गया

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नई दिल्ली-स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान, जिसे शहरी क्षेत्रों में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और स्वच्छता विभाग (DDWS), जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक मनाया गया और यह गांधी जयंती पर अपने समापन पर पहुँचा।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने इस अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर 2025 को स्वच्छता प्रतिज्ञा के साथ किया, जिसमें कार्यालयों और समुदायों में स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।

अभियान की प्रमुख थीम और गतिविधियाँ

  • इस वर्ष अभियान का फोकस Cleanliness Target Units (CTUs) को मॉडल स्वच्छ क्षेत्रों में बदलने और उच्च फुटफॉल वाले सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छता बनाए रखने पर था।

  • सफाईमित्रों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, ताकि रोकथाम स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा दिया जा सके।

  • MoSPI और इसके कार्यालयों में व्यक्तिगत स्वच्छता और सतत स्वच्छता प्रथाओं के प्रति जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

अभियान की उपलब्धियाँ

  • कुल 52 CTUs को मॉडल स्वच्छ क्षेत्र में परिवर्तित किया गया।

  • 104 सार्वजनिक स्थानों की सफाई की गई।

  • MoSPI में सफाईमित्रों के लिए हेल्थ शिविर आयोजित किया गया, जिसमें व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर मार्गदर्शन दिया गया।

राष्ट्रीय श्रमदान और सहभागिता

  • 25 सितंबर 2025 को पूरे देश में श्रमदान आयोजित किया गया।

  • इस दौरान 2,500 से अधिक अधिकारी और स्वयंसेवक ने सफाई अभियान, वृक्षारोपण और जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया।

  • उनकी सक्रिय भागीदारी ने MoSPI की पर्यावरणीय स्थिरता और स्वच्छ भारत के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को प्रदर्शित किया।

अभियान का महत्व

SHS 2025 ने सामुदायिक सेवा, पर्यावरणीय जागरूकता और रोकथाम स्वास्थ्य देखभाल को सुदृढ़ किया और स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए राष्ट्रीय आंदोलन को आगे बढ़ाया।



सेवा पर्व 2025: 'विकसित भारत के रंग, कला के संग' थीम पर देशभर में कला कार्यशालाएँ

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संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प से प्रेरित होकर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक सेवा पर्व 2025 को सेवा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक गौरव के राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मना रहा है। इसी क्रम में 28 सितंबर 2025 को मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली, चंडीगढ़, कोझिकोड, पणजी, भुवनेश्वर और प्रयागराज में "विकसित भारत के रंग, कला के संग" विषय पर विविध कला कार्यशालाओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में विद्यार्थियों, कलाकारों, शिक्षाविदों, गणमान्य व्यक्तियों और सामुदायिक नेताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

प्रमुख झलकियाँ :

नई दिल्ली – एनजीएमए, जयपुर हाउस, इंडिया गेट

यहाँ सेवा पर्व 2025 की सबसे बड़ी कला कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें 15 हज़ार से अधिक छात्र-छात्राओं और कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कुलजीत सिंह चहल (सदस्य एवं उपाध्यक्ष, एनडीएमसी), पद्मश्री कलाकार श्याम शर्मा और वासुदेव कामथ सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिभागियों को कला के माध्यम से "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" और विकसित भारत के विज़न को व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया।

चंडीगढ़ – कला ग्राम, मनीमाजरा

500 से अधिक प्रतिभागियों ने कला कार्यशाला में हिस्सा लिया। संस्कार भारती के उत्तर क्षेत्र प्रमुख नवीन शर्मा ने युवाओं को संस्कृति और मूल्यों को कला के माध्यम से प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कोझिकोड (केरल) – वेदव्यास विद्यालय, मलप्परम्बु

यहाँ 400 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। साहित्यकार व कलाकार एम. श्रीहर्षन, प्रो. डॉ. विक्रमन, भित्ति चित्र विशेषज्ञ ससी एदावरद, बालचंद्रन ए.के. और कनकादोस ने पारंपरिक और आधुनिक कला के मेल का मार्गदर्शन दिया।

पणजी (गोवा) – संस्कृति भवन, पट्टो-पणजी

यहाँ आयोजित कला कार्यशाला में स्थानीय समुदाय की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम में विधायक राजेश फालदेसाई ने कलाकारों को विकसित भारत की आकांक्षाओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया।

भुवनेश्वर (ओडिशा) – ललित कला अकादमी क्षेत्रीय केंद्र

600 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विधायक बाबू सिंह ने विद्यार्थियों और कलाकारों के योगदान की सराहना की।

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – एम.पी. मेमोरियल स्कूल, तेलियारगंज

यहाँ स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विद्यार्थियों ने उपयोगी वस्तुएँ स्वच्छता-आधारित अपशिष्ट सामग्री से बनाईं। इस पहल ने कला, रचनात्मकता और स्थिरता को जोड़ते हुए समाज को एक अनोखा संदेश दिया।

डिजिटल भागीदारी

मंत्रालय ने सेवा पर्व पोर्टल https://amritkaal.nic.in/sewa-parv.htm के माध्यम से संस्थागत और व्यक्तिगत भागीदारी सुनिश्चित की है। कोई भी व्यक्ति "विकसित भारत के रंग, कला के संग" थीम पर अपनी कला रचना बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर सकता है और #SewaParv के साथ सोशल मीडिया पर साझा कर सकता है।

निष्कर्ष

28 सितंबर 2025 को देशभर में आयोजित इन कला कार्यशालाओं और स्वच्छता अभियानों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और सामूहिकता को प्रदर्शित किया। दिल्ली से लेकर कोझिकोड और प्रयागराज तक, हर स्थल एक मंच बना – जहाँ विद्यार्थियों, कलाकारों और समुदायों ने मिलकर विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को कला के माध्यम से जीवंत किया।


स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत श्रमदान गतिविधि का आयोजन

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स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत और “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” के विषय के अनुरूप, रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग (DCPC), रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने आज गुरुग्राम में कीटनाशक निर्माण प्रौद्योगिकी संस्थान (IPFT) के साथ मिलकर एक श्रमदान गतिविधि का आयोजन किया।

इस श्रमदान में अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसकी अगुवाई DCPC के सचिव ने की। कुल 50 अधिकारी और कर्मचारी, साथ ही IPFT के निदेशक और कर्मचारी इस गतिविधि में शामिल हुए। उन्होंने पुलिस स्टेशन, उद्योग विहार, सुंदरहरा, गुरुग्राम के पास निर्धारित सफाई लक्ष्य इकाई (CTU) में मिलकर श्रमदान किया।


यमुना नदी की सफाई और संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक प्रयास

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज एक महत्वपूर्ण अवसर देखने को मिला, जब ‘स्वच्छता ही सेवा’ पहल के तहत यमुना नदी के किनारे, कलिंदी कुंज में एक भव्य कार्यक्रम ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ आयोजित किया गया। इस समारोह ने न केवल नदी संरक्षण और पुनर्जीवन के प्रति जन जागरूकता को बढ़ावा दिया, बल्कि यमुना की सफाई में सामूहिक भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और केंद्रीय राज्य मंत्री जल शक्ति वी. सोमनन्ना की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, सी. आर. पाटिल ने उनके जीवन के मूल सिद्धांत—सेवा, सरलता और राष्ट्र के प्रति समर्पण—को याद किया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नदी संरक्षण का प्रयास केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं रह गया है, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन गया है।सी. आर.पाटिल ने यमुना नदी के पुनर्जीवन को सांस्कृतिक आस्था और पर्यावरणीय चेतना के अद्वितीय संगम के रूप में वर्णित किया।

उन्होंने यह भी बताया कि महात्मा गांधी के “स्वतंत्रता” और “स्वच्छता” के सिद्धांत आज भी देश को मार्गदर्शन और प्रेरणा देते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे नदी संसाधनों का पुनर्जीवन भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी उन लोगों को बधाई दी जो इस पवित्र अभियान से जुड़े हैं, और कहा कि जब संकल्प सामूहिक होता है, तो परिवर्तन निश्चित रूप से ऐतिहासिक बनता है। भारत में स्वच्छता केवल स्वास्थ्य या पर्यावरण का मुद्दा नहीं है; यह हमारी सभ्यता और संस्कृति की आत्मा है। इसी दर्शन के आधार पर जल शक्ति मंत्रालय ने “स्वच्छता ही सेवा” अभियान शुरू किया, जो अब एक शक्तिशाली राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है और जन चेतना को जाग्रत कर रहा है।

अभियान की ताकत: इस अभियान की वास्तविक शक्ति इसकी व्यापक भागीदारी में निहित है। 139 जिला गंगा समितियों और 2 नगरपालिकाओं की सक्रिय भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया कि गंगा और उसकी सहायक नदियों की सफाई केवल सरकार का प्रयास नहीं है, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। स्थानीय समितियों की तत्परता और जनता की भागीदारी ने इस मिशन को और सशक्त किया।

बच्चों और युवाओं की उत्साही उपस्थिति ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के बच्चों ने नृत्य और गीतों के माध्यम से नदी स्वच्छता का संदेश फैलाया, जबकि विभिन्न समूहों ने नाटकों (नुक्कड़ नाटक) के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई। स्कूल और कॉलेजों में आयोजित गतिविधियों ने युवाओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई और उन्हें इस आंदोलन का सच्चा प्रतिनिधि बनाया। इस पहल का उद्देश्य केवल प्रत्येक घर तक स्वच्छता का संदेश पहुँचाना नहीं, बल्कि इसे भविष्य की पीढ़ियों में स्थायी मूल्य के रूप में स्थापित करना था।

व्यावहारिक लक्ष्य और क्रियान्वयन: यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्पष्ट और ठोस लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ा। प्रत्येक जिले ने 10,000 प्रतिभागियों को रैलियों, स्वच्छता अभियानों, जागरूकता शिविरों और सामुदायिक पहलों के माध्यम से शामिल करने का संकल्प लिया। इसके परिणामस्वरूप हजारों नागरिक स्वयंसेवक के रूप में सामने आए और गंगा की स्वच्छता के सच्चे रक्षक बने।

“स्वच्छता ही सेवा” को नमामि गंगे कार्यक्रम के साथ एकीकृत करना इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता रही। गंगा घाटों की सफाई, सीवेज प्रबंधन और जन जागरूकता जैसी पहलों को मिलाकर यह दिखाया गया कि तकनीकी समाधान तभी सफल हो सकते हैं जब समाज स्वयं इस मिशन का हिस्सा बने।

यमुना नदी पुनर्जीवन प्रयास: दिल्ली में यमुना नदी को पुनः स्वच्छ और जीवनदायिनी बनाने के लिए बहुआयामी प्रयास पहले से ही चल रहे हैं। 10 प्रमुख परियोजनाओं में से 9 पहले ही पूर्ण हो चुकी हैं, जो इस मिशन की गति और गंभीरता को दर्शाती हैं। ओखला, कोंडली, रिठाला और कोरोनेशन पिलर में अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से कार्यरत हैं।

तकनीकी उपायों के अलावा नदी किनारों की नियमित सफाई, जल पुनर्चक्रण पहल, और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के ठोस कदम भी उठाए जा रहे हैं। इन उपायों ने न केवल प्रदूषण नियंत्रण में मदद की है, बल्कि यमुना की शुद्धता और स्वच्छता बहाल करने के लिए स्थायी समाधान की नींव भी रखी है।

सहभागी संस्थाएँ: इस अभियान में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग, पेयजल और स्वच्छता विभाग, MCD, और कई संस्थाओं जैसे YSS Foundation, Sakshambhoomi Foundation, Amity University, Zakir Husain College, PGDAV College, IMS College, Sunbreeze School और Government Boys School of Srinivaspuri ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे अभियान और भी मजबूत हुआ।

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