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पीडीयूएनएएसएस में “सदस्य-प्रथम” दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (PDUNASS) ने आज एक रणनीतिक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया, जो सामाजिक सुरक्षा प्रशासन में “सदस्य-प्रथम” दृष्टिकोण की ओर निर्णायक बदलाव का संकेत देती है। इस सत्र में पेंशनभोगियों की गरिमा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए संचालनात्मक ढांचे को पुन: व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया, साथ ही CITES प्रोजेक्ट और कोड ऑन सोशल सेक्यूरिटी के लिए संस्थागत तत्परता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मुख्य भाषण वर्चुअल माध्यम से रमेश कृष्णमूर्ति, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (CPFC) ने दिया। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन को सहानुभूतिपूर्ण सामाजिक सुरक्षा प्रणाली की रीढ़ बताते हुए कहा:

"हमारा परिवर्तन पूरी तरह संस्थागत रूप से संगठित और सदस्य-केंद्रित होना चाहिए। हमारे पेंशनभोगियों के लिए समय पर सेवा सिर्फ एक मापदंड नहीं, बल्कि गरिमा का विषय है।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण तेजी से बढ़ती सदस्य संख्या की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अनिवार्य है। विशेष रूप से पेंशन जैसी संवेदनशील मामलों में विश्वसनीयता और जवाबदेही अपरिहार्य हैं।

कार्यशाला में पेंशनभोगी अनुभव पर विशेष जोर दिया गया। चंद्रमौली चक्रवर्ती (ACC-HQ), स्म्ति. अपराजिता जग्गी (ACC), और S. K. गुप्ता (RPFC-I) ने पेंशन विभाग की ओर से प्रतिभागियों को संबोधित किया और निम्नलिखित उपायों पर प्रकाश डाला:

  • पेंशन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर प्रतीक्षा समय कम करना।

  • सभी ज़ोन में प्रक्रियाओं का मानकीकरण कर समान सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित करना।

  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए संपूर्ण अनुभव को बेहतर बनाना, जिससे पेंशन मामलों को स्पष्टता और गति के साथ निपटाया जा सके।

सलील शंकर (ACC, IS Division) ने CITES प्रोजेक्ट का खाका प्रस्तुत किया और इसे “Ease of Living” के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बताया। यह प्रोजेक्ट डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाने, तेज़ दावा निपटान और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

साथ ही,  P. B. वर्मा (ACC, Compliance, Recovery & Legal) ने अनुपालन ढांचे को मजबूत करने की पहलों पर चर्चा की, जबकि कोड ऑन सोशल सेक्यूरिटी में संक्रमण के दौरान व्यापार सुगमता बनाए रखने पर जोर दिया।

स्वागत भाषण में, कुमार रोहित, निदेशक, PDUNASS ने कहा कि अकादमी के क्षमता निर्माण प्रयास अब “सक्रिय शासन” पर केंद्रित हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि कोड ऑन सोशल सेक्यूरिटी के अनुरूप होना, कार्यकर्ताओं और पेंशनभोगियों दोनों को मजबूत सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक है।

कार्यशाला का संचालन कोर्स डायरेक्टर हरीश यादव, RPFC-I के पर्यवेक्षण में सुचारू रूप से किया गया। उनकी सूक्ष्म समन्वय क्षमता ने अधिकारियों को मैदान स्तर के अनुभव और नवाचार साझा करने के लिए एक संरचित और उत्पादक वातावरण प्रदान किया।

कार्यशाला का समापन EPFO की सदस्य-केंद्रित प्रतिबद्धता के संकल्प के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने डिजिटल पहलों का उपयोग केवल दक्षता के लिए नहीं, बल्कि देश भर के लाखों पेंशनभोगियों के लिए विश्वसनीय, सुलभ और सहानुभूतिपूर्ण सामाजिक सुरक्षा जाल प्रदान करने के लिए करने का संकल्प लिया।

PDUNASS के बारे में

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (PDUNASS) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का प्रमुख प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान है। यह अकादमी कुशल, उत्तरदायी और सहानुभूतिपूर्ण कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जो भारत भर में लाखों हितधारकों को उच्च गुणवत्ता वाली सामाजिक सुरक्षा सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम हो।

दूरसंचार पेंशनरों के लिए बड़ी सुविधा: जनवरी 2026 में ‘जीवन प्रमाण’ शिविरों का आयोजन

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दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत प्रधान नियंत्रक संचार लेखा (Pr. CCA) द्वारा पेंशनरों की सुविधा के लिए जनवरी 2026 माह में टेलीकॉम पेंशनर्स जीवन प्रमाण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर दिल्ली एवं एनसीआर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित होंगे।

ये शिविर Pr. CCA दिल्ली कार्यालय, दिल्ली संचार लेखा भवन, प्रसाद नगर, ईस्टर्न कोर्ट, जनपथ स्थित एक्सटेंशन काउंटर तथा MTNL/BSNL परिसरों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पेंशनरों से अनुरोध है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार निकटतम शिविर में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर मौके पर ही जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन करा सकते हैं।

पेंशनर सुविधा शिविरों का कार्यक्रम

  1. MTNL एक्सचेंज भवन, C-10 यमुना विहार, दिल्ली – 16 जनवरी 2026

  2. MTNL एक्सचेंज भवन, लक्ष्मी नगर, दिल्ली – 19 जनवरी 2026

  3. MTNL एक्सचेंज भवन, नरेला, दिल्ली – 20 जनवरी 2026

  4. MTNL एक्सचेंज भवन, द्वारका सेक्टर-6, दिल्ली – 22 जनवरी 2026

  5. MTNL एक्सचेंज भवन, नेहरू प्लेस, नई दिल्ली – 27 जनवरी 2026

समय: प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक

शिविरों में उपलब्ध सुविधाएँ

  • डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का प्रशिक्षण
    (वेबसाइट: www.jeevanpramaan.gov.in)

  • जीवन प्रमाण फेस ऑथेंटिकेशन ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण

  • KYP फॉर्म जमा करने की सुविधा
    (एक पासपोर्ट साइज फोटो एवं आधार कार्ड की प्रति साथ लाएं)

  • पेंशन से संबंधित शिकायतों एवं प्रश्नों का समाधान

महत्वपूर्ण सूचना: जिन पेंशनरों ने पहले ही अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर दिया है, उन्हें इस उद्देश्य से शिविर में आने की आवश्यकता नहीं है।

यह पहल पेंशनरों के लिए एक सराहनीय कदम है, जिससे उन्हें डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाने और अपनी पेंशन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने में सहायता मिलेगी।

पेंशन अदालत में लंबित मामलों का त्वरित समाधान, पेंशनभोगियों को मिली बड़ी राहत

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नई दिल्ली- पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनरों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 24 दिसंबर 2025 को आयोजित पेंशन अदालत में कुल 30 मंत्रालयों/विभागों से जुड़े 1087 दीर्घकालिक पेंशन संबंधी मामलों पर सुनवाई की गई। इनमें से 815 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जिससे इस व्यवस्था की प्रभावशीलता और संवेदनशीलता स्पष्ट होती है।

इस पेंशन अदालत में रक्षा, गृह, वित्त, डाक, आवासन एवं शहरी कार्य, नागरिक उड्डयन सहित विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित मामलों को शामिल किया गया। कई मामलों में वर्षों से लंबित पेंशन और बकाया राशि का निपटारा हुआ, जिससे पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिली।

कुछ प्रेरक और भावनात्मक समाधान उदाहरण

सत्यम मिश्रा (प्रयागराज)

114 दिनों से लंबित असाधारण पेंशन (Extra Ordinary Pension) का मामला जुलाई 2024 से अटका हुआ था। पेंशन अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी बात रखने के बाद बीएसएफ अधिकारियों ने जानकारी दी कि ₹5,73,728 की बकाया राशि (एक्स-ग्रेशिया सहित) का भुगतान कर दिया गया है और 1 दिसंबर 2025 से पेंशन प्रारंभ कर दी जाएगी।

दलजीत सिंह (रेवाड़ी, हरियाणा)

150 दिनों से अधिक समय से कम्यूटेशन राशि के भुगतान का मामला लंबित था। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत PCDA(P), प्रयागराज ने बताया कि ₹12,02,656 की कम्यूटेशन राशि 10 नवंबर 2025 को उनके खाते में जमा कर दी गई है।

नसीम अख्तर (श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर)

अगस्त 2020 से पारिवारिक पेंशन का मामला लंबित था। पेंशन अदालत में जानकारी दी गई कि 24 दिसंबर 2025 को प्राधिकरण जारी कर दिया गया है और समस्त बकाया राशि शीघ्र भुगतान की जाएगी।

 कंचन बाला (ऊना, हिमाचल प्रदेश)

जनवरी 2021 से अविवाहित पुत्री को पारिवारिक पेंशन न मिलने का मामला। बीएसएफ अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि 10 दिनों के भीतर मामला निपटाया जाएगा।

मुक्ता चक्रवर्ती (गुवाहाटी, असम)

अक्टूबर 2020 से लंबित पारिवारिक पेंशन मामले में PAO-CBDT और CPAO को 10 दिनों के भीतर समीक्षा कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।

मानिका दास (दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल)

229 दिनों से लंबित पारिवारिक पेंशन बकाया का मामला। अधिकारियों ने बताया कि ₹18 लाख की बकाया राशि शीघ्र जमा की जाएगी और 31 दिसंबर 2025 से नियमित पेंशन प्रारंभ होगी।

संवेदनशील प्रशासन की मिसाल

पेंशन अदालत ने यह सिद्ध कर दिया कि संवाद, तकनीक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के माध्यम से वर्षों से अटके मामलों का समाधान संभव है। यह पहल न केवल पेंशनभोगियों के लिए राहत का माध्यम बनी, बल्कि सरकार की ‘Ease of Living’ की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है।

पेंशनभोगियों की ‘Ease of Living’ को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम: पुणे में 58वीं प्री-रिटायरमेंट काउंसलिंग वर्कशॉप का आयोजन

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माननीय प्रधानमंत्री के ‘Ease of Living’ के विज़न के अनुरूप पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए भारत सरकार का पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) निरंतर प्रगतिशील कदम उठा रहा है। इसी क्रम में पेंशन नीति में सुधार और पेंशन संबंधी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के तहत 58वीं प्री-रिटायरमेंट काउंसलिंग (PRC) वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है।

केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 29 दिसंबर 2025 को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित इस वर्कशॉप का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यशाला केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के लिए आयोजित की जा रही है, जो अगले 12 महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

इस वर्कशॉप के दौरान सेवानिवृत्ति के बाद जीवन को सहज और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें सेवानिवृत्ति लाभ, सीजीएचएस, निवेश के विकल्प, भाविष्य पोर्टल, इंटीग्रेटेड पेंशनर्स पोर्टल, पारिवारिक पेंशन, सीपीईएनजीआरएएमएस, अनुभव (ANUBHAV), डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सहित कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

अनुमान है कि महाराष्ट्र राज्य में कार्यरत लगभग 350 अधिकारी, जो आगामी एक वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, इस प्री-रिटायरमेंट काउंसलिंग वर्कशॉप से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशनर्स अवेयरनेस प्रोग्राम तथा पेंशन वितरण बैंकों के लिए 11वां बैंकर्स अवेयरनेस प्रोग्राम भी आयोजित किया जाएगा।

कार्यशाला के दौरान पेंशन वितरण बैंकों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें कई बैंक सक्रिय रूप से भाग लेंगे। यहां पेंशन से जुड़ी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और बैंक प्रतिनिधि पेंशन खाता खोलने तथा पेंशन राशि के उपयुक्त निवेश विकल्पों पर मार्गदर्शन देंगे।

इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य पेंशनभोगियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशन वितरण बैंकों को नियमों, प्रक्रियाओं और डिजिटल सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन अधिक सुरक्षित, सरल और सम्मानजनक बनाया जा सके।

पेंशन अदालत में त्वरित न्याय: 1087 में से 815 पेंशनरों की शिकायतों का मौके पर समाधान

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रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, वित्त, डाक, आवास एवं शहरी कार्य, नागरिक उड्डयन आदि से संबंधित 30 विभागों/मंत्रालयों के सुपर सीनियर पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों से जुड़ी कुल 1087 शिकायतें पेंशन अदालत में निवारण हेतु उठाई गईं, जिनमें से 815 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। यह पहल पेंशनरों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई।

24.12.2025 को आयोजित पेंशन अदालत में कई हृदयस्पर्शी सफलता कथाएँ सामने आईं। नीचे कुछ मामलों के अंश प्रस्तुत हैं, जो पेंशनरों द्वारा झेली गई कठिनाइयों और पेंशन अदालत की व्यवस्था के माध्यम से उनके लंबे समय से लंबित वैध अधिकारों की प्राप्ति को दर्शाते हैं—

प्रीतम सिंह

हरियाणा के रेवाड़ी निवासी प्रीतम सिंह की शिकायत 114 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। यह जीपीएफ, अवकाश नकदीकरण और ग्रेच्युटी के भुगतान न होने से संबंधित थी। उन्होंने फोन पर अपनी शिकायत की स्थिति बताई। बीएसएफ अधिकारियों ने सूचित किया कि मामला सुलझा लिया गया है और ₹68,10,192/- की कुल बकाया राशि शीघ्र ही पेंशनर के खाते में जमा कर दी जाएगी।

केवल कृष्ण

जम्मू-कश्मीर निवासी केवल कृष्ण की शिकायत 150 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। उनकी पत्नी स्व.फोली देवी के निधन के बाद पारिवारिक पेंशन शुरू होने में देरी हुई थी। सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ₹8,56,107/- की अतिरिक्त पारिवारिक पेंशन राशि पहले ही जमा की जा चुकी है तथा 07.12.2020 से 30.11.2025 तक की कुल बकाया राशि ₹12,11,444/- का भुगतान प्रक्रिया में है और शीघ्र जारी कर दिया जाएगा।

खिमुली देवी

उत्तराखंड निवासी खिमुली देवी, जिनके पति एसएसबी में कार्यरत थे, एक पारिवारिक पेंशनर हैं। उनकी शिकायत 133 दिनों से अधिक समय से लंबित थी और न्यूनतम असाधारण पेंशन (Extraordinary Pension) के संशोधन व ब्याज सहित बकाया भुगतान से संबंधित थी। उनके पोते ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेते हुए बकाया गणना पत्र की मांग की। एसएसबी नोडल अधिकारी ने आश्वासन दिया कि शेष बकाया शीघ्र भुगतान किया जाएगा और गणना पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा।

सबित्री बाग

सबित्री बाग, स्व. क्षमा सिल बाग की विधवा हैं, जो डाक विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी शिकायत 129 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। निलंबन अवधि के नियमितीकरण में देरी के कारण वेतन लाभ और पारिवारिक पेंशन जारी नहीं हो पाई थी। डाक विभाग ने बताया कि 11.10.2014 से 09.01.2020 की सेवा अवधि को 21.11.2025 को नियमित कर दिया गया है। पेंशन अदालत में यह निर्देश दिया गया कि मामले की एक सप्ताह में समीक्षा कर बकाया भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए।

सावित्री देवी भिकाजी मदाये

84 वर्षीय सुपर सीनियर पारिवारिक पेंशनर सावित्री देवी भिकाजी मदाये को जून 2021 से पारिवारिक पेंशन नहीं मिल रही थी, क्योंकि कोषागार से बैंक में भुगतान स्थानांतरण के दौरान मूल दस्तावेज और पीपीओ गुम हो गए थे। सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय, पीएओ और सीपीएओ से समन्वय के बाद 18.12.2025 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सीपीपीसी को ₹7,40,870/- की बकाया राशि के भुगतान की स्वीकृति जारी कर दी गई है। उनके अस्पताल में भर्ती होने के कारण पुणे से एआईसीजीपीए पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव ने उनकी ओर से भाग लिया और शिकायत समाधान पर आभार व्यक्त किया।


सचिव वी. श्रीनिवास ने पंजाब नेशनल बैंक के मेगा कैंप का उद्घाटन किया, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के माध्यम से पेंशनभोगियों को सुविधा

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वी. श्रीनिवास, सचिव (P&PW), ने 7 नवंबर, 2025 को दिल्ली के संसद मार्ग शाखा में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा आयोजित मेगा कैंप का उद्घाटन किया। यह कैंप नैशनलवाइड DLC कैंपेन 4.0 के तहत आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने पेंशनभोगियों को संबोधित करते हुए सरकार द्वारा पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों को उजागर किया। डिजिटल माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) प्रस्तुत करने की सुविधा ने पेंशनभोगियों की जीवन की सुविधा (Ease of Living) को काफी बढ़ाया है और यह विशेष रूप से वृद्ध और बीमार पेंशनभोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

पंजाब नेशनल बैंक इस कैंप को देशभर में 39 शहरों के 185 स्थानों पर आयोजित कर रहा है।

नैशनलवाइड DLC कैंपेन 4.0 को पेंशन और पेंशनभोगियों के कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा विभिन्न हितधारकों के सहयोग से 1 से 30 नवंबर, 2025 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें पेंशन वितरण बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघ, CGDA, EPFO, DoT, रेलवे, UIDAI और MeitY शामिल हैं। इस अभियान का उद्देश्य देश के सबसे दूर-दराज़ इलाकों तक सभी पेंशनभोगियों तक पहुँचना है।

इस वर्ष अब तक कुल 67.94 लाख DLCs तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 40.42 लाख Face Authentication के माध्यम से हैं। केवल 1 से 5 नवंबर के बीच 25.60 लाख DLCs तैयार किए गए, जिनमें से 15.62 लाख (61%) Face Authentication के माध्यम से हैं। 90 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लिए 37,000 से अधिक DLCs और 100 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लिए 985 DLCs तैयार किए गए हैं।

मेगा कैंप में पेंशनभोगियों के लिए Digital Life Certificate के लिए Face Authentication का उपयोग किया गया। डिजिटल माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा, विशेषकर फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक, ने इसे कहीं भी और कभी भी (Anytime Anywhere) प्रस्तुत करने योग्य बनाया।

मेगा कैंप के दौरान, वी. श्रीनिवास ने पेंशनभोगियों के साथ संवाद किया। पेंशनभोगियों ने डिजिटल माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा पर अपनी अत्यधिक संतुष्टि और खुशी व्यक्त की। विशेष रूप से Face Authentication तकनीक की सुविधा, जो स्मार्टफोन के माध्यम से आसानी से की जा सकती है, वृद्ध और बीमार पेंशनभोगियों के लिए अत्यंत उपयोगी है क्योंकि अब उन्हें किसी बैंक या पेंशन वितरण प्राधिकरण के पास जाने की आवश्यकता नहीं है।


डॉ. जितेन्द्र सिंह ने राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 4.0 का शुभारंभ किया — पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाणन प्रक्रिया में डिजिटल क्रांति की नई पहल

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 4.0 का औपचारिक शुभारंभ किया, जिससे पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में सरकार के सतत प्रयासों को एक नई गति मिली है।

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान 4.0, जो 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, ने अपने पहले चार दिनों में ही 55 लाख से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जारी कर लिए हैं, जबकि पूरे महीने का लक्ष्य दो करोड़ प्रमाण पत्रों का है।

पिछले वर्ष के DLC अभियान 3.0 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि उस दौरान 52.73 लाख DLC चेहरे की पहचान तकनीक (Face Authentication) के माध्यम से प्रस्तुत किए गए थे, जबकि 72.64 लाख EPFO पेंशनभोगियों द्वारा जमा किए गए थे।

उन्होंने बताया कि अभियान 3.0 को नवंबर 2024 में 1,984 स्थानों पर 845 जिलों और शहरों में आयोजित किया गया था, जिसमें 1.62 करोड़ DLCs जारी किए गए थे, जिनमें से 49.78 लाख केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों के थे। इनमें से 85,200 पेंशनभोगी 90 वर्ष से अधिक आयु के थे, जबकि 2,200 से अधिक पेंशनभोगी 100 वर्ष से अधिक आयु के थे।

DLC अभियान 4.0 की प्रमुख विशेषताएँ :

वर्तमान अभियान 4.0 देशभर के लगभग 2,000 जिलों, शहरों और कस्बों में 2,500 शिविरों के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है, जिसका समन्वय 1,250 नोडल अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
यह अभियान मुख्य बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) और पेंशनभोगी कल्याण संघों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस बार “सैचुरेशन एप्रोच” अपनाई गई है ताकि हर पेंशनभोगी, चाहे वह कहीं भी रहता हो या गतिशीलता में अक्षम हो, बिना किसी बाधा के अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सके।

यह अभियान 19 पेंशन वितरित करने वाले बैंकों, UIDAI, MeitY, EPFO, रेलवे, CGDA और दूरसंचार विभाग सहित कई संस्थानों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) अकेले 1,600 से अधिक जिलों और उप-खंडों में 1.8 लाख डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों के नेटवर्क के माध्यम से घर-घर जाकर पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सेवा प्रदान कर रहा है।

विभाग द्वारा एक समर्पित DLC पोर्टल भी विकसित किया गया है, जो 1,850 शहरों और कस्बों में 2,500 से अधिक शिविर स्थलों और 1,200 नोडल अधिकारियों से जुड़ा है।
इसके अतिरिक्त, पूरे महीने के अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशिक्षण सत्र चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जा रहे हैं।

पेंशनभोगियों की सुविधा हेतु तकनीकी नवाचार :

इस वर्ष अभियान का विशेष ध्यान फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने पर है, जिसे MeitY और UIDAI के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया और भी सरल, तेज़ और सुविधाजनक हो गई है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से PIB, दूरदर्शन, आकाशवाणी, सोशल मीडिया और SMS अभियानों के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार किया जा रहा है।
#DLCCampaign4 हैशटैग के तहत यह भारत में पेंशनभोगियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल सशक्तिकरण अभियान बन गया है।

मानवीय संवेदना से प्रेरित तकनीकी परिवर्तन :

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की परिकल्पना वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सहानुभूति से प्रेरित थी।
उन्होंने कहा, “वरिष्ठ नागरिकों से यह साबित करने को कहना कि वे जीवित हैं, अमानवीय प्रतीत होता था। इस चुनौती को सरकार ने एक अवसर के रूप में लिया और बायोमेट्रिक तथा फेस ऑथेंटिकेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग एक मानवीय उद्देश्य के लिए किया।”

उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पेंशनभोगियों के जीवन में सुविधा लाती है, बल्कि समाज को तकनीकी रूप से सशक्त और संवेदनशील बनाती है।

वैश्विक प्रशंसा और प्रधानमंत्री के विज़न की झलक :

डॉ. सिंह ने बताया कि यह अभियान अब एक वैश्विक सफलता की कहानी बन चुका है, जिसे कई अंतरराष्ट्रीय संगठन और प्रतिनिधिमंडल भारत से सीखने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिक-केंद्रित सुशासन के दृष्टिकोण का परिणाम है, जिसने पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) को सरकार के सबसे प्रभावी और नागरिक-उन्मुख विभागों में बदल दिया है।

सम्मान और निष्कर्ष :

इस अवसर पर वी. श्रीनिवास, सचिव (पेंशन),वंदना गुप्ता, कंट्रोलर जनरल ऑफ कम्युनिकेशन अकाउंट्स (CGCA), विश्वजीत सहाय, कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (CGDA), भूवनेश कुमार, CEO UIDAI और ध्रुबज्योति सेनगुप्ता, संयुक्त सचिव (DoPPW) उपस्थित थे।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने वी. श्रीनिवास और उनकी टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की, जिन्होंने इस अभियान को एक पारदर्शी, सुलभ और मानव-केंद्रित पेंशन वितरण प्रणाली में बदल दिया है।

अंत में, उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट पहल प्रधानमंत्री के Ease of Living और Citizen-Centric Governance के विज़न का साकार उदाहरण है —

यह पहल न केवल निरंतर पेंशन वितरण सुनिश्चित करती है, बल्कि भारत को एक पारदर्शी, कुशल और डिजिटल रूप से सशक्त प्रशासनिक ढाँचे की ओर अग्रसर करती है।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा 1 से 30 नवम्बर, 2025 तक देशव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 4.0 का आयोजन

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कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा 1 से 30 नवम्बर, 2025 तक देशव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 4.0 आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान, डिजिटल इंडिया और ईज ऑफ लिविंग मिशन के अनुरूप, पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए सरकार की एक प्रमुख पहल है।

देशव्यापी DLC अभियान 4.0 के दौरान, दूरसंचार विभाग द्वारा अहमदाबाद के पालडी स्थित टैगोर हॉल में 4 नवम्बर, 2025 को एक मेगा कैंप आयोजित किया जा रहा है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी इस कैंप का दौरा करेंगे। इस मेगा कैंप का उद्देश्य पेंशनभोगियों को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में सहायता करना है। UIDAI द्वारा आवश्यकता पड़ने पर आधार रिकॉर्ड अद्यतन और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी।

DLC अभियान 4.0 का लक्ष्य 2 करोड़ पेंशनभोगियों तक पहुंचना है, जो देशभर के 2000 से अधिक शहरों और कस्बों को कवर करेगा। इस अभियान में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया है, जिससे पेंशनभोगी बिना बायोमेट्रिक उपकरणों के आसानी से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। विशेष ध्यान अति वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनभोगियों पर दिया जा रहा है, जिन्हें इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा डोरस्टेप DLC सेवा प्रदान की जा रही है।

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात (24 नवम्बर, 2024) और संविधान दिवस संबोधन (26 नवम्बर, 2024) में इस बात पर प्रकाश डाला था कि कैसे डिजिटल इंडिया जैसी पहलें, जैसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को सरल बना रही हैं।

यह अभियान बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, दूरसंचार विभाग, यूआईडीएआई, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), एनआईसी, तथा गुजरात की पेंशनभोगी कल्याण संघों — जैसे केंद्रीय निवृत्त कर्मचारी मंडल, बड़ोदा सेंट्रल पेंशनर्स एसोसिएशन, और डाक व तार एवं अन्य केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स एसोसिएशन — को एक साथ लाकर पेंशनभोगियों के डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देता है। DLC पोर्टल विभिन्न एजेंसियों द्वारा जीवन प्रमाण पत्र के वास्तविक समय मॉनिटरिंग की सुविधा प्रदान करता है।

मेगा कैंप के दौरान सचिव (P&PW) और कंट्रोलर जनरल ऑफ कम्युनिकेशंस अकाउंट्स की पेंशनभोगियों के साथ इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। अनुमान है कि लगभग 2000 पेंशनभोगी विभिन्न विभागों और संगठनों से इस कैंप में शामिल होंगे।

देशव्यापी DLC अभियान 4.0 के हिस्से के रूप में, गुजरात में 82 शहरों और 107 स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जो विभिन्न जिलों और उपविभागों को कवर करेंगे। इन सभी शिविरों के सुचारू संचालन हेतु कुल 107 नोडल अधिकारी भाग लेंगे।

विभाग पेंशनभोगियों के जीवन को सरल बनाने और उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त करने के लिए ऐसे प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों और पहलों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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