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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग विशेष अभियान 6.0 के तहत स्वच्छता, लंबित कार्यों के निपटारे और ई-वेस्ट प्रबंधन पर करेगा विशेष जोर

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नई दिल्ली- प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कृषि एवं किसान कल्याण विभाग विशेष अभियान 6.0 के तहत स्वच्छता और लंबित कार्यों के निपटारे को लेकर व्यापक अभियान चलाने जा रहा है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।


विशेष अभियान 6.0 का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित कार्यों और मामलों का निपटारा करना, आम नागरिकों के सरकारी कार्यालयों से जुड़ने के अनुभव को बेहतर बनाना तथा सरकारी कार्यालयों से निकलने वाले ई-वेस्ट का नियमों के अनुरूप संग्रह, पृथक्करण और निपटान सुनिश्चित करना है।

विशेष अभियान 5.0 में व्यापक स्तर पर चला था स्वच्छता अभियान

विशेष अभियान 5.0 के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने अपने मुख्यालय के साथ-साथ देशभर में स्थित अधीनस्थ एवं संबद्ध कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य संस्थानों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया था।

इस दौरान कई संगठनों द्वारा पौधारोपण, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

विभाग का एक प्रमुख फोकस किसानों और आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निपटारे पर रहा। नागरिकों और किसानों को मंत्रालय से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने के लिए CPGRAMS की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा विभाग ने अपनी प्रमुख योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए समर्पित पोर्टल भी विकसित किए हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने इन पोर्टलों पर प्राप्त किसानों की शिकायतों के निपटारे की गुणवत्ता की समीक्षा की। वहीं, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव ने 2 से 31 अक्टूबर 2025 के कार्यान्वयन चरण के दौरान निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

लोक शिकायतों और विशेष अभियान पर कार्यशाला

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 9 अक्टूबर 2025 को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के सहयोग से लोक शिकायत और विशेष अभियान 5.0 विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव तथा DARPG के सचिव ने संबोधित किया। इस दौरान विशेष अभियान के उद्देश्यों, लोक शिकायतों के प्रभावी निपटारे और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों पर चर्चा की गई।

ई-वेस्ट से किसानों के लिए बनाए गए मॉडल

विशेष अभियान 5.0 में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सभी संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों ने सक्रिय भागीदारी की। अभियान का एक प्रमुख फोकस ई-वेस्ट का निपटारा रहा।

इसी दिशा में फार्म मशीनरी ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग इंस्टीट्यूट्स ने बेकार इलेक्ट्रॉनिक सामग्री यानी ई-वेस्ट का रचनात्मक उपयोग करते हुए किसानों से संबंधित कृषि उपकरणों और मशीनरी के कई मॉडल तैयार किए।

इनमें ड्रोन, ट्रैक्टर, कल्टीवेटर सहित विभिन्न कृषि उपकरणों के मॉडल शामिल थे। इन मॉडलों की एक प्रदर्शनी भी कार्यशाला के दौरान लगाई गई।

इस पहल को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ श्रेणी के तहत विभाग की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) में शामिल किया गया। DARPG के सचिव ने भी अधिकारियों के इन प्रयासों की सराहना की।

किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए मजबूत व्यवस्था

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए एक व्यापक शिकायत निवारण प्रणाली मौजूद है।

CPGRAMS के अलावा ‘कृषि रक्षक पोर्टल’ (Krishi Rakshak Portal) किसानों के लिए एक ऐसा वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म है, जहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से संबंधित शिकायतों के समाधान की सुविधा उपलब्ध है।

सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों तक पहुंच

विशेष अभियान 5.0 के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा उसके संबद्ध, अधीनस्थ और क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों को व्यापक रूप से साझा किया गया।

इस दौरान विभाग की ओर से 6 PIB नोट्स जारी किए गए और 274 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट/ट्वीट किए गए। इनका प्रसार Twitter, LinkedIn, Instagram और Facebook सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया।

विशेष अभियान 5.0 की प्रमुख उपलब्धियां

विशेष अभियान 5.0 के दौरान विभाग ने निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।

  1. क्रमांक
  1.    गतिविधि
  1. लक्ष्य
  1. उपलब्धि
  1. 1
  1. स्वच्छता अभियान स्थलों की संख्या
  1. 1,133
  1. 1,133
  1. 2
  1. सांसदों से संबंधित लंबित संदर्भ
  1. 32
  1. 31
  1. 3
  1. लंबित लोक शिकायतें
  1. 1,77,336
  1. 1,77,336
  1. 4
  1. रिकॉर्ड प्रबंधन – समीक्षा की गई भौतिक फाइलें
  1. 31,722
  1. 31,722
  1. 5
  1. रिकॉर्ड प्रबंधन – नष्ट/हटाई गई भौतिक फाइलें
  1. 10,597
  1. 10,597
  1. 6
  1. खाली कराई गई जगह
  1. 18,042 वर्ग फुट
  1. 7
  1. राजस्व प्राप्ति
  1. ₹40,38,150

विशेष अभियान 6.0 के लिए विभाग तैयार

विशेष अभियान 5.0 से मिले अनुभवों और उपलब्धियों के आधार पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अब विशेष अभियान 6.0 को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटारे, रिकॉर्ड प्रबंधन, ई-वेस्ट के उचित निपटान और नागरिकों एवं किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विभाग का उद्देश्य सरकारी कामकाज में स्वच्छता, पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-केंद्रित सेवाओं को और मजबूत करना है।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत विधि कार्य विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान

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स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग द्वारा स्वच्छता, स्वास्थ्य और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

इस अभियान की शुरुआत शास्त्री भवन स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में सामूहिक स्वच्छता शपथ और स्वच्छ भारत गीत के साथ हुई। 2 अप्रैल 2026 को विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई, जिसमें स्वच्छ और स्वस्थ भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।

कार्यालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसके माध्यम से कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ने और इसे सफल बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

जागरूकता बढ़ाने के लिए सेल्फी बूथ की भी व्यवस्था की गई, जहां प्रतिभागियों ने स्वच्छता के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इसके अलावा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आकर्षक चित्र प्रस्तुत किए गए।

इन सभी गतिविधियों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यस्थल और समाज में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश मजबूत हुआ।

विधि कार्य विभाग ने स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

सड़क परिवहन मंत्रालय ने विशेष अभियान 5.0 को सफलता पूर्वक पूरा किया

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा इसकी एजेंसियों ने 2 से 31 अक्टूबर, 2025 तक आयोजित लंबित मामलों के निस्तारण हेतु विशेष अभियान 5.0 (Special Campaign for Disposal of Pending Matters 5.0) को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस अभियान का शुभारंभ 2 अक्टूबर 2025 को सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा द्वारा मंत्रालय में स्वच्छता प्रतिज्ञा दिलाते हुए और परिवहन भवन में स्वच्छता अभियान चलाकर किया गया।

मंत्रालय ने रिकॉर्ड प्रबंधन (Record Management) और स्वच्छता गतिविधियों में 100% लक्ष्य प्राप्त किया है। इस दौरान 18,616 पुराने फाइलों (भौतिक/ई-फाइल) की समीक्षा की गई। मंत्रालय और इसकी एजेंसियों ने 15,000 से अधिक स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियाँ आयोजित कीं, जिनमें कार्यालय परिसर, निर्माण स्थल, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, टोल प्लाज़ा, मार्ग सुविधाएँ, सड़क किनारे ढाबे, बस स्टॉप और फ्लाईओवर शामिल हैं।

मंत्रालय ने सार्वजनिक शिकायतों (1,147) और सार्वजनिक शिकायत अपीलों (522) के निस्तारण में 99% लक्ष्य प्राप्त किया है। इसके अलावा, 730 में से 671 लंबित सांसद संदर्भ (92%) और 13 में से 10 लंबित पीएमओ संदर्भों का निपटारा किया गया।

स्पेस प्रबंधन और सौंदर्यीकरण के तहत मंत्रालय के विभिन्न कार्यालय परिसरों में 220 वर्ग फीट से अधिक स्थान खाली कराया गया और 640 किलोग्राम से अधिक कबाड़ सामग्री का निपटान किया गया।

अभियान के दौरान एक नवाचार भी किया गया – "Report a Dirty NH Toilet and Get Rewarded" नामक योजना, जिसके तहत आम जनता को टोल प्लाज़ा पर शौचालयों की अस्वच्छता रिपोर्ट करने पर पुरस्कार दिया जाता है।

लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु सचिव (MoRTH) ने साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित कीं, जबकि मंत्रालय के नोडल अधिकारी ने विभिन्न एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय किया। वरिष्ठ अधिकारियों को मैदानी कार्यालयों का निरीक्षण करने के लिए भी भेजा गया, जिसमें कचरा प्रबंधन, एनएच खंड, टोल प्लाज़ा, फ्लाईओवर, गड्ढे, लाइटिंग सिस्टम आदि मुख्य क्षेत्र शामिल थे।

इस अभियान में MoRTH, NHAI और NHIDCL के अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। इसके अतिरिक्त, अभियान के व्यापक प्रचार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स – X (ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक का भी उपयोग किया गया।


पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा ‘विशेष अभियान 5.0’ का सफल समापन, स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां

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पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD), मछली पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत, ने 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित ‘विशेष अभियान 5.0’ का सफल समापन किया। इस अभियान का उद्देश्य जन शिकायतों और अपीलों का निवारण, स्वच्छता अभियानों का संचालन, रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना और विभिन्न प्रमुख मानकों पर लक्ष्यों की प्राप्ति करना था।

इस अवधि में विभाग और इसके अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनकी समीक्षा केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने की और संचालन नरेश पाल गंगवार, सचिव (DAHD) द्वारा किया गया। अभियान के दौरान दीवार चित्रण द्वारा सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच शिविर, किसानों की संगोष्ठी, चित्रकला प्रतियोगिता, तथा “वेस्ट टू आर्ट” और “वेस्ट टू वेल्थ” जैसी पहलें आयोजित की गईं, जिससे कर्मचारियों में स्वच्छता और स्थिरता की भावना को संस्थागत रूप दिया जा सके।

विशेष अभियान 5.0 के प्रमुख उपलब्धियां :

क्रमांक      पैरामीटर                                             लक्ष्य                       उपलब्धि
1 जन शिकायतें                                        214 302
2 जन शिकायत अपील 35 43
3 संसदीय आश्वासन 5 5
4 राज्य सरकार संदर्भ 8 8
5 पीएमओ संदर्भ 3 3
6 नियमों/प्रक्रियाओं का सरलीकरण 1 1
7 भौतिक फाइलों की समीक्षा 24,645 30,020
8 भौतिक फाइलों का निष्पादन 22,648 22,648
9 ई-फाइलों की समीक्षा 680 680
10 ई-फाइलों का समापन 182 182
11 स्वच्छता स्थलों की संख्या 221 237
12 सांसदों से प्राप्त संदर्भ 15 11
13 कबाड़ की नीलामी से प्राप्त राजस्व ₹5,86,973
14 निष्पादन से मुक्त स्थान (वर्ग फुट में) 5,334

सर्वश्रेष्ठ पहल: कबाड़ लोहे से निर्मित गाय की प्रतिमा

सेंट्रल कैटल ब्रीडिंग फार्म (CCBF), चिपलिमा, संबलपुर (ओडिशा) — जो DAHD के अधीनस्थ कार्यालयों में से एक है — ने कबाड़ लोहे का उपयोग करते हुए गाय की एक आकर्षक प्रतिमा बनाई। यह प्रतिमा न केवल पशुधन के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि “वेस्ट टू आर्ट” की भावना को भी दर्शाती है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और संसाधन दक्षता को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

देशभर में आयोजित प्रमुख गतिविधियों की झलकियाँ :

  • सेंट्रल कैटल ब्रीडिंग फार्म, चिपलिमा (ओडिशा) द्वारा सौरा चित्रकला (ओडिशा की पारंपरिक जनजातीय कला) के माध्यम से दीवार चित्रण।

  • सेंट्रल एनिमल ब्रीडिंग फार्म, सुनाबेड़ा द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन मेडिकल कॉलेज, कोरापुट के सहयोग से।

  • रीजनल फॉडर स्टेशन, श्रीगंगानगर (राजस्थान) द्वारा जैविक अपशिष्ट और सूखे पत्तों से कम्पोस्ट खाद तैयार करने की पहल।

  • एनिमल क्वारंटाइन एंड सर्टिफिकेशन सर्विस, हैदराबाद द्वारा सरकारी प्राथमिक विद्यालय, थुक्कुगुड़ा में स्वच्छता पर चित्रकला प्रतियोगिता।

  • किसानों की संगोष्ठी “क्लीन मिल्क प्रोडक्शन” विषय पर तीन कृषि विज्ञान केंद्रों में आयोजित।

  • आरएफएस चेन्नई द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण और कार्यालय स्वच्छता अभियान।

  • एनिमल हस्बेंड्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, हेसरघट्टा (बेंगलुरु) द्वारा स्वच्छ दूध उत्पादन पर जागरूकता शिविर।

  • सुनाबेड़ा (ओडिशा) के पाल्मा गाँव में टीकाकरण, पशु स्वच्छता और स्वच्छ पर्यावरण पर किसानों के लिए जनजागरूकता अभियान।

यह अभियान न केवल स्वच्छता और दक्षता की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि “स्वच्छता ही सेवा” के संकल्प को साकार करने का एक प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने ‘विशेष अभियान 5.0’ में 100% लक्ष्य हासिल किए — स्वच्छता और दक्षता में उत्कृष्ट प्रदर्शन

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (DoHFW) ने 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित ‘विशेष अभियान 5.0’ में सक्रिय भागीदारी करते हुए सभी लक्ष्यों पर उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कीं। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली के सभी स्तरों पर स्वच्छता (Swachhata) को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को कम करना था।

यह अभियान स्वास्थ्य मंत्रालय मुख्यालय, केंद्रीय सरकारी अस्पतालों, संलग्न एवं अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्त निकायों तथा सीपीएसयू में देशभर में लागू किया गया, जिससे मंत्रालय की सुगम, पारदर्शी और स्वच्छ शासन प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हुई।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • 1984 स्थानों पर स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए।

  • 5169 सार्वजनिक शिकायतों और 426 अपीलों का सफल निस्तारण किया गया।

  • 11 नियमों/प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया।

  • 85 सांसद संदर्भों का निपटान किया गया।

  • 52,070 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 31,621 फाइलें निष्पादित (weeded out) की गईं।

  • 9,035 ई-फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 2,850 ई-फाइलें बंद की गईं।

  • 40,257 वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र को मुक्त किया गया।

  • ₹41,37,703 का राजस्व कबाड़ एवं ई-वेस्ट बिक्री से अर्जित किया गया।

नेतृत्व और निगरानी:

अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, और स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलीला श्रीवास्तव द्वारा की गई। उन्होंने निर्माण भवन, नई दिल्ली स्थित कार्यालय परिसरों का निरीक्षण कर स्वच्छता और दक्षता के प्रयासों का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।

अभियान की प्रमुख झलकियाँ:

  • RIMS, इम्फाल द्वारा पुराने बेड, ट्रॉलियों और अलमारियों से बनाया गया “वेस्ट टू वेल्थ” डेमो हेलीकॉप्टर आकर्षण का केंद्र रहा।

  • AIIMS, गुवाहाटी में ई-वेस्ट संग्रह अभियान संचालित किया गया।

  • AIIMS, राजकोट में नवाचारपूर्ण “वेस्ट टू वेल्थ” पहलें लागू की गईं।

अभियान की सभी प्रगति रिपोर्टें प्रतिदिन DARPG के SCDPM पोर्टल (https://scdpm.nic.in) पर अपलोड की गईं। साथ ही सोशल मीडिया अपडेट्स, PIB स्टेटमेंट्स, और श्रेष्ठ अभ्यासों (Best Practices) को भी साझा किया गया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस अभियान के तहत अपने सभी लक्ष्यों को 100% प्राप्त किया, जिससे उसकी दक्षता, स्थिरता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत हुई। यह उपलब्धि मंत्रालय की सशक्त सार्वजनिक स्वास्थ्य शासन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




विशेष अभियान 5.0 के तहत डाक विभाग ने स्वच्छता और दक्षता में रचा नया कीर्तिमान

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संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग ने विशेष अभियान 5.0 के कार्यान्वयन चरण को पूरे उत्साह, समर्पण और ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक देशभर के सभी डाक परिपत्रों में आयोजित किया गया। इस पहल ने विभाग की स्वच्छता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को एक बार फिर सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

पिछले अभियानों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए, विशेष अभियान 5.0 का मुख्य उद्देश्य था – सतत स्वच्छता, कुशल अभिलेख प्रबंधन, लंबित संदर्भों का समय पर निपटान, और कार्यालय स्थान का सर्वोत्तम उपयोग। इस दृष्टिकोण से विभाग ने न केवल निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया, बल्कि “स्वच्छता” को एक मूल्य के रूप में दैनिक कार्यप्रणाली और संचालन में समाहित किया।

विशेष अभियान 5.0 की प्रमुख उपलब्धियाँ

  • 1,00,000 सार्वजनिक शिकायतें और 1,000 सीपीग्राम अपीलें का निपटान

  • 17,352 पुराने अभिलेखों और ई-फाइलों का निष्पादन

  • ₹57.77 लाख का राजस्व स्क्रैप और अपशिष्ट सामग्री की बिक्री से अर्जित

  • 23,287 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त किया गया

  • 1.30 लाख से अधिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए, जिससे “संतृप्ति दृष्टिकोण” के तहत हर स्तर पर स्वच्छता को बढ़ावा मिला

नवाचार और सर्वोत्तम पहलें

1. “डाक चौपाल” पहल:
ग्रामीण और जमीनी स्तर पर नागरिक-केंद्रित सेवाओं जैसे वित्तीय समावेशन, डीबीटी, बीमा और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित।

2. दीवार कला के माध्यम से स्वच्छता संदेश:
स्थानीय कला और संस्कृति को मिलाकर स्वच्छता और सामुदायिक भागीदारी के संदेशों का रचनात्मक प्रसार।

3. “वेस्ट से बेस्ट” कार्यशालाएँ:
ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग और नवाचारपूर्ण अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित।

शिकायत पंजीकरण में सुधार

  • QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली: प्रत्येक डाकघर में शिकायत पंजीकरण की आसान ऑनलाइन सुविधा।

  • वरिष्ठ अधिकारियों की साप्ताहिक निगरानी: हर सप्ताह 10 शिकायतों की व्यक्तिगत समीक्षा और त्वरित समाधान।

  • ग्राहक-संवाद आधारित समाधान प्रणाली: शिकायत बंद करने से पहले ग्राहक की सहमति अनिवार्य।

  • नई एसएलए परिभाषा: शिकायतों को 129 श्रेणियों में विभाजित किया गया, जिनमें से अधिकांश का समाधान 1 से 7 दिनों में किया जाता है।

कार्यशालाएँ और कर्मचारी कल्याण

  • अभिलेख प्रबंधन कार्यशाला: राष्ट्रीय अभिलेखागार के सहयोग से आयोजित।

  • साइबर हाइजीन प्रशिक्षण: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह 2025 के अंतर्गत।

  • “थलिरनिलम” क्रेच सुविधा का शुभारंभ:

    • स्थान – मुख्य डाक महा अधीक्षक, तमिलनाडु सर्कल कार्यालय, चेन्नई

    • उद्देश्य – कार्यरत अभिभावकों के बच्चों के लिए सुरक्षित और पोषणयुक्त वातावरण उपलब्ध कराना।

डाक विभाग ने यह संकल्प दोहराया कि “स्वच्छता” केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक सतत संस्कृति बने। विभाग का उद्देश्य है कि इस अभियान की गति को बनाए रखते हुए, स्वच्छता, अनुशासन और दक्षता को अपने विशाल नेटवर्क के हर स्तर तक पहुंचाया जाए।

उल्लेखनीय पहलें

  • लेबोंग डाकघर (दार्जिलिंग): औपनिवेशिक काल में स्थापित कुछ डाकघरों में से एक, जिसे आधुनिक स्वरूप में परिवर्तित किया गया।

  • सार्वजनिक स्थलों का रूपांतरण: पश्चिम बंगाल सर्कल के बराकपुर मुख्य डाकघर (SBCO) में प्रेरणादायक स्वच्छता एवं नवीनीकरण प्रयास।

निष्कर्ष

विशेष अभियान 5.0 ने न केवल डाक विभाग की कार्यसंस्कृति में सुधार लाया, बल्कि “स्वच्छता ही सेवा” और “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के सिद्धांतों को भी मूर्त रूप दिया। यह पहल भारत को एक अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और स्वच्छ प्रशासनिक प्रणाली की ओर अग्रसर कर रही है।


कानूनी कार्य विभाग ने ‘स्पेशल कैंपेन 5.0’ को सफलतापूर्वक संपन्न किया, स्वच्छता और दक्षता की दिशा में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

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विधि एवं न्याय मंत्रालय के कानूनी कार्य विभाग (Department of Legal Affairs - DLA) ने स्पेशल कैंपेन 5.0 के सभी निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण कर सफलतापूर्वक अभियान का समापन किया। यह उपलब्धि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मार्गदर्शन और विधि सचिव डॉ. अंजु राठी राणा के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में हासिल की गई।

भारत सरकार की “स्वच्छता ही सेवा” की दृष्टि को मूर्त रूप देते हुए, विभाग के देशभर में स्थित सभी कार्यालयों ने असाधारण समन्वय और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। यह अभियान प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा निर्धारित 12 प्रमुख कार्य बिंदुओं के तहत संचालित किया गया।

योजना से प्रदर्शन तक

सितंबर 2025 में विस्तृत तैयारी चरण (Preparatory Phase) के बाद, कार्यान्वयन चरण (Implementation Phase) की शुरुआत 2 अक्टूबर 2025 को हुई। SCDPM 5.0 पोर्टल के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग, दैनिक समीक्षा और अंतर-विभागीय निगरानी ने अभियान को सभी मानकों पर संतृप्ति तक पहुँचाया।

मुख्य उपलब्धियाँ

भौतिक फाइलें (Physical Files):

  • 64,401 फाइलों की समीक्षा की गई

  • 26 फाइलें राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) को हस्तांतरित की गईं

  • 60,216 फाइलें निरस्तीकरण (Weeding) हेतु चिन्हित की गईं

  • 60,216 फाइलें नष्ट की गईं

ई-फाइलें (E-Files):

  • 714 फाइलों की समीक्षा

  • 311 फाइलें बंद की गईं

कार्यालय स्थल एवं राजस्व (Office Space & Revenue):

  • 11,831 वर्ग फुट स्थान मुक्त किया गया

  • ₹4,91,758 का राजस्व अर्जित किया गया

लंबित संदर्भ और शिकायतें (Pending References & Grievances):

  • सांसदों से प्राप्त 50 संदर्भ

  • राज्य सरकारों से प्राप्त 6 संदर्भ

  • 27 अंतर-मंत्रालयी संदर्भ

  • 11 संसदीय आश्वासन

  • 1 पीएमओ संदर्भ

  • 879 सार्वजनिक शिकायतें

  • 10 सार्वजनिक शिकायत अपीलें — सभी का निपटारा किया गया

स्वच्छता, डिजिटलीकरण और पुनर्गठन की दिशा में कदम

सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 के तहत हजारों भौतिक फाइलों की समीक्षा, वर्गीकरण, डिजिटलीकरण और निरस्तीकरण किया गया, जिससे न केवल कार्यालय स्थान खाली हुआ बल्कि अभिलेख प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी।

ई-कचरे के निस्तारण के तहत अनुपयोगी आईटी उपकरण — जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, यू.पी.एस., फोटोकॉपी मशीनें आदि — पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा जारी ई-वेस्ट प्रबंधन नियम, 2022 के अनुसार अधिकृत रीसायक्लर्स के माध्यम से निस्तारित किए गए। साथ ही, अनुपयोगी फर्नीचर और अन्य वस्तुओं की नीलामी की गई। खाली हुए स्थानों का उपयोग हरित क्षेत्र (Green Corners) और सुव्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन हेतु किया गया।

सांसदों, राज्य सरकारों, पीएमओ और मंत्रालयों से प्राप्त सभी संदर्भों का प्राथमिकता से निपटारा किया गया। CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से सभी सार्वजनिक शिकायतों और अपीलों को ट्रैक कर समयबद्ध रूप से बंद किया गया।

देशभर के कार्यालयों की सक्रिय भागीदारी

इस अभियान में विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों ने भाग लिया — मुख्य सचिवालय (नई दिल्ली), शाखा सचिवालय (कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु), केंद्रीय एजेंसी अनुभाग (सुप्रीम कोर्ट), विधि आयोग, इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट (ILI), इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (IIAC), सभी आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) पीठें, और दिल्ली उच्च न्यायालय, सीएटी (मुख्य पीठ) तथा तिस हजारी न्यायालयों में स्थित वाद अनुभाग।

साइबर सुरक्षा जागरूकता पहल

स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत, 30 अक्टूबर 2025 को विभाग द्वारा साइबर सुरक्षा जागरूकता वेबिनार का आयोजन किया गया, जो राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के अवसर पर आयोजित हुआ। यह सत्र राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की Cyber & Information Security Management Division के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया गया। इसमें साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, पासवर्ड प्रबंधन, फ़िशिंग से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर चर्चा की गई। यह पहल विभाग में साइबर-सुरक्षित कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधि सचिव का संदेश

विधि सचिव डॉ. अंजु राठी राणा ने कहा —

“स्वच्छता की भावना केवल भौतिक सफाई तक सीमित नहीं है — यह अनुशासन, दक्षता और लोक सेवा में गर्व का प्रतीक है। मैं विभाग के प्रत्येक अधिकारी को स्पेशल कैंपेन 5.0 को सामूहिक सफलता बनाने के लिए बधाई देती हूँ।”

उन्होंने साप्ताहिक रिपोर्टों की व्यक्तिगत समीक्षा की, निरीक्षण दौरों का संचालन किया और यह सुनिश्चित किया कि सभी लक्ष्यों की पूर्ति समयबद्ध और प्रभावी ढंग से हो।

विकसित भारत @2047 की दिशा में योगदान

विभाग निरंतर डिजिटल परिवर्तन, प्रक्रिया सरलीकरण और सेवा-केंद्रित प्रशासन के माध्यम से विकसित भारत @2047 की दृष्टि को सशक्त कर रहा है। यह अभियान उसी संकल्प का प्रमाण है कि स्वच्छता, दक्षता और पारदर्शिता ही सुशासन की वास्तविक पहचान हैं।

स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत SECL ने खनन क्षेत्रों में 43 बायो-टॉयलेट्स स्थापित कर स्वच्छता और स्थिरता को बढ़ावा दिया

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दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), जो कोल इंडिया लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, ने अपने खनन क्षेत्रों में समावेशिता, स्थिरता और स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस पहल के तहत, भारत सरकार के स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत 43 बायो-टॉयलेट्स स्थापित किए गए हैं।

इस पहल के अंतर्गत हाल ही में सोहागपुर क्षेत्र में 16 बायो-टॉयलेट्स और भटगांव क्षेत्र में 27 बायो-टॉयलेट्स का उद्घाटन किया गया। यह प्रयास SECL के खनन क्षेत्रों में स्वच्छता ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया कदम है, विशेषकर उन स्थानों पर जहाँ पारंपरिक शौचालय सुविधाएँ सीमित हैं।

यह पहल स्वच्छ भारत अभियान के विज़न के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ और स्थायी कार्यस्थलों को बढ़ावा देना है। बायो-टॉयलेट्स अपशिष्ट प्रबंधन का एक प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल समाधान हैं — ये सूक्ष्मजीव क्रिया के माध्यम से कचरे को अविषाक्त पानी और गैस में परिवर्तित करते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण में कमी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।

पर्यावरणीय लाभों से आगे बढ़कर, यह कदम समावेशिता और सम्मान को भी प्रोत्साहित करता है, विशेष रूप से खनन क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए। कार्यस्थलों के निकट सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय सुविधाएँ उपलब्ध कराकर SECL ने बेहतर कार्य स्थितियाँ और जेंडर-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित किया है।

स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत इन बायो-टॉयलेट्स की स्थापना SECL की उत्तरदायी खनन प्रथाओं और अपने कोलफील्ड क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

स्पेशल कैंपेन 5.0 (2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025) भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों में स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित मामलों के प्रभावी निपटान को बढ़ावा देना है।

SECL इस अभियान के तहत स्वच्छता, डिजिटल रूपांतरण और जनसेवा डिलीवरी पर केंद्रित कई गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।


पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत नई दिल्ली स्थित AQCS में स्वच्छता अभियान आयोजित

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मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने 29 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित एनिमल क्वारंटाइन एंड सर्टिफिकेशन सर्विसेज (AQCS) में स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत एक स्वच्छता अभियान आयोजित किया। इस अवसर पर मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस मौके पर पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव  नरेश पाल गंगवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रो. बघेल ने AQCS परिसर का निरीक्षण किया और उसकी स्वच्छता, सुव्यवस्थित रखरखाव तथा बेहतर प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि AQCS भारत का "स्वास्थ्यद्वार" है, जो पशुओं के आयात के दौरान वैज्ञानिक क्वारंटाइन और स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करता है।

स्वच्छता अभियान के दौरान AQCS के अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिसर की सफाई की, पुराने और अनुपयोगी सामानों का निपटान किया और कार्यस्थलों को पुनः व्यवस्थित किया।
स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत विभाग ने लंबित मामलों के निपटान, फाइल समीक्षा और स्वच्छता गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। पुराने और बेकार सामग्रियों की नीलामी से विभाग ने ₹5,54,753 का राजस्व अर्जित किया है।

नीचे विभिन्न मानकों पर विभाग की उपलब्धियां दी गई हैं:

  • पैरामीटर
  •   लक्ष्य                 
  • उपलब्धि
  • सांसद संदर्भ
  •    15
  • 11
  • संसदीय आश्वासन
  •     5
  • 3
  • राज्य सरकार संदर्भ
  •     8
  • 8
  • जन शिकायतें
  •   214
  • 214
  • पीएमओ संदर्भ
  •     3
  • 3
  • जन शिकायत अपीलें
  •    35
  • 27
  • नियम / प्रक्रियाओं में सरलीकरण
  •    1
  • 1
  • भौतिक फाइल समीक्षा
  • 24,645
  • 24,645
  • ई-फाइल समीक्षा
  •  680
  • 562
  • स्वच्छता स्थल
  •  221
  • 221

अभियान के दौरान #एक_पेड़_माँ_के_नाम पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए एक पौधा लगाया गया।

अपने संबोधन में प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने वैश्विक तापमान वृद्धि की चुनौती और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता को भी सुदृढ़ करती हैं।

DBT में विशेष अभियान 5.0 के तहत स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन की समीक्षा

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विशेष अभियान 5.0 के कार्यान्वयन चरण की समीक्षा: DBT में स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन पर जोर

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DAR&PG) के निर्देशों के अनुरूप, एकता विष्णोई, संयुक्त सचिव, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने 3 अक्टूबर 2025 को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष अभियान 5.0 के कार्यान्वयन चरण की प्रगति की समीक्षा हेतु निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद DBT के अंतर्गत आने वाले AI और PSU के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, ताकि तैयारियों के चरण में निर्धारित गतिविधियों के अनुसार लक्षित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए समग्र योजना बनाई जा सके।

अभियान की प्रगति (2 अक्टूबर – 31 अक्टूबर 2025)

कार्यान्वयन चरण में तैयारियों के चरण के दौरान तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान की प्रगति नोडल अधिकारी द्वारा नियमित रूप से मॉनिटर की जा रही है। अभियान की बिंदुवार स्थिति इस प्रकार है:

1. रिकॉर्ड प्रबंधन:

  • कुल 22,176 भौतिक फ़ाइलें समीक्षा के लिए लंबित थीं, जिनमें से 13,000 फ़ाइलों की समीक्षा की जा चुकी है।

  • 9,111 फ़ाइलें हटाने के लिए चिन्हित की गईं और 447 भौतिक फ़ाइलें हटाई गईं।

  • कुल 16,892 ई-फ़ाइलों की समीक्षा की गई और 5,737 ई-फ़ाइलें बंद की गईं।

2. संसाधन और स्थान प्रबंधन:

  • विभाग और इसके AI एवं PSU ने ई-कचरा / स्क्रैप आइटमों की निपटान से ₹4,17,250/- की आय अर्जित की।

  • कुल 46,390 वर्ग फीट स्थान मुक्त किया गया।

3. स्वच्छता और शिकायत निवारण:

  • विशेष अभियान के तहत 83 स्वच्छता स्थल चिन्हित किए गए।

  • जनवरी 2025 से अब तक प्राप्त/फॉरवर्ड की गई कुल 222 शिकायतों में से 201 शिकायतों का निपटान किया गया।

  • शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए JS(Admin) DBT द्वारा मासिक समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।

4. मूल्यांकन तंत्र:

  • प्रत्येक AI और PSU के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करने के लिए स्कोरिंग तंत्र स्थापित किया गया है।

  • इसमें स्वच्छता प्रोटोकॉल का पालन, कार्यान्वयन के दौरान नवाचार, और अन्य मानदंडों के लिए अंक दिए जाते हैं।

सारांश:

जैव प्रौद्योगिकी विभाग विशेष अभियान 5.0 में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है, जिससे स्वच्छता (Swachhata) को बढ़ावा मिले और दीर्घकालिक व्यवहारिक परिवर्तन सुनिश्चित हो। इसका लक्ष्य एक स्वच्छ और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करना है।


चरौदा में सीआरपीएफ ने चलाया वृहत स्वच्छता अभियान, ग्रामीणों में दिखा गजब का उत्साह

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आरंग- शुक्रवार को  अजय कुमार सिंह उप महानिरीक्षक ग्रुप केंद्र, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल भिलाई के निर्देशन में भारत सरकार के स्पेशल कैंपेन 5.0कार्यक्रम के अंतर्गत वृहत स्वच्छता अभियान एवं पौधरोपण किया गया। जिसके तहत् ग्राम के बस स्टैंड, अस्पताल परिसर, नवीन प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में वृहत रूप से स्वच्छता अभियान एवं पौधरोपण किया गया। जिसमें ग्रामीणों जनप्रतिनिधियों व स्कूली बच्चों व शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इस मौके पर सहायक कमांडेंट राजकुमार ने समुदाय को प्रेरित करते हुए कहा हम सबके सामूहिक प्रयासों से ही गांव राज्य व देश स्वच्छ हो सकता है। इसलिए स्वच्छता अभियान को सफल बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।वहीं ग्राम के सरपंच देवशरण धीवर ने सीआरपीएफ जवानों का अभिनंदन करते हुए सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे विशेष स्वच्छता व पौधरोपण अभियान की पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। वहीं नवीन प्राथमिक व शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा परिसर में सीआरपीएफ जवानों ने बच्चों व ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में पौधे रोपित करते हुए बच्चों को स्वच्छता और पौधरोपण के लिए प्रेरित किया।उक्त कार्यक्रम के आयोजन संयोजन में अहम् भूमिका उप कमांडेंट अजय सिंह,असिस्टेंट कमांडेंट राजकुमार, इंस्पेक्टर महेन्द्र यादव, अरविंद कुमार, उदयभान चतुर्वेदी, एएसआई प्रमोद शर्मा,शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल,  सरपंच देवशरण धीवर सहित अन्य जवानों व ग्रामीणों का रहा। 

स्वच्छता अभियान में प्रमुख रूप से ग्राम सरपंच देवशरण धीवर,पंच प्रेमलाल साहू, कन्हैया साहू, पंच प्रतिनिधि राकेश धीवर,पंच प्रतिनिधि संतोष कोसरिया, एसएमसी अध्यक्ष हेमाराम परमार, युवा साहू संगठन से राजू साहू, दिलीप धीवर,पूर्व माध्यमिक शाला से संस्था प्रमुख कीर्ति कुमार परमाल, शिक्षक महेन्द्र पटेल,  सूर्यकांत चन्द्राकार, दीनदयाल धीवर, डिलेश्वर साहू, नवीन प्राथमिक शाला से संस्था प्रमुख सुशील कुमार आवडे, शिक्षक जितेंद्र यदु,शिक्षिका पायल शुक्ला, पार्वती साहू,प्रभा साहू, ग्राम के सभी मितानीनों सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, सीआरपीएफ जवानों व ग्रामीणों की सहभागिता रही।

वस्त्र मंत्रालय के अधीन संगठनों ने "स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025" के अंतर्गत व्यापक गतिविधियों का आयोजन

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नई दिल्ली-वस्त्र मंत्रालय एवं इसके अधीन विभिन्न संगठनों ने “स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025” के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी स्तर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वच्छता, जनजागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा।

जेसीआई क्षेत्रीय कार्यालय ने निगम के सफाई मित्रों एवं आमजन के लिए “सफाई मित्र सुरक्षा शिविर” आयोजित किए। इन शिविरों से 200 से अधिक लोगों को लाभ मिला, जिनमें नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, औषधि वितरण एवं अन्य सेवाएँ सम्मिलित रहीं।

टेक्सटाइल्स कमेटी, मुंबई ने अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर स्वच्छ भारत सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किए, जिनमें स्थानीय एवं क्षेत्रीय कला, संगीत और नृत्य शैलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया गया।

राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम लिमिटेड (एनएचडीसी) ने अपने मुख्यालय परिसर में 22 सितंबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इसके अतिरिक्त, निगम के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी निरंतर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय जूट बोर्ड (एनजेबी) ने “जन-आधारित विशाल स्वच्छता अभियान” का आयोजन कोलकाता के न्यू टाउन क्षेत्र में किया। इस अवसर पर सचिव सहित अन्य अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

हथकरघा विकास आयुक्त का कार्यालय द्वारा नई दिल्ली स्थित उद्योग भवन परिसर के विभिन्न अनुभागों में कीट नियंत्रण एवं गहन सफाई गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

इस अवसर पर वस्त्र मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:

“स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह जनआंदोलन है। वस्त्र मंत्रालय तथा इसके अधीन सभी संगठन प्रधानमंत्री जी के स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार करने हेतु प्रतिबद्ध हैं।”

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