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अमृतसर से हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन का शुभारंभ, भारत के वैश्विक विमानन हब बनने की दिशा में बड़ा कदम

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज अमृतसर से हब एंड स्पोक (Hub & Spoke) अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन का शुभारंभ किया। इसके साथ ही अमृतसर देश का दूसरा हवाई अड्डा बन गया है, जिसे भारत के अभिनव हब एंड स्पोक ढांचे के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्री आवाजाही के लिए जोड़ा गया है। यह पहल भारत को वैश्विक विमानन हब बनाने की सरकार की रणनीति का अगला चरण है, जिसके तहत देशभर के यात्रियों को भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से निर्बाध अंतरराष्ट्रीय संपर्क उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे पहले 25 जून 2026 को वाराणसी से देश की पहली हब एंड स्पोक सेवा शुरू की गई थी। पिछले एक महीने में यह प्रणाली सफलतापूर्वक संचालित हुई है और यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इस अवधि में वाराणसी से यात्रा करने वाले यात्री दिल्ली के माध्यम से 18 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक सहजता से पहुंचे हैं।

इस अवसर पर अमृतसर हवाई अड्डे पर मौजूद सभी हितधारकों को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा,
"हब एंड स्पोक केवल एक विमानन मॉडल नहीं, बल्कि अवसरों का मॉडल है। दिल्ली हब के रूप में कार्य करेगा, जबकि अमृतसर पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार बनेगा। मजबूत प्रवासी भारतीय समुदाय और व्यापक क्षेत्रीय पहुंच के कारण अमृतसर इस परिवर्तन का सबसे अधिक लाभ उठाने वाले भारतीय शहरों में शामिल है।"

अमृतसर पहले से ही तीर्थयात्रियों, प्रवासी भारतीयों, व्यापारिक यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार है। इसे हब एंड स्पोक ढांचे में शामिल किए जाने से भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से वैश्विक गंतव्यों तक पहुंच और अधिक आसान, तेज तथा सुविधाजनक होगी।

राष्ट्रीय दृष्टि पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा,

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत विश्वस्तरीय विमानन हब विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। यह केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि भारत की विमानन संप्रभुता को मजबूत करने और भारतीय हब के माध्यम से दुनिया को भारत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"

मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से पर्यटन, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय के अध्ययन के अनुसार वर्ष 2030 तक हब ऑपरेशन के विकास से लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे तथा भारतीय अर्थव्यवस्था में 30 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त योगदान होगा। वहीं वर्ष 2047 तक इस पहल से 1.6 करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और अर्थव्यवस्था में लगभग 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान मिलने का अनुमान है।

अब अमृतसर से यात्रा करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री यहीं पर चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स की सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। उनका सामान अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक सीधे टैग किया जाएगा, जिससे दिल्ली हब पर उन्हें दोबारा इमिग्रेशन या कस्टम्स प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।

मंत्री ने कहा कि अब तक अमृतसर से केवल 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान सुविधा उपलब्ध थी। हब एंड स्पोक मॉडल लागू होने के बाद यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट की वैश्विक कनेक्टिविटी का लाभ अमृतसर से ही मिलेगा। अब वे 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक एक ही चेक-इन और एक ही बैगेज टैग के साथ यात्रा कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर वर्ष लगभग 1.5 लाख यात्री अमृतसर से दिल्ली जाकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पकड़ते हैं और लगभग 1.5 लाख यात्री विदेश से दिल्ली होकर अमृतसर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था लागू होने से यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

एयरलाइनों के अनुमान के अनुसार, केवल अमृतसर से प्रतिदिन लगभग 250 यात्री इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। आने वाले महीनों में अन्य स्पोक हवाई अड्डों के जुड़ने के बाद प्रतिदिन लगभग 1,200 यात्रियों यानी सालाना करीब 4.5 लाख यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।

यह पहल यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और परिचालन दक्षता के उच्चतम मानकों को भी सुनिश्चित करेगी।

हब एंड स्पोक ढांचा सरकार की अंतरराष्ट्रीय विमानन हब रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के पसंदीदा प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करना, भारतीय एयरलाइनों की नेटवर्क क्षमता बढ़ाना तथा विदेशी ट्रांजिट हब पर निर्भरता कम करना है।

अमृतसर से इस सेवा की शुरुआत भारत की अंतरराष्ट्रीय विमानन हब रणनीति के चरणबद्ध क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जल्द ही अन्य स्पोक हवाई अड्डों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से पूरे देश में निर्बाध अंतरराष्ट्रीय संपर्क स्थापित होगा। यह पहल विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा, अतिरिक्त सचिव पुनीत कंसल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अध्यक्ष विपिन कुमार, मुख्य सलाहकार शरद कुमार, एयर इंडिया के ग्रुप हेड (गवर्नेंस) पी. बालाजी, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, कस्टम्स, सीआईएसएफ तथा विमानन एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण से मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: नितिन गडकरी

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नागपुर- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर के आधुनिकीकरण और विस्तार से मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, निवेश आकर्षित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विदर्भ क्षेत्र में औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।

नागपुर एयरपोर्ट को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत GMR Group को सौंपने के औपचारिक समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित नागपुर तेजी से व्यापार, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, वाणिज्य और मल्टीमॉडल परिवहन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण से इस विकास को और गति मिलेगी।

समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, रामटेक सांसद श्यामकुमार बर्वे, राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गडकरी ने कहा कि उन्नत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विदर्भ क्षेत्र में पर्यटन, खनन, कृषि और निर्यात आधारित उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बेहतर हवाई संपर्क से यात्रियों और माल परिवहन की सुविधा बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नागपुर को सिंगापुर और दुबई जैसे प्रमुख वैश्विक शहरों से सीधे जोड़ने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश और वैश्विक बाजारों से जुड़ाव को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय उत्पादों और संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए गडकरी ने सुझाव दिया कि नागपुर की प्रसिद्ध ऑरेंज बर्फी और अन्य क्षेत्रीय उत्पादों को एयरपोर्ट पर प्रदर्शित किया जाए, जिससे स्थानीय उद्यमियों को नया बाजार मिलेगा और विदर्भ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर नितिन गडकरी, के. राममोहन नायडू और देवेंद्र फडणवीस ने संयुक्त रूप से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नया लोगो भी लॉन्च किया, जो एयरपोर्ट के विकास के नए अध्याय का प्रतीक है।

एयरपोर्ट के दीर्घकालिक विकास कार्यक्रमों में आधुनिक कार्गो सुविधाएं, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाओं का विकास शामिल है। इन पहलों से नागपुर को एक एयरपोर्ट-आधारित आर्थिक केंद्र और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

भारत में विमानन सुरक्षा को मिलेगा नया बल, BCAS और RRU के बीच समझौता

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नई दिल्ली- भारत में विमानन सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत देश में पहली बार फुल बॉडी स्कैनर (FBS) और अन्य सुरक्षा उपकरणों के परीक्षण व प्रमाणन के लिए स्वदेशी टेस्टिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा।

✈️ क्या है इस समझौते की खासियत?

इस MoU के तहत:

  • एयरपोर्ट सुरक्षा उपकरणों का टेस्टिंग, मूल्यांकन और प्रमाणन भारत में ही होगा

  • फुल बॉडी स्कैनर सहित अन्य उपकरणों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी

  • OEM कंपनियों द्वारा दिए गए उपकरणों की स्वतंत्र जांच रिपोर्ट तैयार होगी

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि यह पहल:

  • “आत्मनिर्भर भारत और आत्म-सुरक्षित भारत” की दिशा में अहम कदम है

  • भारत को वैश्विक एविएशन सिक्योरिटी हब बनाने में मदद करेगी

उन्होंने जोर दिया कि अब भारत को विदेशी प्रमाणन पर निर्भर रहने के बजाय अपने मानक विकसित करने चाहिए।

🏫 RRU की भूमिका

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU):

  • अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब स्थापित करेगा

  • वैश्विक मानकों के अनुसार उपकरणों का परीक्षण करेगा

  • प्रशिक्षण, रिसर्च और क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाएगा

🔬 रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा

यह साझेदारी:

  • नई सुरक्षा तकनीकों पर शोध को बढ़ावा देगी

  • टेस्टिंग और प्रमाणन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाएगी

  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूत करेगी

📊 तेजी से बढ़ता एविएशन सेक्टर

मंत्री ने बताया कि:

  • 2014 में 74 एयरपोर्ट → अब 165

  • हर घंटे 250–300 फ्लाइट मूवमेंट

  • 40–45 हजार यात्री प्रति घंटा

  • कार्गो में 50% वृद्धि

इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में उच्च स्तर की सुरक्षा बेहद जरूरी है।

🔚 निष्कर्ष

BCAS और RRU के बीच यह समझौता भारत के विमानन सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करेगा। यह पहल न केवल सुरक्षा मानकों को ऊंचा करेगी, बल्कि भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बनाएगी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय का निर्देश: IndiGo को सभी लंबित रिफंड 7 दिसंबर तक निपटाने के आदेश

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने IndiGo को सभी लंबित यात्री रिफंड बिना किसी देरी के पूर्ण रूप से निपटाने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने अनिवार्य किया है कि सभी रद्द या बाधित उड़ानों के रिफंड की प्रक्रिया रविवार, 7 दिसंबर 2025 को शाम 8:00 बजे तक पूरी हो जानी चाहिए।
जिन यात्रियों की यात्रा योजनाएँ रद्दीकरण के कारण प्रभावित हुई हैं, उनसे किसी भी प्रकार का पुनः-निर्धारण शुल्क (rescheduling charges) न लेने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या अनुपालन न होने पर तुरंत नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।

विशेष यात्री सहायता एवं रिफंड सेल

शिकायत निवारण को सुगम बनाने के लिए, IndiGo को विशेष यात्री सहायता और रिफंड सुविधा सेल स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन सेल का कार्य प्रभावित यात्रियों से स्वत: संपर्क करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था के लिए यात्रियों को बार-बार अनुवर्ती कार्रवाई न करनी पड़े।
ऑपरेशनल स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक स्वचालित रिफंड प्रणाली सक्रिय रहेगी।

बैगेज प्रबंधन पर आश्वासन

मंत्रालय ने IndiGo को निर्देश दिया है कि रद्दीकरण या देरी के कारण यात्रियों से अलग हो चुके सभी बैगेज को अगले 48 घंटों के भीतर यात्रियों के निवास स्थान या उनकी पसंद के पते पर पहुँचाया जाए।
एयरलाइनों को बैगेज ट्रैकिंग और डिलीवरी समय-सीमा के बारे में यात्रियों के साथ स्पष्ट संचार बनाए रखने तथा आवश्यक होने पर मौजूदा यात्री अधिकार विनियमों के तहत क्षतिपूर्ति प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रियों के लिए ज़ीरो-इनकन्वीनियंस नीति

नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस अवधि में यात्रियों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइनों, हवाईअड्डों, सुरक्षा एजेंसियों और सभी परिचालन हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय में है।
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छात्रों, मरीजों और तत्काल यात्रा की आवश्यकता वाले सभी लोगों के लिए उचित सुविधा सुनिश्चित करने हेतु निरीक्षण तंत्र (oversight mechanisms) को मजबूत किया गया है।
मंत्रालय रिकवरी प्रक्रिया की निरंतर निगरानी कर रहा है और परिचालन सामान्य स्थिति को यथाशीघ्र बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


उड़ान भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू द्वारा नव स्थापित क्रेच सुविधा का उद्घाटन

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नई दिल्ली-केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने नई दिल्ली स्थित उड़ान भवन में नव स्थापित क्रेच (बाल देखभाल केंद्र) का उद्घाटन किया। यह पहल मंत्रालय में एक अधिक समावेशी, सहयोगी और कर्मचारी-अनुकूल कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उद्घाटन समारोह के दौरान बच्चों ने मंत्री का फूलों से स्वागत किया। इसके बाद राममोहन नायडू ने क्रेच क्षेत्र, उसकी सुविधाओं, उपकरणों एवं सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया तथा माता-पिता और बच्चों से बातचीत की। मंत्री ने इस अवसर पर बच्चों को खिलौने और चॉकलेट वितरित किए।

क्रेच में 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की देखभाल के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें विकास निगरानी, पोषण, खेल, प्री-स्कूल शिक्षण और चिकित्सीय देखभाल शामिल हैं। बच्चों के लिए वातावरण को आकर्षक, सुरक्षित और सीखने हेतु प्रेरक रूप में तैयार किया गया है। यह सुविधा भवन के भूतल पर सुरक्षित स्थान पर स्थापित की गई है, जहाँ सीसीटीवी कवरेज और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।

यह क्रेच सुविधा नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और उसके संलग्न एवं अधीनस्थ कार्यालयों — जैसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), डीजीसीए, बीसीएएस, एएआईबी और एईआरए — के कर्मचारियों के बच्चों के लिए उपलब्ध होगी, जिससे कर्मचारियों को कार्य और परिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में सहायता मिलेगी।

इस क्रेच की स्थापना मंत्रालय के “विशेष अभियान 5.0” के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य सरकारी परिसरों के अप्रयुक्त स्थलों का उत्पादक उपयोग, कर्मचारी कल्याण, और कार्यस्थल की दक्षता को बढ़ावा देना है।



नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने एशिया पैसिफिक एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ग्रुप (APAC-AIG) बैठक एवं कार्यशाला का किया उद्घाटन

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नई दिल्ली-नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय एशिया पैसिफिक एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ग्रुप (APAC-AIG) बैठक एवं कार्यशाला (28 से 31 अक्टूबर 2025) का उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एएआईबी (AAIB) भारत, डीजीसीए (DGCA) भारत, आईसीएओ (ICAO) एपीएसी क्षेत्रीय कार्यालय तथा एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विभिन्न देशों से आए विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

एएआईबी के महानिदेशक जी. वी. जी. युगंधर ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि भारत का एएआईबी, आईसीएओ की सुरक्षा पहलों (Safety Initiatives) में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने आईसीएओ की 42वीं महासभा में “कंट्रोल्ड फ्लाइट इन्टू टेरेन (CFIT) दुर्घटनाओं की रोकथाम” पर सूचना पत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु सुरक्षा अनुशंसाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन के महत्व पर भी जोर दिया और सिंगापुर एयरलाइंस की क्लियर एयर टर्बुलेंस जांच में भागीदारी का उल्लेख किया।

युगंधर ने विश्वभर में दुर्घटनाओं की संख्या घटाने के लिए गहन जांच और ठोस अनुशंसाओं की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सदस्य देशों को भारत की एविएशन प्रयोगशालाओं की सुविधाओं का उपयोग दोष जांच (Defect Investigation) के लिए करने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और योग आधारित जीवनशैली का अनुभव करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सभी प्रतिनिधियों को आयुष मंत्रालय द्वारा विकसित “वाई-ब्रेक” और नियमित योग मोबाइल ऐप की पुस्तक भेंट की गई। सभी प्रतिनिधियों के लिए 29 अक्टूबर 2025 को अक्षरधाम मंदिर, नई दिल्ली का भ्रमण कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया है।

आईसीएओ एपीएसी-एआईजी के चेयरमैन स्टुअर्ट गॉडली और सचिव अनम ने भी प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह बैठक दुर्घटना/घटना जांच प्राधिकरणों के बीच विशेषज्ञता, अनुभव और जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी और एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में दुर्घटना जांच क्षमता को सशक्त बनाने में सहयोग करेगी। उन्होंने सुरक्षा अनुशंसाओं के कार्यान्वयन के महत्व को दोहराया और इस आयोजन की मेजबानी के लिए भारत सरकार एवं एएआईबी, भारत का धन्यवाद किया।

अपने संबोधन में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत ने आईसीएओ एनैक्स-13 के मानकों को अपनाते हुए एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2017 के अंतर्गत विमान दुर्घटना जांच प्रणाली लागू की है।

उन्होंने भारतीय विमानन क्षेत्र में क्षमता निर्माण (Capacity Building) की योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं —

  • जेवर में राष्ट्रीय विमानन सुरक्षा केंद्र (National Aviation Safety Center) की स्थापना,

  • राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (RGNAU) में USOAP ऑडिटर्स कोर्स की शुरुआत,

  • भारतीय वायुवन अधिनियम 2024 के अंतर्गत DGCA और AAIB को सुदृढ़ बनाना,

  • इन संगठनों में अधिकारियों की संख्या दोगुनी करने की योजना।
    उन्होंने आईसीएओ ऑडिट्स में डीजीसीए और एएआईबी के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और वैश्विक व क्षेत्रीय सुरक्षा प्रवृत्तियों पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किनजारप्पु राममोहन नायडू का संदेश जी. वी. जी. युगंधर द्वारा पढ़ा गया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष का सम्मेलन विशेष है क्योंकि यह पहली बार भारत में आयोजित किया जा रहा है और भारत इस 13वें APAC-AIG सम्मेलन की मेजबानी करके गौरवान्वित है।
उन्होंने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र ने सुरक्षा निगरानी और दुर्घटना रोकथाम में सदस्य देशों के सहयोगात्मक प्रयासों से लगातार वैश्विक मानक स्थापित किए हैं।

मंत्री ने उल्लेख किया कि इस क्षेत्र की दुर्घटना दर पिछले दशक में वैश्विक औसत से कम रही है, जो सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता और पेशेवर उत्कृष्टता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि भारत ने आईसीएओ SARPS के प्रभावी कार्यान्वयन (Effective Implementation) में उल्लेखनीय प्रगति की है — भारत का स्कोर अब 85% तक पहुँच गया है, जो 2018 में 70% था। इसके साथ भारत की वैश्विक रैंकिंग 112 से बढ़कर 55 हो गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का विमानन क्षेत्र, जो अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला क्षेत्र है, असाधारण विकास पथ पर अग्रसर है।
भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 350 से 400 हवाईअड्डों की स्थापना का है, जो विकास, अवसर और कनेक्टिविटी का प्रतीक है, साथ ही यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी कि वायु सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।

सत्र का समापन एएआईबी के निदेशक रमेश बाबू के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

DGCA ने फ्लाइट क्रू उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर नंबर ऑटो-जेनरेशन शुरू किया

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नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 16 अक्टूबर 2025 से परिक्षा वेबसाइट/पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर रहे फ्लाइट क्रू (FC) उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर नंबर का ऑटो-जेनरेशन शुरू किया है।

मुख्य बिंदु:

  • उद्देश्य:

    • DigiLocker सुविधा का उपयोग करना।

    • आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाना।

    • व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाना।

    • मैनुअल दस्तावेज़ जमा करने और सत्यापन की आवश्यकता समाप्त करना।

  • कार्यान्वयन चरण:

    • चरण I: CBSE बोर्ड से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए, DigiLocker के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद।

    • आगामी चरण: अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड के उम्मीदवार जिनके 10वीं और 12वीं के मार्कशीट/सर्टिफिकेट DigiLocker में उपलब्ध हों, उन्हें यह सुविधा दी जाएगी।

  • ऑटो-जेनरेशन प्रणाली:

    • ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के तुरंत बाद DGCA Pariksha Portal पर कंप्यूटर नंबर स्वतः आवंटित होगा।

    • DGCA द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार यह प्रक्रिया होगी।

  • विस्तृत पहल:

    • यह कदम नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किन्जारापाउ द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत DGCA/BCAS कार्यालयों में सभी प्रक्रियाओं को डिजिटाइज करने और eGCA और अन्य प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से छात्रों, पायलटों और अन्य हितधारकों के लिए तेज़ और बिना मानवीय हस्तक्षेप के स्वीकृति प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने की पहल का हिस्सा है।


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