Media24Media.com: अमृतसर से हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन का शुभारंभ, भारत के वैश्विक विमानन हब बनने की दिशा में बड़ा कदम

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अमृतसर से हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन का शुभारंभ, भारत के वैश्विक विमानन हब बनने की दिशा में बड़ा कदम

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज अमृतसर से हब एंड स्पोक (Hub & Spoke) अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन का शुभारंभ किया। इसके साथ ही अमृतसर देश का दूसरा हवाई अड्डा बन गया है, जिसे भारत के अभिनव हब एंड स्पोक ढांचे के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्री आवाजाही के लिए जोड़ा गया है। यह पहल भारत को वैश्विक विमानन हब बनाने की सरकार की रणनीति का अगला चरण है, जिसके तहत देशभर के यात्रियों को भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से निर्बाध अंतरराष्ट्रीय संपर्क उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे पहले 25 जून 2026 को वाराणसी से देश की पहली हब एंड स्पोक सेवा शुरू की गई थी। पिछले एक महीने में यह प्रणाली सफलतापूर्वक संचालित हुई है और यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इस अवधि में वाराणसी से यात्रा करने वाले यात्री दिल्ली के माध्यम से 18 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक सहजता से पहुंचे हैं।

इस अवसर पर अमृतसर हवाई अड्डे पर मौजूद सभी हितधारकों को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा,
"हब एंड स्पोक केवल एक विमानन मॉडल नहीं, बल्कि अवसरों का मॉडल है। दिल्ली हब के रूप में कार्य करेगा, जबकि अमृतसर पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार बनेगा। मजबूत प्रवासी भारतीय समुदाय और व्यापक क्षेत्रीय पहुंच के कारण अमृतसर इस परिवर्तन का सबसे अधिक लाभ उठाने वाले भारतीय शहरों में शामिल है।"

अमृतसर पहले से ही तीर्थयात्रियों, प्रवासी भारतीयों, व्यापारिक यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार है। इसे हब एंड स्पोक ढांचे में शामिल किए जाने से भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से वैश्विक गंतव्यों तक पहुंच और अधिक आसान, तेज तथा सुविधाजनक होगी।

राष्ट्रीय दृष्टि पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा,

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत विश्वस्तरीय विमानन हब विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। यह केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि भारत की विमानन संप्रभुता को मजबूत करने और भारतीय हब के माध्यम से दुनिया को भारत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"

मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से पर्यटन, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय के अध्ययन के अनुसार वर्ष 2030 तक हब ऑपरेशन के विकास से लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे तथा भारतीय अर्थव्यवस्था में 30 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त योगदान होगा। वहीं वर्ष 2047 तक इस पहल से 1.6 करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और अर्थव्यवस्था में लगभग 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान मिलने का अनुमान है।

अब अमृतसर से यात्रा करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री यहीं पर चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स की सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। उनका सामान अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक सीधे टैग किया जाएगा, जिससे दिल्ली हब पर उन्हें दोबारा इमिग्रेशन या कस्टम्स प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।

मंत्री ने कहा कि अब तक अमृतसर से केवल 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान सुविधा उपलब्ध थी। हब एंड स्पोक मॉडल लागू होने के बाद यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट की वैश्विक कनेक्टिविटी का लाभ अमृतसर से ही मिलेगा। अब वे 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक एक ही चेक-इन और एक ही बैगेज टैग के साथ यात्रा कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर वर्ष लगभग 1.5 लाख यात्री अमृतसर से दिल्ली जाकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पकड़ते हैं और लगभग 1.5 लाख यात्री विदेश से दिल्ली होकर अमृतसर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था लागू होने से यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

एयरलाइनों के अनुमान के अनुसार, केवल अमृतसर से प्रतिदिन लगभग 250 यात्री इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। आने वाले महीनों में अन्य स्पोक हवाई अड्डों के जुड़ने के बाद प्रतिदिन लगभग 1,200 यात्रियों यानी सालाना करीब 4.5 लाख यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।

यह पहल यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और परिचालन दक्षता के उच्चतम मानकों को भी सुनिश्चित करेगी।

हब एंड स्पोक ढांचा सरकार की अंतरराष्ट्रीय विमानन हब रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के पसंदीदा प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करना, भारतीय एयरलाइनों की नेटवर्क क्षमता बढ़ाना तथा विदेशी ट्रांजिट हब पर निर्भरता कम करना है।

अमृतसर से इस सेवा की शुरुआत भारत की अंतरराष्ट्रीय विमानन हब रणनीति के चरणबद्ध क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जल्द ही अन्य स्पोक हवाई अड्डों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से पूरे देश में निर्बाध अंतरराष्ट्रीय संपर्क स्थापित होगा। यह पहल विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा, अतिरिक्त सचिव पुनीत कंसल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अध्यक्ष विपिन कुमार, मुख्य सलाहकार शरद कुमार, एयर इंडिया के ग्रुप हेड (गवर्नेंस) पी. बालाजी, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, कस्टम्स, सीआईएसएफ तथा विमानन एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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