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एससीओ व्यापार मंत्रियों की बैठक में भारत ने निर्यात विविधीकरण और आपूर्ति शृंखला सुदृढ़ीकरण पर दिया जोर

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व्लादिवोस्तोक– भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) व्यापार मंत्रियों की बैठक में साझा समृद्धि के लिए सामूहिक क्षमताओं का उपयोग करने और निर्यात विविधीकरण, निर्भरता घटाने तथा लचीली आपूर्ति शृंखलाएं विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। एससीओ विश्व की 42% आबादी और 17.2% वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है।

वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अमिताभ कुमार ने, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री की ओर से, बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में डब्ल्यूटीओ की केंद्रीय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा हेतु सार्वजनिक भंडारण (PSH) पर स्थायी समाधान, विकासशील देशों के लिए विशेष एवं भिन्न उपचार (S&DT) और विवाद निपटान प्रणाली की बहाली की मांग दोहराई।

भारत ने डिजिटल अर्थव्यवस्था में यूपीआई, इंडिया स्टैक और ओएनडीसी जैसी उपलब्धियों को साझा किया और उन्हें कम लागत वाले, दोहराए जाने योग्य मॉडल बताया। सतत विकास पर, भारत ने मिशन लाइफ की चर्चा करते हुए समानता और वित्तीय-सहयोग आधारित जलवायु कार्रवाई की आवश्यकता रेखांकित की।

भारत ने रूस को SCO एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया और ताजिकिस्तान की आगामी अध्यक्षता में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई।


PM Modi SCO Summit Speech : चीन की धरती से PM मोदी की दहाड़, बोले - आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड नहीं चलेगा

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 PM Modi SCO Summit Speech : शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाया। चीन की धरती पर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में मोदी ने बिना नाम लिए पड़ोसी देश को आड़े हाथों लिया।


‘भारत लंबे समय से आतंकवाद का दंश झेल रहा है’

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की SCO को लेकर सोच तीन स्तंभों—सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी और अपॉर्च्युनिटी—पर आधारित है।

उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरी मानवता पर हमला है।

मोदी ने कहा, “कुछ देश खुलेआम आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, लेकिन इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

डबल स्टैंडर्ड पर निशाना

प्रधानमंत्री ने साफ चेतावनी दी कि आतंकवाद पर किसी भी तरह का डबल स्टैंडर्ड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने SCO देशों से आतंकवाद के हर रूप और रंग का एकजुट होकर विरोध करने की अपील की।

मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा आतंकवाद की फंडिंग और इसके नेटवर्क के खिलाफ दुनिया को जागरूक किया है। उन्होंने जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई मानवता के प्रति नैतिक जिम्मेदारी है। (PM Modi SCO Summit Speech)

‘सुरक्षा-शांति विकास की बुनियाद’

मोदी ने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद न सिर्फ किसी देश बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा हैं।
उन्होंने SCO देशों को याद दिलाया कि भारत ने:

अल-कायदा और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ संयुक्त अभियान का नेतृत्व किया।

टेरर फंडिंग के खिलाफ आवाज उठाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग हासिल किया।

मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात

सम्मेलन से पहले पीएम मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आपस में बातचीत करते और मुस्कुराते हुए नजर आए। मोदी और पुतिन ने एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले भी लगाया। इसके बाद सभी नेता SCO सदस्य देशों की ग्रुप फोटो सेशन में शामिल हुए। (PM Modi SCO Summit Speech)

सीमा पर शांति के बाद नई शुरुआत, भारत-चीन करीब आए

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 तियानजिन (चीन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से तियानजिन में मुलाकात की। बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को दोस्ती और अच्छे पड़ोस के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।


राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि “ड्रैगन और हाथी का साथ आना बेहद महत्वपूर्ण है। कज़ान में हुई हमारी सार्थक चर्चा से संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली है। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद अब शांति और स्थिरता का माहौल बना है।”

बैठक स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे (भारतीय समय 9:30 बजे) शुरू हुई। यह ऐसे समय पर हुई जब भारत और चीन के रिश्तों में हाल ही में नरमी आई है।

मोदी ने दी बधाई, भरोसा जताया

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा – “मैं शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सफल अध्यक्षता के लिए आपको बधाई देता हूँ। चीन यात्रा के निमंत्रण और इस बैठक के लिए धन्यवाद। हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन पर समझौता हुआ है। कैलाश मानसरोवर यात्रा और सीधी उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं। हमारे 2.8 अरब लोगों के हित आपसी सहयोग से जुड़े हैं, जो मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त करेंगे। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर रिश्तों को मजबूत करेंगे।”

आज SCO समिट, ट्रंप की टैरिफ नीति को चुनौती देगा यह मंच

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 तियानजिन (चीन)। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 25वां सम्मेलन आज चीन के तियानजिन में शुरू हो रहा है। यह सम्मेलन सिर्फ इसलिए अहम नहीं है कि यह 25वीं बैठक है, बल्कि इसलिए भी कि यह मंच अमेरिका की एकाधिकारवादी नीतियों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ हथकंडों को चुनौती देने की रणनीति तैयार कर सकता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे के बाद शनिवार को चीन पहुंचे हैं। सम्मेलन में उनके साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी अहम भूमिका निभाएंगे। इस बैठक में भारत, रूस और चीन समेत 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

अमेरिका को चुनौती देगा SCO

अमेरिका अब तक डॉलर और SWIFT जैसे वित्तीय तंत्र के जरिए पूरी दुनिया पर दबाव बनाता रहा है। मनचाहे टैरिफ और प्रतिबंध उसकी विदेश नीति के अहम औजार रहे हैं। हालांकि, अब भारत-चीन-रूस जैसे बड़े देशों का गठजोड़ इस दबाव को कमजोर कर सकता है। जनसंख्या, संसाधन, बाजार और आर्थिक क्षमता के मामले में SCO दुनिया में एक वैकल्पिक शक्ति केंद्र के रूप में उभर रहा है।

ट्रंप की टैरिफ रणनीति पर पानी फेर सकते हैं तीनों देश

भले ही SCO सम्मेलन का मुख्य एजेंडा आतंकवाद, चरमपंथ और अलगाववाद के खिलाफ लड़ाई है, लेकिन आर्थिक सहयोग भी अहम मुद्दा रहेगा। कयास हैं कि भारत, चीन और रूस मिलकर ट्रंप की एकाधिकारवादी नीतियों के खिलाफ ठोस कदम उठा सकते हैं।

सर्कुलर ट्रेड की संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि तीनों देशों के पास एक-दूसरे की ताकत का इस्तेमाल कर वैकल्पिक व्यापार व्यवस्था खड़ी करने की क्षमता है।

  • रूस: तेल, गैस और खनिज
  • चीन: विनिर्माण तकनीक और ढांचा
  • भारत: बड़ा उपभोक्ता बाजार और IT सेवाएं

इस तरह का सर्कुलर ट्रेड अमेरिकी टैरिफ को अप्रभावी बना सकता है और एक नई, कम लागत वाली अर्थव्यवस्था खड़ी कर सकता है।

डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर जोर

डॉलर पर निर्भरता खत्म करने के लिए SCO देश डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर भी काम कर रहे हैं।

  • चीन ने CIPS (क्रॉस बॉर्डर इंटरबैंक पेमेंट सिस्टम)
  • रूस ने SPFS (फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन सिस्टम)
  • भारत जल्द ही UPI का ग्लोबल मॉडल लॉन्च करने जा रहा है।

अगर ये सभी आपस में जुड़ते हैं, तो SCO देशों को अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के लिए अमेरिकी मुद्रा की आवश्यकता नहीं रहेगी।

7 साल बाद चीन पहुंचे पीएम मोदी, रेड कारपेट पर हुआ भव्य स्वागत

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 PM Modi China Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सात वर्षों के बाद शनिवार को चीन पहुंचे, जहां उनका रेड कारपेट पर भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी यहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ-साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।


प्रधानमंत्री मोदी जापान की यात्रा समाप्त कर सीधे चीन के तियानजिन पहुंचे। यहां उन्होंने परिवहन, अंतरिक्ष अन्वेषण और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भारत-चीन सहयोग बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक पहल की।

मोदी का यह दौरा एक सितंबर तक चलेगा, इस दौरान उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से महत्वपूर्ण मुलाकात होगी। दोनों नेता आर्थिक संबंधों की समीक्षा करेंगे और आपसी रिश्तों को सामान्य बनाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

एससीओ शिखर सम्मेलन इस बार खास महत्व रखता है, क्योंकि हाल ही में अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद वैश्विक व्यापार परिदृश्य को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

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