Media24Media.com: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में करंट का कहर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत; पति-बेटे को बचाने में मां ने भी गंवाई जान

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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में करंट का कहर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत; पति-बेटे को बचाने में मां ने भी गंवाई जान

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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां बिजली के करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पहले पिता और बेटे की जान गई, जबकि दोनों को बचाने की कोशिश में गंभीर रूप से झुलसी मां ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से स्थानीय लोग और व्यापारी समुदाय सदमे में हैं।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

जानकारी के मुताबिक, घटना 6 नवंबर 2026 की सुबह बलौदाबाजार शहर के नेहरू चौक के पास की है। यहां रहने वाले कपड़ा कारोबारी राकेश गुप्ता सुबह अपने घर की बालकनी में सफाई कर रहे थे।

इसी दौरान बालकनी में लगी लोहे की रेलिंग में अचानक बिजली का करंट फैल गया। जैसे ही राकेश गुप्ता ने रेलिंग को छुआ, वे करंट की चपेट में आ गए और लोहे की रेलिंग से चिपक गए।

पिता को बचाने दौड़ा बेटा, लेकिन खुद भी आया करंट की चपेट में

अपने पिता को करंट से तड़पता देखकर उनका 24 वर्षीय बेटा उन्हें बचाने के लिए तुरंत आगे आया। लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि लोहे की रेलिंग में भी बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा है।

पिता को बचाने की कोशिश में बेटा भी करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में पिता और बेटे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

पति और बेटे को बचाने पहुंचीं मां, इलाज के दौरान मौत

जब वर्षा गुप्ता ने अपने पति और बेटे को करंट की चपेट में देखा, तो वे भी उन्हें बचाने के लिए दौड़ीं। इस दौरान वे भी बुरी तरह झुलस गईं।

आसपास के लोगों की मदद से तीनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद राकेश गुप्ता और उनके बेटे को मृत घोषित कर दिया।

वहीं, गंभीर रूप से घायल वर्षा गुप्ता को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन 7 नवंबर को इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

इस तरह एक ही परिवार के तीनों सदस्यों की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई।

घर के पास से गुजर रही थी 11 हजार केवी की बिजली लाइन

इस घटना के बाद घर के आसपास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मकान के पास से लगभग पांच फीट की दूरी पर 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। आशंका जताई जा रही है कि बिजली के तार और घर के आसपास मौजूद किसी धातु या सफाई के सामान के संपर्क से लोहे की रेलिंग में करंट फैल सकता है।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक करंट फैलने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह जांच की जा रही है कि हादसा शॉर्ट सर्किट, खुले बिजली के तार या किसी अन्य विद्युत खराबी के कारण हुआ।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की है।

बिजली के करंट का स्रोत क्या था और घर की रेलिंग तक बिजली कैसे पहुंची, इसकी जानकारी विद्युत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

हादसे से उठे कई बड़े सवाल

इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • घरों के इतने करीब से हाईटेंशन लाइन गुजरने पर सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?

  • क्या बिजली की लाइन और मकान के बीच निर्धारित सुरक्षा दूरी का पालन किया गया था?

  • क्या समय रहते बिजली विभाग को संभावित खतरे की जानकारी दी गई थी?

  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।


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