Media24Media.com: शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर डॉक्टर से 34 लाख की ठगी, इंदौर से 5 आरोपी गिरफ्तार

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शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर डॉक्टर से 34 लाख की ठगी, इंदौर से 5 आरोपी गिरफ्तार

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 रायगढ़। शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर रायगढ़ के एक डॉक्टर से 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले की जांच के लिए रायगढ़ पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में दो अलग-अलग साइबर अपराधों में आरोपियों की कथित भूमिका सामने आई है। आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर पुलिस बैंक खातों, संदिग्ध लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।


स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश के नाम पर डॉक्टर से ठगी

पुलिस के अनुसार, पहले मामले में डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने 27 मई को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में मोबाइल फोन के जरिए उनकी पहचान सुनील नाम के व्यक्ति से हुई थी। उसने शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया और स्पार्टन ट्रेड कंपनी में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद व्हाट्सएप पर कंपनी का पोर्टफोलियो भेजा गया और निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया गया। धीरे-धीरे अलग-अलग लोग डॉक्टर से संपर्क करने लगे और निवेश के नाम पर कई बार रकम जमा कराई गई। पोर्टफोलियो में लगातार बढ़ता मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे उन्हें अपने निवेश पर अच्छा लाभ होने का भरोसा हो गया।

लेकिन जब डॉक्टर ने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हो सकी। इसके बजाय उनसे और पैसे लगाने के लिए कहा जाने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

म्यूल बैंक खाते से साइबर ठगी की रकम का लेनदेन

दूसरे मामले में सूरज शर्मा ने 27 सितंबर को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके पंजाब नेशनल बैंक खाते में 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच 18 बार में कुल 2 लाख 97 हजार 298 रुपये का लेनदेन हुआ था। रकम प्राप्त होने और नकद निकासी के बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब में शिकायतें दर्ज हुईं, जिसके चलते उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस को आशंका हुई कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेनदेन में किया गया है। बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल में इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, बैंक खाते को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ कमाने के मामले में सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के खिलाफ 30 सितंबर को अपराध दर्ज किया गया।

एक मोबाइल नंबर ने खोला दोनों मामलों का कनेक्शन

दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस को एक कॉमन मोबाइल नंबर मिला, जो इंदौर की संदेही तनिषा पाटिल से जुड़ा पाया गया। इसके अलावा सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के बीच संपर्क के तथ्य भी सामने आए। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रायगढ़ पुलिस की विशेष टीम इंदौर पहुंची।

पुलिस ने इंदौर के एक कॉल सेंटर में दबिश देकर गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा। इसके बाद विजय नगर इलाके से ज्योति मालवीय और उसकी जानकारी के आधार पर परदेशीपुरा क्षेत्र से तरुण नागर को गिरफ्तार किया गया। वहीं, इंदौर से खरसिया आकर रिश्तेदार के यहां रह रहे सूरज शर्मा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

सभी आरोपियों को इंदौर की अदालत में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें रायगढ़ लाया गया।

दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों की भूमिका

पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 06/2026 में तरुण नागर, ज्योति मालवीय और तनिषा पाटिल की भूमिका सामने आई है। वहीं, अपराध क्रमांक 13/2026 में सूरज शर्मा, गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल की भूमिका की जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

गिरफ्तार पांच आरोपियों के नाम

  1. ज्योति मालवीय (20 वर्ष): निवासी मोहनीपुरा, जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।

  2. तनिषा पाटिल (21 वर्ष): निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, विजय नगर, इंदौर।

  3. तरुण नागर (23 वर्ष): निवासी जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता नंदा नगर, परदेशीपुरा, इंदौर।

  4. गायत्री विश्वकर्मा (21 वर्ष): निवासी किरोड़ीमल नगर, थाना कोतरारोड, रायगढ़; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।

  5. सूरज शर्मा (21 वर्ष): निवासी हिल व्यू कॉलोनी, पतरापाली, थाना कोतरारोड, रायगढ़।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क की जांच अभी जारी है। आरोपियों के संपर्कों, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की पड़ताल के बाद इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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